विषय
खान-पान
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इत्मीनान
समोसा 1334 में भारत पहुँच चुका था, आलू की बारी सदियों बाद आई
इब्न बतूता के सफ़रनामे में मुल्तान से दिल्ली जाते हुए एक शाही भोज का ब्यौरा है, जिसमें मेवे और मसाले भरी एक तिकोनी पेस्ट्री परोसी गई, जिसे कोश फ़ारसी शब्द बताते हैं। आलू उस मेज़ पर नहीं था, क्योंकि वह पौधा तब अमरीका के बाहर कहीं उगता ही नहीं था।
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नेस्ले के तीन शिशु उत्पादों पर एफ़एसएसएआई के तीन न्यायनिर्णयन मामले, आदेश अभी सार्वजनिक नहीं
शुक्रवार, 18 सितंबर को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने नेस्ले इंडिया के तीन शिशु उत्पादों पर कार्रवाई की जानकारी अपने सोशल मीडिया खातों पर दी। नेस्ले इंडिया ने उसी शाम बीएसई और एनएसई को चिट्ठी भेजकर ख़बर को 'factually incorrect' बताया। दोनों के बीच जो प्रक्रिया है, उसे खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम का दसवाँ अध्याय न्यायनिर्णयन कहता है, और उसका एक भी काग़ज़ अभी सामने नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी लेबल की समयसीमा माँगी, एफ़एसएसएआई के प्रस्ताव पर तेरह सवाल
3 अगस्त को खाद्य नियामक ने अदालत से कहा था कि पैकेट के सामने एक तालिका छाप दी जाएगी। अदालत ने वह प्रस्ताव लौटा दिया। 28 अगस्त को लाल षट्कोण का प्रस्ताव आया, और 10 सितंबर के आदेश में उस पर तेरह सवाल दर्ज हैं।