भारत पन्ना
मैदान

आइची में निशानेबाज़ी की चार स्पर्धाएँ हो चुकीं, भारत के पाँच पदक आए और सोना एक भी नहीं; सोमवार के दोनों फ़ासले 8.9 और 1.8 अंक के हैं

सोमवार, 21 सितंबर की सुबह आइची प्रिफ़ेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफ़ल की दोनों स्पर्धाएँ हुईं। टीम में चीन 1899.0 पर रहा और भारत 1890.1 पर, फ़र्क़ 8.9 अंक। व्यक्तिगत फ़ाइनल में शेंग लिहाओ 254.2 पर और हिमांशु ढिल्लों 252.4 पर, फ़र्क़ 1.8। रुद्रांक्ष पाटील बाईसवें शॉट के बाद 0.1 अंक से तीसरे नंबर पर रहे और कांस्य लिया।

आइची-नागोया के 20वें एशियाई खेलों का आधिकारिक शुभंकर 'होनोहोन', सितंबर 2024 में नागोया के एक सार्वजनिक आयोजन में; तस्वीर खेल शुरू होने से पहले की है
तस्वीर: eli fessler, विकिमीडिया कॉमन्स CC BY-SA 4.0

सोने से फ़ासला कितने अंक का था? आइची-नागोया में निशानेबाज़ी की चार स्पर्धाओं के नतीजे आ चुके हैं और चारों की आधिकारिक शीट पर भारत का नाम पदक वाली पंक्तियों में है। सबसे ऊपर वाली पंक्ति में एक बार भी नहीं। चारों फ़ासले ये रहे: 6.2, 0.6, 8.9 और 1.8।

पहले दो रविवार, 20 सितंबर के हैं। बाक़ी दो सोमवार के। सोमवार, 21 सितंबर की सुबह आइची प्रिफ़ेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफ़ल की दोनों स्पर्धाएँ हुईं, और दोनों से भारत पदक लेकर लौटा। टीम में रजत। व्यक्तिगत में रजत और कांस्य, दोनों एक ही फ़ाइनल से।

निशानेबाज़ी की अपनी पदक तालिका सोमवार सुबह 9 बजकर 52 मिनट (भारतीय समय) पर यह थी: चीन के तीन पदक और तीनों सोने के, जापान का एक सोना और एक कांस्य, कोरिया के दो कांस्य, और भारत के पाँच, जिनमें चार रजत हैं और एक कांस्य। रेंज पर किसी और देश के भारत जितने पदक नहीं हैं। किसी भी स्पर्धा में सबसे ऊँची सीढ़ी भारत की नहीं रही।

यह लेख उन्हीं आधिकारिक शीटों से लिखा गया है जो आयोजन समिति की नतीजा प्रणाली ने सोमवार सुबह जारी कीं। जहाँ कोई आँकड़ा अब भी बदल सकता था, वहाँ पढ़ने का वक़्त साथ दर्ज है।

1899.0 और 1890.1, और बीच के 8.9 अंक

पुरुष टीम स्पर्धा की शीट सोमवार सुबह 11 बजकर 17 मिनट पर बनी। जापान में तब सुबह के 11 बजे थे और भारत में 7 बजकर 47 मिनट। शीट के सिरे पर स्पर्धा का नाम है, तारीख़ है और शुरू होने का वक़्त, 09:45।

सबसे नीचे एक पंक्ति का जोड़ है: तेरह टीमें, 39 खिलाड़ी।

आइची स्काई एक्स्पो, प्रान्त के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र की इमारत; यह निशानेबाज़ी की रेंज नहीं है, पर उसी आइची प्रान्त में है जहाँ ये खेल हो रहे हैं
तस्वीर: Bariston, विकिमीडिया कॉमन्स CC BY-SA 4.0

पहली पंक्ति चीन की, 1899.0। दूसरी भारत की, 1890.1। तीसरी कोरिया की, 1884.2। घटाइए तो सोने से फ़ासला 8.9 अंक का बैठता है, और कांस्य से भारत की बढ़त 5.9 की।

सीरीज़चीनभारतउस घड़ी तक चीन आगे
1315.9314.01.9
2314.7314.32.3
3316.4315.23.5
4318.4317.04.9
5318.4313.89.5
6315.2315.88.9

