भारत पन्ना
लफ़्ज़ों का सफ़र

सिर और सर एक ही शब्द के दो रास्ते हैं, और हिंदी दोनों को साथ रखती है

सरकार, सरदार, सरहद, सरपंच। चारों के आगे वही फ़ारसी सर बैठा है जिसका मतलब सिर होता है। और हिंदी का अपना सिर उसी जड़ से आया है, बस दूसरे रास्ते से।

सिर और सर एक ही शब्द के दो रास्ते हैं, और हिंदी दोनों को साथ रखती है

हिंदी शब्दसागर के 4991वें पन्ने पर सर नाम की सात अलग-अलग प्रविष्टियाँ हैं।

चौथी वाली फ़ारसी की है। उसका पहला अर्थ एक ही शब्द में दिया गया है: सिर।

और उसके नीचे शब्दसागर उन शब्दों की सूची रखता है जो इस सर से बने हैं। उस सूची में सरअंजाम है, सरपरस्त है, और फिर तीन नाम जो हर दिन कानों में पड़ते हैं। सरपंच। सरदार। सरहद।

चौथा, सरकार, उसी पन्ने पर अलग से है।

पहले जड़

प्लैट्स अपने शब्दकोश में सर के आगे कोष्ठक में उसका वंश लिख देता है: पहलवी सर, ज़ेंद *śara*, संस्कृत सिरस्।

ज़ेंद का मतलब अवेस्ता की भाषा है, यानी प्राचीन ईरान की। स्टाइनगास भी वही देता है।

तो फ़ारसी का सर और संस्कृत का शिरस् दो अलग शब्द नहीं हैं। वे एक ही पुरानी जड़ के दो वंशज हैं, जो दो अलग शाखाओं से उतरे।

एक छोटी सी बात यहीं दर्ज कर देनी चाहिए। प्लैट्स ने संस्कृत रूप सिरस् छापा है, स से। बाक़ी सब शब्दकोश शिरस् देते हैं, श से। यह छपाई की चूक लगती है, और इसे बिना बताए दोहराना ठीक नहीं होगा।

अब वह बात जो कोई नहीं कहता

टर्नर के तुलनात्मक शब्दकोश की प्रविष्टि संख्या 12452 शिरस् से शुरू होती है और उसकी संतानें गिनाती है। पालि में सिर, प्राकृत में सिर, और हिंदी में सिर।

यानी जिस सिर में आपको दर्द होता है, वह इसी जड़ से सीधे भारत में उतरा है। किसी से उधार नहीं लिया गया।

और सर, जो सरकार के आगे बैठा है, उसी जड़ से ईरान होकर, सदियों बाद, वापस इसी भाषा में आया।

एक ही मूल के दो वंशज, दो अलग रास्तों से, एक ही भाषा में आकर मिल गए। हिंदी दोनों को रखती है और उन्हें अलग-अलग शब्द समझती है।

सिर और सरएक ही जड़, दो रास्ते, और दोनों आज हिंदी में हैं

सरकार

प्लैट्स सरकार को इस तरह खोलता है: *sar-ě-kār*, यानी सर और कार के बीच एक जोड़ने वाली मात्रा। कार का मतलब काम।

पर अर्थों की सूची पढ़िए तो साफ़ हो जाता है कि यह शब्द किसी एक जगह टिका नहीं रहा। प्रधान, मालिक, अधीक्षक, निगरानी करने वाला, एजेंट, ज़मींदार। बंगाल में बिल वसूलने वाला। किसी को सम्मान से पुकारने का संबोधन। फिर राजा का दरबार। फिर शासन। और फिर एक प्रशासनिक इकाई, सूबे का वह हिस्सा जिसमें कई परगने आते हैं।

शब्दसागर की सूची भी ऐसी ही चलती है, प्रधान और अधिपति से शुरू होकर गवर्नमेंट तक।

और प्लैट्स के इसी प्रविष्टि के आख़िर में एक यौगिक दर्ज है जो अब इतिहास का पुर्ज़ा है:

*sarkār-kampanī* — ईस्ट इंडिया कंपनी, ब्रिटिश-भारतीय सरकार।

कंपनी सरकार का एक अर्थ है, शब्दकोश के भीतर, आज भी वहीं छपा हुआ।

सरदार

यह सबसे सीधा है। प्लैट्स इसे *sar+dār* में तोड़ता है।

फ़ारसी में *-दार* का काम पकड़ना या रखना है, जैसे थानेदार या ज़मींदार में।

स्टाइनगास एक और अर्थ देता है जो इस बात को खोल देता है: "जिसके पास सिर हो", और उसके सामने वह *bī-sar* रखता है, यानी बिना सिर वाला।

