विषय
पर्यावरण
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पैसा
बिजली मंत्रालय ने 112 कैप्टिव बिजलीघरों को धारा 11 के तहत पूरी क्षमता पर चलने को कहा, मुआवज़े का ज़िक्र नहीं
शुक्रवार, 25 सितंबर को जारी यह आदेश 50 मेगावाट और उससे बड़े 112 कोयला आधारित कैप्टिव बिजलीघरों पर लागू होता है, और 1 अक्तूबर से 31 दिसंबर तक ही चलेगा। बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 11(2) कहती है कि ऐसे हुक्म से हुए नुक़सान की भरपाई हो सकती है, और 2022 में यही धारा आयातित कोयला बिजलीघरों पर लगने पर टाटा पावर नियामक आयोग तक गया था। इस बार के आदेश में मुआवज़े की कोई व्यवस्था दर्ज नहीं मिलती।
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दुनिया
शी जिनपिंग को व्हाइट हाउस में इक्कीस तोपों की सलामी मिली, दोनों देशों का कोई साझा बयान नहीं छपा
बुधवार शाम से शुक्रवार तक शी जिनपिंग तीन दिन के राजकीय दौरे पर वॉशिंगटन में हैं। लाल क़ालीन बिछा, इक्कीस तोपों की सलामी हुई, गुरुवार रात राजकीय भोज भी, मगर व्हाइट हाउस और चीन के विदेश मंत्रालय, दोनों में से किसी ने भी यात्रा पर कोई साझा बयान या तथ्य-पत्रक जारी नहीं किया। टैरिफ़-राहत आगे बढ़ाने की तारीख़ अभी सिर्फ़ अमेरिकी ट्रेज़री सचिव के एक टीवी इंटरव्यू में दर्ज है, किसी सरकारी काग़ज़ में नहीं।
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देश
चार शहरों के कचरे के पहाड़, सरकारी आँकड़ों में सिर्फ़ एक ही ख़त्म
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की 21 सितंबर की बैकग्राउंडर गोरखपुर, दिल्ली, नागपुर और रायचूर को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी की चार कामयाबी बताती है। मंत्रालय की अपनी वार्षिक रिपोर्ट और भलस्वा पर बाद की विज्ञप्तियाँ जोड़ने पर पता चलता है कि इनमें से सिर्फ़ गोरखपुर की डंपसाइट पूरी तरह ख़त्म हुई है, और भलस्वा में बायोमाइंड कचरे का एक आँकड़ा मंत्रालय के दो दस्तावेज़ों में आपस में मेल भी नहीं खाता।
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समझिए
भारत मंडपम में मंगलवार को नौवां अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह शुरू हुआ, और केंद्रीय जल आयोग के अपने आंकड़े में देश 2021 से जल-तनाव की सीमा से नीचे है
मंगलवार, 22 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में जल शक्ति मंत्रालय का नौवां भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह शुरू हुआ, जिसका विषय जलवायु-अनुकूल जल प्रबंधन है। सम्मेलन की तैयारी-रिपोर्टों में कहीं नहीं छपा वह आंकड़ा जो केंद्रीय जल आयोग की जून 2019 की अपनी रिपोर्ट में दर्ज है: 2021 में देश की प्रति-व्यक्ति जल उपलब्धता 1,486 घन मीटर सालाना आंकी गई, और यह 1,700 घन मीटर की उस सीमा से नीचे है जिसे फ़ॉकेनमार्क सूचक जल-तनाव की शुरुआत मानता है।
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निलंबूर ब्लॉक के लिए 20 सितंबर का ब्लॉक-स्तरीय पूर्वानुमान 3.6 मिलीमीटर बारिश का था; उसी शाम कोट्टापुषा चढ़ गई
रविवार शाम क़रीब पाँच बजे मलप्पुरम के पूक्कोट्टुंपाडम में नदी अचानक ऊपर आई और लोगों को बहा ले गई। घटनास्थल पर बारिश नहीं हो रही थी। पानी ऊपर के जंगल से आया, और जिस तरफ़ से आया उस तरफ़ की सीमा तमिलनाडु है।
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देश
धुबरी के चापर में 3,200 मेगावाट की नींव रखी गई, कंपनी की नवंबर 2025 की फ़ाइलिंग में पूरा संयंत्र दिसंबर 2032 में चालू होना लिखा है
