शी जिनपिंग को व्हाइट हाउस में इक्कीस तोपों की सलामी मिली, दोनों देशों का कोई साझा बयान नहीं छपा
बुधवार शाम से शुक्रवार तक शी जिनपिंग तीन दिन के राजकीय दौरे पर वॉशिंगटन में हैं। लाल क़ालीन बिछा, इक्कीस तोपों की सलामी हुई, गुरुवार रात राजकीय भोज भी, मगर व्हाइट हाउस और चीन के विदेश मंत्रालय, दोनों में से किसी ने भी यात्रा पर कोई साझा बयान या तथ्य-पत्रक जारी नहीं किया। टैरिफ़-राहत आगे बढ़ाने की तारीख़ अभी सिर्फ़ अमेरिकी ट्रेज़री सचिव के एक टीवी इंटरव्यू में दर्ज है, किसी सरकारी काग़ज़ में नहीं।

बुधवार शाम, 23 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका के मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज़ पर उतरे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ख़ुद विमान की सीढ़ियों तक पहुँचे और उनका स्वागत किया। समाचार एजेंसी एक्सियोस के मुताबिक़, 1962 में जॉन एफ़. कैनेडी ने ब्रितानी प्रधानमंत्री हेरॉल्ड मैकमिलन का इसी तरह हवाई अड्डे पर स्वागत किया था। फिर किसी राष्ट्रपति ने यह नहीं दोहराया। गुरुवार को व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत हुआ, इक्कीस तोपों की सलामी बजी और रात राजकीय भोज भी हुआ। शुक्रवार को चाय-पार्टी और नेशनल आर्काइव्स की यात्रा तय है।
यह तीन दिन शी जिनपिंग की ग्यारह साल में पहली व्हाइट हाउस यात्रा है। व्हाइट हाउस के अपने बयान के मुताबिक़, पिछली बार शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन बतौर राष्ट्रपति-दंपती 2015 में यहाँ आए थे। मगर तीन दिन के इस दौरे का सबसे ज़रूरी सवाल तस्वीरों में नहीं, काग़ज़ में है: क्या दोनों देशों ने कुछ ऐसा दर्ज किया जो आने वाले महीनों में भी बंधनकारी रहे?
गुरुवार रात तक इसका जवाब न है।
यह जवाब तीन जगह जाकर परखा जा सकता है: दोनों सरकारों के अपने प्रकाशन, अमेरिका के व्यापार-शुल्क वाले दस्तावेज़, और पांडा के काग़ज़ी काम में। तीनों जगह एक ही ढाँचा दिखता है — घोषणा कमरे में हुई, काग़ज़ पर अलग बात दर्ज है।
साझा बयान की जगह अलग-अलग बयान
व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर "ब्रीफ़िंग्स ऐंड स्टेटमेंट्स" खंड में सितंबर की इस यात्रा से जुड़ी सिर्फ़ दो प्रविष्टियाँ हैं, और दोनों प्रोटोकॉल पर हैं। एक में प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने यात्रा-कार्यक्रम का ब्योरा जारी किया। दूसरे में राजकीय भोज के मेन्यू और टोस्ट का विवरण है। दोनों प्रबंध और शिष्टाचार के बारे में हैं। नीति की एक पंक्ति नहीं। इसी वेबसाइट पर मई 2026 की बीजिंग यात्रा के बाद "तथ्य-पत्रक" शीर्षक से एक पूरा दस्तावेज़ मौजूद है, और नवंबर 2025 के व्यापार समझौते पर भी एक अलग तथ्य-पत्रक है। सितंबर की इस यात्रा पर वैसा कोई पन्ना नहीं है।
