एफ़आईयू ने 15 विदेशी क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्मों को धारा 13 के नोटिस दिए, पर 2023 में इसी तरह रोके गए नौ एक्सचेंजों तक भारतीय ट्रैफ़िक बाद में 57 फ़ीसदी बढ़ गया था
वित्तीय खुफिया इकाई ने 9 सितंबर को पंद्रह वर्चुअल डिजिटल एसेट्स सेवा प्रदाताओं को धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत नोटिस दिए और उनके यूआरएल हटाने को कहा। यही औज़ार दिसंबर 2023 में नौ एक्सचेंजों पर और अक्टूबर 2025 में पच्चीस पर चलाया जा चुका है। इस बार सूची में चार ऐसे नाम हैं जिनमें ग्राहक का खाता ही नहीं खुलता।

तालिका की पंद्रहवीं पंक्ति में जो नाम है, वह एक्सचेंज नहीं है।
व्यापारिक नाम गार्डेरियन, इकाई का नाम फिनसेवन सीजेड। कंपनी अपनी वेबसाइट पर ख़ुद को 2017 से फ़िएट और क्रिप्टो को जोड़ने वाली सेवा बताती है, जो 1,000 से ज़्यादा क्रिप्टो और 30 से ज़्यादा सरकारी मुद्राओं के बीच लेन-देन कराती है। वहाँ खाता खोलने की ज़रूरत नहीं पड़ती और कंपनी ग्राहक का पैसा अपने पास नहीं रखती। यह वह दरवाज़ा है जहाँ रुपया क्रिप्टो बनता है।
9 सितंबर को सुबह 11 बजकर 12 मिनट पर वित्त मंत्रालय ने विज्ञप्ति संख्या 2308158 जारी की। वित्तीय खुफिया इकाई के निदेशक ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 की धारा 13 के तहत पंद्रह वर्चुअल डिजिटल एसेट्स सर्विस प्रोवाइडर्स को अनुपालन न करने के नोटिस भेजे हैं, और उन्हें अपने ऐप तथा यूआरएल सार्वजनिक पहुँच से हटाने को कहा है।
यह तीसरी बार है। दिसंबर 2023 में नौ एक्सचेंजों के साथ यही हुआ था, अक्टूबर 2025 में पच्चीस के साथ।
पहली बार के बाद जो हुआ, वह दर्ज है। एस्या सेंटर के दिसंबर 2024 के अध्ययन के मुताबिक़ जनवरी से अक्टूबर 2024 के बीच उन्हीं ब्लॉक किए गए नौ एक्सचेंजों तक भारतीय ट्रैफ़िक 57 फ़ीसदी बढ़ गया।
विज्ञप्ति में जो छपा है
विज्ञप्ति का ढाँचा दो कॉलम की तालिका है: व्यापारिक नाम और इकाई का नाम। तालिका के बाद तीन पैराग्राफ़ हैं। पहला बताता है कि निदेशक ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 79(3)(बी) और सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियम 2025 के नियम 3(1)(डी) के तहत नोडल अधिकारी की हैसियत से ऐप और यूआरएल हटाने के नोटिस दिए। दूसरा मार्च 2023 की उस अधिसूचना का ज़िक्र करता है जिसने क्रिप्टो कारोबार को धन शोधन निवारण अधिनियम के दायरे में लाया। तीसरा चेताता है कि क्रिप्टो उत्पाद और एनएफ़टी अनियमित हैं और नुक़सान पर कोई नियामकीय उपाय उपलब्ध नहीं हो सकता।
पूरी सूची, दोनों कॉलम के साथ