इस मुक़ाबले में भारत कभी आगे नहीं रहा। पहली ही सीरीज़ के बाद फ़ासला 1.9 का था और पूरे मैच में वह इससे नीचे नहीं गया। आधा मुक़ाबला बीतने पर चीन 3.5 अंक आगे था, चार सीरीज़ के बाद 4.9, और पाँचवीं के बाद 9.5। छठी सीरीज़ भारत ने 0.6 से जीती और फ़ासला घटकर 8.9 पर आ गया।

पाँचवीं सीरीज़ अकेले 4.6 अंक की है, यानी कुल 8.9 का आधे से ज़्यादा। उसे भारत के गिरने की तरह पढ़ना आसान है, पर शीट कुछ और कहती है। चीन की चौथी और पाँचवीं सीरीज़, दोनों 318.4 की, पूरे मुक़ाबले में किसी भी टीम की सबसे ऊँची दो सीरीज़ हैं। तीसरे नंबर पर भारत की चौथी सीरीज़ है, 317.0। पाँचवीं सीरीज़ में चीन अपने सबसे अच्छे स्तर को दोहरा रहा था और भारत उसी दौर में अपनी सबसे कमज़ोर सीरीज़ पर था, 313.8।

छहों सीरीज़ का फैलाव भी उलटी तरफ़ झुकता है। भारत की सबसे ऊँची और सबसे नीची सीरीज़ के बीच 3.2 अंक हैं, चीन के बीच 3.7। चीन की सीरीज़ भारत से कम एक-सी थीं, और फिर भी हर सीरीज़ में ऊपर। फ़र्क़ ठहराव का नहीं था, स्तर का था।

शीट पर एक और ख़ाना है जो जोड़ में नहीं दिखता। इनर टेन, यानी दस के घेरे के भीतर लगे निशान। चीन के 168, भारत के 164, कोरिया के 156। चौथे नंबर के इंडोनेशिया के 161 हैं, जो कांस्य जीतने वाले कोरिया से पाँच ज़्यादा हैं। बराबरी टूटने पर यही ख़ाना देखा जाता है, पर यहाँ बराबरी हुई ही नहीं।

आठ दशमलव नौ, तीन निशानेबाज़ों में बँटा हुआ

टीम का कोई अलग मुक़ाबला होता नहीं। आयोजन समिति की 26 अगस्त वाली स्पोर्ट टेक्निकल हैंडबुक तीन व्यक्तिगत नतीजों को जोड़कर टीम का नतीजा बनाती है, और शीटों पर इसका सबूत यह है कि टीम वाला चरण और व्यक्तिगत क्वालिफ़िकेशन, दोनों सुबह 09:45 पर शुरू हुए। वही साठ-साठ गोलियाँ दो जगह गिनी जाती हैं।

तो 8.9 को तीन हिस्सों में खोला जा सकता है। दोनों देशों के निशानेबाज़ों को अंकों के क्रम में रखिए। चीन: शेंग लिहाओ 635.4, मा सिहान 633.0, झांग चांगहोंग 630.6। भारत: रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटील 631.8, हिमांशु ढिल्लों 630.0, पार्थ राकेश माने 628.3। ऊपर वालों का फ़र्क़ 3.6, बीच वालों का 3.0, नीचे वालों का 2.3। तीनों जोड़िए तो ठीक 8.9।

यहाँ कोई जोड़ी बराबर नहीं थी। तीनों जगह फ़ासला दो अंक से ऊपर रहा, और सबसे ऊपर वाली जोड़ी में सबसे ज़्यादा।

उसी सुबह की गोलियों से व्यक्तिगत क्रम-सूची भी बनी, जिसकी शीट एक मिनट बाद, 11 बजकर 18 पर बनी। 47 निशानेबाज़ों में एक ने शुरुआत नहीं की, पाकिस्तान के मुहम्मद उज़मान। शेंग लिहाओ 635.4 के साथ पहले नंबर पर रहे और यह अंक उनके अपने क्वालिफ़िकेशन रिकॉर्ड से ऊपर है। वह रिकॉर्ड 634.5 का था, हांगझोऊ, 25 सितंबर 2023। उनका क्वालिफ़िकेशन विश्व रिकॉर्ड 637.9 का है, बाकू, 12 मई 2023, और वह क़ायम है।

