भारत पन्ना
हर रविवार

पुरानी रील

हर रविवार हिंदी सिनेमा के अतीत से एक फ़िल्म, एक गाना, एक लम्हा।

4 कड़ियाँ · इत्मीनान में छपती है
  1. फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संपादन, 1955-1980छब्बीस बरस का एक रिकॉर्ड, जिसमें कई बार नाम निर्देशक का निकला फ़िल्म बनती थी एडिटर की मेज़ पर, नाम छपता था सबसे आख़िर मेंमोवीओला, ब्लेड और टेप के दौर में एक कट मतलब एक भौतिक जोड़ था, और उसे खोलना महँगा पड़ता था। फ़िल्मफ़ेयर के अपने छब्बीस बरस के रिकॉर्ड, एक 1951 की सरकारी रिपोर्ट, और एक साफ़ करियर से यह लेख पूछता है कि एडिटर असल में तय क्या करता था।15 मिनट · रविवार, 27 सितंबर
  2. श्यामची आई (1953) · राज्य फ़िल्म पुरस्कार, 1954पहला स्वर्ण पदक, और उसके साथ छपा वह पदक जो किसी को नहीं मिला देश ने पहली बार जिस फ़िल्म को सबसे अच्छा कहा, उस समारोह की पुस्तिका में तीन पदक छपे थे और दिए दो गए10 अक्तूबर 1954 की शाम राष्ट्रपति ने श्यामची आई को पहला स्वर्ण पदक दिया। उसी शाम बँटी उन्नीस पन्ने की सरकारी पुस्तिका आज भी पढ़ी जा सकती है, और वह समारोह की जगह से लेकर छायाकार के नाम तक कई बातें तय करती है जो आज उलटी छपी मिलती हैं।17 मिनट · रविवार, 20 सितंबर
  3. 2 एक ही गाना दो देशों का हो गया, और दोनों फ़िल्मों में मुख्य बच्चा एक ही अभिनेता था जागृति 1954 में आई और भारत में स्कूल-मास्टर की सबसे बड़ी फ़िल्म बन गई। दो साल बाद लाहौर में बेदारी आई, जो उसकी लगभग दृश्य-दर-दृश्य नक़ल थी। दर्शकों ने पकड़ लिया और सेंसर बोर्ड ने उसे रोक दिया। 10 मिनट · रविवार, 6 सितंबर
  4. श्री पुंडलिक (1912) · राजा हरिश्चंद्र (1913)दो दावेदार, और एक सवाल जो सौ साल से तय नहीं हुआ भारत की पहली फ़िल्म कौन-सी थी, और यह सवाल आज तक खुला क्यों हैश्री पुंडलिक 1912 में आई, राजा हरिश्चंद्र 1913 में। बहस तारीख़ की नहीं है। बहस इस बात की है कि फ़िल्म किसे कहते हैं, और वह तय कभी हुआ ही नहीं।5 मिनट · शनिवार, 29 अगस्त

आगे किसकी बारी

तय है, बदल भी सकता है। हर रविवार को एक।

  1. 1दादासाहेब फालके
  2. 2मूक सिनेमा का नुक़सान
  3. 3फ़ातमा बेगम
  4. 4सिनेमैटोग्राफ़ कमेटी, 1927

रोज़ सुबह 7 बजे, बीते दिन का अंक — एक मेल।

यह सिलसिला इत्मीनान डेस्क से आता है। बाक़ी सिलसिले यहाँ।