क्रम से: वीक्स (वीक्स इंटरनेशनल एक्सचेंज लिमिटेड), ब्लोफिन (बीएलएफ ग्लोबल लिमिटेड), रेज़ोरेक्स, बिटुनिक्स (बिटुनिक्स एलएलसी), डिजीफाइनक्स (डिजीफाइनक्स लिमिटेड), टूबिट (होपफुल टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड), एक्सटीडॉटकॉम (फिबटीसी लिमिटेड तथा एक्सटी टेक्निकल पीटीई लिमिटेड), लाटोकेन (एल ट्रेड लिमिटेड), वू एक्स (वूटेक लिमिटेड), पायोनेक्स (मार्केटा ट्रेडिंग इंक), चेंजनाउ (सीएचएन ग्रुप एलएलसी), सिंपलस्वैप (सिंपलस्वैप लिमिटेड), फिक्स्डफ्लोट (एफएफजीएक्स ग्रुप एलएलसी), व्हाइटबिट (यूएबी क्लियर व्हाइट टेक्नोलॉजीज) और गार्डेरियन (फिनसेवन सीजेड)। रेज़ोरेक्स इकलौता नाम है जिसके सामने कोई अलग कंपनी दर्ज नहीं; एक्सटीडॉटकॉम इकलौता है जिसके सामने दो हैं।
इनमें चार नाम एक्सचेंज नहीं हैं
द क्रिप्टो टाइम्स ने इसी सूची को सेवा-श्रेणी के हिसाब से छाँटा तो ग्यारह नाम केंद्रीकृत ऑर्डर-बुक एक्सचेंज निकले और चार कुछ और। चेंजनाउ, सिंपलस्वैप और फिक्स्डफ्लोट तत्काल अदला-बदली की सेवाएँ हैं; गार्डेरियन फ़िएट प्रवेश की। फिक्स्डफ्लोट की एक समीक्षा के अनुसार वहाँ क्रिप्टो-से-क्रिप्टो अदला-बदली के लिए पंजीकरण नहीं चाहिए, सिर्फ़ सूचना पाने के लिए ईमेल जोड़ने का विकल्प है, और बदला हुआ सिक्का सीधे उस बटुए के पते पर चला जाता है जो उपयोगकर्ता ने भरा। सेवा 2018 से चल रही है।
धारा 13 निदेशक को क्या ताक़त देती है

धारा 13(1) निदेशक को अपनी मर्ज़ी से या किसी के आवेदन पर जाँच करने का अधिकार देती है। धारा 13(1ए) उसे रिपोर्टिंग इकाई से यह कहने का अधिकार देती है कि वह केंद्र सरकार की बनाई सूची के किसी लेखाकार से अपने रिकॉर्ड का ऑडिट कराए, और 13(1बी) कहती है कि उस ऑडिट का ख़र्च केंद्र सरकार उठाएगी। धारा 13(2) में चार विकल्प हैं: चेतावनी, अनुपालन के निर्देश, समय-समय पर रिपोर्ट माँगना, और जुर्माना। जुर्माने की सीमा दस हज़ार रुपये से कम नहीं और एक लाख रुपये तक, हर एक चूक पर।
जुर्माना करोड़ों तक कैसे पहुँचता है
"हर एक चूक पर" वाला हिस्सा ही गुणा करता है। 31 जनवरी 2025 को निदेशक ने धारा 13(2)(डी) के तहत बायबिट फ़िनटेक लिमिटेड पर 9 करोड़ 27 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। आदेश में गिनाया गया कि बायबिट ने धारा 12(1) के साथ धन शोधन निवारण (अभिलेखों का रखरखाव) नियम 2005 के नियम 2(1)(एच), 7(2), 8(2), 8(4), 3(1)(डी) और 7(3) का उल्लंघन किया। 19 जून 2024 के आदेश में बाइनेंस पर 18 करोड़ 82 लाख रुपये का जुर्माना लगा था, धारा 12(1) के साथ नियम 7(1), 3(1)(डी), 7(3) और 8(2) के उल्लंघन पर।
विज्ञप्ति चार बातों पर चुप है
9 सितंबर की विज्ञप्ति यह नहीं बताती कि पंद्रह में से किसने कौन-सा दायित्व नहीं निभाया। वह जवाब देने की कोई समयसीमा दर्ज नहीं करती। वह किसी रक़म का ज़िक्र नहीं करती, न लगाई गई न प्रस्तावित। और वह यह नहीं बताती कि आज कितने वीडीए एसपी पंजीकृत हैं। बायबिट वाली विज्ञप्ति में इनमें से दो बातें मौजूद थीं: नियम-दर-नियम उल्लंघन गिनाए गए थे और रक़म रुपये-पैसे में लिखी थी। पिछली दोनों नोटिस-विज्ञप्तियों में हर इकाई का पूरा पता भी छपा था। इस बार पते नहीं हैं।
