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दुबई में पुरस्कार समारोह पचास मिनट रुका रहा और भारतीय टीम मंच पर नहीं आई, एशिया कप की ट्रॉफ़ी लगातार दूसरे साल एसीसी के पास रह गई

रविवार 13 सितंबर को महिला एशिया कप का फ़ाइनल रात क़रीब 9:50 बजे ख़त्म हुआ और पुरस्कार समारोह 10:40 के बाद शुरू हुआ। मंच पर एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी खड़े थे, श्रीलंका की कप्तान ने उपविजेता का चेक लिया, और भारतीय टीम ड्रेसिंग रूम से बाहर नहीं आई। बीसीसीआई सचिव देवजित सैकिया के बयान के मुताबिक़ यह फ़ैसला फ़ाइनल से पहले लिया जा चुका था और एसीसी को पहले ही बता दिया गया था।

अमीरात रोड से दिखता दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, रेत के पार सफ़ेद पंखुड़ियों वाली उसकी गोल छत, यह तस्वीर 12 मार्च 2013 की दोपहर की है; रविवार रात का फ़ाइनल और उसके बाद का पचास मिनट इसी इमारत के भीतर बीते
तस्वीर: Rizwan Ullah Wazir, विकिमीडिया कॉमन्स CC BY 3.0

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार, 13 सितंबर की रात आख़िरी गेंद के बाद मैदान पर देर तक कुछ नहीं हुआ। भारत महिला एशिया कप जीत चुका था, स्टेडियम में 16,339 दर्शक थे, और मंच अभी लग ही रहा था।

अल जज़ीरा के मुताबिक़ मैच रात क़रीब 9:50 बजे ख़त्म हुआ और समारोह 10:40 बजे से पहले शुरू नहीं हुआ। डॉन ने हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से लिखा कि आख़िरी गेंद 9:55 तक हो चुकी थी और 10:30 तक समारोह शुरू होने का कोई लक्षण नहीं था। द इंडियन एक्सप्रेस की गिनती में इंतज़ार पचास मिनट तक पहुँचा।

उन पचास मिनटों में मंच पर जो नहीं हुआ, ख़बर वही है।

दुबई की रात, 9:50 से 10:40 तक

मंच बनने के बाद सबसे पहले मैच अधिकारियों को उनके पदक दिए गए। अल जज़ीरा के मुताबिक़ उसके बाद श्रीलंका के खिलाड़ी आए, और कप्तान चमारी अटापट्टू ने एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से उपविजेता का पुरस्कार लिया और अपनी टीम के बारे में बोलीं। पीटीआई की कॉपी में एक ब्योरा और है: श्रीलंका के खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ़ ने पदक श्रीलंका क्रिकेट के अंतरिम प्रमुख इरान विक्रमरत्ने से लिए, और नक़वी से टीम ने उपविजेता का चेक लिया।

क्रिकबज़ ने मंच पर मौजूद लोगों की सूची छापी है। नक़वी के साथ एसीसी उपाध्यक्ष ख़ालिद अल ज़रूनी, श्रीलंका क्रिकेट की ट्रांसफ़ॉर्मेशन कमेटी के प्रमुख इरान विक्रमरत्ने, अमीरात क्रिकेट बोर्ड के महासचिव मुबाशिर उस्मानी और शीर्षक प्रायोजक डीपी वर्ल्ड की एक प्रतिनिधि खड़ी थीं।

बीसीसीआई सचिव देवजित सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला मैदान में मौजूद थे। वे मंच पर नहीं चढ़े। क्रिकबज़ के मुताबिक़ वे भारतीय दल से मैदान पर ही बात करते रहे।

क्रिकबज़ ने यह भी लिखा है कि नक़वी आख़िरी गेंद से कुछ मिनट पहले स्टेडियम पहुँचे और विजेता की ट्रॉफ़ी ख़ुद देने पर अड़े रहे। पर्दे के पीछे बातचीत चली, जिसमें भारतीय पक्ष का प्रस्ताव यह था कि ट्रॉफ़ी अल ज़रूनी दे दें। नक़वी नहीं माने।

व्यक्तिगत पुरस्कार भी नहीं बँटे। अल जज़ीरा के मुताबिक़ न मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया, न टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का, और भारतीय टीम को पदक या ट्रॉफ़ी लेने के लिए बुलाया ही नहीं गया। एक सूत्र ने क्रिकबज़ से कहा कि समझौता यही निकला कि समारोह विजेता की ट्रॉफ़ी दिए बिना पूरा कर लिया जाए।

डॉन ने एक और बात नोट की। प्रसारकों ने कप्तान हरमनप्रीत कौर का साक्षात्कार तुरंत ले लिया, जबकि यह साक्षात्कार आम तौर पर समारोह के आख़िर में होता है।

पीटीआई के मुताबिक़ भारतीय टीम मैदान पर लौटी ही नहीं। सैकिया ने नंदनी शर्मा को टीम का अपना सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक पदक दिया, और उसके बाद खिलाड़ी बाहर नहीं आए। अल जज़ीरा ने लिखा कि समारोह से पहले सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों में भारतीय टीम और सहयोगी स्टाफ़ ड्रेसिंग रूम के बाहर गोल घेरे में खड़े दिखे।

नक़वी अटापट्टू को पुरस्कार देने के फ़ौरन बाद स्टेडियम से निकल गए। पीटीआई ने इसमें पिछले साल से एक फ़र्क़ दर्ज किया है: इस बार वे ट्रॉफ़ी साथ लेकर नहीं गए।

समारोह ख़त्म होने के थोड़ी देर बाद भारतीय महिला टीम के सोशल मीडिया खाते पर एक तस्वीर आई जिसमें टीम और कोचिंग स्टाफ़ खाली दिखते स्टेडियम में खड़े हैं। अल जज़ीरा के मुताबिक़ टूर्नामेंट के आधिकारिक खातों से जश्न की कोई तस्वीर नहीं आई।

बीसीसीआई के बयान के शब्द

सैकिया ने द इंडियन एक्सप्रेस को लिखित बयान दिया। उसका पहला वाक्य यह तय करता है कि फ़ैसला कब हुआ: "हमने सभी मौजूदा पहलुओं पर विचार करके एक सोचा-समझा फ़ैसला लिया था, और हमारी स्थिति एसीसी को पहले ही बता दी गई थी कि इन परिस्थितियों में भारतीय टीम ट्रॉफ़ी प्रदान समारोह में शामिल नहीं होगी।"

अख़बार के मुताबिक़ यह सूचना फ़ाइनल से एक दिन पहले दी गई थी, और उसमें यह शर्त थी कि अगर पदक और ट्रॉफ़ी नक़वी के हाथ से दी गईं तो भारतीय टीम उन्हें नहीं लेगी।

बयान का दूसरा हिस्सा दो चीज़ों को अलग करता है: "एशिया कप में हमारी भागीदारी एशियाई क्रिकेट परिषद के सदस्य के नाते अपनी खेल-प्रतिबद्धताओं को निभाने के लिए थी, और खेल की भावना या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से समझौते का सवाल कभी नहीं था। लेकिन किसी बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेना और ट्रॉफ़ी किस तरह ली जाती है, ये दो अलग मामले हैं। देश में मौजूद परिस्थितियों और भावनाओं को देखते हुए बीसीसीआई को लगा कि प्रस्तावित तरीक़े से टीम का ट्रॉफ़ी लेना उचित नहीं होगा। यह एक दृढ़ संस्थागत फ़ैसला था, और यह खिलाड़ियों, टूर्नामेंट या खेल के ख़िलाफ़ नहीं था।"

क्रिकबज़ ने इस बयान के बारे में एक बात दर्ज की है जो पढ़ते हुए ध्यान खींचती है। पूरे बयान में सैकिया ने न नक़वी का नाम लिया, न पाकिस्तान का।

आईएएनएस से बात करते हुए सैकिया ने वही सरकारी नीति दोहराई जिसके तहत भारत खेलने जाता है: "हम उस नीति का पालन कर रहे हैं और उसे मान रहे हैं, बीसीसीआई हर टीम से खेलने के लिए दल भेजता है।" फिर एक वाक्य जोड़ा: "पर इसका यह मतलब नहीं कि हम खेलेंगे और हमारे सामने रखी हर शर्त मानेंगे।" उन्होंने माना कि समारोह का कोई हल निकालने की कोशिश हुई और सफल नहीं हुई, और कहा कि फ़ैसले पर कोई पछतावा नहीं है: "हमारा ध्यान इस पर था ही नहीं कि ट्रॉफ़ी कौन देगा। हमारा एकमात्र लक्ष्य यह था कि भारतीय टीम मैच आराम से जीते, और उसमें हम सफल रहे।"

डाइनामाइट न्यूज़ से बात करते हुए सैकिया ने इसमें एक समय-सीमा जोड़ी: बीसीसीआई का रुख़ लगभग डेढ़ साल से नहीं बदला है, और पुरुष टीम की ट्रॉफ़ी अब तक इसीलिए नहीं ली गई।

अमोल मजूमदार से पूछे गए सवाल

मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कोच अमोल मजूमदार से यह विषय तीन बार उठा, और तीनों बार उन्होंने ज़्यादा कुछ नहीं जोड़ा।

