विषय
टैक्स
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काम की बात
सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क शून्य हुआ, सोयाबीन-पाम पर पांच फ़ीसदी
24 सितंबर से कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क शून्य और सोयाबीन-पाम पर पांच फ़ीसदी है, पर पीआईबी की घोषणा और सीबीआईसी की असली अधिसूचना एक चीज़ नहीं। कृषि उपकर और सामाजिक कल्याण अधिभार जोड़ने पर कुल शुल्क साढ़े सोलह फ़ीसदी से घटकर साढ़े पांच या ग्यारह फ़ीसदी बैठता है, और एक लीटर पर इसका मतलब है आयातक के लिए साढ़े छह से साढ़े तेरह रुपये तक की गिरावट। पर गोदाम में पड़ा तेल पुराने शुल्क पर ही आयात हुआ है, और यह छूट टिन तक कब पहुंचेगी, इसकी कोई तारीख़ किसी ने नहीं बताई।
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समझिए
बजट के हर सौ रुपये में ब्याज का हिस्सा बीस है या छब्बीस, दोनों आंकड़े एक ही दस्तावेज़ में छपे हैं
बजट के सार 2026-2027 के पहले पन्ने की तालिका से ब्याज भुगतान 2026-27 के बजट अनुमान में कुल ख़र्च का 26.3 फ़ीसदी बैठता है। उसी दस्तावेज़ के तीसरे पन्ने के चार्ट में यही रक़म 20 लिखी है। फ़र्क़ राज्यों का हिस्सा जोड़ने-घटाने का है, और दस्तावेज़ ख़ुद यह अपनी टिप्पणी में बताता है।
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पैसा
शुद्ध प्रत्यक्ष कर वसूली 12.96 फ़ीसदी बढ़ी, रिफ़ंड की पूरी बढ़त का 84 फ़ीसदी ग़ैर-कॉरपोरेट करदाताओं को गया
आयकर विभाग की एक पन्ने की शीट में 17 सितंबर तक के आँकड़े हैं। सकल वसूली 15.19 फ़ीसदी बढ़ी, रिफ़ंड 29.19 फ़ीसदी, और शुद्ध वसूली 12.96 फ़ीसदी। रिफ़ंड की उस बढ़त को खोलिए तो कॉरपोरेट हिस्सा 6.24 फ़ीसदी बढ़ा है और ग़ैर-कॉरपोरेट 104.29 फ़ीसदी, यानी दोगुने से ज़्यादा। शीट पर न कोई विज्ञप्ति संख्या है, न हस्ताक्षर, न एक भी वाक्य की टिप्पणी।
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दुनिया
भारत-यूरोपीय संघ समझौते का इस्पात कोटा 16,41,470 टन का है, यूरोपीय आयोग 1 जुलाई से भारत को 19,43,527 टन दे रहा है, और कार्बन शुल्क दोनों पर बराबर चलेगा
शुक्रवार, 11 सितंबर को ब्रसेल्स में समझौते का इस्पात अनुलग्नक सार्वजनिक हुआ। उसमें भारत के लिए सोलह उत्पाद समूहों में देश-विशिष्ट कोटा है, जिसमें 6,94,853 टन समझौते वाला हिस्सा है। उसी यूरोपीय संघ का एक क्रियान्वयन विनियम 1 जुलाई से लागू है और उन्हीं सोलह समूहों में भारत को इससे 3,02,057 टन ज़्यादा दे रहा है। वह विनियम 31 दिसंबर को ख़त्म हो जाएगा, और दोनों दस्तावेज़ों में से कौन-सा आँकड़ा 1 जनवरी 2027 से चलेगा, यह किसी पाठ में लिखा नहीं है।
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पैसा
उपकर के 9,222 करोड़ रुपये तय कोषों में नहीं गए, और तेल उपकर के 2,94,150 करोड़ रुपये संचित निधि में पड़े हैं
कैग की रिपोर्ट संख्या 6 (2026) के पैरा 3.3.1 में चार आरक्षित कोषों का हिसाब है: वित्त वर्ष 2024-25 में उनके नाम पर 82,321 करोड़ रुपये वसूले गए और 73,099 करोड़ रुपये ही उन तक पहुँचे। लोक लेखा समिति ने 8 सितंबर को इसी पैरा पर वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग और स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधियों को सुना। उसी रिपोर्ट के दूसरे हिस्सों में इसी वित्त वर्ष के कुछ और आँकड़े हैं, जिन्हें पैरा 3.3.1 अपने साथ नहीं जोड़ता।
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पैसा