फ़ाइनल में आठ जगहें थीं। पाटील तीसरे नंबर पर 631.8 के साथ गए और ढिल्लों सातवें नंबर पर 630.0 के साथ। पाँचवें नंबर की झांग चांगहोंग की पंक्ति के आगे फ़ाइनल वाला निशान नहीं है, क्योंकि हर देश की सिर्फ़ दो सबसे ऊपर वाली प्रविष्टियाँ पदक के फ़ाइनल में जा सकती हैं और चीन की दोनों जगहें भर चुकी थीं। उसी नियम से कटऑफ़ नौवें नंबर तक खिसका, जहाँ कोरिया के शिन मिनकी 629.2 पर थे। दसवें नंबर के ईरानी निशानेबाज़ अमीरमोहम्मद नेकूनाम 628.9 पर रह गए, 0.3 अंक से बाहर।

भारत की तिकड़ी की उम्रें प्रविष्टि सूची में दर्ज हैं। पाटील 22 के हैं, ढिल्लों 20 के और माने 18 के। ढिल्लों का जन्मदिन 29 सितंबर है, यानी ये खेल ख़त्म होने से पहले वे इक्कीस के हो जाएँगे।

साढ़े बारह बजे शुरू हुए फ़ाइनल के चौबीस शॉट

व्यक्तिगत फ़ाइनल दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर फ़ाइनल रेंज में शुरू हुआ, भारत में सुबह के नौ बजे। स्टार्ट लिस्ट में फ़ायरिंग पॉइंट A से H तक हैं। A पर शेंग लिहाओ, B पर रुद्रांक्ष पाटील, C पर मा सिहान, D पर शिन मिनकी, E पर हिमांशु ढिल्लों, F पर इंडोनेशिया के कानुरियन अल घोज़ी, G पर मंगोलिया के बायरा न्यांताई और H पर कोरिया के हाजुन पार्क।

सब शून्य से शुरू करते हैं। पहले दस शॉट एक साथ, फिर हर दो शॉट पर सबसे पीछे वाला बाहर।

दस शॉट के बाद सबसे आगे पाटील थे। 106.0 पर, शेंग से 1.1 और ढिल्लों से 1.2 अंक ऊपर। बारहवें शॉट के बाद भी वही आगे थे, 127.4 पर, और चौदहवें के बाद भी, 148.2 पर। सोलहवें शॉट पर क्रम पलटा: शेंग 168.8 पर पहुँचे और दोनों भारतीय ठीक 168.6 पर, एक-दूसरे के बराबर।

बाहर होने का सिलसिला इस तरह चला। घोज़ी बारहवें शॉट के बाद गए, 123.2 पर। पार्क चौदहवें के बाद, 145.7 पर। शिन सोलहवें के बाद, 166.2 पर। अट्ठारहवें शॉट पर मा सिहान और न्यांताई दोनों ठीक 187.2 पर थे, और शीट पर मा के अंक के आगे SO का निशान है, जिसे शीट की अपनी सूची बराबरी तोड़ने वाला शूट-ऑफ़ बताती है। मा बाहर हुए, न्यांताई बचे और बीसवें शॉट के बाद 207.9 पर गए।

अब तीन बचे थे और तीनों में से एक को बाईसवें शॉट पर जाना था।

बाईसवें के बाद क्रम यह था: शेंग 233.0, ढिल्लों 231.0, पाटील 230.9। एक दशमलव एक का फ़र्क़। पाटील का इक्कीसवाँ शॉट 9.7 का था और अपनी बाईस गोलियों में दस से नीचे उनकी वही एक थी। कांस्य उन्हीं 230.9 अंकों पर तय हुआ।

आख़िरी दो गोलियाँ शेंग और ढिल्लों ने चलाईं। तेईसवें शॉट पर ढिल्लों ने 10.8 मारा और शेंग ने 10.6, फ़ासला 2.0 से घटकर 1.8 हुआ। चौबीसवें पर दोनों ने 10.6 मारे। जोड़ 254.2 और 252.4।