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार, 20 सितंबर 2026 को धुबरी ज़िले के चापर में अदाणी पावर लिमिटेड के 3,200 मेगावाट के कोयला बिजलीघर का शिलान्यास किया। चार इकाइयाँ, आठ सौ मेगावाट हर एक, और कंपनी के मुताबिक़ चरणों में दिसंबर 2030 से चालू होना। यह पहली इकाई की तारीख़ है। पूरे संयंत्र की तारीख़ कंपनी की अपनी उस सूचना में दर्ज है जो उसने 14 नवंबर 2025 को बीएसई और एनएसई में दाख़िल की थी, और वह दिसंबर 2032 है।
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पंजाब की भूजल दर 152.22 फ़ीसदी पर आई, और पानी पिछली बार से ज़्यादा निकला
सोमवार, 31 अगस्त को चंडीगढ़ के पंजाब भवन में जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि दशकों में पहली बार राज्य के भूजल की हालत सुधरी है: खिंचाई की दर 164 से घटकर 152.22 फ़ीसदी, अति-दोहित ब्लॉक 117 से 110, सुरक्षित ब्लॉक 17 से 20। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के अपने 2025 के आकलन में पंजाब से निकाला गया पानी 26.27 अरब घनमीटर था। 2026 के आकलन में वह 26.32 है।
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दुनिया
भारत-यूरोपीय संघ समझौते का इस्पात कोटा 16,41,470 टन का है, यूरोपीय आयोग 1 जुलाई से भारत को 19,43,527 टन दे रहा है, और कार्बन शुल्क दोनों पर बराबर चलेगा
शुक्रवार, 11 सितंबर को ब्रसेल्स में समझौते का इस्पात अनुलग्नक सार्वजनिक हुआ। उसमें भारत के लिए सोलह उत्पाद समूहों में देश-विशिष्ट कोटा है, जिसमें 6,94,853 टन समझौते वाला हिस्सा है। उसी यूरोपीय संघ का एक क्रियान्वयन विनियम 1 जुलाई से लागू है और उन्हीं सोलह समूहों में भारत को इससे 3,02,057 टन ज़्यादा दे रहा है। वह विनियम 31 दिसंबर को ख़त्म हो जाएगा, और दोनों दस्तावेज़ों में से कौन-सा आँकड़ा 1 जनवरी 2027 से चलेगा, यह किसी पाठ में लिखा नहीं है।
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देश
असम से मदुरै भेजी गई हथिनी दुर्गा की फ़ाइल में जाँच, रिपोर्ट और सिफ़ारिश एक ही दिन की हैं
सोमवार, 7 सितंबर की रात पाँच साल की एक हथिनी असम से मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर के लिए चली। तमिलनाडु के वन विभाग का जो काग़ज़ उसके साथ था, उस पर 4 सितंबर की तारीख़ है, और उसी तारीख़ पर मदुरै के ज़िला वन अधिकारी का मुआयना, उनकी रिपोर्ट और राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की सिफ़ारिश, तीनों दर्ज हैं। बंदी हाथी (स्थानांतरण या परिवहन) नियम, 2024 इन तीन पड़ावों के लिए मिलाकर 37 दिन तक का समय देता है।
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पैसा
जिन टैंकरों से दुनिया का कारोबार बंद है, वे आलंग में कट रहे हैं: भारत के क़ानून में 'प्रतिबंधित जहाज़' नाम की कोई श्रेणी नहीं है
अमेरिका ने जनवरी में आइसलैंड के दक्षिण में एक रूसी झंडे वाला टैंकर पकड़ा, अगस्त में उसे दुबई की एक कंपनी को बेच दिया, और वह भावनगर ज़िले के आलंग तट पर कटने आ गया। क्लार्कसन्स रिसर्च के मुताबिक़ 2026 में अब तक 26 प्रतिबंधित जहाज़ कटने के लिए बिके हैं, जिनमें 22 टैंकर हैं।
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काम की बात
रात दस बजे के बाद शोर की शिकायत में डेसिबल नापने की ज़रूरत नहीं
ध्वनि प्रदूषण (नियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 में चार क्षेत्र हैं और हर क्षेत्र की दिन-रात की अलग सीमा। रात दस से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर पर सीधी रोक है, और साल में पंद्रह रातों की जो छूट राज्य सरकार दे सकती है, उसकी तारीख़ें उसे पहले से घोषित करनी होती हैं। शिकायत किसके पास जाती है, उसमें क्या लिखा होना चाहिए, नाप कौन करता है, और लिखित आदेश आने के बाद पुलिस का अधिकार कैसे बदल जाता है, नीचे उसी क्रम में है।
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देश
इंडोनेशिया के अनुरोध के बाद भी ओरांगउटान शावकों की वापसी का फ़ैसला केंद्र करेगा
