विषय
पूर्वोत्तर भारत
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देश
नागालैंड में ज़हरीली शराब से उन्नीस मौतें, शराबबंदी पर दो साल की बहस बेनतीजा
शनिवार, 26 सितंबर की दोपहर तक नागालैंड पुलिस के हवाले से मोकोकचुंग ज़िले में आठ और तुएनसांग ज़िले में ग्यारह मौतों की पुष्टि थी। राज्य में शराब रखना, बेचना, पीना और बनाना, 1989 के नागालैंड लिकर टोटल प्रोहिबिशन एक्ट के तहत चारों क़ानूनन अपराध हैं; इसे ढीला करने पर सरकार ख़ुद अगस्त 2024 से बहस में है, पर क़ानून का मूल पाठ आज भी वही है।
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देश
धुबरी के चापर में 3,200 मेगावाट की नींव रखी गई, कंपनी की नवंबर 2025 की फ़ाइलिंग में पूरा संयंत्र दिसंबर 2032 में चालू होना लिखा है
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार, 20 सितंबर 2026 को धुबरी ज़िले के चापर में अदाणी पावर लिमिटेड के 3,200 मेगावाट के कोयला बिजलीघर का शिलान्यास किया। चार इकाइयाँ, आठ सौ मेगावाट हर एक, और कंपनी के मुताबिक़ चरणों में दिसंबर 2030 से चालू होना। यह पहली इकाई की तारीख़ है। पूरे संयंत्र की तारीख़ कंपनी की अपनी उस सूचना में दर्ज है जो उसने 14 नवंबर 2025 को बीएसई और एनएसई में दाख़िल की थी, और वह दिसंबर 2032 है।
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देश
लद्दाख के लिए सरकार ने नया निर्वाचित निकाय प्रस्तावित किया, राज्य का दर्जा नहीं
लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने 10 सितंबर को कहा कि जो ढाँचा बनेगा वह न राज्य होगा, न विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश। जिस माँग का यह जवाब है उसमें दो अलग चीज़ें थीं, और उनमें से एक, छठी अनुसूची, किसी क्षेत्र को विधायिका देती ही नहीं।
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देश
किलोकरी में एक संगीतकार शोर की शिकायत करने नीचे उतरा और ज़िंदा नहीं लौटा; बारह साल पहले बनी समिति का क़ानून आज भी नहीं बना है
चोंगथम विक्रम सिंह की मौत के बाद आठ गिरफ़्तारियाँ हुईं और मंत्री ने आठ-नौ दिन में चार्जशीट का भरोसा दिया। पुलिस कहती है कि नस्लीय मक़सद साबित नहीं हुआ। 2014 में निदो तानियम की मौत के बाद जो समिति बनी थी, उसकी सबसे बड़ी सिफ़ारिश आज तक संसद में नहीं पहुँची।
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देश
सीमा के गाँवों की योजना में 3,020 करोड़ मंज़ूर हुए, राज्यों तक 953 करोड़ पहुँचे
वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम पाँच में से चौथे साल में है। गृह मंत्रालय ने 1,248 परियोजनाएँ मंज़ूर की हैं, पूरी होने की सूचना 283 की है। और मंज़ूर रक़म का 82 फ़ीसदी सिर्फ़ सड़कों का है।
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इत्मीनान
मोइरांग में तिरंगा फहराने के लिए जो जगह चुनी गई, वह इसलिए चुनी गई कि वहाँ राजाओं का राजतिलक होता था
14 अप्रैल 1944 की शाम, आज़ाद हिंद फ़ौज के बहादुर ग्रुप के कर्नल शौकत अली मलिक ने मोइरांग कांगला पर झंडा फहराया। सामने क़रीब चालीस स्थानीय लोग थे। उनमें से एक बाद में मणिपुर के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने।