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यहाँ अकेला आँकड़ा कभी नहीं छपता। हर बड़ी संख्या के साथ कम से कम एक तुलना जाती है, क्योंकि 6.7 फ़ीसदी तब तक कुछ नहीं बताता जब तक यह न पता हो कि पिछले महीने क्या था।
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- कोई निवेश सलाह नहीं। कौन-सा शेयर, कौन-सा फ़ंड, कब ख़रीदें: यह यहाँ नहीं मिलेगा
- आँकड़े का तरीक़ा या आधार वर्ष बदला हो तो यह बताया जाता है, वरना तुलना झूठी हो जाती है
- सेबी में दाख़िल, सेबी से मंज़ूर, और अख़बार में छपा हुआ: तीनों अलग-अलग लिखे जाते हैं
ये नियम पूरी साइट पर लागू संपादकीय नीति के ऊपर हैं, उसकी जगह नहीं।
यह डेस्क कहाँ से पढ़ता है
- रिज़र्व बैंक के आँकड़े और नीतिगत बयान
- राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CPI, IIP, GDP)
- सेबी, एनएसई और कंपनियों की अपनी फ़ाइलिंग
- उपभोक्ता मामले विभाग का रोज़ाना क़ीमत आँकड़ा
इस डेस्क से हाल के लेख
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पैसा
गुजरात के चार दलों पर आयकर विभाग की शिकायत, तीन पर अलग एफ़आईआर दर्ज
शनिवार, 26 सितंबर को गुजरात पुलिस की सीआईडी क्राइम ने तीन ग़ैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी, गरीब कल्याण पार्टी और सत्यवादी रक्षक पार्टी के ख़िलाफ़ अलग-अलग एफ़आईआर दर्ज कीं, हर एक आयकर विभाग की शिकायत पर। तीन दिन पहले, बुधवार को, अहमदाबाद के उप आयकर आयुक्त ने एक चौथी पार्टी, भारतीय नेशनल जनता दल पर सीधे अपनी शिकायत दाख़िल की थी, अकेले उस पर 1,143.85 करोड़ रुपये के बोगस दान का आरोप है। दोनों मामलों को मिलाकर कुछ रिपोर्टों में चला 'तीन दल, 1,870 करोड़ रुपये' का आँकड़ा जोड़ में सही बैठता है, पर पार्टियाँ ग़लत हैं: शनिवार की तीन एफ़आईआर में बीएनजेडी शामिल नहीं है।
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पैसा
जुलाई में शुद्ध एफ़डीआई 7.3 अरब डॉलर, पाँच साल में सबसे ज़्यादा
रिज़र्व बैंक के सितंबर बुलेटिन ने शुक्रवार, 25 सितंबर को यह आँकड़ा दिया, और वह एक घटाव है: जुलाई में 14.6 अरब डॉलर देश में आया, और मुनाफ़ा-वापसी व भारतीय कंपनियों के अपने विदेशी निवेश को हटाने के बाद 7.3 अरब डॉलर बचा। बीते बारह महीनों में छह महीने यह आँकड़ा शून्य से नीचे रहा, डीपीआईआईटी की उसी हफ़्ते आई तिमाही रिपोर्ट अलग ही देशों और राज्यों को ऊपर दिखाती है, और मई 2021 से जो तुलना हो रही है, उसकी अपनी घटाव-तालिका अब तक कहीं दर्ज नहीं मिली।
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पैसा
बिजली मंत्रालय ने 112 कैप्टिव बिजलीघरों को धारा 11 के तहत पूरी क्षमता पर चलने को कहा, मुआवज़े का ज़िक्र नहीं
शुक्रवार, 25 सितंबर को जारी यह आदेश 50 मेगावाट और उससे बड़े 112 कोयला आधारित कैप्टिव बिजलीघरों पर लागू होता है, और 1 अक्तूबर से 31 दिसंबर तक ही चलेगा। बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 11(2) कहती है कि ऐसे हुक्म से हुए नुक़सान की भरपाई हो सकती है, और 2022 में यही धारा आयातित कोयला बिजलीघरों पर लगने पर टाटा पावर नियामक आयोग तक गया था। इस बार के आदेश में मुआवज़े की कोई व्यवस्था दर्ज नहीं मिलती।