पहला सवाल यह था कि क्या ट्रॉफ़ी न लेने का फ़ैसला पहले से तय था। डॉन के मुताबिक़ जवाब था: "यह रुख़ बीसीसीआई ने लिया है और हम उसके साथ खड़े हैं। हमारे लिए यह टूर्नामेंट ख़त्म हो चुका है। हम चैंपियन हैं, इतना ही बहुत है। बड़े बोर्ड पर लिखा था कि भारत एशिया कप 2026 का चैंपियन है।"

दूसरा सवाल सीधा था: क्या इस ट्रॉफ़ी का भी वही हश्र होगा जो पिछले साल पुरुष टीम की ट्रॉफ़ी का हुआ। मजूमदार का जवाब था, "अभी तक कोई ख़बर नहीं है। तो मैं इसका जवाब नहीं दे सकता।"

तीसरा सवाल खेल-भावना पर था, और उस पर उन्होंने पहला जवाब लगभग दोहरा दिया। क्रिकबज़ ने वह जवाब भी छापा है: "रुख़ बीसीसीआई ने लिया है, और हम एकजुट होकर उसके साथ खड़े हैं। बिल्कुल। हमारे लिए यह टूर्नामेंट आधिकारिक रूप से ख़त्म है। हम चैंपियन बने, इसकी हमें बहुत ख़ुशी है, और मुझे इस दल के हर एक व्यक्ति पर गर्व है। अब हम एशियाई खेलों की तरफ़ देख रहे हैं।"

हरमनप्रीत कौर ने उस रात इस पर कुछ नहीं कहा। आईसीसी की मैच रिपोर्ट में उनका जो बयान है, वह शेफ़ाली वर्मा के टूर्नामेंट और टीम के अपने मानकों के बारे में है।

एसीसी के सूत्र और पाकिस्तानी मंत्री का बयान

पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज़ ने 13 सितंबर की रात एसीसी के सूत्रों के हवाले से परिषद का पक्ष छापा। उसके मुताबिक़ ट्रॉफ़ी प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया तय हो चुकी थी और ट्रॉफ़ी विजेता भारतीय टीम के लिए तैयार रखी थी, पर टीम ड्रेसिंग रूम से बाहर ही नहीं आई।

उन्हीं सूत्रों ने कहा, "क्रिकेट एक बार फिर राजनीति के नीचे दब गया," और भारतीय टीम के फ़ैसले को खेल-भावना के ख़िलाफ़ बताया। परिषद की स्थिति उन्होंने दो वाक्यों में रखी: ट्रॉफ़ी विजेता भारतीय टीम के लिए उपलब्ध है, और पिछले साल भारत की जीती हुई ट्रॉफ़ी भी उपलब्ध है, बस उसे ले जाया नहीं गया। सूत्रों ने यह भी कहा कि नक़वी अपनी पुरानी स्थिति से एक इंच नहीं हटे हैं।

नक़वी ने महिला फ़ाइनल के बाद अपने नाम से सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा।

पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से प्रतिक्रिया गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी की आई। डॉन के मुताबिक़ उन्होंने जियो न्यूज़ से कहा कि ट्रॉफ़ी न लेने से भारत की "कूटनीतिक हार और सैन्य हार मिट नहीं जाएगी," और भारत पर "खेल-संस्कृति को नष्ट करने" का आरोप लगाया। उनके शब्द थे: "खेल-भावना मायने रखती है। अगर वह भावना न हो तो जीत या हार का कोई मतलब नहीं।" उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने खेल का राजनीतिकरण नहीं किया और हर विवादित मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है।

मोहसिन नक़वी की तीन कुर्सियाँ और 22 अगस्त की एजीएम

मोहसिन नक़वी फ़रवरी 2024 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष चुने गए और वे पाकिस्तान के गृह मंत्री हैं। तीसरी कुर्सी उन्हें 3 अप्रैल 2025 को मिली, जब उन्होंने श्रीलंका के शमी सिल्वा से एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष का पदभार लिया। सिल्वा ख़ुद इस पद पर सिर्फ़ तीन महीने रहे थे, दिसंबर 2024 से, जब जय शाह आईसीसी अध्यक्ष बनने के लिए एसीसी छोड़कर गए।

बाईं ओर पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन रज़ा नक़वी और दाईं ओर बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद, ढाका के होटल इंटरकॉन्टिनेंटल में 8 मई 2026 की द्विपक्षीय बैठक; दुबई के मंच पर यही व्यक्ति तीसरी हैसियत में खड़े थे, एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष के तौर पर
तस्वीर: Press Information Department, विकिमीडिया कॉमन्स Public domain

एसीसी की पिछली वार्षिक आम बैठक फ़ाइनल से तीन हफ़्ते पहले, शनिवार 22 अगस्त 2026 को बैंकॉक में हुई। आईएएनएस के मुताबिक़ परिषद ने उस बैठक का एजेंडा इन शब्दों में बताया था: कार्यकारी बोर्ड के चुनाव, एसीसी अध्यक्ष-पद की रोटेशन नीति, और विभिन्न समितियों का गठन। परिषद के पास लिखित नियम हैं कि अध्यक्ष-पद किस क्रम से घूमेगा, और वह नियम उसी बैठक में खुला।

