पेंशन नहीं आ रही या कम आ रही है, तो शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करें
केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए शिकायत का पोर्टल सीपीईएनजीआरएएमएस है। पीपीओ नंबर और पेंशन से जुड़ा मोबाइल नंबर पास रखिए, निपटारे की तय समय-सीमा 21 दिन है।
सीधा जवाब पहले।
केंद्र सरकार के पेंशनभोगी अपनी शिकायत pgportal.gov.in/pension पर दर्ज करा सकते हैं। इस व्यवस्था का नाम सीपीईएनजीआरएएमएस है। शिकायत करते समय आपके पास पीपीओ नंबर और वह मोबाइल नंबर होना चाहिए जो पेंशन के रिकॉर्ड में दर्ज है, क्योंकि ओटीपी उसी पर आएगा। निपटारे की तय समय-सीमा 21 दिन है, और नतीजे से संतुष्ट न हों तो अपील का रास्ता खुला है।
अब पूरी बात।
दिक़्क़त किस तरह की है
शुरू करने से पहले यह तय कीजिए, क्योंकि रास्ता इसी से बदलता है।
पेंशन शुरू ही नहीं हुई। सेवानिवृत्ति हो गई और पहली किस्त नहीं आई। यह काग़ज़ अटकने का मामला है।
पेंशन आ रही है पर कम आ रही है। दर ग़लत लगी है, या कोई भत्ता जुड़ा नहीं है, या महँगाई राहत नहीं लगी।
बकाया नहीं मिला। पेंशन तो चल रही है, पर किसी पुरानी तारीख़ से जो अंतर बनता है, वह नहीं आया।
पेंशन चलते-चलते रुक गई। यह सबसे आम है और इसका सबसे आम कारण एक ही होता है, जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा न होना।
चौथी वाली दिक़्क़त का हल इसी लेख में आगे है और वह सबसे आसान है।
आपकी फ़ाइल असल में है कहाँ
पेंशन एक दफ़्तर से नहीं आती। वह कई हाथों से गुज़रती है, और अटकती भी उन्हीं में से किसी एक हाथ में है।
क्रम यह होता है।
पहला पड़ाव आपका आख़िरी दफ़्तर है, जिसे कार्यालय प्रमुख कहते हैं। वही आपके सेवा रिकॉर्ड की जाँच करता है और पेंशन के काग़ज़ आगे भेजता है।
दूसरा पड़ाव वेतन एवं लेखा कार्यालय है।
तीसरा पड़ाव केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय है, जिसे सीपीएओ कहते हैं। पेंशन भुगतान आदेश यानी पीपीओ वहीं से बनकर आगे जाता है।
चौथा पड़ाव आपका बैंक है, जो हर महीने पैसा खाते में डालता है।
शिकायत लिखते समय अगर आप बता सकें कि मामला किस पड़ाव पर अटका है, तो निपटारा तेज़ होता है।

जो लोग अभी सेवानिवृत्त हो रहे हैं
अगर आपकी सेवानिवृत्ति आने वाली है, तो आपके काग़ज़ भविष्य नाम की व्यवस्था पर चलते हैं। पता है bhavishya.nic.in।
यह पोर्टल इसीलिए बना है कि आप ख़ुद देख सकें कि आपकी फ़ाइल किस मेज़ पर है। आहरण एवं संवितरण अधिकारी से लेकर वेतन एवं लेखा कार्यालय तक हर क़दम उस पर दर्ज होता है।
व्यवस्था यह है कि आपका पीपीओ सेवानिवृत्ति से पिछले महीने के आख़िरी कार्य दिवस तक केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय पहुँच जाए।
इसका मतलब यह है कि अगर आपकी सेवानिवृत्ति में तीन महीने बचे हैं और भविष्य पर आपका मामला अभी पहले ही चरण में खड़ा है, तो चुप मत बैठिए। यही वह समय है जब पूछताछ काम करती है, बाद में नहीं।
