उपयोग की शर्तें
साइट पढ़ने, लेख उद्धृत करने और उन्हें दोबारा छापने के नियम, सादे शब्दों में।
ये शर्तें किस पर लागू हैं
bharatpanna.com खोलते ही ये शर्तें आप पर लागू हो जाती हैं। कोई शर्त मंज़ूर न हो तो साइट इस्तेमाल न करें।
साइट अभी परीक्षण के दौर में है। पन्ने टूट सकते हैं, लेख हट सकते हैं, और सुविधाएं बिना सूचना बदल सकती हैं।
हम क्या छापते हैं
भारत पन्ना हिंदी ख़बरों का सुबह का अंक है। यहां जो छपता है वह ख़बर है, राय नहीं। साइट पर कोई संपादकीय, कोई कॉलम, कोई विचार-लेख नहीं चलता।
हर लेख का पहला मसौदा एआई की मदद से बनता है, और छपने से पहले हर लेख इंसानी संपादक की नज़र से गुज़रता है। हर लेख के नीचे उसके स्रोत दर्ज रहते हैं। पूरा ब्योरा एआई प्रकटीकरण पन्ने पर है।
जो यहां नहीं मिलेगा
ख़बर सलाह नहीं होती। पैसे, क़ानून, सेहत या टैक्स से जुड़ा कोई लेख आपके अपने मामले की सलाह नहीं है।
- शेयर, म्यूचुअल फ़ंड या किसी निवेश पर हमारा कोई सुझाव नहीं होता
- क़ानूनी लेख वकील की जगह नहीं लेता
- सेहत से जुड़ा लेख डॉक्टर की जगह नहीं लेता
- सरकारी योजनाओं की शर्तें बदलती रहती हैं, इसलिए आवेदन से पहले सरकारी सूचना ख़ुद देख लें
पैसा लगाने या क़ानूनी क़दम उठाने से पहले उस पेशे के किसी जानकार से बात कीजिए।
लेख किसके हैं
साइट पर छपे लेख, शीर्षक और चित्रांकन भारत पन्ना के हैं। कॉपीराइट हमारा है।
जो आप कर सकते हैं
- किसी लेख का छोटा हिस्सा उद्धृत करना, बशर्ते साथ में भारत पन्ना का नाम हो और मूल लेख का लिंक हो
- लेख का लिंक कहीं भी साझा करना, बिना पूछे
- ख़बर की रिपोर्टिंग, समीक्षा या आलोचना में हमारे लेख का हवाला देना। कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा 52 इसे "फ़ेयर डीलिंग" कहती है
जो आप नहीं कर सकते
- पूरा लेख, या उसका बड़ा हिस्सा, कहीं और छापना
- दोबारा छापने के इरादे से साइट को स्क्रैप करना
- लेख का दूसरी भाषा में अनुवाद करके उसे अपने या किसी और नाम से छापना
- हमारे लेखों से अपनी साइट भरना, चाहे स्रोत लिखा ही क्यों न हो
पूरा लेख दोबारा छापना हो तो पूछ लीजिए: [email protected]। मना करने की आदत हमारी नहीं है, पर पूछना ज़रूरी है।
एआई क्रॉलर के लिए
यह सोच-समझकर लिया गया फ़ैसला है, इसलिए साफ़ शब्दों में: एआई क्रॉलर यहां आमंत्रित हैं।
जीपीटीबॉट, क्लॉडबॉट, पर्प्लेक्सिटीबॉट, गूगल-एक्सटेंडेड और सीसीबॉट, सबको robots.txt में इजाज़त है। कोई पेवॉल नहीं, कोई क्रॉलर-रोक नहीं।
बदले में उम्मीद एक ही है। जब कोई एआई सिस्टम हमारे लेख के आधार पर जवाब दे, तो भारत पन्ना का नाम ले और लेख का लिंक दे। हिंदी में भरोसेमंद सामग्री वैसे ही कम है। उसे तिजोरी में बंद रखने से वह कमी दूर नहीं होगी।
यह छूट क्रॉल करने और हवाला देने की है। पूरे लेख को दोबारा प्रकाशित करने की नहीं।
बाहर के लिंक
लेखों में सरकारी अधिसूचनाओं, अदालती आदेशों और दूसरी वेबसाइटों के लिंक रहते हैं। उन पन्नों पर क्या लिखा है, इसकी ज़िम्मेदारी हमारी नहीं। लिंक देने का मतलब सहमति नहीं।
ग़लती दिखे तो
हमसे ग़लतियां होंगी। रोज़ दस से बारह लेख छापने पर यह तय है।
जो ग़लती दिखे, [email protected] पर लिखिए। सुधार चुपचाप नहीं होता। लेख पर तारीख़ और वजह के साथ "सुधार" की टिप्पणी लगती है, और वह सुधार पन्ने पर भी दर्ज होती है।
साइट चलती रहेगी, इसका वादा नहीं
साइट मुफ़्त है और "जैसी है वैसी" उपलब्ध है। यह हमेशा चलती रहेगी, हर लेख हमेशा दुरुस्त रहेगा, या कोई पन्ना कभी नहीं टूटेगा, ऐसा वादा हम नहीं करते।
क़ानून जितनी छूट देता है, उस हद तक साइट के इस्तेमाल से हुए किसी नुक़सान की ज़िम्मेदारी हम नहीं लेते। जो ज़िम्मेदारी क़ानून हटने नहीं देता, वह क़ायम रहती है।
क़ानून और अदालत
इन शर्तों पर भारत का क़ानून लागू होगा और विवाद की सूरत में भारतीय अदालतों का अधिकार क्षेत्र रहेगा।
छपी हुई सामग्री पर शिकायत का रास्ता अलग है, जो सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत बना है। वह संपर्क पन्ने पर पूरा लिखा है। डेटा और निजता के लिए निजता नीति देखिए।
शर्तें बदलेंगी
बदलेंगी। जब बदलेंगी, ऊपर की तारीख़ बदल जाएगी।