कच्चा तेल सौ डॉलर के पार गया, पर पंप का दाम 107 दिन से नहीं हिला और घाटा तेल कंपनियों की किताब में दर्ज हो रहा है
दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये 12 पैसे और डीज़ल 95 रुपये 20 पैसे पर 25 मई से टिका है। रेटिंग एजेंसी आईसीआरए के हिसाब से सितंबर के औसत दाम पर पेट्रोल की बिक्री पर 5 रुपये और डीज़ल पर 23 रुपये प्रति लीटर का ऋणात्मक विपणन मार्जिन बैठ रहा है। पिछले सत्रह महीनों में केंद्र ने उत्पाद शुल्क एक बार बढ़ाया, एक बार घटाया, और दोनों बार पंप का बोर्ड नहीं बदला।
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देश
एफ़आईयू ने 15 विदेशी क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्मों को धारा 13 के नोटिस दिए, पर 2023 में इसी तरह रोके गए नौ एक्सचेंजों तक भारतीय ट्रैफ़िक बाद में 57 फ़ीसदी बढ़ गया था
वित्तीय खुफिया इकाई ने 9 सितंबर को पंद्रह वर्चुअल डिजिटल एसेट्स सेवा प्रदाताओं को धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत नोटिस दिए और उनके यूआरएल हटाने को कहा। यही औज़ार दिसंबर 2023 में नौ एक्सचेंजों पर और अक्टूबर 2025 में पच्चीस पर चलाया जा चुका है। इस बार सूची में चार ऐसे नाम हैं जिनमें ग्राहक का खाता ही नहीं खुलता।
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पैसा
नोटबुक पर जीएसटी शून्य हुआ, आयात शुल्क पहले से शून्य था, और कॉपी बनाने वाले बीच में आ गए
अखिल भारतीय नोटबुक निर्माता संघ ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को लिखा है कि 1,500 इकाइयाँ और 1.25 लाख रोज़गार ख़तरे में हैं। संघ की चार माँगें हैं: आयात पर न्यूनतम मूल्य, इंडोनेशिया से आने वाली कॉपियों पर डंपिंग-रोधी जाँच, निर्यात रिफ़ंड की आसान प्रक्रिया, और काग़ज़ मिलों की क़ीमतों की जाँच। संघ का एक बड़ा दावा अधिसूचना के पाठ से पूरी तरह नहीं मिलता।
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समझिए मंत्रालय ने बताया कि वही तिमाही चार बार अलग-अलग छपी है, और हमारा एक हिसाब ग़लत निकला सांख्यिकी मंत्रालय ने जीडीपी अनुमानों पर अतिरिक्त जानकारी जारी की है। उसमें अप्रैल-जून 2025 की नॉमिनल जीडीपी के चारों आँकड़े एक जगह हैं। उसी जवाब से हमारे 1 सितंबर वाले लेख की एक गणना ग़लत साबित होती है।
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पैसा चीनी की स्टॉक सीमा छह हफ़्ते में आधी करनी पड़ी, और गिरावट का कोई अंक नहीं दिया गया 1 अगस्त को व्यापारियों पर 4,000 क्विंटल की सीमा लगी थी। 15 सितंबर से वह 2,000 रह जाएगी। उसी विज्ञप्ति में मिल भाव में बीस फ़ीसदी गिरावट का दावा है, बिना यह बताए कि भाव पहले क्या था।
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समझिए इस बार वृद्धि 7.8 फ़ीसदी है, और पिछले साल इसी तिमाही के लिए भी यही आँकड़ा छपा था सांख्यिकी मंत्रालय की आज की विज्ञप्ति में लिखा है कि पिछले साल की पहली तिमाही 6.9 फ़ीसदी बढ़ी थी। नवंबर 2025 की विज्ञप्ति में उसी तिमाही के लिए 7.8 दर्ज है। बीच में आधार वर्ष बदल गया।
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पैसा कर वसूली सवा ग्यारह फ़ीसदी बढ़ी, राज्यों के खाते में तेरह फ़ीसदी कम पहुँचा वित्त मंत्रालय की अपनी विज्ञप्ति कहती है कि अप्रैल से जुलाई तक राज्यों को पिछले साल से 56,190 करोड़ रुपये कम मिले। महालेखा नियंत्रक के उन्हीं महीनों के खाते बताते हैं कि कुल वसूली इस बीच बढ़ी है।