विषय
एथलेटिक्स
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भारत ने कबड्डी के दोनों फ़ाइनल में ईरान को हराया, पुरुष टीम का यह लगातार दूसरा और नौवां एशियाई खेल सोना है
शनिवार, 26 सितंबर को आइची के तोकई सिटिज़न जिमनेज़ियम में भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर सोना जीता; कुछ घंटे पहले महिला टीम फ़ाइनल में उसी ईरान को 37-34 से हराकर अपना ख़िताब बचा चुकी थी। उसी दिन तजिंदरपाल सिंह तूर गोला फेंक में 17 सेंटीमीटर से पीछे रहकर रजत पर रुके, और स्क्वॉश में अनाहत सिंह तथा अभय सिंह दोनों फ़ाइनल में पहुँचे, पर एक फ़ाइनल भारत के लिए पहला है, दूसरा दोहराया गया इतिहास।
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मैदान
भारत के सबसे कामयाब खेल एथलेटिक्स में भी एक पदक को सोलह बरस लगे
गुरुवार, 24 सितंबर को जापान के आइची प्रान्त में भारत को एक ही दिन पाँच पदक मिले, इनमें दो एथलेटिक्स के हैं और यह इन खेलों में भारत के पहले हैं। सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य जीता, सोलह बरस में इस स्पर्धा का पहला भारतीय पदक। मिश्रित 4x400 मीटर रिले में भारत को चांदी मिली, पर नतीजा कुछ देर यूएई के विरोध के चलते अनौपचारिक रहा। बैडमिंटन, निशानेबाज़ी और वुशु में तीन और पदक आए, और रोइंग में सतनाम सिंह तथा सलमान ख़ान ने भारत को पुरुष युगल स्कल का पहला पदक दिलाया।
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भारतीय ओलंपिक संघ के अपने टेंडर में समारोह की पोशाक 5 से 10 सितंबर के बीच पहुँचानी थी, 19 सितंबर की दोपहर तजिंदरपाल सिंह तूर की पोशाक भारत में पड़ी थी
आइची-नागोया में बीसवें एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले भारत का पुरुष ध्वजवाहक बदल गया। संघ की पूरी सफ़ाई दो वाक्यों की है और कारण के नाम पर उसमें दो शब्द हैं, technical issues।
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एशियाई खेलों के दल में 503 खिलाड़ी और 150 कोच हैं, खेल मनोवैज्ञानिक तीन
दो सितंबर को खेल मंत्रालय ने आइची-नागोया के लिए 768 लोगों को मंज़ूरी दी। आठ दिन बाद दिल्ली में इक्कीस साल के एक खिलाड़ी ने दस साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। वह यूट्यूब देखकर अकेले अभ्यास करता है, और उस सूची में नहीं है।
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भारत आइची-नागोया 503 खिलाड़ी भेज रहा है, और 1951 के पहले एशियाई खेलों में कुल ग्यारह देशों के 489 खिलाड़ी आए थे
उन खेलों की मेज़बानी भारत ने की थी। जिस आदमी का विचार वे खेल थे, उसने आयोजन समिति से छह महीने पहले इस्तीफ़ा दे दिया था, क्योंकि न पैसा था न ढाँचा।
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मैदान साहसिक पुरस्कार चार श्रेणियों में हैं, और विजेताओं की सूची में तीन ही हैं खेल मंत्रालय ने तेनज़िंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 की घोषणा की है। विज्ञप्ति भू, जल, वायु और आजीवन उपलब्धि गिनाती है। तालिका में वायु का कोई नाम नहीं है।