शिकायत कैसे दर्ज करें
अब असल तरीक़ा।
एक। pgportal.gov.in/pension खोलिए। यह पेंशनभोगियों के लिए बना अलग हिस्सा है। इसी तक pensionersportal.gov.in से भी पहुँचा जा सकता है।
दो। व्यक्तिगत पेंशनभोगी वाला विकल्प चुनिए।
तीन। पंजीकरण कीजिए या पहले से खाता है तो लॉगिन कीजिए। पीपीओ नंबर और पेंशन से जुड़ा मोबाइल नंबर पास रखिए। ओटीपी उसी नंबर पर आएगा।
चार। सही मंत्रालय या विभाग चुनिए, और फिर वह श्रेणी चुनिए जिसमें आपकी दिक़्क़त आती है।
पाँच। शिकायत लिखिए। छोटी और तारीख़वार लिखिए। किस तारीख़ से पैसा नहीं आया, कितना आना चाहिए था, किससे पहले बात हुई और उसका क्या जवाब मिला।
छह। जमा करने पर स्क्रीन पर एक पंजीकरण संख्या आएगी।
उस संख्या को लिख लीजिए या उसका स्क्रीनशॉट रख लीजिए। आगे की हर बातचीत इसी संख्या से होगी।
कितने दिन में जवाब आना चाहिए
निवारण की तय समय-सीमा 21 दिन है।
इस अवधि में या तो आपकी दिक़्क़त हल होनी चाहिए, या आपको यह बताया जाना चाहिए कि मामला किस दफ़्तर को भेजा गया है।
अगर जवाब आया और वह आपको सही नहीं लगा, तो अपील की जा सकती है। अपील उसी पोर्टल पर, उसी पंजीकरण संख्या के साथ की जाती है।
इंटरनेट न चलता हो या पोर्टल भरने में दिक़्क़त हो, तो एक टोल फ़्री नंबर है: 1800-11-1960।
जीवन प्रमाण पत्र, और वह तारीख़ जो लोग चूक जाते हैं
हर पेंशनभोगी को साल में एक बार यह प्रमाण देना होता है कि वह जीवित है। यह न देने पर पेंशन रुक जाती है, और रुकने के बाद उसे चालू कराना ज़्यादा मेहनत का काम है।
अब यह काम काग़ज़ पर करना ज़रूरी नहीं है।
जीवन प्रमाण व्यवस्था 2014 से चल रही है। इसमें आधार की मदद से या तो अँगुली के निशान से या चेहरे की पहचान से प्रमाण दिया जा सकता है। चेहरे वाली सुविधा साधारण स्मार्टफ़ोन पर चलती है, इसके लिए कोई ख़ास मशीन नहीं चाहिए। पता jeevanpramaan.gov.in है।
तारीख़ों की व्यवस्था 2019 से इस तरह है।
| कौन | कब से दे सकते हैं |
|---|---|
| 80 साल और उससे ऊपर के पेंशनभोगी | 1 अक्टूबर से |
| बाक़ी सभी पेंशनभोगी | 1 नवंबर से |
| सबके लिए आख़िरी तारीख़ | 30 नवंबर |
अस्सी पार वालों को एक महीना पहले इसीलिए दिया गया है कि नवंबर की भीड़ में उन्हें न जाना पड़े।
डिजिटल तरीक़ा न जमे तो तीन और रास्ते हैं। अपने बैंक में जाकर, अपने डाकघर में जाकर, या डोरस्टेप बैंकिंग बुलाकर, जिसमें बैंक का प्रतिनिधि घर आता है।

शिकायत में लिखना क्या है
अच्छी शिकायत छोटी होती है और उसमें चार चीज़ें होती हैं।
क्या होना चाहिए था। जैसे, अगस्त 2024 से महँगाई राहत की बढ़ी हुई दर लगनी चाहिए थी।
क्या हुआ। जैसे, खाते में पुरानी दर से ही पैसा आ रहा है।
कितना फ़र्क़ है। महीने का अंतर और अब तक का कुल अंतर, दोनों लिखिए। हिसाब ग़लत भी हो तो चलेगा, आपके लिखने से दफ़्तर को यह पता चल जाता है कि दावा किस चीज़ का है।