पहली बार: नौ एक्सचेंज और मंत्रालय को चिट्ठी
28 दिसंबर 2023 की शाम 8 बजकर 56 मिनट पर जारी विज्ञप्ति में नौ नाम थे: बाइनेंस, कुकॉइन, हुओबी, क्रैकेन, गेट.आईओ, बिट्रेक्स, बिटस्टैंप, एमईएक्ससी ग्लोबल और बिटफ़ाइनेक्स। हर एक के आगे सेशेल्स, केमैन आइलैंड्स, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, लक्ज़मबर्ग और सिंगापुर के पते दर्ज थे। उस विज्ञप्ति की आख़िरी पंक्ति एक आँकड़ा देती है: उस तारीख़ तक 31 वीडीए एसपी पंजीकृत थे। यूआरएल रोकने के लिए निदेशक ने ख़ुद कार्रवाई नहीं की थी, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखा था।
बाइनेंस के बाद क्या हुआ
बाइनेंस पर जुर्माना लगा और वह लौट आई, पर लौटने की तारीख़ पर रिपोर्टें एक जगह नहीं मिलतीं। आउटलुक बिज़नेस की 11 मई 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक़ एफ़आईयू निदेशक ने तब बाइनेंस और कुकॉइन के आवेदन स्वीकार होने की पुष्टि की थी, और बाइनेंस की देनदारी का हिसाब लगाया जाना बाक़ी था। फ़ाइनेंस मैग्नेट्स ने 15 अगस्त 2024 को पंजीकरण की घोषणा छापी और उसे बाइनेंस की उन्नीसवीं वैश्विक मंज़ूरी कहा। बीच में 19 जून 2024 का जुर्माना आदेश पड़ता है। कोई स्रोत यह नहीं बताता कि पंजीकरण ठीक किस दिन पूरा हुआ।
कुकॉइन का जुर्माना: दो अलग आँकड़े
कुकॉइन पहली विदेशी इकाई थी जिसने जुर्माना भरकर रास्ता खुलवाया, पर रक़म दो जगह दो तरह लिखी है। आउटलुक बिज़नेस की 11 मई 2024 की रिपोर्ट में एफ़आईयू निदेशक के हवाले से 35 लाख 50 हज़ार रुपये दर्ज है, जिसके भुगतान के बाद कुकॉइन की वेबसाइटें खुलीं। एफ़आईयू-आईएनडी की 2024-25 वार्षिक रिपोर्ट के विश्लेषण में वही रक़म 34 लाख 50 हज़ार रुपये बताई गई है, और उसे उस साल की सबसे छोटी दंड-राशि कहा गया है। एक लाख रुपये का यह फ़र्क़ किसी स्रोत में समझाया नहीं गया।
दूसरी बार: पच्चीस नाम और हुइओने
1 अक्टूबर 2025 की शाम की विज्ञप्ति में पच्चीस विदेशी वीडीए एसपी थे। सूची हुइओने से शुरू होती है, जिसके आगे नोम पेन्ह, कंबोडिया का पता और हाओवांग गारंटी, हुइओने पे पीएलसी तथा हुइओने क्रिप्टो नाम दर्ज हैं। उसके बाद बीसी.गेम (क्यूरासाओ), पैक्सफ़ुल (डेलावेयर), चेंजली (हांगकांग), सीईएक्स.आईओ, एलबैंक, यूहोडलर, बिंगएक्स, प्राइमएक्सबीटी, बीटीसीसी, कॉइनेक्स, रेमिटानो, पोलोनिएक्स, बिटमेक्स, बिट्रू, एलसीएक्स, प्रोबिट ग्लोबल, बीटीएसई, हिट बीटीसी, लोकलकॉइनस्वैप, असेंडईएक्स, फ़ेमेक्स, ज़ूमेक्स, कॉइनकोला और कॉइनडब्ल्यू। उस विज्ञप्ति में भी हर नाम के साथ पूरा पता छपा था।
चिट्ठी से नोडल अधिकारी तक