चीन की तरफ़ से भी यही तस्वीर है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने गुरुवार को शी जिनपिंग के स्वागत-समारोह वाले भाषण का पूरा पाठ छापा। इसमें उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका को "partners, not rivals" (प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार) होना चाहिए, और चीन का पुनरुत्थान तथा अमेरिका को फिर महान बनाने का इरादा साथ-साथ चल सकते हैं। यह भाषण एकतरफ़ा है। चीन के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर भी यात्रा से जुड़ा कोई संयुक्त दस्तावेज़ दर्ज नहीं मिला।
काउंसिल ऑन फ़ॉरेन रिलेशंस ने 23 सितंबर को छपे अपने विश्लेषण में यही बात सीधे कही। बातचीत मौजूदा तनाव को टिकाए रखने भर के लिए है। कोई बड़ा नया समझौता होने की उम्मीद वहाँ भी नहीं जताई गई। लेख में उद्धृत एक टिप्पणीकार के मुताबिक़, कूटनीतिक सफलता आम तौर पर लंबी नौकरशाही तैयारी के बाद आती है, और यहाँ ऐसी तैयारी का कोई संकेत नहीं मिलता। तीन अलग-अलग जगहों की जाँच एक ही नतीजे पर पहुँचती है: इस यात्रा का कोई साझा पाठ अभी तक कहीं नहीं छपा।
नवंबर 2025 के दो आदेश अभी भी लागू हैं
अमेरिका और चीन के बीच शुल्क का असल हिसाब आज भी दो दस्तावेज़ों से चलता है, दोनों 4 नवंबर 2025 के दस्तख़त वाले। यह तारीख़ ट्रंप-शी की 30 अक्टूबर 2025 वाली मुलाक़ात के पाँच दिन बाद की है, जो दक्षिण कोरिया के बुसान में गिमहे हवाई अड्डे पर हुई थी।
पहला आदेश, एक्ज़िक्यूटिव ऑर्डर 14357, फ़ेंटानिल से जुड़े शुल्क का है। फ़रवरी 2025 के मूल आदेश (14195) ने चीनी सामान पर 10 फ़ीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाया था; मार्च 2025 में इसे बढ़ाकर 20 फ़ीसदी कर दिया गया। नवंबर के आदेश ने इसे वापस 10 फ़ीसदी पर ला दिया, दस नवंबर 2025 से प्रभावी, बदले में चीन के रासायनिक पूर्ववर्तियों के निर्यात पर नियंत्रण कड़ा करने के वादे पर। दूसरा आदेश एक्ज़िक्यूटिव ऑर्डर 14358 है। यह "रेसिप्रोकल" यानी बराबरी वाले शुल्क पर है। इसने अतिरिक्त दर 10 फ़ीसदी पर बनाए रखी और उससे ऊँची दर पर रोक को 10 नवंबर 2026 की सुबह तक बढ़ा दिया। दोनों आदेश फ़ेडरल रजिस्टर में 7 नवंबर 2025 को छपे।