इंडोनेशिया के वन मंत्रालय ने 10 सितंबर को भारत की सीआईटीईएस प्रबंधन प्राधिकरण को औपचारिक चिट्ठी भेजकर बालेश्वर में मिले पाँच ओरांगउटान शावक वापस माँगे हैं। उससे एक दिन पहले ओडिशा सरकार ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को लिखकर इन्हीं शावकों को नंदनकानन में रखने की इजाज़त माँगी थी। संधि का पाठ लौटाने का हुक्म नहीं देता; भारतीय क़ानून की एक धारा उससे आगे जाती है।
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इसरो के उपग्रह ने जो गिरावट नापी वह प्रशांत महासागर की है, और सीएमएफ़आरआई के हिसाब से भारतीय तट तक उसकी बारी अप्रैल-मई 2027 में आएगी
10 सितंबर को इसरो ने बताया कि ओशनसैट-3 ने भूमध्यरेखीय प्रशांत में जून 2026 की सतही क्लोरोफ़िल-ए में साफ़ कमी देखी है। विज्ञप्ति में न कोई प्रतिशत है, न कोई मछली, न भारत का नाम। जो नाप ली गई वह एक दूसरे महासागर की है।
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पैसा
एआई डेटा सेंटर 2031-32 तक 26,300 मेगावाट माँगेंगे, और भारत की पूरी बची हुई लघु जलविद्युत क्षमता उससे कम है
नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने 10 सितंबर को कहा कि देश की लगभग 21 गीगावाट लघु जलविद्युत क्षमता में से सिर्फ़ 5.2 गीगावाट इस्तेमाल हो रही है। जिस आकलन से यह 21 गीगावाट निकलती है, वह आईआईटी रुड़की का जुलाई 2016 का डेटाबेस है। इस वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 31 अगस्त तक इस क्षेत्र में 10.40 मेगावाट जुड़ी, और अगस्त महीने में शून्य।
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देश
गोडावण के प्राथमिकता क्षेत्र से 1.77 किलोमीटर दूर चूना-पत्थर खदान की मंज़ूरी टली, पर समिति ने जो सात चीज़ें माँगीं उनमें पक्षी का ज़िक्र नहीं
पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने 24-25 अगस्त 2026 की बैठक में जैसलमेर के रामगढ़ ब्लॉक की 256 हेक्टेयर खदान को टाल दिया। कार्यवृत्त में यह दर्ज है कि खदान से निकले इस्पात-श्रेणी के चूना-पत्थर का रास्ता गोडावण के प्राथमिकता क्षेत्र से होकर गुज़रता है। समिति ने इस पर शर्त नहीं लगाई, सुझाव दिया।
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देश
बालासोर के जंगल में ओरांगउटान के पाँच बच्चे मिले हैं; यह जानवर भारत में नहीं होता, और इसीलिए यह ख़बर तस्करी की है
8 सितंबर की सुबह भोगराई के बिचित्रपुर जंगल में गश्ती दल को डेढ़ फ़ुट के पाँच लाल बालों वाले बच्चे मिले। घंटे भर में हज़ारों लोग जमा हो गए। ओडिशा के वन मंत्री ने कहा कि ये मलेशिया, इंडोनेशिया, बोर्नियो और सुमात्रा के जीव हैं, और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में एक की क़ीमत 20 से 25 लाख रुपये है।
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देश
अरावली की पहाड़ी किसे कहें, यह तय करने में दो फ़ैसले, एक रोक और एक समिति लग चुकी है; अदालत ने अब 30 नवंबर की तारीख़ दी है
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी ही समिति को छह महीने और देने से मना कर दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि समिति ने साफ़ तौर पर उनकी सेवानिवृत्ति के बाद की तारीख़ माँगी है। सवाल वही पुराना है: 100 मीटर से नीची पहाड़ी अरावली है या नहीं।
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दुनिया
केन्या ने टाटा को झील छोड़ने को कहा है, और वह कारख़ाना 1911 से चल रहा है
राष्ट्रपति विलियम रुतो ने इसे सौ साल पुरानी दोहन की व्यवस्था कहा। टाटा केमिकल्स वहाँ 2005 में आई थी, एक ब्रिटिश कंपनी ख़रीदकर। खनन 1911 में शुरू हुआ था।
