विषय
सूखा
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देश
महाराष्ट्र में 265 तालुकों में सूखे जैसी स्थिति घोषित, गंभीर या सामान्य की श्रेणी अभी तय नहीं
शनिवार को जारी सरकारी आदेश पर तारीख़ 25 सितंबर लिखी है, पर उस पर चढ़ा डिजिटल दस्तख़त 26 सितंबर की सुबह का है। द हिंदू ने लिखा 265 तालुके, इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा राज्य का 75 फ़ीसदी हिस्सा, बिज़नेस स्टैंडर्ड ने आदेश के हवाले से 74 फ़ीसदी। आदेश ख़ुद न कोई प्रतिशत लिखता है, न राज्य के कुल तालुकों की गिनती। वह सिर्फ़ इतना कहता है कि 'Trigger-1' नाम की पहली जाँच पास हुई है, सूखे की तीव्रता अभी तय नहीं हुई है, और फ़सल के नुक़सान का मुआवज़ा एक अलग आदेश से बाद में आएगा।
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देश
कर्नाटक में हर किसान को ढाई हज़ार का ऐलान, सरकारी आदेश अभी जारी नहीं
गुरुवार रात विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने हर सूखा-प्रभावित किसान को ढाई हज़ार रुपये और कर्ज़ पर बारह महीने की मोहलत का ऐलान किया। दो असली सरकारी आदेश मिलते हैं, दोनों ताल्लुक़ों की सूखा-घोषणा के हैं, दोनों में ढाई हज़ार रुपये का कोई ज़िक्र नहीं। उधर महाराष्ट्र सूखा घोषित करने से पहले अक्तूबर का इंतज़ार कर रहा है, क्योंकि केंद्र की नियमावली का हिसाब मॉनसून सीज़न ख़त्म हुए बिना पूरा नहीं होता।
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देश
भागलपुर में गंगा 2021 के रिकॉर्ड से ऊपर है और भागलपुर की अपनी बारिश 61 फ़ीसदी कम; एक ही मानसून ने बिहार को डुबोया और कर्नाटक को सुखाया
बिहार में 34 लाख लोग बाढ़ में हैं, जबकि राज्य के अपने आसमान से सामान्य से बहुत कम पानी गिरा। पानी नेपाल से आया, उस हिमनद से जो 26 अगस्त को लांगतांग लिरुंग पर ढहा। कर्नाटक में 31 में से 30 ज़िले सूखे हैं और 126 तालुक सूखाग्रस्त होने वाले हैं। बुंदेलखंड में खेत-तालाब ख़ाली हैं।