यह दोनों आदेश अपने पाठ में ख़ुद को "क्वालालंपुर संयुक्त व्यवस्था" कहते हैं, यह नाम दिलचस्प है क्योंकि नेताओं की मुलाक़ात बुसान में हुई, क्वालालंपुर में नहीं। आदेश के मुताबिक़ चीन ने सोयाबीन, ज्वार और लकड़ी के लट्ठों की ख़रीद फिर शुरू करने और कई जवाबी शुल्क हटाने का वादा किया। उसी दौर के व्हाइट हाउस तथ्य-पत्रक में आँकड़े भी हैं: 2025 के आख़िरी दो महीनों में कम से कम 1.2 करोड़ टन सोयाबीन, और 2026 से 2028 तक हर साल कम से कम 2.5 करोड़ टन। चीन ने 9 अक्टूबर 2025 को घोषित दुर्लभ-मृदा निर्यात नियंत्रणों को दुनिया भर में टालने और सामान्य लाइसेंस जारी करने का भी वादा किया। मुर्ग़ी, गेहूँ, मक्का, कपास, सोयाबीन, सुअर और गोमांस पर जवाबी शुल्क भी रोक दिए गए।

गुरुवार रात तक यही दोनों आदेश अमेरिका-चीन शुल्क का पूरा और आख़िरी लिखित आधार हैं। इसके बाद कुछ और नहीं छपा।
दस जनवरी की तारीख़ अभी सिर्फ़ बयानों में है
10 नवंबर 2026 की रोक ख़त्म होने की तारीख़ पास आते-आते हलचल तेज़ हुई। 20 सितंबर को न्यूयॉर्क में चीन के उप-प्रधानमंत्री ही लीफ़ेंग ने अमेरिकी ट्रेज़री सचिव स्कॉट बेसेंट और व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर से बातचीत की। फिर बुधवार, 23 सितंबर को वॉशिंगटन में बेसेंट और ही लीफ़ेंग की एक "तयशुदा नहीं" बैठक हुई। उसी शाम बेसेंट ने फ़ॉक्स न्यूज़ चैनल को बताया कि दोनों देश "बुसान समझौते" को दस जनवरी तक बढ़ाने पर राज़ी हो गए हैं। उनके अपने शब्दों में: "We will extend what we call the 'Busan Agreement' ... that is going to be extended until Jan. 10" (हम जिसे 'बुसान एग्रीमेंट' कहते हैं, उसे बढ़ाया जाएगा... वह दस जनवरी तक बढ़ेगा)। यह बात एनबीसी न्यूज़ ने उसी रात पूर्वी समयानुसार 6:20 बजे छापी।
गुरुवार रात तक कोई नया एक्ज़िक्यूटिव ऑर्डर नहीं छपा। व्हाइट हाउस की "प्रेसिडेंशियल ऐक्शन्स" सूची में 18 सितंबर के बाद चीन या शुल्क से जुड़ी कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं थी। फ़ेडरल रजिस्टर में भी दस जनवरी की तारीख़ वाला कोई नोटिस नहीं मिला। बेसेंट ख़ुद मान चुके हैं कि यह विस्तार जनवरी तक किसी बड़े समझौते से बदल भी सकता है, या बस आगे और बढ़ भी सकता है।
चीन की तरफ़ से तस्वीर और धुंधली है। वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ही यादोंग ने पहली अमेरिका-चीन एआई-वार्ता की पुष्टि की और उसे "frank and productive" (स्पष्ट व सार्थक) बताया, यह कहते हुए कि दोनों पक्ष कई मुद्दों पर सहमति तक पहुँचे हैं। एक वायर रिपोर्ट के मुताबिक़, जो गुरुवार सुबह 11:56 बजे यूटीसी छपी, ही यादोंग ने शुल्क-राहत बढ़ने की बात मानी, मगर दस जनवरी की तारीख़ उनके हवाले से कहीं दर्ज नहीं। वह तारीख़ अब तक सिर्फ़ बेसेंट के इंटरव्यू में है।
इसका मतलब सीधा है: क़ानूनी तौर पर आज भी 10 नवंबर 2026 ही वह तारीख़ है जिस पर अमेरिका-चीन शुल्क-राहत की मियाद ख़त्म होनी चाहिए थी। उसके आगे जो कुछ भी कहा गया, वह अभी सिर्फ़ बोला गया है, लिखा नहीं गया।
एक साल में तीन मुलाक़ातें