तीन विज्ञप्तियों में यूआरएल रोकने का रास्ता तीन बार बदला है। दिसंबर 2023 में निदेशक ने मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखा। अक्टूबर 2025 में निदेशक ने ख़ुद सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के अधिकारों का इस्तेमाल करके सीधे संस्थाओं को नोटिस भेजे। सितंबर 2026 में वही निदेशक धारा 79(3)(बी) के साथ नियम 3(1)(डी) का हवाला देते हैं और ख़ुद को नोडल अधिकारी बताते हैं। अनुरोध करने वाले से बदलकर वे उस व्यवस्था के भीतर एक नामित पद बन गए हैं जो हटाने का आदेश देती है।
नियम 3(1)(डी) में पिछले साल क्या जुड़ा
23 अक्टूबर 2025 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियम 2025 अधिसूचित किए, जो 15 नवंबर 2025 से लागू हुए। इनमें तय हुआ कि सामग्री हटाने की सूचना संयुक्त सचिव या समकक्ष रैंक से नीचे का अधिकारी नहीं भेज सकता, और जहाँ ऐसी रैंक न हो वहाँ निदेशक स्तर का। पुलिस के मामले में विशेष रूप से अधिकृत उप महानिरीक्षक से नीचे कोई नहीं। सूचना में क़ानूनी आधार, अवैध कृत्य की प्रकृति और हटाया जाने वाला ख़ास यूआरएल लिखना होगा। हर महीने सचिव स्तर का अधिकारी इन सूचनाओं की समीक्षा करेगा।
पंजीकृत कितने हैं, इस पर चार आँकड़े
दिसंबर 2023 की विज्ञप्ति कहती है 31। अक्टूबर 2025 की विज्ञप्ति कहती है 50। एफ़आईयू-आईएनडी की 2024-25 वार्षिक रिपोर्ट के विश्लेषण के मुताबिक़ मार्च 2025 तक 49 वीडीए एसपी पंजीकृत थे, जिनमें 45 देशी और 4 विदेशी। क्रिप्टोवायर की सूची जुलाई 2026 के एक संसदीय उत्तर और एफ़आईयू की अपनी पंजिका के हवाले से 54 बताती है। मार्च 2025 का 49 और अक्टूबर 2025 का 50 क़रीब हैं, पर दोनों में कटऑफ़ तारीख़ नहीं लिखी। इस बार की विज्ञप्ति कोई संख्या नहीं देती।
पैसा किधर जा रहा है
नवंबर 2025 की टीआईओएल-टीकेएफ़ रिपोर्ट का आँकड़ा है कि अक्टूबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच भारतीय उपयोगकर्ताओं ने विदेशी क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्मों पर 4 लाख 87 हज़ार 799 करोड़ रुपये का कारोबार किया। पिछले बारह महीनों में यह आँकड़ा 2 लाख 63 हज़ार 406 करोड़ रुपये था, यानी एक साल में 85 फ़ीसदी की बढ़त। उसी रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 तक भारतीयों का 91.5 फ़ीसदी क्रिप्टो कारोबार विदेशी प्लेटफ़ॉर्मों पर हो रहा था और 8.5 फ़ीसदी पंजीकृत घरेलू एक्सचेंजों पर।
ब्लॉक करने के बाद ट्रैफ़िक चढ़ा

एस्या सेंटर के दिसंबर 2024 के विशेष अंक 214 में जनवरी से अक्टूबर 2024 का जो हिसाब है, वह सीधे इसी सवाल का जवाब देता है। दिसंबर 2023 में जिन नौ एक्सचेंजों के यूआरएल रोके गए थे, उन तक भारत से आने वाला वेब ट्रैफ़िक इस दौरान 57 फ़ीसदी बढ़ा, वीपीएन और मिरर साइटों के ज़रिए। विदेशी प्लेटफ़ॉर्मों पर भारतीय गतिविधि कुल मिलाकर 77 फ़ीसदी बढ़ी। घरेलू प्लेटफ़ॉर्मों के ट्रैफ़िक पर उसी अवधि के दो अलग विवरण मिलते हैं, एक में 34 फ़ीसदी की गिरावट और दूसरे में 21 फ़ीसदी की बढ़त, और दोनों उसी अध्ययन के नाम पर दर्ज हैं।