पहले क्या किया। किस दफ़्तर या बैंक में कब बात हुई और क्या जवाब मिला।
एक बात और। हर शिकायत में अपना पीपीओ नंबर ज़रूर लिखिए, चाहे फ़ॉर्म में वह अलग से भरा जा चुका हो। फ़ाइल उसी नंबर से खोजी जाती है।
पेंशन रुकने के आम कारण
निपटारे से पहले यह देख लेना काम का होता है, क्योंकि इनमें से ज़्यादातर आपके अपने स्तर पर ठीक हो जाते हैं।
- साल का जीवन प्रमाण पत्र समय पर जमा न होना
- बैंक खाता निष्क्रिय हो जाना, ख़ासकर तब जब उसमें लंबे समय से कोई लेनदेन न हुआ हो
- खाते में दर्ज नाम और पेंशन रिकॉर्ड के नाम में फ़र्क़, जैसे कहीं आद्याक्षर और कहीं पूरा नाम
- मोबाइल नंबर बदल जाना, जिससे ओटीपी और सूचनाएँ पहुँचनी बंद हो जाती हैं
- शाखा बदलने या बैंकों के विलय के बाद खाता संख्या बदल जाना
रक्षा पेंशन का रास्ता अलग है
अगर पेंशन सेना, नौसेना या वायुसेना की सेवा से बनी है, या आप किसी पूर्व सैनिक के परिवार से हैं, तो आपकी फ़ाइल केंद्र सरकार के आम पेंशन तंत्र से नहीं, रक्षा लेखा नियंत्रक के अलग कार्यालय से चलती है।
पारिवारिक पेंशन, विकलांगता पेंशन, उदार पारिवारिक पेंशन और युद्ध में लगी चोट का हिस्सा, इन सबके नियम अलग हैं और उनकी गणना भी अलग होती है।
इसलिए दो काम कीजिए। एक, शिकायत सीपीईएनजीआरएएमएस पर दर्ज कराइए और उसमें साफ़ लिखिए कि यह रक्षा पेंशन का मामला है। दो, अपने बैंक की शाखा से पूछकर पुष्टि कर लीजिए कि आपकी फ़ाइल किस कार्यालय से आती है और उसका मौजूदा पता क्या है।
पता यहाँ इसलिए नहीं दिया जा रहा कि इन कार्यालयों के पते और नाम बदलते रहे हैं, और ग़लत पते पर भेजा गया काग़ज़ महीनों की देरी बना देता है।
काग़ज़ जो पास रखने चाहिए
शिकायत करने से पहले यह सब एक जगह कर लीजिए।
- पीपीओ की प्रति
- पेंशन खाते की पासबुक या पिछले छह महीने का विवरण
- सेवानिवृत्ति का आदेश
- आधार, और वह मोबाइल नंबर जो पेंशन के रिकॉर्ड में है
- अगर पहले भी शिकायत की थी तो उसकी पंजीकरण संख्या
- पारिवारिक पेंशन के मामले में मूल पेंशनभोगी का मृत्यु प्रमाण पत्र और अपना संबंध साबित करने वाला काग़ज़
जो इस लेख में नहीं है
कुछ बातें हमने जानबूझकर नहीं लिखीं, क्योंकि उनकी पुष्टि हम सरकारी दस्तावेज़ से नहीं कर सके।
देर से मिली पेंशन पर ब्याज किस दर से मिलता है।
अपील के बाद अगला दरवाज़ा कौन-सा है।
और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में आवेदन करने का ख़र्च और तरीक़ा क्या है।
इनमें से कोई भी क़दम उठाने से पहले किसी जानकार से सलाह लीजिए। यह लेख प्रक्रिया बताता है, क़ानूनी राय नहीं देता।
आख़िरी अपडेट: 5 सितंबर 2026
स्रोतसीपीईएनजीआरएएमएस, केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली, भविष्य, पेंशन स्वीकृति और भुगतान ट्रैकिंग प्रणाली, जीवन प्रमाण, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र