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पैसा
सेबी ने अडानी समूह की पाँच कंपनियों से जुड़ी हिंडनबर्ग-संबंधी कार्यवाही निपटाई
मंगलवार, 22 सितंबर को जारी सेबी के एक आदेश ने अडानी एंटरप्राइज़ेज़, अडानी टोटल गैस, एडब्ल्यूएल एग्री बिज़नेस, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के ख़िलाफ़ 15 फ़रवरी 2024 का वह कारण-बताओ नोटिस निपटाया, जो हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुई जाँच से निकला था। पाँचों कंपनियों ने मिलाकर 1,50,80,000 रुपये चुकाए। सेबी का अपना आदेश दर्ज करता है कि यह निपटारा 'without admitting or denying the findings of facts and conclusions of law' की शर्त पर हुआ, यानी न आरोप मानकर, न नकारकर, और यह ठीक वह हिस्सा नहीं है जिस पर सेबी ख़ुद एक साल पहले फ़ैसला सुना चुका था।
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पैसा
कच्चे तेल की क़ीमत 117 डॉलर पार, आयात बिल में रुपये का हिस्सा नाममात्र
गुरुवार को सेंसेक्स 1,247.71 अंक गिरकर 73,580.54 पर बंद हुआ और अंतर-बैंक बाज़ार में रुपया 23 पैसे टूटकर 95.96 पर आया, पर रिज़र्व बैंक की अपनी संदर्भ दर के हिसाब से हफ़्ते भर में रुपया सिर्फ़ 2 पैसे गिरा है। पीपीएसी के मुताबिक़ भारत जो कच्चा तेल ख़रीदता है उसकी क़ीमत 117.65 डॉलर प्रति बैरल पहुँच गई है, ब्रेंट से ऊपर। दिल्ली में पेट्रोल-डीज़ल का दाम 25 मई से नहीं बदला।
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पैसा
यूबीफ्लाई को 285 करोड़, बोर्ड के रिकॉर्ड में अब तक की सबसे बड़ी मंज़ूरी
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने बुधवार को चेन्नई की यूबीफ्लाई टेक्नोलॉजीज़ को उसकी ई-प्लेन परियोजना के लिए 285 करोड़ रुपये मंज़ूर किए, एक लाख करोड़ रुपये के आरडीआई कोष से। बोर्ड के अपने 2014-15 से दर्ज रिकॉर्ड में किसी एक कंपनी को दी गई यह अब तक की सबसे बड़ी रक़म है, और यही आंकड़ा जुलाई में एक अख़बार की रिपोर्ट में पहले भी सामने आ चुका था।
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पैसा
दो अक्तूबर को 'नो यूपीआई डे' बुलाने वाले छह संगठनों में कैट नहीं है
बुधवार शाम मुंबई में महाराष्ट्र चैंबर ऑफ़ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर और पाँच अन्य व्यापारी संगठनों ने गांधी जयंती पर देशव्यापी 'नो यूपीआई डे' का एलान किया, दो हज़ार रुपये से ऊपर के यूपीआई भुगतान पर लगने वाले शुल्क के ख़िलाफ़। देश का सबसे बड़ा व्यापारी संगठन कैट इस सूची में नहीं है; उसका राष्ट्रीय नेतृत्व 0.4 फ़ीसदी दर को वाजिब बता चुका है, जबकि उसकी मध्य प्रदेश और ओडिशा इकाइयाँ अलग से मैदान में उतर चुकी हैं। यह शुल्क अभी किसी से नहीं लिया जा रहा; इसकी शुरुआत 15 अक्तूबर से तय है।
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पैसा
मोबाइल रिचार्ज में वॉइस-एसएमएस का हर छोटा विकल्प अब देना अनिवार्य, ट्राई ने टैरिफ़ में 'उचित कमी' कहा, आँकड़ा नहीं दिया
मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को ट्राई ने टेलीकॉम कंज़्यूमर्स प्रोटेक्शन (तेरहवाँ संशोधन) विनियम, 2026 सार्वजनिक किए। अब कंपनी जिस भी वैधता में वॉइस-एसएमएस-डेटा वाला रिचार्ज बेचती है, तीस दिन तक की उसी वैधता में सिर्फ़ वॉइस-एसएमएस वाला वाउचर भी बेचना होगा, महीने की तय तारीख़ पर नवीनीकरण के साथ। टैरिफ़ में 'उचित कमी' की शर्त है, मगर कितनी कमी, यह कोई दस्तावेज़ तय नहीं करता।
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पैसा
न्यूज़ीलैंड बीस अक्तूबर से भारत के हर निर्यात पर शुल्क शून्य करेगा, बदले में भारत अपनी सिर्फ़ सत्तर फ़ीसदी शुल्क लाइनें खोल रहा है
वाणिज्य मंत्रालय की 21 सितंबर की विज्ञप्ति में यह दावा चार बार दर्ज है कि हर शुल्क लाइन पर, पहले ही दिन से, भारत के निर्यात पर न्यूज़ीलैंड में शुल्क शून्य होगा। दावा सच निकलता है, मगर विज्ञप्ति यह नहीं बताती कि भारत की अपनी रियायत सिर्फ़ सत्तर फ़ीसदी शुल्क लाइनों तक है, जिसमें से एक तिहाई से ज़्यादा दस बरस में पूरी होगी।
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पैसा
एम्बैसी डेवलपमेंट्स ने जुहू के पूरे टावर के लिए 711 करोड़ का समझौता ज्ञापन दाख़िल किया, बिक्री अभी पंजीकृत नहीं हुई
मंगलवार, 22 सितंबर की सुबह 6:58 बजे कंपनी सचिव विकास खंडेलवाल के दस्तख़त से एम्बैसी डेवलपमेंट्स ने बीएसई और एनएसई को बताया कि जुहू के एम्बैसी टेराज़ा प्रोजेक्ट का एक पूरा जी+7 टावर एंजेल वन के संस्थापक दिनेश ठक्कर को लगभग 711 करोड़ रुपये में बेचने का समझौता ज्ञापन हुआ है। विज्ञप्ति ख़ुद इसे समझौता ज्ञापन बताती है, पूरी बिक्री नहीं, और रजिस्ट्री की कोई तारीख़ दर्ज नहीं है।
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पैसा
भारत के निर्यातक अपने व्यापार समझौतों की तरजीह बीस से तीस फ़ीसदी मौक़ों पर इस्तेमाल करते हैं, बाहर के निर्यातक साठ से सत्तर फ़ीसदी पर, और यह आँकड़ा सरकार का नहीं एक थिंक टैंक का है
मंगलवार, 22 सितंबर को दिल्ली में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में डीपीआईआईटी की कार्यशाला में उद्योग जगत से पूछा जाना है कि तरजीही शुल्क का पूरा फ़ायदा क्यों नहीं उठाया जाता। जवाब का बड़ा हिस्सा काग़ज़ी प्रक्रिया की लागत में है, अनिच्छा में नहीं।
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पैसा
प्रीमियर एनर्जीज़ ने ख़ुद को 10.6 गीगावाट क्षमता वाली देश की सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माता बताया, सरकार की सूची में उसकी दर्ज क्षमता तेलंगाना के प्लांट पर 1,358 और 751 मेगावाट है, आंध्र प्रदेश वाला नया प्लांट सूची में है ही नहीं
सोमवार, 21 सितंबर की सुबह 8:14 बजे प्रीमियर एनर्जीज़ लिमिटेड ने बीएसई और एनएसई को बताया कि आंध्र प्रदेश के नैडूपेटा में उसका 7 गीगावाट का नया सोलर सेल कारख़ाना चालू हो गया है और ट्रायल रन शुरू हो चुके हैं, जिससे कंपनी की कुल क्षमता 10.6 गीगावाट हो गई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिस सूची के दम पर तय होता है कि किसी कंपनी का सेल सरकारी-समर्थित सोलर परियोजना में लग सकता है या नहीं, उसमें प्रीमियर एनर्जीज़ फ़ोटोवोल्टिक प्राइवेट लिमिटेड की दर्ज क्षमता तेलंगाना के फ़ैब सिटी प्लांट में 1,358 मेगावाट टॉपकॉन और 751 मेगावाट मोनो-पर्क है, नैडूपेटा का नाम उस सूची में कहीं नहीं है।