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में गुरुवार की मुलाक़ात तीसरी है। एक फ़ोन कॉल जोड़ें तो चौथी। 17 जनवरी 2025 को, शपथ से तीन दिन पहले, ट्रंप और शी के बीच फ़ोन पर बात हुई थी। सीएनएन के मुताबिक़ यह 2021 के बाद दोनों के बीच पहला सीधा संपर्क था, और बातचीत व्यापार, फ़ेंटानिल और टिकटॉक पर हुई।
पहली आमने-सामने की मुलाक़ात 30 अक्टूबर 2025 को हुई, दक्षिण कोरिया के बुसान में गिमहे हवाई अड्डे पर, एपेक सम्मेलन की सीमा पर। एबीसी न्यूज़ के मुताबिक़ यह बैठक क़रीब सौ मिनट चली और इसी से फ़ेंटानिल-शुल्क में कटौती की नींव पड़ी, जो पाँच दिन बाद दस्तख़त वाले दोनों आदेशों में बदली।
दूसरी मुलाक़ात के लिए ट्रंप ख़ुद चीन गए। 13 से 15 मई 2026 तक उनकी बीजिंग यात्रा हुई, दूसरे कार्यकाल में उनकी पहली चीन-यात्रा। वहाँ दोनों नेताओं ने रिश्ते को "रचनात्मक रणनीतिक स्थिर संबंध" का नाम दिया। चीन ने बोइंग कंपनी से 200 विमानों की शुरुआती ख़रीद को मंज़ूरी दी, 2017 के बाद अमेरिकी विमान-निर्माताओं से पहली ऐसी ख़रीद। 17 मई को छपे व्हाइट हाउस तथ्य-पत्रक में हर साल 17 अरब डॉलर की कृषि-ख़रीद और गोमांस-बाज़ार तक पहुँच का ज़िक्र है। इस तथ्य-पत्रक में ताइवान शब्द एक बार भी नहीं आता, यह इस डेस्क ने दस्तावेज़ ख़ुद पढ़कर जाँचा है।

फिर भी उसी बीजिंग यात्रा में, 14 मई 2026 को, अल जज़ीरा और एनपीआर की रिपोर्टों के मुताबिक़ शी ने ट्रंप से सीधे कहा कि ताइवान का मसला चीन-अमेरिका रिश्तों में "सबसे अहम" है। यह बात दर्ज तो है। पर किसी दस्तावेज़ में नहीं, सिर्फ़ रिपोर्ट की गई टिप्पणी के तौर पर। तीन मुलाक़ातों में हर बार पैटर्न एक जैसा रहा है: बातचीत में जो कहा गया, वह काग़ज़ पर उतनी सफ़ाई से नहीं उतरा।
पांडा के आयात परमिट की स्थिति
इस पूरी यात्रा में एक ही चीज़ का असली काग़ज़ी रिकॉर्ड है, और वह पांडा है।
23 अप्रैल 2026 को ज़ू अटलांटा और चाइना वाइल्डलाइफ़ कंज़र्वेशन एसोसिएशन ने एक नए "इंटरनेशनल कोऑपरेटिव रिसर्च एग्रीमेंट ऑन जायंट पांडा कंज़र्वेशन" की घोषणा की। दो पांडा नामित हुए: नर पिंग पिंग और मादा फ़ू शुआंग, दोनों चीन के सिचुआन प्रांत में चेंगदू रिसर्च बेस में जन्मे। उसी दिन, संयोग से नहीं, अमेरिकी फ़िश ऐंड वाइल्डलाइफ़ सर्विस ने फ़ेडरल रजिस्टर में एक नोटिस छापा: "फ़ॉरेन एंडेंजर्ड स्पीशीज़; रिसीट ऑफ़ परमिट एप्लिकेशन।" आवेदक एटलांटा-फ़ुल्टन काउंटी ज़ू, यानी ज़ू अटलांटा, परमिट संख्या PER22760642। अर्ज़ी एक नर और एक मादा पालतू-पैदाइश (कैप्टिव-ब्रेड) जायंट पांडा मंगाने की है, दस्तावेज़ के अपने शब्दों में, "for the purpose of enhancing the propagation or survival of the species" यानी "प्रजाति के प्रजनन या अस्तित्व को बढ़ावा देने के मक़सद से।" यही एंडेंजर्ड स्पीशीज़ ऐक्ट की धारा 10(a)(1)(A) वाला परमिट-तंत्र है। जनता से टिप्पणी 26 मई 2026 तक माँगी गई थी।