शेंग की चौबीसों गोलियाँ 10.2 और 10.9 के बीच रहीं और एक भी उससे नीचे नहीं गई। ढिल्लों की चौबीस में दस से नीचे एक थी, अट्ठारहवें शॉट पर 9.8। शेंग का 254.2 एशियाई खेलों का और एशिया का नया रिकॉर्ड है, दोनों पुराने अंक 253.3 के थे और दोनों उन्हीं के नाम थे, हांगझोऊ, 25 सितंबर 2023। विश्व रिकॉर्ड इटली के दानिलो डेनिस सोलाज़ो का है, 255.0, निंगबो, 11 सितंबर 2025। उससे वे 0.8 दूर रह गए।

फ़ाइनल की शीट दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर बनी। भारतीय समय से सुबह 9 बजकर 45 मिनट। उस घड़ी तक प्रणाली पर नतीजे का दर्जा अनधिकृत था; 9 बजकर 48 मिनट तक वह आधिकारिक हो चुका था।

252.4, लगातार दूसरे दिन

ढिल्लों का जोड़ 252.4 है। रविवार को महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफ़ल व्यक्तिगत फ़ाइनल में एलावेनिल वलारिवन का जोड़ भी ठीक 252.4 था, और वह भी रजत था। दो दिन, दो स्पर्धाएँ, दो अलग शीटें, एक ही अंक।

चार फ़ासलों की जगह भी तय कर देनी चाहिए, क्योंकि ये आपस में मिल जाते हैं। 6.2 महिला टीम स्पर्धा का है, जहाँ भारत 1898.0 पर था और चीन 1904.2 पर, और जापान 1897.1 पर कांस्य ले गया। 0.6 उसी रविवार के महिला व्यक्तिगत फ़ाइनल का है। 8.9 सोमवार की पुरुष टीम स्पर्धा का, और 1.8 सोमवार के पुरुष व्यक्तिगत फ़ाइनल का।

चारों अलग-अलग मुक़ाबलों के हैं और चारों में से कोई दूसरे की व्याख्या नहीं करता।

जो रिकॉर्ड सोमवार को टूटा, वह भारत का अपना था

टीम वाली शीट के ऊपरी हिस्से में रिकॉर्ड का ख़ाना है और उसमें तीन पंक्तियाँ हैं। विश्व रिकॉर्ड 1898.4 का, चीन के नाम: वांग होंगहाओ, शेंग लिहाओ और वांग युटोंग, 8 नवंबर 2025, काहिरा। एशियाई रिकॉर्ड 1893.7 का। एशियाई खेलों का रिकॉर्ड भी 1893.7 का। दोनों भारत के नाम, 25 सितंबर 2023, हांगझोऊ।

चीन के 1899.0 ने तीनों तोड़ दिए। अपने ही विश्व रिकॉर्ड से वे 0.6 ऊपर गए और भारत के खेल रिकॉर्ड से 5.3 ऊपर। भारत का सोमवार वाला 1890.1 भारत के अपने रिकॉर्ड से 3.6 अंक नीचे है।

उस रिकॉर्ड का ब्योरा एशियाई निशानेबाज़ी संघ की हांगझोऊ 2023 वाली नतीजा-पुस्तिका में है। टूटे हुए विश्व रिकॉर्डों की सूची में पुरुष 10 मीटर एयर राइफ़ल टीम की पंक्ति है, पुराना अंक 1893.3, नया 1893.7, तारीख़ 25 सितंबर 2023, और तीन नाम: ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, दिव्यांश सिंह पंवार और रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटील। तब वह विश्व रिकॉर्ड था। ढाई साल बाद वह सिर्फ़ खेलों और एशिया का रिकॉर्ड रह गया था, और सोमवार को वह भी चला गया।

उन तीन में से सोमवार की रेंज पर एक ही थे। आधिकारिक प्रविष्टि सूची में तोमर इन खेलों में हैं, पर 50 मीटर राइफ़ल थ्री पोज़िशंस की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में; भारत की 30 नामों वाली निशानेबाज़ी सूची में पंवार का नाम नहीं है। एक ही निशानेबाज़ की वर्तनी तीन आधिकारिक जगहों पर तीन तरह से छपी है। हांगझोऊ की पुस्तिका में PATIL RUDRANKKA Balasaheb, सोमवार की शीट के रिकॉर्ड ख़ाने में PATIL Rudrankkash Balasaheb, और उसी शीट की नतीजा पंक्ति में PATIL Rudrankksh Balasaheb। निशानेबाज़ वही हैं।

