विषय
आतंकवाद
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दुनिया
ब्रिक्स के नई दिल्ली घोषणापत्र के 140 पैराग्राफ़ में यूक्रेन एक बार नहीं आता
शनिवार, 12 सितंबर को भारत मंडपम में अठारहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाया। प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर चढ़े उसके पूरे पाठ को पढ़कर और जुलाई 2025 के रियो घोषणापत्र के सामने रखकर देखने पर तीन चीज़ें निकलती हैं: यूक्रेन का ज़िक्र ग़ायब है, आतंकवाद वाला पैराग्राफ़ लगभग पूरा रियो से उठाया हुआ है, और ईरान पर रियो में जो निंदा दर्ज थी वह इस बार नहीं लिखी गई।
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इत्मीनान
साठ शब्दों के प्रस्ताव से शुरू हुई जंग आज भी अमेरिकी क़ानून में है
18 सितंबर 2001 को अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिस संयुक्त प्रस्ताव पर दस्तख़त किए, उसमें फ़ौज भेजने का अधिकार देने वाला वाक्य साठ शब्दों का है। उसमें न किसी देश का नाम है, न ख़त्म होने की कोई तारीख़। पच्चीस साल बाद वह प्रस्ताव वहीं है, और उसी तारीख़ का 1906 वाला रिकॉर्ड भी वह नहीं कहता जो उसके नाम पर दोहराया जाता है।
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दुनिया बिश्केक में आतंकवाद पर सबसे सख़्त वाक्य बोला गया, और उसमें किसी देश का नाम नहीं है प्रधानमंत्री कार्यालय का जारी किया बयान कहता है कि जो देश आतंकवाद को नीति का साधन बनाते हैं उन्हें कड़ा संदेश देना होगा। कनेक्टिविटी वाले हिस्से में संप्रभुता की शर्त है, और वहाँ भी कोई परियोजना नामित नहीं है।