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किताबें
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समझिए
ओडिशा की किताबों में 1,741 ग़लतियां मिलीं, सरकार ने तीन महीने पहले इनकार किया था
स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने शुक्रवार, 25 सितंबर को विधानसभा में बताया कि कक्षा एक से आठ की नई किताबों में 1,741 ग़लतियां और सुझाव मिले हैं, जिनकी छपाई-प्रकाशन पर क़रीब 175 करोड़ रुपये ख़र्च हुए। ठीक तीन महीने पहले विभाग ने लगभग वैसी ही 1,678 की गिनती को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया दावा बताकर ख़ारिज कर दिया था।
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इत्मीनान
समोसा 1334 में भारत पहुँच चुका था, आलू की बारी सदियों बाद आई
इब्न बतूता के सफ़रनामे में मुल्तान से दिल्ली जाते हुए एक शाही भोज का ब्यौरा है, जिसमें मेवे और मसाले भरी एक तिकोनी पेस्ट्री परोसी गई, जिसे कोश फ़ारसी शब्द बताते हैं। आलू उस मेज़ पर नहीं था, क्योंकि वह पौधा तब अमरीका के बाहर कहीं उगता ही नहीं था।
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इत्मीनान
शरतचंद्र ने हिंदी में कभी कुछ नहीं लिखा, और हिंदी के पाठकों ने उन्हें अपना बना लिया
पंद्रह सितंबर को उनकी डेढ़ सौवीं जयंती पर प्रधानमंत्री ने श्रद्धांजलि दी। देवदास और श्रीकांत के जिन हिंदी अनुवादों ने बंगाल के बाहर उनका पाठक बनाया, उनके प्रकाशक या अनुवादक का नाम किसी पुष्ट स्रोत में दर्ज नहीं मिला।
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इत्मीनान
हिंदी का शतरंज और अंग्रेज़ी का चेस एक शब्द नहीं हैं, और यह बात ऑक्सफ़र्ड कोश के 1893 वाले खंड में छपी है
चतुरंग से शतरंज तक की कड़ी कोशों में सचमुच दर्ज है। पर अंग्रेज़ी का chess उस कड़ी से नहीं निकला। वह फ़ारसी के शाह से बना है, पुरानी फ़्रांसीसी के रास्ते। शतरंज वाला नाम यूरोप में सिर्फ़ स्पेनी और पुर्तगाली में बचा।
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इत्मीनान
झाँसी के एक तार बाबू ने इलाहाबाद के दफ़्तर से तय किया कि हिंदी गद्य किस शक्ल में लिखा जाएगा
महावीर प्रसाद द्विवेदी ने जनवरी 1903 से दिसंबर 1920 तक 'सरस्वती' का संपादन किया। भेजी हुई रचनाएँ वे बिना पूछे सुधार देते थे। नवंबर 1905 के एक लेख में उनका लिखा एक शब्द डेढ़ साल की सार्वजनिक लड़ाई की जड़ बना।
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इत्मीनान
अदालत का मतलब इमारत नहीं है, वह एक काम का नाम है, और वह काम बराबरी करना है
मुंसिफ़ का मतलब है आधा करने वाला। वकील का मतलब है जिसे सौंपा गया हो। तीनों शब्द अरबी की तीन अलग जड़ों से आए हैं और तीनों इंसाफ़ की तीन अलग तस्वीरें खींचते हैं।
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इत्मीनान
सुभद्रा कुमारी चौहान की आठ पंक्तियाँ सब जानते हैं, और उनकी कहानियाँ कोई नहीं
झाँसी वाली कविता ने अपनी लेखिका को खा लिया। पीछे जो रह गया वह दो कहानी-संग्रह हैं, जेल की दो सज़ाएँ, और 43 की उम्र में एक सड़क दुर्घटना।
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इत्मीनान
भंग पीने वाले एक काल्पनिक आदमी ने वायसराय को चिट्ठियाँ लिखीं, और वह आज ग्यारहवीं में पढ़ाई जाती हैं
बालमुकुंद गुप्त ने 1903 से 1905 के बीच भारतमित्र में लॉर्ड कर्जन के नाम खुली चिट्ठियाँ छापीं। लिखने वाला वे नहीं थे, शिवशंभु नाम का एक किरदार था। यह चतुराई मज़ाक़ की भी थी और बचाव की भी।
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इत्मीनान
नवाब राय की किताब जलाई गई, और धनपत राय को नया नाम लेना पड़ा
प्रेमचंद ने पहले उर्दू में लिखा, फिर हिंदी में। एक ही उपन्यास के दोनों रूपों को साथ रखकर पढ़िए तो पता चलता है कि बदलाव सिर्फ़ लिपि का नहीं था।
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इत्मीनान श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स सौ साल का हुआ, पर उसका यह नाम सिर्फ़ पचहत्तर साल पुराना है प्रधानमंत्री शिक्षक दिवस की शाम शताब्दी समारोह में बोलेंगे। सरकारी विज्ञप्ति कहती है कि सर श्री राम ने 1926 में कॉलेज की स्थापना की। कॉलेज का अपना इतिहास अलग तारीख़ें देता है।
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इत्मीनान
राधाकृष्णन गणित पढ़ना चाहते थे, दर्शन उन्होंने इसलिए लिया कि चचेरे भाई की पुरानी किताबें मिल गईं
5 सितंबर उनका जन्मदिन है। जिस आदमी के नाम पर शिक्षक दिवस है, उसने विषय चुना नहीं था, विषय उसे मिल गया था। और उसके नाम पर एक मुक़दमा भी है जिसका ज़िक्र इस दिन कभी नहीं होता।
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इत्मीनान सिर और सर एक ही शब्द के दो रास्ते हैं, और हिंदी दोनों को साथ रखती है सरकार, सरदार, सरहद, सरपंच। चारों के आगे वही फ़ारसी सर बैठा है जिसका मतलब सिर होता है। और हिंदी का अपना सिर उसी जड़ से आया है, बस दूसरे रास्ते से।
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इत्मीनान दफ़्तर, दस्तूर, दस्तावेज़: तीनों एक जैसे लगते हैं, रिश्ता सिर्फ़ एक में निकला तीनों शब्द 'दस्त' यानी हाथ से जुड़े बताए जाते हैं। शब्दकोश खोलने पर तीन में से एक ही टिकता है। बाक़ी दो की जड़ें अलग जगहों पर हैं, और एक तो यूनानी है।