हांगझोऊ में सात सोने थे, आइची में अट्ठाईस स्पर्धाएँ हैं

उसी नतीजा-पुस्तिका में 1 अक्टूबर 2023 तक की पदक तालिका है, और उससे पिछले एशियाई खेलों का पूरा हिसाब निकलता है। निशानेबाज़ी में भारत के 22 पदक थे: सात सोने, नौ चाँदी, छह कांस्य।

चीन 16-9-4 यानी 29 पदकों के साथ पहले नंबर पर था और भारत दूसरे। भारत के सात सोनों में से पाँच टीम स्पर्धाओं से आए थे और दो व्यक्तिगत से।

गगन नारंग, चैन सिंह और हसन इमरान ख़ान की भारतीय टीम, 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफ़ल टीम स्पर्धा के पोडियम पर; यह वही स्पर्धा है, अलग बरस और अलग खेलों में
तस्वीर: Ministry of Youth Affairs and Sports, विकिमीडिया कॉमन्स GODL-India

उन खेलों में निशानेबाज़ी के कुल 102 पदक बँटे: 33 सोने, 33 चाँदी और 36 कांस्य।

इस बार रेंज पर उतने सोने हैं ही नहीं। आधिकारिक कार्यक्रम में निशानेबाज़ी की 28 पदक स्पर्धाएँ हैं, 19 सितंबर से 1 अक्टूबर तक। पाँच सोने कम। इनमें से चार हो चुकी हैं और भारत चारों में पदक-सूची में है।

भारत ने सभी 28 में प्रविष्टि भेजी है और उसकी निशानेबाज़ी सूची में 30 नाम हैं। अगली स्पर्धा मंगलवार, 22 सितंबर की है। 10 मीटर एयर राइफ़ल मिश्रित टीम, जिसमें भारत की तरफ़ से एलावेनिल वलारिवन और पार्थ माने दर्ज हैं। सोमवार सुबह साढ़े छह बजे से स्कीट का क्वालिफ़िकेशन भी चल रहा था, पुरुष और महिला दोनों। उसके पदक 23 सितंबर को तय होंगे। सुबह की सूची में अलग-अलग टीमों ने अलग-अलग संख्या में निशाने लगाए थे, इसलिए उस वक़्त का क्रम कोई क्रम नहीं था।

सुचिका तड़ियाल और वह खेल जो पहली बार खेला जा रहा है

सोमवार दोपहर 12 बजे, भारतीय समय से सुबह साढ़े आठ बजे, नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में बाउट 38 हुई, महिलाओं के ट्रेडिशनल 60 किलो का सेमीफ़ाइनल। सिंगापुर की हुई हून तेओ ने भारत की सुचिका तड़ियाल को 2-0 से हराया, बहुमत के फ़ैसले पर। मुक़ाबला 11 मिनट 46 सेकंड चला। रेफ़री चीनी ताइपे के शोउ-शियेन आओ थे; जज उज़्बेकिस्तान के बाउइर्जान जुमानोव, कोरिया के सोंगवोन जियोन और वियतनाम के वियत फु न्गो।

तड़ियाल संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर हैं और कांस्य उन्हीं का है। रविवार को क्वार्टर फ़ाइनल में उन्होंने मंगोलिया की अल्तानचिमेग बायगलमा को इसी तरह 2-0 से हराया था, 10 मिनट 11 सेकंड में। प्रविष्टि सूची में उनकी जन्मतिथि 16 अगस्त 1990 है। वे 36 की हैं।

यह भारत का एमएमए में पहला एशियाई खेल पदक है, और इसकी वजह सीधी है। आयोजन समिति के अपने खेल-इतिहास दस्तावेज़ की पंक्ति है: "एमएमए आइची-नागोया 2026 में एशियाई खेलों में अपनी शुरुआत कर रहा है।" इन खेलों से पहले यह स्पर्धा थी ही नहीं।

