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असम
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देश
धुबरी के चापर में 3,200 मेगावाट की नींव रखी गई, कंपनी की नवंबर 2025 की फ़ाइलिंग में पूरा संयंत्र दिसंबर 2032 में चालू होना लिखा है
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार, 20 सितंबर 2026 को धुबरी ज़िले के चापर में अदाणी पावर लिमिटेड के 3,200 मेगावाट के कोयला बिजलीघर का शिलान्यास किया। चार इकाइयाँ, आठ सौ मेगावाट हर एक, और कंपनी के मुताबिक़ चरणों में दिसंबर 2030 से चालू होना। यह पहली इकाई की तारीख़ है। पूरे संयंत्र की तारीख़ कंपनी की अपनी उस सूचना में दर्ज है जो उसने 14 नवंबर 2025 को बीएसई और एनएसई में दाख़िल की थी, और वह दिसंबर 2032 है।
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देश
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने गोलपाड़ा की तोड़-फोड़ को ग़ैर-क़ानूनी नहीं ठहराया, सवाल 13 अक्टूबर के लिए रख दिया
गोलपाड़ा के मटिया राजस्व सर्कल के अंचल अधिकारी ने 5 सितंबर 2026 को नोटिस जारी किए जिनमें मकान मालिकों से कहा गया था कि अपने घर 24 घंटे में ख़ुद गिरा लें। 7 सितंबर की सुबह, अँधेरा रहते, घर गिरा दिए गए। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उसी दिन और फिर 11 सितंबर को दो अंतरिम आदेश दिए, दोनों में 'प्रथम दृष्टया' लिखकर, और असली सवाल 13 अक्टूबर के लिए टाल दिया।
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देश
अमित शाह ने 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता का भरोसा जताया; चार विधानसभाएँ उसे पारित कर चुकी हैं और अमल में वह एक ही राज्य में है
रविवार, 13 सितंबर को मुंबई में गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा-राजग की सरकारों वाले 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लाई जाएगी। उत्तराखंड की संहिता 27 जनवरी 2025 से लागू है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाओं ने अपनी-अपनी संहिता पारित कर दी है, और तीनों में से कोई अभी अमल में नहीं आई।
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देश
असम से मदुरै भेजी गई हथिनी दुर्गा की फ़ाइल में जाँच, रिपोर्ट और सिफ़ारिश एक ही दिन की हैं
सोमवार, 7 सितंबर की रात पाँच साल की एक हथिनी असम से मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर के लिए चली। तमिलनाडु के वन विभाग का जो काग़ज़ उसके साथ था, उस पर 4 सितंबर की तारीख़ है, और उसी तारीख़ पर मदुरै के ज़िला वन अधिकारी का मुआयना, उनकी रिपोर्ट और राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की सिफ़ारिश, तीनों दर्ज हैं। बंदी हाथी (स्थानांतरण या परिवहन) नियम, 2024 इन तीन पड़ावों के लिए मिलाकर 37 दिन तक का समय देता है।
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काम की बात
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने आरक्षित डिब्बे में हुई डकैती को सेवा में कमी माना और रेलवे पर 20,000 रुपये मुआवज़ा तय किया
28 अगस्त 2004 की रात अवध-असम एक्सप्रेस के स्लीपर डिब्बे एस-8 में हथियारबंद लोग घुसे थे। बाईस साल बाद राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने तय किया कि रात में दरवाज़े बंद न रखना और डिब्बे में टीटीई या सुरक्षाकर्मी का न होना सेवा में कमी है। मुआवज़ा 20,000 रुपये, वह भी नुक़सान, मानसिक कष्ट और मुक़दमे के ख़र्च को मिलाकर। इसी सवाल पर सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश उलटी दिशा में है, और वह इस फ़ैसले में कहीं नहीं है।
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देश
अदालत ने उसे राहत के लिए न्यायाधिकरण भेजा था, और वह बांग्लादेश में धकेल दी गई
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार को मुमताज़ बेगम को दो लाख रुपये देने का आदेश दिया है। यह पहली बार है जब किसी अदालत ने किसी को सीमा पार धकेलने पर राज्य पर ख़र्च डाला हो।