भारत पन्ना
हर मंगलवार

हिसाब-किताब

हर मंगलवार एक आँकड़ा, एक चार्ट, और उसके पीछे की कहानी।

5 कड़ियाँ · समझिए में छपती है
  1. 20 या 26बजट अनुमान 2026-27 में ब्याज भुगतान का हिस्सा, वित्त मंत्रालय के एक ही दस्तावेज़ के दो पन्नों पर दो अलग नंबर पर बजट के हर सौ रुपये में ब्याज का हिस्सा बीस है या छब्बीस, दोनों आंकड़े एक ही दस्तावेज़ में छपे हैंबजट के सार 2026-2027 के पहले पन्ने की तालिका से ब्याज भुगतान 2026-27 के बजट अनुमान में कुल ख़र्च का 26.3 फ़ीसदी बैठता है। उसी दस्तावेज़ के तीसरे पन्ने के चार्ट में यही रक़म 20 लिखी है। फ़र्क़ राज्यों का हिस्सा जोड़ने-घटाने का है, और दस्तावेज़ ख़ुद यह अपनी टिप्पणी में बताता है।11 मिनट · मंगलवार, 22 सितंबर
  2. 3411 जुलाई और 1 अगस्त 2026, दोनों दिन न्याय विभाग की सूची में हाई कोर्टों की इतनी कुर्सियाँ ख़ाली थीं हाई कोर्टों में अगस्त की 42 नियुक्तियों के बाद ख़ाली कुर्सियाँ 341 से घटकर 304 हुईं1 जुलाई और 1 अगस्त 2026, न्याय विभाग की दोनों मासिक सूचियों में एक ही संख्या दर्ज है: 1,122 स्वीकृत पद, 781 कार्यरत जज, 341 ख़ाली कुर्सियाँ। 1 सितंबर की सूची में ख़ाली पद 304 हैं। बीच में 7, 20 और 27 अगस्त की छह अधिसूचनाएँ हैं।17 मिनट · मंगलवार, 15 सितंबर
  3. 3 जेएनयू अपने आधे से ज़्यादा छात्रों को कमरा देता है, डीयू सौ में एक को दिल्ली विश्वविद्यालय के अपने दाख़िले के मुताबिक़ उसके यहाँ सात लाख छात्र हैं और साढ़े तीन लाख बाहर से आए हैं। उसके हॉस्टलों में सात हज़ार बिस्तर हैं। जिन्हें बिस्तर मिलता है वे साल का तेरह हज़ार देते हैं, जिन्हें नहीं मिलता वे महीने का चौदह हज़ार। 10 मिनट · मंगलवार, 8 सितंबर
  4. 72.6%भारत की जेलों में बंद वे लोग जिन पर अदालत का फ़ैसला अभी आया ही नहीं जेल में बंद हर चार में से तीन लोगों पर मुक़दमा अभी चल ही रहा है, दो में से तीन नहींएनसीआरबी की ताज़ा कारागार रिपोर्ट कहती है कि 72.6 फ़ीसदी क़ैदी विचाराधीन हैं। जो आँकड़ा हर जगह दोहराया जाता है, दो-तिहाई वाला, वह 2005 का है।5 मिनट · मंगलवार, 1 सितंबर
  5. 16,955जुलाई 2026 में ज़िला अदालतों के ढेर में हर दिन इतने मुक़दमे जुड़ते रहे अदालतें पहले से तेज़ चल रही हैं, और मुक़दमों का ढेर फिर भी बढ़ रहा हैजुलाई 2026 में ज़िला अदालतों में हर दिन औसतन 94,386 मुक़दमे दायर हुए और 77,431 निपटे। 2018 के बाद निपटान दायर होने से तेज़ बढ़ा है। रेखा फिर भी पार नहीं हुई।5 मिनट · शनिवार, 29 अगस्त

आगे किसकी बारी

तय है, बदल भी सकता है। हर मंगलवार को एक।

  1. 1क्षमता से दोगुनी भरी जेलें
  2. 2हाई कोर्ट की ख़ाली कुर्सियाँ
  3. 3सज़ा किस अपराध में मिलती है
  4. 4एफ़आईआर से फ़ैसले तक कितने साल

रोज़ सुबह 7 बजे, बीते दिन का अंक — एक मेल।

यह सिलसिला पैसा डेस्क से आता है। बाक़ी सिलसिले यहाँ।