हर अक्टूबर सरकार अपने दफ़्तर साफ़ करती है, और उसी सूची में संसद के आश्वासन सबसे नीचे रहते हैं
विशेष अभियान 6.0 की तैयारी 15 सितंबर से शुरू होगी। पिछली बार न्याय विभाग ने महीने भर की मेहनत के बाद 93,000 रुपये का कबाड़ बेचा और 300 वर्ग फुट जगह ख़ाली की।
सरकारी दफ़्तर में जो फ़ाइल अब किसी काम की नहीं रही, उसका होता क्या है?
इसका एक आधिकारिक जवाब है, और वह हर साल अक्टूबर में लागू होता है।
ईस्टर्न कोलफ़ील्ड्स ने गुरुवार को विशेष अभियान 6.0 की शुरुआत की। तैयारी का चरण 15 से 30 सितंबर तक चलेगा और असल काम 2 से 31 अक्टूबर तक।
अभियान है क्या
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग हर साल सभी मंत्रालयों से कहता है कि एक महीने के लिए रुककर अपना घर ठीक करें।
इसका मतलब चार काम होते हैं। पुराना कबाड़ और ई-कचरा निकालना, लंबित मामले निपटाना, रद्दी हटाकर जगह ख़ाली करना, और काग़ज़ को डिजिटल करना।
इस बार दो विषय तय हुए हैं। विभाग का विषय है कचरे से कमाई, और कोयला मंत्रालय का विषय है ई-कचरा प्रबंधन।
नाम अभियान का है, पर काम सूची का है। हर विभाग पहले पंद्रह दिन में गिनता है कि उसके पास कितनी लंबित चीज़ें हैं, फिर अगले महीने उन्हें निपटाता है।

एक विभाग का पूरा हिसाब
पिछले साल के अभियान का एक ब्योरा पूरा छपा है, और उसे पढ़ना इस पूरी क़वायद को समझने का सबसे सीधा रास्ता है।
न्याय विभाग ने सितंबर 2025 के पहले चरण में गिना कि उसके पास क्या-क्या लंबित है।
526 लोक शिकायतें। शिकायतों पर 4 अपीलें। समीक्षा के बाद हटाने लायक़ 82 भौतिक फ़ाइलें। 10 ई-फ़ाइलें। 4 संसदीय आश्वासन। राज्य सरकारों के 3 संदर्भ। और जैसलमेर हाउस के अपने परिसर में सफ़ाई लायक़ 4 जगहें।
फिर अक्टूबर में यह सब निपटाया गया।
नतीजा विज्ञप्ति में लिखा है। 66 कबाड़ की चीज़ें और 56 ई-कचरे की चीज़ें जेम पोर्टल पर नीलामी के लिए रखी गईं, जिनसे लगभग 93,000 रुपये मिलने की उम्मीद है, और इससे विभाग में क़रीब 300 वर्ग फुट जगह ख़ाली होगी।
एक महीने के अभियान का यह हिसाब है। तिरानबे हज़ार रुपये और तीन सौ वर्ग फुट।
सब कुछ निपट गया, दो संसदीय आश्वासनों को छोड़कर।
और अब पूरे देश की तालिका
यहाँ से बात बदल जाती है।
अभियान 4.0 की बीच की रिपोर्ट में एक तालिका छपी थी, जिसमें हर काम का लक्ष्य और उस तारीख़ तक की प्रगति दर्ज है। वह 18 अक्टूबर 2024 की स्थिति है।
| काम | लक्ष्य | तब तक पूरा | फ़ीसदी |
|---|---|---|---|
| सफ़ाई अभियान | 3,19,223 | 2,30,189 | 72 |
| सांसदों के संदर्भ | 4,139 | 1,173 | 28 |
| संसदीय आश्वासन | 1,157 | 106 | 9 |
| अंतर-मंत्रालयी संदर्भ | 146 | 75 | 51 |
| राज्य सरकारों के संदर्भ | 749 | 374 | 50 |
| लोक शिकायतें | 5,17,672 | 2,95,115 | 57 |
| शिकायतों पर अपील | 15,841 | 7,063 | 45 |
| प्रधानमंत्री कार्यालय के संदर्भ | 972 | 570 | 59 |
| नियमों को आसान करना | 635 | 308 | 49 |
| समीक्षा लायक़ भौतिक फ़ाइलें | 33,10,775 | 19,07,229 | 58 |
| समीक्षा लायक़ ई-फ़ाइलें | 4,99,981 | 2,15,383 | 43 |
इसी अवधि में 63.48 लाख वर्ग फुट जगह ख़ाली हुई और कबाड़ बेचकर 53.61 करोड़ रुपये मिले।
तालिका की सबसे नीची लकीर
अलमारियाँ 72 फ़ीसदी साफ़ हुईं।
संसदीय आश्वासन 9 फ़ीसदी।
संसदीय आश्वासन वह होता है जो कोई मंत्री सदन में खड़े होकर देता है। सवाल पूछा जाता है, मंत्री कहते हैं कि जानकारी जुटाकर सदन को बता दी जाएगी, और वह वादा एक रजिस्टर में दर्ज हो जाता है।
उसी सूची में 1,157 ऐसे वादे लंबित थे। उस तारीख़ तक 106 पूरे हुए थे।
यह पूरी तालिका की सबसे नीची लकीर है, और उसके ठीक ऊपर वाली लकीर सांसदों के अपने संदर्भ हैं, 28 फ़ीसदी पर।
जो चीज़ें विभाग के भीतर की हैं, वे तेज़ी से निपटती हैं। जो चीज़ें संसद की तरफ़ जवाबदेही बनाती हैं, वे सबसे पीछे रहती हैं।
और एक गिनती जो अभियान अपनी भी करता है
उसी रिपोर्ट में लिखा है कि मंत्रालयों ने अभियान पर 7,587 ट्वीट किए, 406 इन्फ़ोग्राफ़िक बनाए, तीन करोड़ बीस लाख लोगों तक पहुँच बनी और 183 विज्ञप्तियाँ जारी हुईं।
सफ़ाई की तालिका में प्रचार की गिनती भी शामिल है।
एक आँकड़ा जो अलग से पढ़ने लायक़ है
33 लाख से ज़्यादा भौतिक फ़ाइलें।
यह किसी एक विभाग की नहीं, एक ही अभियान में पूरी केंद्र सरकार में समीक्षा के लिए निकाली गई फ़ाइलों की संख्या है। इनमें से 19 लाख की समीक्षा उस तारीख़ तक हो चुकी थी।
अगला अभियान अक्टूबर में चलेगा और तब यह गिनती फिर से शुरू होगी।
स्रोतकोयला मंत्रालय, ईस्टर्न कोलफ़ील्ड्स की विज्ञप्ति, विधि एवं न्याय मंत्रालय, न्याय विभाग की विज्ञप्ति, 31 अक्टूबर 2025, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, विशेष अभियान 4.0 की मध्यावधि रिपोर्ट