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रेपो रेट
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पैसा
अगस्त की थोक महँगाई 9.92 फ़ीसदी है और खुदरा 4.82, क्योंकि एक सूचकांक बॉटलिंग प्लांट पर क़ीमत नापता है और दूसरा पेट्रोल पंप पर
सोमवार, 14 सितंबर को भारत ने अगस्त 2026 के दो महँगाई आँकड़े जारी किए। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग का थोक मूल्य सूचकांक 110.8 पर है और उसकी सालाना दर 9.92 फ़ीसदी, जो जुलाई में 9.78 थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 108.74 पर है और उसकी दर 4.82 फ़ीसदी, जो जुलाई में 4.45 थी। एक ही महीने के ये दो आँकड़े आपस में टकराते नहीं हैं। दोनों क़ीमत को दो अलग जगहों पर पकड़ते हैं, और उन दो जगहों के बीच जो कुछ जुड़ता है वह एक सूचकांक के अंदर है और दूसरे के बाहर।
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पैसा
रिज़र्व बैंक एक लाख करोड़ के सरकारी बॉन्ड बेचकर बैंकों से नक़दी वापस खींच रहा है
11 सितंबर की शाम तीन नीलामियों का ऐलान हुआ: 17 सितंबर को 50 हज़ार करोड़, फिर 21 और 28 सितंबर को 25-25 हज़ार करोड़। उसी सुबह 26 दिन की नीलामी में रिज़र्व बैंक ने पाँच लाख करोड़ माँगे थे और बैंकों ने 60,449 करोड़ दिए। रिवर्स रेपो का पैसा कुछ दिन बाद लौट आता है; बॉन्ड बेचकर निकाली गई रक़म 2029 से पहले नहीं लौटेगी।
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पैसा
रिज़र्व बैंक ने सात लाख करोड़ माँगे, बैंकों ने ढाई लाख दिए; बैंकों के पास इतना पैसा इसलिए है कि प्रवासी भारतीयों ने तीन महीने में 127 अरब डॉलर जमा किए
बैंकिंग व्यवस्था में 11 लाख करोड़ रुपये फ़ालतू पड़े हैं। यह पैसा रुपये को बचाने की उस योजना से आया जो 8 जून को शुरू हुई और 31 अगस्त को समय से पहले बंद करनी पड़ी, क्योंकि जितना माँगा था उससे कहीं ज़्यादा आ गया। अब रिज़र्व बैंक उसी पैसे को वापस खींच रहा है, और बैंक तीस दिन के लिए देने को तैयार नहीं।