विषय
कविता
-
इत्मीनान
झाँसी के एक तार बाबू ने इलाहाबाद के दफ़्तर से तय किया कि हिंदी गद्य किस शक्ल में लिखा जाएगा
महावीर प्रसाद द्विवेदी ने जनवरी 1903 से दिसंबर 1920 तक 'सरस्वती' का संपादन किया। भेजी हुई रचनाएँ वे बिना पूछे सुधार देते थे। नवंबर 1905 के एक लेख में उनका लिखा एक शब्द डेढ़ साल की सार्वजनिक लड़ाई की जड़ बना।
-
इत्मीनान
सुभद्रा कुमारी चौहान की आठ पंक्तियाँ सब जानते हैं, और उनकी कहानियाँ कोई नहीं
झाँसी वाली कविता ने अपनी लेखिका को खा लिया। पीछे जो रह गया वह दो कहानी-संग्रह हैं, जेल की दो सज़ाएँ, और 43 की उम्र में एक सड़क दुर्घटना।
-
इत्मीनान कबीर तीन जगह बचे हैं, और सबसे नई पोथी उसी पंथ की है जो उनके नाम से चलता है गुरु ग्रंथ साहिब 1604 का है और उसकी मूल प्रति आज भी मौजूद है। बीजक की कोई पांडुलिपि 1800 से पहले की नहीं मिली। कबीरपंथ का अपना ग्रंथ तीनों में सबसे देर का लिखा हुआ है।