उसी बैठक में ख़ालिद अल ज़रूनी सर्वसम्मति से एसीसी के उपाध्यक्ष चुने गए। तीन हफ़्ते बाद दुबई के मंच पर बीसीसीआई ने यही नाम आगे बढ़ाया कि ट्रॉफ़ी ये दे दें।

अध्यक्ष-पद संभाल सकने वाले पूर्ण सदस्य बोर्डों की सूची में उसी बैठक में अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड जोड़ा गया। अब तक यह पद भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच घूमता रहा है।

नक़वी ने उस बैठक पर जारी बयान में कहा था कि इन फ़ैसलों से परिषद के शासन की परिपक्वता दिखती है और ऐसे संस्थान बनते हैं "जो हमारे इन पदों से चले जाने के बाद भी खेल की सेवा करेंगे।"

एसीसी का संविधान कहीं छपा हुआ नहीं है

पूरे विवाद की जड़ में एक सीधा सवाल है: एशिया कप की ट्रॉफ़ी किसकी संपत्ति है, और नियम के मुताबिक़ उसे सौंपता कौन है। इसका जवाब किसी सार्वजनिक दस्तावेज़ में नहीं मिलता, और यह बात ख़ुद में एक तथ्य है।

एसीसी की अपनी वेबसाइट asiancricket.org पर संविधान नहीं है। साइट के पन्ने गिने-चुने हैं: होम, हमारे बारे में, बोर्ड सदस्य, वार्षिक रिपोर्ट, सदस्य संपर्क, ख़बरें, तस्वीरें, वीडियो, मैच सेंटर, अंक तालिका, नतीजे और टिकट। शासन, नियमावली या दस्तावेज़ नाम का कोई हिस्सा उसमें है ही नहीं। इंटरनेट आर्काइव के पास इस डोमेन के जितने पते दर्ज हैं, उनमें भी संविधान, नियम या उपनियम नाम की कोई फ़ाइल नहीं मिलती।

परिषद के अपने प्रकाशित काग़ज़ों में "मूल संविधान" का ज़िक्र एक ही जगह आता है। वार्षिक रिपोर्ट एवं लेखे 2010 में लिखा है कि परिषद 19 सितंबर 1983 को नई दिल्ली में एशियन क्रिकेट कॉन्फ़्रेंस के नाम से बनी, मूल संविधान में उसका उद्देश्य यह लिखा था, "एशिया में क्रिकेट के खेल का आयोजन, विकास और प्रसार," और 1993 में कॉन्फ़्रेंस का नाम बदलकर काउंसिल हुआ। ट्रॉफ़ी के बारे में उसमें कुछ नहीं है।

ऊपर की संस्था के दस्तावेज़ में भी नहीं है। आईसीसी अपने संवैधानिक दस्तावेज़ सार्वजनिक रखती है, और द इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल लिमिटेड के 2025 वाले मेमोरैंडम एवं आर्टिकल्स ऑफ़ असोसिएशन में "एशियन क्रिकेट काउंसिल" शब्द एक बार भी नहीं आता। उसमें "ट्रॉफ़ी" शब्द आता है, पर सिर्फ़ आईसीसी की अपनी प्रतियोगिताओं के नामों के भीतर।

आईसीसी के दुबई दफ़्तर का स्वागत कक्ष और दीवार पर लगा परिषद का नाम तथा चिह्न, यह तस्वीर नवंबर 2005 की है; यह संस्था अपने संवैधानिक काग़ज़ सार्वजनिक रखती है और एशियाई क्रिकेट परिषद अपने संविधान की कोई प्रति कहीं नहीं छापती
तस्वीर: PaddyBriggs at English Wikipedia, विकिमीडिया कॉमन्स Public domain

तो जो चीज़ विवाद में है वह लिखा हुआ नियम नहीं, चलन है। और चलन पर दो अलग दावे हैं, दोनों दर्ज हैं।

नक़वी का दावा उनके अपने शब्दों में मौजूद है। 1 अक्टूबर 2025 को एक्स पर उन्होंने लिखा: "एसीसी अध्यक्ष के नाते मैं उसी दिन ट्रॉफ़ी सौंपने को तैयार था और आज भी तैयार हूँ। अगर उन्हें सचमुच वह चाहिए, तो वे एसीसी दफ़्तर आकर मुझसे ले सकते हैं।"

