संपर्क
किस बात के लिए किसे लिखें, और जवाब कब तक मिलेगा।
किसे लिखें
तीन पते हैं। बात सही पते पर जाए तो जवाब जल्दी मिलता है।
ख़बर, सुझाव, संपादकीय बात
कोई ख़बर छूट रही हो, कोई दस्तावेज़ हम तक पहुंचाना हो, किसी लेख पर बात करनी हो, या पूरा लेख दोबारा छापने की इजाज़त चाहिए, तो यहां लिखिए।
लेख में ग़लती
लिखते वक़्त तीन चीज़ें दीजिए: लेख का लिंक, ग़लत वाक्य, और सही जानकारी। सही जानकारी का कोई स्रोत हो तो वह भी। इससे जांच घंटों में निपटती है, दिनों में नहीं।
ग़लती पक्की होने पर लेख ठीक होता है और उस पर तारीख़ और वजह के साथ सुधार की टिप्पणी लगती है। पुरानी बात मिटाई नहीं जाती। सारे सुधार सुधार पन्ने पर दर्ज रहते हैं।
शिकायत
छपी हुई किसी सामग्री पर एतराज़ हो, या निजता से जुड़ी कोई बात हो, तो यह पता।
शिकायत अधिकारी
सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्थान दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का भाग 3 ख़बर और समसामयिक विषयों के प्रकाशकों पर लागू होता है। उसके तहत हमें भारत में रहने वाला शिकायत अधिकारी रखना होता है, जिसका नाम और पता साइट पर दिखना चाहिए।
भारत पन्ना पर संपादक ही शिकायत अधिकारी हैं। संपर्क: [email protected]।
शिकायत के बाद क्या होता है
नियम तीन चरणों की व्यवस्था बनाते हैं, और हर चरण की समय-सीमा तय है।
- 24 घंटे के भीतर आपको शिकायत मिलने की पावती जाएगी
- 15 दिन के भीतर शिकायत पर फ़ैसला होगा और वजह के साथ आपको बताया जाएगा
- फ़ैसला 15 दिन में न आया, तो शिकायत अपने आप उस स्व-नियामक निकाय के पास चली जाती है जिसका प्रकाशक सदस्य है
- फ़ैसला आ गया पर आपको मंज़ूर नहीं, तो 15 दिन के भीतर आप ख़ुद उस निकाय में अपील कर सकते हैं। यह निकाय प्रकाशकों का होता है, और इसकी अगुवाई सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त जज या मीडिया के किसी स्वतंत्र वरिष्ठ व्यक्ति के पास रहती है
- निकाय को भी 15 दिन में फ़ैसला देना होता है, जो प्रकाशक के लिए सलाह या निर्देश की शक्ल में आता है
- उससे भी संतुष्ट न हों, तो 15 दिन के भीतर सूचना और प्रसारण मंत्रालय की निगरानी व्यवस्था तक जा सकते हैं। वहां ऐसी शिकायतें अंतर-मंत्रालयी समिति सुनती है
साइट अभी शुरू नहीं हुई है, इसलिए हम किसी स्व-नियामक निकाय के सदस्य नहीं हैं। शुरू होते ही सदस्यता ली जाएगी और निकाय का नाम इसी पन्ने पर दर्ज होगा।
यह भी साफ़ कर दें। मध्यवर्ती संस्थानों के लिए बनी शिकायत अपीलीय समिति (GAC) ख़बर के प्रकाशकों पर लागू नहीं होती। हमारे मामले में ऊपर लिखा रास्ता ही चलता है।
निजता से जुड़ा अनुरोध
अपना डेटा देखने, सुधरवाने या मिटवाने का अनुरोध भी [email protected] पर आता है। ऐसे अनुरोध पर हम 30 दिन के भीतर जवाब देते हैं। पूरी बात निजता नीति पन्ने पर है।
डाक का पता
साइट अभी परीक्षण में है, सार्वजनिक रूप से चालू नहीं हुई। चालू होते ही डाक का पता यहीं दर्ज होगा।
तब तक ईमेल ही रास्ता है। ईमेल का जवाब आता है।