शब्दसागर की सूची में सरदार सेनापति भी है, शासक भी, अमीर भी, और आख़िरी अर्थ में सिखों की उपाधि भी।

सरहद, जहाँ सीवन दिखती है

इस शब्द में दो भाषाएँ जुड़ी हुई हैं और तीनों बड़े शब्दकोश उसी जोड़ पर उँगली रखते हैं।

प्लैट्स लिखता है: फ़ारसी *sar* + अरबी *ḥadd*।

स्टाइनगास इस प्रविष्टि के आगे अपना अरबी वाला निशान लगाता है।

और शब्दसागर, जो हिंदी का शब्दकोश है, कोष्ठक में यही छापता है: फ़ा॰ सर + अ॰ हद।

तीन अलग परंपराओं के तीन शब्दकोश, तीनों एक ही सीवन दिखाते हुए।

अरबी *ḥadd* का मतलब है सीमा या हद, और वह उसी क्रिया से बना है जिसका अर्थ रोकना है। तो सरहद का शाब्दिक अर्थ हुआ, हद का सिरा।

एक बारीक़ बात। अरबी में दाल दोहरी है, *ḥadd*। हिंदी में आते-आते वह दोहरापन गिर गया और सरहद बचा। शब्दसागर सरहद्द को अलग से रखता है और उसके आगे लिखता है, देखिए सरहद।

अटारी में भारत और पाकिस्तान की सरहद
तस्वीर: नलबारियन, विकिमीडिया कॉमन्स CC BY-SA 4.0

और सरपंच, जो फ़ारसी में है ही नहीं

चारों में सबसे भारतीय दिखने वाला यही है, और यही सबसे दिलचस्प निकलता है।

शब्दसागर इसकी व्युत्पत्ति में साफ़ लिखता है: फ़ा॰ सर + हिं॰ पंच।

हिं॰, यानी हिंदी। शब्दकोश ख़ुद कह रहा है कि यह मिला-जुला शब्द है, पूरा फ़ारसी नहीं।

प्लैट्स में सरपंच है, पर अपनी अलग प्रविष्टि के रूप में नहीं। वह सर वाली प्रविष्टि के भीतर एक यौगिक की तरह पड़ा है। फ़ैलन के 1879 वाले शब्दकोश में भी वह दो जगह मिलता है, और मैकग्रेगर के ऑक्सफ़ोर्ड हिंदी-इंग्लिश में सर के नीचे।

अब उसका अर्थ देखिए। प्लैट्स लिखता है, मुख्य पंच या मध्यस्थ, पंचों के समूह का अध्यक्ष, जूरी का अगुआ। फ़ैलन भी यही कहता है, प्रधान मध्यस्थ या न्यायकर्ता।

यानी शब्द का पुराना अर्थ पाँच में से बड़ा नहीं है, फ़ैसला करने वालों में मुख्य है।

यह फ़र्क़ छोटा नहीं है। सरपंच का जो अर्थ आज सबसे ज़्यादा चलता है, गाँव की पंचायत का चुना हुआ मुखिया, वह इन शब्दकोशों वाले अर्थ से आगे की चीज़ है। शब्दकोश जिस पद की बात कर रहे हैं वह पंचायती राज से पुराना है।

कर्नाटक के मरवंते में ग्राम पंचायत का दफ़्तर
तस्वीर: रोहन पिंटो, विकिमीडिया कॉमन्स CC BY-SA 4.0

तो चारों को एक साथ रखिए

सरकार में सर के साथ फ़ारसी कार है।

सरदार में फ़ारसी *-दार* है।

सरहद में अरबी *ḥadd* है।

और सरपंच में हिंदी का पंच है।

एक ही फ़ारसी उपसर्ग, और उसके आगे तीन अलग भाषाएँ। चौथा शब्द वहीं बना जहाँ वह आज सबसे ज़्यादा बोला जाता है।

जिस दिन कोई सरपंच सरकार के काग़ज़ पर दस्तख़त करता है, उस काग़ज़ पर एक ही जड़ दो बार आ चुकी होती है, और उसे शायद ही कोई देखता है।

स्रोतप्लैट्स, ए डिक्शनरी ऑफ़ उर्दू, क्लासिकल हिंदी ऐंड इंग्लिश, हिंदी शब्दसागर, नागरी प्रचारिणी सभा, स्टाइनगास, ए कॉम्प्रिहेंसिव पर्शियन-इंग्लिश डिक्शनरी, टर्नर, ए कंपेरेटिव डिक्शनरी ऑफ़ द इंडो-आर्यन लैंग्वेजेज़

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