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साबरमती के किनारे शनिवार से पैरा तीरंदाज़ी, एक वर्ग में निशाना आँखों पर पट्टी बाँधकर लगेगा

अहमदाबाद 2026 विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज 5 से 9 सितंबर तक चलेगी। भारत पहली बार यह प्रतियोगिता करा रहा है और उसका 29 सदस्यीय दल उतर रहा है।

साबरमती के किनारे शनिवार से पैरा तीरंदाज़ी, एक वर्ग में निशाना आँखों पर पट्टी बाँधकर लगेगा

साबरमती रिवरफ़्रंट पर शनिवार सुबह निशाने लग जाएँगे।

अहमदाबाद 2026 विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज 5 से 9 सितंबर तक चलेगी। भारत यह प्रतियोगिता पहली बार करा रहा है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से इसका उद्घाटन किया।

कौन उतर रहा है

भारतीय दल 29 खिलाड़ियों का है।

हरविंदर सिंह, शीतल देवी, राकेश कुमार, श्याम सुंदर सामी और पायल नाग इसमें हैं। दल ने 23 अगस्त से 2 सितंबर तक गांधीनगर में भारतीय खेल प्राधिकरण के उत्कृष्टता केंद्र में तैयारी की।

⚠ देशों की संख्या पर दो आँकड़े चल रहे हैं। सरकारी विज्ञप्ति 19 देश और 108 से ज़्यादा खिलाड़ी बताती है। तीरंदाजी संघ की सामग्री में 20 देश लिखा है। हम दोनों दे रहे हैं और किसी एक को सही नहीं ठहरा रहे।

भूटान, ब्रिटेन, चीन, बांग्लादेश, फ़्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया और अमेरिका के नाम विज्ञप्ति में हैं।

मुक़ाबले किन वर्गों में होंगे

यही वह हिस्सा है जो हिंदी में कहीं नहीं मिलता।

पैरा तीरंदाज़ी में चार वर्ग होते हैं, और वे इस आधार पर बनते हैं कि शरीर का कौन-सा हिस्सा कितना काम करता है।

डब्ल्यू1 में वे तीरंदाज़ आते हैं जिनकी अशक्तता सबसे गंभीर है और आमतौर पर शरीर के दोनों हिस्सों तथा धड़ को प्रभावित करती है। ये 50 मीटर की दूरी से 80 सेंटीमीटर के निशाने पर तीर चलाते हैं। पहले 72 तीरों का रैंकिंग दौर, फिर 15 तीरों के आमने-सामने के मुक़ाबले। धनुष रिकर्व या कंपाउंड, दोनों चल सकते हैं, पर खींचने की ताक़त पर सीमा है और आवर्धक दृष्टि यंत्र मना है।

ओपन वर्ग में व्हीलचेयर पर बैठकर खेलने वाले और खड़े होकर खेलने वाले एक साथ आते हैं। यहाँ नियम लगभग वही हैं जो आम प्रतियोगिता के हैं।

वीआई1 उन खिलाड़ियों का वर्ग है जिनकी दृष्टि सबसे कम है।

वीआई2/3 में दृष्टि थोड़ी ज़्यादा होती है, इसलिए बराबरी बनाए रखने के लिए इन खिलाड़ियों को मुक़ाबले के दौरान आँखों पर पट्टी बाँधनी पड़ती है।

अहमदाबाद में साबरमती नदी पर बना अटल पैदल पुल और रिवरफ़्रंट, जहाँ यह प्रतियोगिता हो रही है
तस्वीर: प्रवेगा, विकिमीडिया कॉमन्स CC0

आगे क्या

यह सीरीज का तीसरा चरण है। चौथा अक्टूबर में चिली के सांतियागो में होगा।

शाह ने कहा कि 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों का शताब्दी संस्करण अहमदाबाद में होगा, और शहर ने 2036 के ओलंपिक की मेज़बानी के लिए दावेदारी भी की है।

पाँच दिन बाद पता चलेगा कि इस मैदान से भारत कितने पदक लेकर उठा।

स्रोतगृह मंत्रालय, विज्ञप्ति, वर्ल्ड आर्चरी, प्रतियोगिता वर्गों का विवरण

रोज़ सुबह 7 बजे, बीते दिन का अंक — एक मेल।