दूसरा दावा भारत का है। सरकारी प्रसारक न्यूज़ ऑन एयर ने एसीसी की बैठक की अपनी रिपोर्ट में लिखा कि बीसीसीआई के प्रतिनिधि राजीव शुक्ला ने नक़वी से पूछा कि विजेता टीम को ट्रॉफ़ी क्यों नहीं सौंपी गई, और कहा कि एसीसी की ट्रॉफ़ी किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है। परिषद ने उस बैठक में कोई फ़ैसला नहीं लिया।

2022 और 2024 में ट्रॉफ़ी शमी सिल्वा ने दी थी

सैकिया ने 14 सितंबर को इस विवाद को एक और कोण से रखा, जो दस्तावेज़ का नहीं, रिकॉर्ड का सवाल है। डाइनामाइट न्यूज़ के मुताबिक़ उनका कहना था कि पहले एशिया कप के विजेता आम तौर पर अपने ही क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख से ट्रॉफ़ी लेते थे, और यह चलन 2024-25 के आसपास बदला।

यह दावा जाँचा जा सकता है, और दो मामलों में यह टिकता है। द फ़्री प्रेस जर्नल ने 14 सितंबर को दोनों गिनाए। 2022 के पुरुष एशिया कप के फ़ाइनल में श्रीलंका ने दुबई में पाकिस्तान को 23 रन से हराया था, और कप्तान दासुन शनाका ने ट्रॉफ़ी श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शमी सिल्वा से ली। उस समय एसीसी के अध्यक्ष जय शाह थे और वे मौजूद भी थे। 2024 के महिला एशिया कप में श्रीलंका जीती तो वही व्यवस्था दोहराई गई और ट्रॉफ़ी फिर सिल्वा ने दी।

अख़बार ने इससे एक सीमित निष्कर्ष निकाला है, और उससे आगे नहीं गया: एसीसी अध्यक्ष का मंच पर होना अपने-आप यह तय नहीं करता कि ट्रॉफ़ी उन्हीं के हाथ से जाएगी।

बीसीसीआई ने 13 सितंबर को यही पुरानी व्यवस्था माँगी थी। सैकिया के मुताबिक़ उन्होंने और शुक्ला ने सुझाव दिया कि ट्रॉफ़ी एसीसी के उपाध्यक्ष दे दें, ताकि समारोह में कोई विवाद न हो और ध्यान खेल पर रहे।

क्रांति गौड़ पर अनुच्छेद 2.5 का जुर्माना

उसी फ़ाइनल से निकली दूसरी कार्रवाई पूरी तरह लिखित नियम के भीतर हुई, और उसका ब्योरा आईसीसी ने 14 सितंबर को ख़ुद जारी किया।

भारत की तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ पर उनकी मैच फ़ीस का 10 फ़ीसदी जुर्माना लगा। उल्लंघन खिलाड़ियों और सहयोगी कर्मचारियों के लिए बनी आईसीसी आचार संहिता के स्तर 1 का है, और धारा अनुच्छेद 2.5 है, जिसका पाठ छपा हुआ है।

संहिता का मूल पाठ, जो 16 जून 2023 से लागू है, इस अनुच्छेद को इस तरह लिखता है: किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में बल्लेबाज़ के आउट होने पर ऐसी भाषा, कार्रवाई या इशारे का इस्तेमाल जो उसे नीचा दिखाए या उसकी तरफ़ से आक्रामक प्रतिक्रिया भड़का सके। उसके नीचे की व्याख्या तीन उदाहरण गिनाती है, और तीसरा ठीक वही है जो दुबई में हुआ: "पवेलियन की तरफ़ इशारा करना।"

घटना श्रीलंका की पारी के पहले ही ओवर की है। सलामी बल्लेबाज़ इमेशा दुलानी को आउट करने के बाद गौड़ ने पवेलियन की दिशा में इशारा किया।

भारत की तेज़ गेंदबाज़ अरुंधति रेड्डी गेंद छोड़ने के बाद फ़ॉलो-थ्रू में, बाईं ओर स्टंप और पीछे ख़ाली दर्शक-दीर्घा, यह तस्वीर 24 फ़रवरी 2020 को पर्थ में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ टी20 विश्व कप के मैच की है; आईसीसी संहिता का अनुच्छेद 2.5 इसके ठीक अगले पल पर लगता है, जब बल्लेबाज़ आउट हो चुका होता है
तस्वीर: Bahnfrend, विकिमीडिया कॉमन्स CC BY-SA 4.0

गौड़ ने अपराध स्वीकार कर लिया और एमिरेट्स आईसीसी अंतरराष्ट्रीय मैच रेफ़री पैनल की सुप्रिया रानी दास का प्रस्तावित दंड मान लिया, इसलिए औपचारिक सुनवाई नहीं हुई। आरोप मैदानी अंपायर सलीमा इम्तियाज़ और शाथिरा जाकिर जेसी, तीसरे अंपायर रोकेया सुल्ताना और चौथे अंपायर हुमैरा फ़राह ने लगाया।

