विषय
उत्तराखंड
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देश
36 राज्यों के एएनटीएफ़ प्रमुखों का सम्मेलन आज, पर टास्क फ़ोर्स कब बनी इस पर गृह मंत्रालय के दस्तावेज़ ख़ुद असहमत
अमित शाह आज दिल्ली में तीसरे राष्ट्रीय एएनटीएफ़ सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे हैं और लखनऊ-देहरादून में नए ज़ोनल परिसरों की नींव रखेंगे। पर गृह मंत्रालय की 2025 की विज्ञप्ति टास्क फ़ोर्स बनाने का निर्देश 2021 का बताती है, जबकि छह सितंबर 2026 की विज्ञप्ति उसे 2019 से जोड़ती है।
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देश
नेपाल को बिजली भेजने की मंज़ूरी में 600 और 54 मेगावाट के साथ एक घड़ी भी लिखी है: रात 12 से शाम 6 बजे तक
विद्युत मंत्रालय ने सोमवार, 14 सितंबर को नेपाल विद्युत प्राधिकरण के लिए 13 सितंबर से 31 दिसंबर तक बिजली निर्यात की मंज़ूरी दी। विज्ञप्ति में दो लाइनों के नाम हैं, दो आँकड़े हैं और दिन के अठारह घंटे तय हैं। शाम छह से रात बारह बजे तक के छह घंटे उन अठारह में नहीं आते, और भारतीय बिजली बाज़ार में बेचने वालों की सबसे बड़ी कमी इन्हीं घंटों में रहती है।
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देश
अमित शाह ने 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता का भरोसा जताया; चार विधानसभाएँ उसे पारित कर चुकी हैं और अमल में वह एक ही राज्य में है
रविवार, 13 सितंबर को मुंबई में गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा-राजग की सरकारों वाले 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लाई जाएगी। उत्तराखंड की संहिता 27 जनवरी 2025 से लागू है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाओं ने अपनी-अपनी संहिता पारित कर दी है, और तीनों में से कोई अभी अमल में नहीं आई।
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पैसा
एआई डेटा सेंटर 2031-32 तक 26,300 मेगावाट माँगेंगे, और भारत की पूरी बची हुई लघु जलविद्युत क्षमता उससे कम है
नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने 10 सितंबर को कहा कि देश की लगभग 21 गीगावाट लघु जलविद्युत क्षमता में से सिर्फ़ 5.2 गीगावाट इस्तेमाल हो रही है। जिस आकलन से यह 21 गीगावाट निकलती है, वह आईआईटी रुड़की का जुलाई 2016 का डेटाबेस है। इस वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 31 अगस्त तक इस क्षेत्र में 10.40 मेगावाट जुड़ी, और अगस्त महीने में शून्य।
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इत्मीनान
जिस गृह मंत्री के कार्यकाल में भारत का नक्शा भाषा के आधार पर बदला, संविधान सभा की भाषा-बहस के तीनों दिन उसका अपना कोई भाषण दर्ज नहीं है
गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा ज़िले के खूँट गाँव में हुआ। उनके नाम के साथ दो काम जुड़े हैं: राज्यों का भाषाई पुनर्गठन और हिंदी को राजभाषा बनाने का अभियान। हमने संविधान सभा की चार बहसें, राज्य पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट का एक वाक्य और कुली-बेगार आंदोलन पर इतिहासकार शेखर पाठक का लेखा पढ़कर देखा कि रिकॉर्ड में क्या है और क्या नहीं।
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समझिए
हिमाचल की साक्षरता 99.55 फ़ीसदी बताई गई, पर यह दर किस आबादी पर निकाली गई है, यह किसी विज्ञप्ति में दर्ज नहीं है
राज्य की तरफ़ से आए दो आँकड़े, 28,480 निरक्षर और 0.45 फ़ीसदी, आपस में बाँटने पर क़रीब 63 लाख का एक हर देते हैं। उल्लास योजना का पैमाना 15 साल से ऊपर की आबादी का 95 फ़ीसदी है, और 2011 की जनगणना हिमाचल में सात साल से ऊपर के क़रीब 10.47 लाख निरक्षर गिनती थी। घर-घर सर्वे में 94,930 लोग चिह्नित हुए और 59,896 ने इम्तिहान पास किया।
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देश हिमनद झीलों पर बैठक पाँच राज्यों के साथ हुई, और सबसे ज़्यादा झीलें जहाँ हैं वह लद्दाख बुलाया ही नहीं गया गृह सचिव ने उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल और जम्मू-कश्मीर के साथ तैयारी की समीक्षा की। विज्ञप्ति में झीलों की गिनती नहीं है, पैसा नहीं है, और कोई समयसीमा नहीं है।