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पैसा
मोबाइल रिचार्ज में वॉइस-एसएमएस का हर छोटा विकल्प अब देना अनिवार्य, ट्राई ने टैरिफ़ में 'उचित कमी' कहा, आँकड़ा नहीं दिया
मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को ट्राई ने टेलीकॉम कंज़्यूमर्स प्रोटेक्शन (तेरहवाँ संशोधन) विनियम, 2026 सार्वजनिक किए। अब कंपनी जिस भी वैधता में वॉइस-एसएमएस-डेटा वाला रिचार्ज बेचती है, तीस दिन तक की उसी वैधता में सिर्फ़ वॉइस-एसएमएस वाला वाउचर भी बेचना होगा, महीने की तय तारीख़ पर नवीनीकरण के साथ। टैरिफ़ में 'उचित कमी' की शर्त है, मगर कितनी कमी, यह कोई दस्तावेज़ तय नहीं करता।
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समझिए
राष्ट्रीय वयोश्री योजना के नौ वित्त-वर्षों में साढ़े आठ लाख बुज़ुर्गों को उपकरण मिले, आबादी के हिसाब से यह आधे फ़ीसदी से भी कम बैठता है
सामाजिक न्याय मंत्रालय की सोमवार, 21 सितंबर की विज्ञप्ति एक साथ तीन योजनाओं के आंकड़े देती है, पर तीनों की अवधि अलग-अलग है: वयोश्री के नौ वित्त-वर्ष, एल्डरलाइन के पांच और देखभालकर्ता प्रशिक्षण के तीन। जनसंख्या अनुमान से जोड़कर देखने पर 8,53,728 का आंकड़ा 2026 की अनुमानित 17.32 करोड़ बुज़ुर्ग आबादी के आधे फ़ीसदी से भी कम बैठता है, जबकि 2011 की जनगणना में दर्ज दिव्यांग बुज़ुर्गों की 53.76 लाख की संख्या के मुक़ाबले यह लगभग सोलह फ़ीसदी है।
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काम की बात
बुज़ुर्ग रिश्तेदार के लिए मुफ़्त वॉकर, व्हीलचेयर या सुनने की मशीन चाहिए, तो राष्ट्रीय वयोश्री योजना में आवेदन का पूरा तरीक़ा यह है
राष्ट्रीय वयोश्री योजना बीपीएल या कम आय वाले बुज़ुर्गों को छड़ी से लेकर व्हीलचेयर तक आठ उपकरण मुफ़्त देती है, पर आवेदन की मशीनरी किसी एक जगह लिखी नहीं मिलती। सामाजिक न्याय मंत्रालय और एएलआईएमको के अपने दस्तावेज़ों से यह लेख वह मशीनरी जोड़ता है, और जहां दस्तावेज़ चुप हैं वहां चुप्पी को दर्ज करता है।
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काम की बात
ग़लत बेची गई बीमा पॉलिसी पर शिकायत का असल रास्ता: तीस दिन, चौदह दिन और पचास लाख की तीन सीमाएँ
मिस-सेलिंग की परिभाषा नियामक के 2024 के विनियम में लिखी है और उसके चार हिस्से हैं। पॉलिसी लौटाने की अवधि अब तीस दिन की है, कंपनी को जवाब चौदह दिन में देना है, और बीमा लोकपाल पचास लाख रुपये तक का मुआवज़ा तय कर सकता है। नियामक की अपनी वेबसाइट पर यह आख़िरी आँकड़ा आज भी तीस लाख लिखा मिलता है।
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काम की बात
सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाए तो परिवार को क्या-क्या मिलता है, और कहाँ से माँगना पड़ता है
पारिवारिक पेंशन पहले दस साल आख़िरी वेतन की आधी मिलती है, चाहे नौकरी कितनी भी छोटी रही हो। मृत्यु उपदान के लिए पाँच साल की न्यूनतम सेवा की शर्त नहीं है। और अनुकंपा नियुक्ति सबसे धीमा रास्ता है।
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देश सरकार ने 2,306 पेंशन मामले निपटाए, और जो दस मामले उसने ख़ुद गिनाए वे सब फ़ौज के हैं दो परिवारों को जो रक़म मिली, वह 1 जनवरी 1996 से बकाया थी। एक जवान की माँ को ब्याज सहित 18.57 लाख रुपये और अनुग्रह राशि के 12.60 लाख रुपये अलग से मिले।
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काम की बात पेंशन नहीं आ रही या कम आ रही है, तो शिकायत कहाँ और कैसे दर्ज करें केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए शिकायत का पोर्टल सीपीईएनजीआरएएमएस है। पीपीओ नंबर और पेंशन से जुड़ा मोबाइल नंबर पास रखिए, निपटारे की तय समय-सीमा 21 दिन है।