यहाँ से आगे रास्ता धुँधला होता है। फ़िश ऐंड वाइल्डलाइफ़ सर्विस समय-समय पर एक अलग नोटिस छापती है, "एंडेंजर्ड स्पीशीज़; इशूअंस ऑफ़ परमिट्स," जिसमें जारी हो चुके परमिटों की सूची होती है। 11 अगस्त 2026 को छपी ऐसी ही एक सूची में जनवरी से मई 2026 के बीच जारी दर्जनों परमिट नंबर-दर-नंबर दर्ज हैं, जिनमें सिनसिनाटी और कोलंबस के चिड़ियाघर भी शामिल हैं। PER22760642 उस सूची में कहीं नहीं है। कोई बाद की सूची भी नहीं मिली। जो सूची मिली, उसमें इस परमिट के जारी होने की कोई पुष्टि नहीं है। इसका मतलब यह नहीं कि परमिट रुका हुआ है; इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड में, अभी तक, इसके जारी होने की तारीख़ दर्ज नहीं मिली।
यह अकेला मामला नहीं है। ज़ू अटलांटा का पिछला पांडा-कार्यक्रम 1999 से 2024 तक, पचीस साल चला। लुन लुन और यांग यांग नाम के जोड़े ने इस दौरान सात बच्चों को जन्म दिया, और पूरा परिवार अक्टूबर 2024 में चीन लौट गया, जिससे यह पचीस साल का सिलसिला थमा। ज़ू अटलांटा की अपनी वेबसाइट के मुताबिक़ चिड़ियाघर अब तक पांडा-संरक्षण पर 1.7 करोड़ डॉलर ख़र्च कर चुका है, यानी क़रीब 163 करोड़ रुपये, जिसे वह अपना सबसे बड़ा वन्यजीव-निवेश बताता है। मगर नए समझौते की सालाना फ़ीस या ठीक अवधि इस पेज पर कहीं दर्ज नहीं है; इस डेस्क ने चिड़ियाघर का सवाल-जवाब पेज भी सीधे खँगाला और वहाँ भी यह ब्योरा नहीं मिला।
गुरुवार को शी जिनपिंग ने अपने ही स्वागत-भाषण में यह घोषणा जोड़ी कि दोनों पांडा "आने वाले दिनों में" पहुँचेंगे। उन्होंने पांडा को "दोस्ती का दूत" और "एक अच्छी ख़बर" बताया, चीनी और अमेरिकी जनता के बीच दोस्ती की मिसाल के तौर पर। यह टिप्पणी सीबीएस न्यूज़ अटलांटा ने दर्ज की, जिसने ज़ू अटलांटा के प्रवक्ता से भी सवाल पूछा। जवाब मिला: चिड़ियाघर अभी तारीख़ नहीं बताएगा।

ज़ू अटलांटा के अध्यक्ष रेमंड बी. किंग ने अपने बयान में इतना ही कहा कि वे पिंग पिंग और फ़ू शुआंग से मिलने का इंतज़ार नहीं कर सकते, और शहर व समुदाय को पांडा के आनंद में वापस स्वागत करना चाहते हैं।
तो नतीजा यही बनता है: एक आवेदन-संख्या है, एक तारीख़ है जब टिप्पणी की मियाद ख़त्म हुई, और एक सूची है जिसमें यह अब तक नाम नहीं है। घोषणा कमरे में हो चुकी। काग़ज़ पर आख़िरी दर्ज पड़ाव अब भी अप्रैल का ही है।
स्वागत समारोह: लाल क़ालीन से इक्कीस तोपों तक