जुर्माने के साथ एक अवगुण अंक भी उनके रिकॉर्ड में जुड़ा। चौबीस महीनों में यह उनका पहला अपराध है।

संहिता के अनुच्छेद 7.3 की तालिका बताती है कि यह संख्या आती कहाँ से है। स्तर 1 के अपराध में अधिकतम दंड मैच फ़ीस का 50 फ़ीसदी है; चेतावनी या 25 फ़ीसदी तक के जुर्माने पर एक अवगुण अंक मिलता है और 26 से 50 फ़ीसदी पर दो। अंक 24 महीने तक रिकॉर्ड में रहते हैं, और उसी अवधि में चार जमा हो जाएँ तो वे दो निलंबन अंकों में बदल जाते हैं।

उसी विज्ञप्ति में एक और कार्रवाई है। 11 सितंबर को श्रीलंका के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में धीमी ओवर गति के लिए पाकिस्तान पर मैच फ़ीस का 5 फ़ीसदी जुर्माना लगा। अनुच्छेद 2.22 के तहत हर छूटे ओवर पर इतना ही जुर्माना बनता है, और मैच रेफ़री जी.एस. लक्ष्मी ने पाया कि समय-छूट जोड़ने के बाद भी टीम एक ओवर पीछे रही। कप्तान फ़ातिमा सना ने दोष स्वीकार कर लिया।

आचार संहिता फ़ाइनल के भीतर एक इशारे तक पहुँच गई। समारोह में जो हुआ, उस पर किसी संहिता की कोई धारा नहीं चली।

28 सितंबर 2025 से 14 सितंबर 2026 तक

पुरुष टीम की ट्रॉफ़ी का मामला अब लगभग एक साल पुराना है, और उसकी तारीख़ें दर्ज हैं।

28 सितंबर 2025 को दुबई में भारत ने पाकिस्तान को फ़ाइनल में पाँच विकेट से हराया, 147 का लक्ष्य 19.4 ओवर में पूरा करके, और नक़वी से ट्रॉफ़ी लेने से इनकार किया। एएनआई के मुताबिक़ एक अधिकारी ने ट्रॉफ़ी मंच से उठाई और बिना कुछ कहे मैदान से बाहर ले गया। उस रात का इंतज़ार इस बार से लंबा था: गल्फ़ न्यूज़ ने एक घंटे से ज़्यादा लिखा और एएनआई ने 24 अक्टूबर की रिपोर्ट में 90 मिनट। सूर्यकुमार यादव ने मंच पर हवा में ट्रॉफ़ी उठाने का अभिनय किया।

30 सितंबर को एसीसी की वार्षिक आम बैठक में बीसीसीआई की तरफ़ से राजीव शुक्ला और आशीष शेलार थे। गल्फ़ न्यूज़ के मुताबिक़ नक़वी ने शुरुआती संबोधन में भारत की जीत का ज़िक्र तक नहीं किया, और शेलार के टोकने के बाद बधाई दी। ट्रॉफ़ी पर कोई फ़ैसला नहीं हुआ।

1 अक्टूबर को नक़वी ने एक्स पर लिखा कि वे माफ़ी वाली ख़बरों को ख़ारिज करते हैं: "मैं साफ़ कर दूँ: मैंने कुछ ग़लत नहीं किया है और मैंने बीसीसीआई से कभी माफ़ी नहीं माँगी, न कभी माँगूँगा।"

24 अक्टूबर को एएनआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि एक बीसीसीआई अधिकारी एसीसी मुख्यालय गया और ट्रॉफ़ी के बारे में पूछा, तो स्टाफ़ ने बताया कि वह वहाँ से हटाकर अबू धाबी में नक़वी की हिरासत में रखी गई है।

क़रीब 22 अक्टूबर को बीसीसीआई ने एसीसी को औपचारिक चिट्ठी भेजी। 1 नवंबर को सैकिया ने एएनआई से कहा: "हमने एसीसी से संपर्क किया और दस दिन पहले चिट्ठी भेजी। कोई सकारात्मक जवाब नहीं है। इसलिए हम यह मामला आईसीसी की बैठक में उठाएँगे, जो 4 नवंबर को दुबई में शुरू हो रही है। ट्रॉफ़ी आएगी, यह तय है। सिर्फ़ समय तय होना बाक़ी है।" उसी बातचीत में उन्होंने जोड़ा: "अगर हमें उनसे लेनी होती तो फ़ाइनल वाले दिन ही ले लेते।"

7 नवंबर को ईटीवी भारत ने टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट के हवाले से लिखा कि आईसीसी बोर्ड ने मध्यस्थता के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाने पर सहमति दी, जिसकी अगुआई ओमान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष पंकज खिमजी करेंगे। सैकिया ने आईएएनएस से इसका खंडन किया: "यह पूरी तरह ग़लत ख़बर है। आईसीसी की बैठक में ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई।" दोनों बातें आज तक अपनी जगह खड़ी हैं और समिति का कोई नतीजा सार्वजनिक नहीं हुआ।