एक फ़ीसदी टीडीएस का हिसाब

1 जुलाई 2022 से क्रिप्टो लेन-देन पर एक फ़ीसदी टीडीएस लागू है। दिसंबर 2025 में राज्यसभा को दी गई वित्त मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक़ वसूली इस तरह रही: 2022-23 में 221.27 करोड़ रुपये, 2023-24 में 362.7 करोड़ रुपये और 2024-25 में 511.83 करोड़ रुपये। तीन साल का जोड़ 1,095.8 करोड़ रुपये बैठता है। विदेशी प्लेटफ़ॉर्मों पर हुए कारोबार से जो टीडीएस नहीं वसूला जा सका, टीआईओएल-टीकेएफ़ रिपोर्ट उसे 2024-25 के अकेले साल में 4,877 करोड़ रुपये और जुलाई 2022 से अक्टूबर 2025 तक कुल लगभग 11,000 करोड़ रुपये आँकती है।
जिस सेवा में खाता ही नहीं, उसे कैसे रोकें
बाइनेंस जैसे एक्सचेंज पर ग्राहक का खाता होता है और उसमें जमा रक़म, और वही नियामक को पकड़ने की जगह देती है। तत्काल अदला-बदली की सेवा में ऐसा कुछ नहीं होता। उपयोगकर्ता एक बटुए का पता भरता है, सिक्के भेजता है, दूसरे सिक्के दूसरे बटुए में पहुँच जाते हैं, और लेन-देन ख़त्म। न कोई खाता खुलता है, न कोई ऐसी रक़म बचती है जिसे रोका जा सके। ऐसी सेवा पर नियामक के पास जो एक औज़ार बचता है, वह वेबसाइट का पता रोकना है, और वही औज़ार पिछली बार ट्रैफ़िक नहीं रोक पाया।
फिनसेवन सीजेड कनाडा में पंजीकृत है
गार्डेरियन अपनी वेबसाइट पर दो इकाइयाँ दर्ज करती है। पहली फिनसेवन सीजेड एस.आर.ओ. है, प्राग में, चेक गणराज्य की पंजिका संख्या 22304681 के साथ। यही नाम भारतीय विज्ञप्ति की पंद्रहवीं पंक्ति में है। दूसरी जीआरएनटेक सॉल्यूशन इंक है, ओंटारियो, कनाडा में, जो कनाडा की वित्तीय खुफिया इकाई फ़िनट्रैक में मनी सर्विसेज़ बिज़नेस के तौर पर पंजीकरण संख्या सी10001703 पर दर्ज है। जिस समूह को भारत की वित्तीय खुफिया इकाई ग़ैर-अनुपालक बताकर नोटिस भेज रही है, उसी समूह की एक इकाई कनाडा की वित्तीय खुफिया इकाई के रजिस्टर में है।
हिंदी विज्ञप्ति की एक चूक
पीआईबी की हिंदी विज्ञप्ति का एक वाक्य पढ़ने लायक़ है: "देश में कार्यरत वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (डीईए) विशेषज्ञ (चाहे ऑफशोर हों या ऑनशोर)…"। अंग्रेज़ी में यहाँ वीडीए एसपी यानी सेवा प्रदाता लिखा है। हिंदी अनुवाद में एसपी को "विशेषज्ञ" बना दिया गया और कोष्ठक में वीडीए की जगह डीईए छप गया। जिस दस्तावेज़ का पूरा क़ानूनी वज़न इस पर टिका है कि सेवा प्रदाता कौन है और उसे पंजीकृत होना है, उसी के हिंदी पाठ में पद का नाम बदल गया। विज्ञप्ति उर्दू, मराठी, बांग्ला, गुजराती, तमिल और तेलुगु में भी जारी हुई।
जनवरी 2026 में शिकंजा और कसा