उसी समिति का प्रतियोगिता-प्रारूप दस्तावेज़ छह पदक स्पर्धाएँ गिनाता है: पुरुषों की मॉडर्न 60 और 71 किलो, ट्रेडिशनल 65 और 77 किलो; महिलाओं की मॉडर्न 54 और ट्रेडिशनल 60 किलो। प्रारूप पाँच तरह का हो सकता है, यह इस पर निर्भर करता है कि किसी भार वर्ग में कितने खिलाड़ी आए हैं। सात या उससे ज़्यादा होने पर सीधा नॉकआउट चलता है, दोनों सेमीफ़ाइनल हारने वालों को कांस्य मिलता है और कांस्य के लिए अलग मुक़ाबला नहीं होता। तड़ियाल का पदक हारने के साथ ही तय हो गया।

दस्तावेज़ में एक बात नहीं है। वह मॉडर्न और ट्रेडिशनल की सूची देता है और कहीं यह नहीं बताता कि दोनों में फ़र्क़ क्या है; नियमों के लिए वह एशियाई मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स एसोसिएशन की किताब पर छोड़ देता है। सोने का मुक़ाबला मंगलवार को दोपहर ढाई बजे है, भारतीय समय से ग्यारह बजे।

पौने दस बजे की तालिका और दिन का बाक़ी हिस्सा

सोमवार सुबह 9 बजकर 52 मिनट पर आधिकारिक पदक तालिका में भारत दसवें नंबर पर था। छह पदक: चार रजत, दो कांस्य, सोना शून्य। ऊपर चीन 14-6-3 के साथ, जापान 6-8-7 के साथ, कोरिया 4-3-9 के साथ। तालिका सोने के क्रम से बनती है, इसलिए कुल पदकों की गिनती से भारत छठे नंबर पर आता है और दसवें से चार पायदान ऊपर। इंडोनेशिया के पास सात पदक हैं और एक भी सोना नहीं; वह सोने के क्रम में बारहवें नंबर पर है और कुल के क्रम में पाँचवें।

तालिका इस अंतर को दो हफ़्ते तक ढोती रहेगी। खेल 4 अक्टूबर तक चलेंगे।

सोमवार की सुबह का एक पदक भारत के हाथ से निकल भी चुका था। वुशू में महिलाओं के छांगछ्वान का फ़ाइनल भारतीय समय से साढ़े पाँच बजे हुआ, जिसमें न्येमन वांगसू 9.573 अंकों के साथ सोलह में पंद्रहवें नंबर पर रहीं। सोना हॉन्ग कॉन्ग, चीन की लिडिया शाम हुई यू ने 9.713 पर जीता और ऊपर की तीन खिलाड़ियों के बीच कुल 0.007 का फ़र्क़ था।

दिन में आगे तैराकी है। पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक का फ़ाइनल भारतीय समय से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर है, आधिकारिक कार्यक्रम में जगह टोक्यो एक्वेटिक्स सेंटर दर्ज है, और उसमें श्रीहरि नटराज दसवीं लेन में हैं।

सुबह की हीट में उनका समय 25.37 सेकंड था। बैडमिंटन में पुरुष टीम का पहला दौर 11 बजकर 30 मिनट पर, टेबल टेनिस में पुरुष टीम का मुक़ाबला 3 बजकर 30 मिनट पर और महिला कबड्डी 4 बजकर 15 मिनट पर है। महिला हॉकी का इंडोनेशिया से पूल बी वाला मैच साढ़े नौ बजे से चल रहा था।

एक ओलंपिक तरण-ताल में लेन और स्टार्टिंग ब्लॉक, ऑस्ट्रेलिया के एआईएस प्रशिक्षण केंद्र की तस्वीर; यह टोक्यो एक्वेटिक्स सेंटर नहीं है, पर उसी तरह की तैराकी स्पर्धा के लिए बना है
तस्वीर: KeepActive Australia from Melbourne, VIC, Australia, विकिमीडिया कॉमन्स CC BY-SA 4.0