समारोह ख़ुद वाक़ई हुआ। उसका ब्योरा दोनों तरफ़ से लगभग एक जैसा है। चीनी विदेश मंत्रालय के अपने विवरण में भी वही तत्व हैं जो अमेरिकी रिपोर्टों में: लाल क़ालीन के दोनों तरफ़ मान-रक्षक दस्ते, दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाता सैन्य बैंड, इक्कीस तोपों की सलामी, और सम्मान में उड़ते लड़ाकू विमान। गुरुवार सुबह व्हाइट हाउस के साउथ लॉन और रोज़ गार्डन में औपचारिक स्वागत हुआ, जिसमें अमेरिकी सेना की सभी शाख़ाओं के 479 जवान शामिल थे और मान-रक्षक दस्तों का निरीक्षण क़रीब पंद्रह मिनट चला।
रात का राजकीय भोज ईस्ट रूम में हुआ। तकनीक कंपनियों के कई अधिकारी वहाँ मौजूद थे। व्हाइट हाउस के अपने ब्योरे के मुताबिक़ भोज शैम्पेन-सरीखी शराब "श्रैम्सबर्ग ब्लां द नुआर" के टोस्ट से शुरू हुआ, और यह टोस्ट सीधे 1972 में बीजिंग में राष्ट्रपति निक्सन और प्रधानमंत्री झोउ एनलाई के बीच हुए "शांति के टोस्ट" का हवाला देता है। शुक्रवार को चाय-पार्टी और नेशनल आर्काइव्स की यात्रा की योजना है, जहाँ दोनों नेता अमेरिका के संस्थापक दस्तावेज़ देखेंगे, इसके बाद दोनों नेता एंड्रयूज़ लौटकर रवाना होंगे। यह हिस्सा गुरुवार रात तक सिर्फ़ कार्यक्रम-सूची में है, हुआ नहीं।
समारोह का हर टुकड़ा सच है और जाँचा जा सकता है। इनमें से कोई भी अगले साल दोनों सरकारों को बाँधने वाला काग़ज़ नहीं है।
ताइवान और एआई: दस्तावेज़ों में दर्ज नहीं
इस यात्रा से पहले एनबीसी, अल जज़ीरा, सीएनबीसी और कई और प्रकाशनों ने ताइवान, व्यापार और कृत्रिम मेधा (एआई) को गुरुवार की बातचीत के मुख्य मुद्दे बताया था। यह अंदाज़ा सही निकला, मगर सिर्फ़ बातचीत के विषय के तौर पर, किसी दस्तावेज़ के तौर पर नहीं।
ताइवान पर सबसे ठोस, तारीख़ वाला बयान मई की बीजिंग यात्रा से आता है, जब शी ने ताइवान को "सबसे अहम मसला" बताया था। सितंबर की इस यात्रा से वैसा कोई सीधा उद्धरण अब तक सामने नहीं आया, न किसी बयान में, न किसी भाषण के छपे पाठ में। एआई पर तस्वीर थोड़ी आगे बढ़ी है। काउंसिल ऑन फ़ॉरेन रिलेशंस के मुताबिक़ दोनों पक्षों के बीच कृत्रिम मेधा पर पहली औपचारिक बातचीत इसी हफ़्ते शुरू हुई, 20 सितंबर की न्यूयॉर्क बैठक के आसपास। ही यादोंग ने इसे "स्पष्ट व सार्थक" बताया और कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बनी। मगर बातचीत का पाठ, उसकी शर्तें या कोई साझा दस्तावेज़, कुछ भी अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ।
यहाँ भी वही आकार दोहराता है जो शुल्क और पांडा, दोनों में दिखा। किसी अधिकारी का बयान मौजूद है। दस्तावेज़ अनुपस्थित है।