8 जनवरी 2026 को एफ़आईयू-आईएनडी ने वीडीए सेवा प्रदाताओं के लिए नए एएमएल और सीएफ़टी दिशानिर्देश जारी किए। इनमें ट्रैवल रूल है: हस्तांतरण से पहले या उसी समय भेजने और पाने वाले की जानकारी साझा करनी होगी, जिसमें पैन, पहचान दस्तावेज़ की संख्या, पूरा नाम, बटुए का पता और भौतिक पता शामिल है, और बाद में जमा करना स्वीकार नहीं। पूर्णकालिक प्रधान अधिकारी रखना होगा, जो राजस्व से जुड़े कामकाज से स्वतंत्र हो और बोर्ड को तिमाही रिपोर्ट दे। आरई-आईडी तभी मिलेगी जब एफ़आईयू के साथ आमने-सामने की बैठक में एएमएल प्रणाली चलाकर दिखाई जाए।
दस्तख़त किसके, यह विज्ञप्ति नहीं बताती
बायबिट वाले आदेश में निदेशक का नाम छपा था: विवेक अग्रवाल। वे अप्रैल 2025 में संस्कृति मंत्रालय के सचिव बने और 19 जून 2026 को वित्तीय कार्रवाई कार्य बल के उपाध्यक्ष चुने गए। एफ़आईयू-आईएनडी के निदेशक पद पर 27 जुलाई 2026 को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 2005 बैच के भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी सत्य पाल कुमार को पाँच साल के लिए नियुक्त किया। उसी रिपोर्ट में लिखा है कि वे पंकज कुमार मिश्रा की जगह आए, जो मई 2016 से इस पद पर थे, जो जनवरी 2025 की विज्ञप्ति से मेल नहीं खाता। 9 सितंबर की विज्ञप्ति किसी का नाम नहीं लेती।
एएनआई की कॉपी में एक नाम बदल गया
समाचार एजेंसी एएनआई ने 9 सितंबर को जो सूची भेजी, उसमें चौदह नाम विज्ञप्ति से मिलते हैं और पंद्रहवाँ नहीं। एजेंसी ने गार्डेरियन की जगह "गार्डियन" लिखा। यह अंतर मामूली दिखता है, पर हटाने का नोटिस किसी नाम पर नहीं, एक इकाई पर तामील होता है, और इकाई का नाम फिनसेवन सीजेड है। कई वेबसाइटों ने एजेंसी की कॉपी ज्यों की त्यों छापी, इसलिए 9 सितंबर की ऑनलाइन ख़बरों में दोनों वर्तनियाँ मौजूद हैं। पीआईबी की विज्ञप्ति में गार्डेरियन ही लिखा है।
पिछली सूची वालों का अब क्या हुआ
2024-25 में एफ़आईयू-आईएनडी ने कुल लगभग 28 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए, जिनमें बाइनेंस से जुड़ी इकाई पर 18.82 करोड़ और बायबिट पर 9.27 करोड़ रुपये शामिल हैं। वार्षिक रिपोर्ट के विश्लेषण के मुताबिक़ कम से कम एक वीडीए एसपी को "सद्भावनापूर्ण सहयोग" के आधार पर सिर्फ़ चेतावनी दी गई और कोई आर्थिक दंड नहीं लगा। उसी रिपोर्ट में यह भी है कि कर अधिकारियों ने क्रिप्टो से जुड़ी लगभग 888.82 करोड़ रुपये की अघोषित आय पकड़ी। मार्च 2025 तक पंजीकृत 49 में से सिर्फ़ 4 विदेशी प्लेटफ़ॉर्म थे।
2027 में आँकड़े अपने आप आएँगे
नवंबर 2025 के ओईसीडी अपडेट के अनुसार भारत ने क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग फ़्रेमवर्क अपनाने की मंशा जताई है और आँकड़ों का आदान-प्रदान 2027 में शुरू होने की उम्मीद है; वार्षिक रिपोर्ट के विश्लेषण में लागू करने की समयसीमा अप्रैल 2027 दर्ज है। इस ढाँचे के तहत भारतीय उपयोगकर्ताओं की विदेशी क्रिप्टो होल्डिंग की जानकारी भारतीय कर अधिकारियों तक अपने आप पहुँचने लगेगी। मार्च 2026 में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने नियम 114एफ़, 114जी और 114एच में संशोधन करके क्रिप्टो संपत्तियों को एफ़एटीसीए और सीआरएस की सूचना-विनिमय व्यवस्था में ला दिया।
बजट 2026 ने रोज़ का जुर्माना जोड़ा
1 अप्रैल 2026 से लागू प्रावधानों में वीडीए लेन-देन का विवरण देर से जमा करने पर हर दिन 200 रुपये का जुर्माना है, और ग़लत विवरण देने पर 50,000 रुपये की एकमुश्त रक़म। 30 फ़ीसदी कर की दर और एक फ़ीसदी टीडीएस, दोनों में कोई कटौती नहीं हुई। एस्या सेंटर के उसी अध्ययन में दर्ज है कि भारत में टीडीएस पूरे लेन-देन मूल्य पर लगता है, शेयरों पर यही दर 0.001 फ़ीसदी है, और क्रिप्टो में हुए नुक़सान को किसी दूसरे मुनाफ़े से घटाने की इजाज़त नहीं है।
स्रोतपत्र सूचना कार्यालय, वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति, 9 सितंबर 2026, पंद्रह वीडीए एसपी को धारा 13 के नोटिस, पत्र सूचना कार्यालय, वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति, 1 अक्टूबर 2025, पच्चीस विदेशी वीडीए एसपी को नोटिस, पत्र सूचना कार्यालय, वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति, 28 दिसंबर 2023, नौ विदेशी एक्सचेंजों को कारण बताओ नोटिस, पत्र सूचना कार्यालय, वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति, 31 जनवरी 2025, बायबिट पर 9 करोड़ 27 लाख रुपये का जुर्माना, पत्र सूचना कार्यालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की विज्ञप्ति, 23 अक्टूबर 2025, नियम 3(1)(डी) में संशोधन, इंडियन कानून, धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 की धारा 13 का पाठ, कॉइनएक्स का आँकड़ा पन्ना, विदेशी प्लेटफ़ॉर्मों पर भारतीय कारोबार के आँकड़े, एस्या सेंटर और टीआईओएल-टीकेएफ़ रिपोर्टों के हवाले से, द क्रिप्टो टाइम्स, 9 सितंबर 2026, पंद्रह प्लेटफ़ॉर्मों की सेवा-श्रेणी सहित सूची, लेटेस्टली पर प्रकाशित एएनआई की कॉपी, 9 सितंबर 2026, सिरिल अमरचंद मंगलदास का ब्लॉग, जनवरी 2026, एफ़आईयू-आईएनडी की 2024-25 वार्षिक रिपोर्ट का विश्लेषण, क्रिप्टोवायर, 2026, एफ़आईयू में पंजीकृत एक्सचेंजों की सूची और संख्या, ज़िग्राम, 8 जनवरी 2026 के एफ़आईयू-आईएनडी एएमएल/सीएफ़टी दिशानिर्देशों का विश्लेषण, गार्डेरियन की अपनी वेबसाइट, कंपनी परिचय और पंजीकृत इकाइयों का विवरण, स्वैपज़ोन की फिक्स्डफ्लोट समीक्षा, सेवा के स्वरूप और केवाईसी शर्तों पर, ईटीवी भारत, 20 जून 2024, बाइनेंस पर 18.82 करोड़ रुपये के जुर्माने की रिपोर्ट, आउटलुक बिज़नेस, 11 मई 2024, बाइनेंस और कुकॉइन के पंजीकरण पर रिपोर्ट, फ़ाइनेंस मैग्नेट्स, 15 अगस्त 2024, बाइनेंस के एफ़आईयू पंजीकरण की घोषणा, इंडिया टीवी, 19 जून 2026, विवेक अग्रवाल के एफ़एटीएफ़ उपाध्यक्ष बनने की ख़बर, स्कोरक्लेवर करेंट अफ़ेयर्स, 27 जुलाई 2026, एफ़आईयू-आईएनडी के नए निदेशक की नियुक्ति