मुक्केबाज़ी में एक नतीजा आ चुका है। पुरुषों के 70 किलो के शुरुआती दौर में सुमित ने थाईलैंड के बुनजोंग सिनसिरी को 5-0 से हराया, और आधिकारिक प्रणाली में यह मुक़ाबला सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर दर्ज है। ईएसपीएन की 21 सितंबर वाली फ़िक्स्चर सूची में भारत का यही मुक़ाबला दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर दिखाया गया है। दोनों समय एक नहीं हैं; आधिकारिक प्रणाली में 70 किलो के बाक़ी शुरुआती मुक़ाबले दोपहर 1 बजकर 30 मिनट के बाद रखे गए हैं।

स्रोतबीसवें एशियाई खेलों की आधिकारिक नतीजा प्रणाली: पुरुष 10 मीटर एयर राइफ़ल टीम, फ़ाइनल, 21 सितंबर 2026, शीट सुबह 11 बजकर 17 मिनट पर बनी, तेरह टीमों की सीरीज़-दर-सीरीज़ अंक-सूची और रिकॉर्ड का ख़ाना, बीसवें एशियाई खेलों की आधिकारिक नतीजा प्रणाली: पुरुष 10 मीटर एयर राइफ़ल व्यक्तिगत, क्वालिफ़िकेशन, 21 सितंबर 2026, शीट 11 बजकर 18 मिनट पर बनी, 47 निशानेबाज़ों की सूची और फ़ाइनल में पहुँचने के निशान, बीसवें एशियाई खेलों की आधिकारिक नतीजा प्रणाली: पुरुष 10 मीटर एयर राइफ़ल व्यक्तिगत, फ़ाइनल, 21 सितंबर 2026, शुरुआत दोपहर 12 बजकर 30 मिनट, शीट 1 बजकर 15 मिनट पर बनी, आठों निशानेबाज़ों की चौबीस-चौबीस गोलियों के दशमलव अंक, बीसवें एशियाई खेलों की आधिकारिक नतीजा प्रणाली: पुरुष 10 मीटर एयर राइफ़ल व्यक्तिगत फ़ाइनल की स्टार्ट लिस्ट, फ़ायरिंग पॉइंट A से H तक का क्रम, बीसवें एशियाई खेलों की आधिकारिक नतीजा प्रणाली: पुरुष 10 मीटर एयर राइफ़ल टीम के पदक विजेताओं की सूची, 21 सितंबर 2026, 11 बजकर 21 मिनट पर बनी, बीसवें एशियाई खेलों की आधिकारिक नतीजा प्रणाली का पदक तालिका डेटा, 21 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजकर 52 मिनट (भारतीय समय) पर पढ़ा गया, बीसवें एशियाई खेलों की आधिकारिक नतीजा प्रणाली: सिर्फ़ निशानेबाज़ी की पदक तालिका, 21 सितंबर 2026 सुबह 9 बजकर 52 मिनट पर, बीसवें एशियाई खेलों की आधिकारिक नतीजा प्रणाली: निशानेबाज़ी में भारत की प्रविष्टियाँ, 30 खिलाड़ी और हर स्पर्धा की सूची, बीसवें एशियाई खेलों की आधिकारिक नतीजा प्रणाली: एमएमए महिला ट्रेडिशनल 60 किलो का सेमीफ़ाइनल, बाउट 38, 21 सितंबर 2026, नतीजा, अवधि और अधिकारियों के नाम, आयोजन समिति का एमएमए का खेल-इतिहास दस्तावेज़, जिसमें लिखा है कि यह खेल आइची-नागोया 2026 में एशियाई खेलों में पहली बार शामिल हो रहा है, आयोजन समिति का एमएमए का प्रतियोगिता-प्रारूप और नियम दस्तावेज़: छह पदक स्पर्धाएँ, 20 से 22 सितंबर, नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर, और प्रवेश-संख्या के हिसाब से पाँच प्रारूप, एशियाई निशानेबाज़ी संघ की उन्नीसवें एशियाई खेल, हांगझोऊ 2023 की नतीजा-पुस्तिका: 1 अक्टूबर 2023 तक की पदक तालिका और टूटे हुए विश्व रिकॉर्डों की सूची, ईएसपीएन की 21 सितंबर 2026 की फ़िक्स्चर सूची, जिसमें भारत के मुक़ाबलों का भारतीय समय दिया गया है

रोज़ सुबह 7 बजे, बीते दिन का अंक — एक मेल।