8 नवंबर को सैकिया ने पीटीआई को बताया कि आईसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी और नक़वी की अलग बैठक कराई गई। आईएएनएस से उन्होंने कहा कि वह बैठक क़रीब एक घंटे चली और नक़वी कुछ विकल्प देंगे, कुछ भारत सुझाएगा। नक़वी ने 10 नवंबर को दुबई में एक समारोह करके ट्रॉफ़ी देने की पेशकश की थी, जो बीसीसीआई ने ठुकरा दी।

ट्रॉफ़ी इस बीच है कहाँ, इस पर तीन अलग बातें छपी हैं और वे आपस में मेल नहीं खातीं। गल्फ़ न्यूज़ ने 8 नवंबर 2025 को लिखा कि वह दुबई में एसीसी के दफ़्तर में है और स्टाफ़ को नक़वी की मंज़ूरी के बिना उसे हिलाने से मना किया गया है। एएनआई ने 24 अक्टूबर 2025 को सूत्रों के हवाले से उसे अबू धाबी में बताया। पीटीआई ने 14 सितंबर 2026 को फिर लिखा कि वह एसीसी दफ़्तर में है। किसी की पुष्टि किसी आधिकारिक बयान से नहीं हुई।

जो बात सबमें एक जैसी है वह यह कि ट्रॉफ़ी भारत को नहीं मिली।

एशियाई खेल 19 सितंबर से, और हॉकी टीम का जालंधर दौरा

सैकिया और मजूमदार दोनों ने 13 और 14 सितंबर को एक ही अगली चीज़ का नाम लिया। सैकिया के शब्दों में, ध्यान अब एशियाई खेलों पर है और इस मोड़ पर तैयारी में कोई व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा।

बीसवें एशियाई खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची प्रांत और नागोया में हैं। क्रिकेट उनसे दो दिन पहले, 17 सितंबर को शुरू हो रहा है और 3 अक्टूबर तक चलेगा; पुरुष और महिला दोनों टी20 प्रतियोगिताएँ कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क के मैदानों पर हैं। भारत दोनों वर्गों में गत विजेता है, और वरीयता 23 जुलाई 2026 की आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग से तय हुई है। भारतीय महिला टीम का क्वार्टर फ़ाइनल मेज़बान जापान से 18 सितंबर को है।

एशियाई खेल ओलंपिक काउंसिल ऑफ़ एशिया कराती है, एशियाई क्रिकेट परिषद नहीं। नागोया में भारत और पाकिस्तान दोनों उतर रहे हैं, और वहाँ पदक बाँटने वाले अधिकारी अलग संस्था के होंगे।

क्रिकेट के बाहर दोनों देशों के खेल-संबंध इसी हफ़्ते दूसरी दिशा में भी चले। टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने 14 सितंबर को ख़बर दी कि पाकिस्तान की हॉकी टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए भारत आ रही है, जो 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में है। द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी 14 सितंबर की रिपोर्ट में यही फ़र्क़ दर्ज किया है कि हाथ न मिलाने और पुरस्कार न लेने वाली नीति भारत की हॉकी टीमों या दूसरे खेलों के खिलाड़ी नहीं अपनाते।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने 14 सितंबर की सुबह 8:45 बजे एक विज्ञप्ति जारी की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला टीम को एशिया कप जीतने पर बधाई दी और कहा कि पूरे टूर्नामेंट में टीम का आत्मविश्वास, निरंतरता और जज़्बा दिखाई दिया। उस विज्ञप्ति में ट्रॉफ़ी, समारोह या दुबई की उस रात का कोई ज़िक्र नहीं है।