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लखनऊ स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पहले नंबर पर आया, और उसकी हवा राष्ट्रीय मानक से तीन गुना गंदी है
पंद्रहवें स्थान से पहले स्थान पर, और डेढ़ करोड़ का इनाम। सर्वेक्षण के आठ में से ज़्यादातर मानक यह नापते हैं कि शहर ने क्या किया, यह नहीं कि हवा में क्या है।
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पंजाब के संयंत्रों में कोयला ज़रूरत से ज़्यादा है, और वे 42 फ़ीसदी पर चल रहे हैं
कोयला मंत्रालय ने शनिवार को मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया। उसके अपने आँकड़े बताते हैं कि पीएसपीसीएल के भंडार 117 फ़ीसदी भरे हैं, संयंत्र 42 फ़ीसदी पर हैं, और उसी राज्य का एक निजी संयंत्र 93 फ़ीसदी पर चल रहा है।
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गिद्ध लौट रहे हैं, पर सरकारी विज्ञप्ति उस दवा का नाम एक बार भी नहीं लेती
पंचकूला में अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस मना। पिंजौर के केंद्र ने 2025-26 में 356 गिद्ध रखे और 35 चूज़े पैदा किए। जिस दवा ने भारत के गिद्ध ख़त्म किए, उसका नाम डाइक्लोफ़ेनाक है।
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देश
जैव विविधता समितियाँ 2.76 लाख हैं, मंत्रालय की हिंदी विज्ञप्ति में 27.6 लाख छपीं
चंडीगढ़ में राज्य जैव विविधता बोर्डों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक हुई। पर्यावरण मंत्री ने इन समितियों को काम करने लायक़ बनाने की बात कही। उसी विज्ञप्ति में उनकी गिनती दस गुना ज़्यादा लिखी है।
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समझिए
दिल्ली की हवा में सबसे बड़ा हिस्सा सड़क की धूल का है, और यही वह वाक्य है जिसका सबसे ज़्यादा दुरुपयोग होता है
सत्रह शहरों के अध्ययनों में सड़क की धूल पीएम10 का 20 से 52 फ़ीसदी है। पर पीएम2.5 में वह 8 से 25 फ़ीसदी ही है, और फेफड़ों में गहरे तक वही जाता है। सीएसआईआर-सीआरआरआई ने शुक्रवार को दिल्ली पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को इसी ढाँचे पर प्रशिक्षण दिया।
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देश
37,500 करोड़ की योजना पर कोयला मंत्रालय ने खंडन जारी किया, और सबूत में जो दो नाम गिनाए वे दोनों सरकारी हैं
ख़बरें छपी थीं कि सतही कोयला गैसीकरण की योजना में एक भी आवेदन नहीं आया। मंत्रालय ने कहा कि यह जल्दबाज़ी है, आवेदन आए हैं, और गिनाए तालचर फ़र्टिलाइज़र्स और एनटीपीसी। पहली खिड़की 7 सितंबर को बंद हो रही है।
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समझिए भारत की भूतापीय क्षमता 10.6 गीगावाट आँकी गई है, पूरी दुनिया के ऐसे संयंत्र 15.67 गीगावाट के हैं पहली संख्या ज़मीन के नीचे की गर्मी का अनुमान है। दूसरी संख्या दुनिया भर में लगी हुई मशीनों की है। सरकार की अपनी पृष्ठभूमि सामग्री मानती है कि भारत में व्यावसायिक भूतापीय बिजली अभी शुरू नहीं हुई।
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देश जैव-विविधता का यह पैसा किसी किसान या गाँव तक नहीं पहुँचा, और विज्ञप्ति ख़ुद यही कहती है राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण ने 5.68 करोड़ रुपये जारी किए। यह रक़म बीज कंपनियों से भिंडी, खीरे और तरबूज़ की क़िस्मों के बदले वसूली गई थी। सामग्री बाज़ार और व्यापारियों से ली गई थी, इसलिए उसका सिरा किसी गाँव से नहीं जुड़ सका।
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दुनिया जिस झील ने 550 लोगों को बहाया, वह उससे पिछली शाम तक थी ही नहीं रसुवा की बाढ़ हिमनद झील के फटने से नहीं आई। पहाड़ का एक हिस्सा नदी में गिरा, नदी रुकी, और वह अस्थायी बाँध टूट गया। दुनिया की किसी ख़तरा-सूची में यह झील दर्ज नहीं थी।