विषय
बीमा
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पैसा
एनएसई के निर्गम में खुदरा के हिस्से के 1,22,41,221 शेयरों पर दूसरे दिन शाम तक कोई बोली नहीं थी
शुक्रवार, 18 सितंबर को शाम सात बजे एनएसई की अपनी बोली-फ़ीड पर खुदरा श्रेणी 0.72 गुना भरी दिखती है। बाक़ी तीनों श्रेणियाँ भर चुकी थीं। जिस 1,785 रुपये के ऊपरी भाव पर यह बोली लगी, वह उन्हीं दामों से नीचे है जिन पर बेचने वाले शेयरधारक पिछले साल भर एनएसई के शेयर ख़रीदते-बेचते रहे।
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काम की बात
ग़लत बेची गई बीमा पॉलिसी पर शिकायत का असल रास्ता: तीस दिन, चौदह दिन और पचास लाख की तीन सीमाएँ
मिस-सेलिंग की परिभाषा नियामक के 2024 के विनियम में लिखी है और उसके चार हिस्से हैं। पॉलिसी लौटाने की अवधि अब तीस दिन की है, कंपनी को जवाब चौदह दिन में देना है, और बीमा लोकपाल पचास लाख रुपये तक का मुआवज़ा तय कर सकता है। नियामक की अपनी वेबसाइट पर यह आख़िरी आँकड़ा आज भी तीस लाख लिखा मिलता है।
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काम की बात
उपभोक्ता हेल्पलाइन पंद्रह महीनों में 105 करोड़ रुपये वापस दिला चुकी है, पर वह किसी कंपनी को रिफंड का आदेश नहीं दे सकती
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 35 क्षेत्रों की 1,66,189 रिफंड शिकायतें मुक़दमा-पूर्व चरण में निपटाईं। औसत रिफंड लगभग 6,318 रुपये का बैठता है। यह पूरा रास्ता कंपनियों की स्वैच्छिक भागीदारी पर टिका है, और आदेश देने की शक्ति सिर्फ़ उपभोक्ता आयोग के पास है।
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समझिए
चंडीगढ़ में चारों बड़े ऐप निलंबित, और आदेश में दर्ज है कि रैपिडो ने शहर के नियमों की जगह केंद्र के दिशानिर्देश माँगे थे
राज्य परिवहन प्राधिकरण ने उबर और रैपिडो के एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिए। ओला जून में और इनड्राइव अगस्त में जा चुकी थीं। एक एग्रीगेटर लाइसेंस अपने साथ किराया, बीमा, प्रशिक्षण और दफ़्तर की जो शर्तें लाता है, यह लेख उन्हीं को दस्तावेज़ दर दस्तावेज़ पढ़ता है।
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पैसा
बीमा की नई बिक्री अगस्त में एक-तिहाई बढ़ी, उसी हफ़्ते नियामक ने 2019 की एक जाँच पर एक करोड़ का जुर्माना तय किया
इरडा ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश सितंबर 2019 की एक जाँच से निकला है और उसके केंद्र में 709.57 करोड़ रुपये का एक ख़र्च मद है। उसी हफ़्ते जीवन बीमा परिषद के आँकड़े आए, जिनमें अगस्त का नया कारोबार प्रीमियम 33.07 फ़ीसदी बढ़ा दिखा। बढ़त जिस महीने पर से नापी गई है, वह महीना ख़ुद 5.2 फ़ीसदी गिरा था।
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काम की बात
सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाए तो परिवार को क्या-क्या मिलता है, और कहाँ से माँगना पड़ता है
पारिवारिक पेंशन पहले दस साल आख़िरी वेतन की आधी मिलती है, चाहे नौकरी कितनी भी छोटी रही हो। मृत्यु उपदान के लिए पाँच साल की न्यूनतम सेवा की शर्त नहीं है। और अनुकंपा नियुक्ति सबसे धीमा रास्ता है।