स्रोतद हिंदू, पीटीआई की कॉपी, 14 सितंबर 2026 रात 1:11 बजे प्रकाशित और दोपहर 12:09 बजे अद्यतन: समारोह का क्रम, नंदनी शर्मा का पदक, और 2025 की ट्रॉफ़ी एसीसी दफ़्तर में होने की बात, द इंडियन एक्सप्रेस, वेंकट कृष्णा बी, 14 सितंबर 2026: देवजित सैकिया का अख़बार को दिया पूरा लिखित बयान, और आख़िरी गेंद के बाद पचास मिनट के इंतज़ार का ज़िक्र, अल जज़ीरा, हफ़्सा आदिल, 13 सितंबर 2026: मैच ख़त्म होने और समारोह शुरू होने का घड़ी का समय, पदकों का क्रम, और व्यक्तिगत पुरस्कार न बँटने की बात, क्रिकबज़, 14 सितंबर 2026: मंच पर मौजूद अधिकारियों की सूची, ख़ालिद अल ज़रूनी वाला प्रस्ताव, और एक सूत्र का बयान कि न ट्रॉफ़ी मिली न पदक, क्रिकबज़, 14 सितंबर 2026: सैकिया के बयान का पाठ, और यह कि उसमें नक़वी या पाकिस्तान का नाम नहीं है, डॉन, 13 सितंबर 2026 (इंटरनेट आर्काइव की प्रति): हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से घड़ी का समय, मजूमदार की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के तीनों सवाल, और गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी का जियो न्यूज़ को दिया बयान, जियो न्यूज़, 13 सितंबर 2026 (इंटरनेट आर्काइव की प्रति): एसीसी के सूत्रों के हवाले से परिषद का पक्ष, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की आधिकारिक विज्ञप्ति, 14 सितंबर 2026, 11:00 जीएमटी: क्रांति गौड़ पर जुर्माना, धारा, स्तर, मैच रेफ़री और अंपायरों के नाम, खिलाड़ियों और सहयोगी कर्मचारियों के लिए आईसीसी आचार संहिता, 16 जून 2023 से प्रभावी, मूल पीडीएफ़: अनुच्छेद 2.5 का पूरा पाठ और अनुच्छेद 7.3 की दंड-तालिका, द इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल लिमिटेड का मेमोरैंडम एवं आर्टिकल्स ऑफ़ असोसिएशन, 2025 संस्करण, आईसीसी की अपनी संवैधानिक दस्तावेज़ सूची से, एशियाई क्रिकेट परिषद की वार्षिक रिपोर्ट एवं लेखे 2010: परिषद के गठन का ब्योरा और 'मूल संविधान' के उद्देश्य-वाक्य का उद्धरण, न्यूज़ ऑन एयर, प्रसार भारती, सितंबर 2025: एसीसी की बैठक में राजीव शुक्ला का सवाल और यह वाक्य कि एसीसी की ट्रॉफ़ी किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है, द ट्रिब्यून, पीटीआई, दुबई, 1 अक्टूबर 2025: मोहसिन नक़वी की एक्स पोस्ट का पूरा उद्धरण और एजीएम में कोई फ़ैसला न होने की बात, द ट्रिब्यून, एएनआई, 24 अक्टूबर 2025: सूत्रों के हवाले से ट्रॉफ़ी के अबू धाबी पहुँचने की ख़बर और बीसीसीआई अधिकारी के एसीसी दफ़्तर जाने का ब्योरा, द ट्रिब्यून, एएनआई, 1 नवंबर 2025: सैकिया का बयान कि एसीसी को चिट्ठी के दस दिन बाद भी जवाब नहीं आया और मामला आईसीसी की 4 नवंबर से शुरू हो रही बैठक में उठेगा, गल्फ़ न्यूज़, 8 नवंबर 2025: आईसीसी बैठक के हाशिये पर सैकिया और नक़वी की एक घंटे की मुलाक़ात, और समिति बनने की ख़बर का सैकिया द्वारा खंडन, ईटीवी भारत, 8 नवंबर 2025, टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के हवाले से: तीन सदस्यीय समिति और पंकज खिमजी का नाम, आईएएनएस, 23 अगस्त 2026: 22 अगस्त की एसीसी वार्षिक आम बैठक का एजेंडा, अल ज़रूनी का चुनाव, अध्यक्ष-पद की रोटेशन नीति और नक़वी का बयान, द फ़्री प्रेस जर्नल, श्रीहरि मेनन, 14 सितंबर 2026: 2022 और 2024 के फ़ाइनल में शमी सिल्वा के ट्रॉफ़ी देने का ब्योरा, डाइनामाइट न्यूज़, 14 सितंबर 2026: सैकिया का यह कहना कि ट्रॉफ़ी देने की पुरानी परंपरा बदली गई, और लगभग डेढ़ साल से रुख़ न बदलने की बात, द नेशनल, पॉल रैडली, अबू धाबी, 14 सितंबर 2026: दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में 16,339 दर्शकों की गिनती, पत्र सूचना कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, 14 सितंबर 2026 सुबह 8:45: महिला क्रिकेट टीम को प्रधानमंत्री की बधाई का पूरा पाठ, विकिपीडिया: आइची-नागोया एशियाई खेलों में क्रिकेट की तारीख़ें, स्थल और वरीयता का आधार, टाइम्स ऑफ़ इंडिया, 14 सितंबर 2026: पाकिस्तान हॉकी टीम के भारत आने और एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी की तारीख़ों की ख़बर, ईएसपीएनक्रिकइन्फ़ो, दनयाल रसूल, 3 अप्रैल 2025 (इंटरनेट आर्काइव की प्रति): नक़वी का एसीसी अध्यक्ष बनना और शमी सिल्वा से पदभार लेना

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