स्रोतव्हाइट हाउस, 'ब्रीफ़िंग्स ऐंड स्टेटमेंट्स': यात्रा-कार्यक्रम की घोषणा, सितंबर 2026 — नीति पर कोई पंक्ति नहीं, व्हाइट हाउस, 'ब्रीफ़िंग्स ऐंड स्टेटमेंट्स': राजकीय भोज के मेन्यू और टोस्ट का ब्योरा, गुरुवार 24 सितंबर 2026, व्हाइट हाउस तथ्य-पत्रक, 1 नवंबर 2025: सोयाबीन, दुर्लभ मृदा और फ़ेंटानिल-शुल्क पर समझौते के ब्योरे, व्हाइट हाउस तथ्य-पत्रक, 17 मई 2026: बीजिंग यात्रा के बाद बोइंग विमान और कृषि-ख़रीद की घोषणा — ताइवान का कोई ज़िक्र नहीं, फ़ेडरल रजिस्टर, दस्तावेज़ संख्या 2025-19825 (90 FR 50725): एक्ज़िक्यूटिव ऑर्डर 14357, दस्तख़त 4 नवंबर 2025 — फ़ेंटानिल-शुल्क 20 से 10 फ़ीसदी, फ़ेडरल रजिस्टर, दस्तावेज़ संख्या 2025-19826 (90 FR 50729): एक्ज़िक्यूटिव ऑर्डर 14358, दस्तख़त 4 नवंबर 2025 — 'क्वालालंपुर संयुक्त व्यवस्था', रोक 10 नवंबर 2026 तक, फ़ेडरल रजिस्टर, दस्तावेज़ संख्या 2026-07929 (91 FR 21832): फ़िश ऐंड वाइल्डलाइफ़ सर्विस, ज़ू अटलांटा का पांडा-आयात परमिट आवेदन, 23 अप्रैल 2026, टिप्पणी-मियाद 26 मई 2026, फ़ेडरल रजिस्टर, दस्तावेज़ संख्या 2026-16291 (91 FR 51726): जनवरी-मई 2026 में जारी परमिटों की सूची, 11 अगस्त 2026 — PER22760642 सूची में नहीं, ज़ू अटलांटा, प्रेस विज्ञप्ति: चाइना वाइल्डलाइफ़ कंज़र्वेशन एसोसिएशन के साथ नए समझौते और पिंग पिंग-फ़ू शुआंग की घोषणा, 23 अप्रैल 2026, ज़ू अटलांटा: पांडा संरक्षण पर अब तक 1.7 करोड़ डॉलर के निवेश का ब्योरा — नई व्यवस्था की सालाना फ़ीस दर्ज नहीं, सीबीएस न्यूज़ अटलांटा, अपडेट 24 सितंबर 2026 दोपहर 1:20 बजे (पूर्वी समय): शी जिनपिंग का 'दोस्ती का दूत' बयान, ज़ू अटलांटा का तारीख़ न बताना, लुन लुन-यांग यांग का 2024 में जाना, एक्सियोस, 23 सितंबर 2026: 1962 के बाद पहली बार किसी राष्ट्रपति का हवाई अड्डे पर व्यक्तिगत स्वागत, एनबीसी न्यूज़, 23 सितंबर 2026 रात 6:20 बजे (पूर्वी समय): बेसेंट का फ़ॉक्स न्यूज़ पर 10 जनवरी 2027 तक विस्तार का बयान, यूएस-चीन एआई वार्ता पर वायर रिपोर्ट, 24 सितंबर 2026 सुबह 11:56 बजे यूटीसी: प्रवक्ता ही यादोंग का बयान, 10 जनवरी की तारीख़ सिर्फ़ बेसेंट के हवाले से, काउंसिल ऑन फ़ॉरेन रिलेशंस, विश्लेषण, 23 सितंबर 2026: बड़े नए समझौते की उम्मीद नहीं, एआई-वार्ता इसी हफ़्ते शुरू, अल जज़ीरा, 14 मई 2026: बीजिंग शिखर वार्ता में शी का ताइवान पर बयान — 'चीन-अमेरिका रिश्तों का सबसे अहम मसला', सीएनएन, 17 जनवरी 2025: शपथ से पहले ट्रंप-शी फ़ोन कॉल, व्यापार-फ़ेंटानिल-टिकटॉक पर बात, एबीसी न्यूज़, 30 अक्टूबर 2025: बुसान में गिमहे हवाई अड्डे पर ट्रंप-शी मुलाक़ात, फ़ेंटानिल-शुल्क में कटौती की घोषणा, शिन्हुआ: व्हाइट हाउस स्वागत-समारोह में शी जिनपिंग के भाषण का पूरा पाठ, 24 सितंबर 2026, सीजीटीएन, 24 सितंबर 2026 (सुबह 9:44, अपडेट दोपहर 3:49): 'प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार' बयान