उस दिन के 8 पन्ने, एक जगह
पीएफ़ देर से जमा करने का जुर्माना साल में 37 फ़ीसदी तक था, अब 12 फ़ीसदी पर निपट रहा है
विश्वास, 2026 योजना 28 दिसंबर को बंद होगी और ईपीएफ़ओ कहता है कि तारीख़ आगे नहीं बढ़ेगी। कर्मचारी का ब्याज माफ़ नहीं हुआ है, घटा सिर्फ़ जुर्माना है।
त्रिपुरा से यूरोप गया जैविक चावल अठारह टन है, यानी एक ट्रक भर
एपीडा की विज्ञप्ति कहती है कि किसानों को घरेलू भाव से चालीस फ़ीसदी तक ज़्यादा मिलने की उम्मीद है। जिस बाज़ार में यह खेप गई है, वहाँ भारतीय चावल की खेपें पिछले पाँच साल में दो सौ से ज़्यादा बार रोकी जा चुकी हैं।
चार कंपनियों ने भाव तय किए, और सबूत उनकी अपनी बैठक के कार्यवृत्त और ईमेल निकले
प्रतिस्पर्धा आयोग ने ट्रस्टीज़ एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया और तीन ट्रस्टीशिप कंपनियों को डिबेंचर सेवाओं का बेंचमार्क भाव तय करते पाया। कुछ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से भी ज़िम्मेदार ठहराए गए हैं।
81 करोड़ लोग भूखे हैं, यह इस आँकड़े का मतलब नहीं है, और यही सबसे ज़्यादा दोहराया जाता है
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम गाँव की 75 फ़ीसदी और शहर की 50 फ़ीसदी आबादी तक जाता है। यह ऊपरी सीमा है, गिनती नहीं। और यह सीमा 2011-12 की आबादी पर बैठाई गई थी।
सिर और सर एक ही शब्द के दो रास्ते हैं, और हिंदी दोनों को साथ रखती है
सरकार, सरदार, सरहद, सरपंच। चारों के आगे वही फ़ारसी सर बैठा है जिसका मतलब सिर होता है। और हिंदी का अपना सिर उसी जड़ से आया है, बस दूसरे रास्ते से।
हिमनद झीलों पर बैठक पाँच राज्यों के साथ हुई, और सबसे ज़्यादा झीलें जहाँ हैं वह लद्दाख बुलाया ही नहीं गया
गृह सचिव ने उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल और जम्मू-कश्मीर के साथ तैयारी की समीक्षा की। विज्ञप्ति में झीलों की गिनती नहीं है, पैसा नहीं है, और कोई समयसीमा नहीं है।
रेल मंत्री ने जो सुधारने को कहा, उसकी सूची पढ़िए तो पता चलता है कि अभी क्या-क्या ख़राब है
सिग्नल की तकनीकी ख़ामियाँ, तय उम्र पार कर चुके ओएचई पुर्ज़े, कोच की बिजली की वायरिंग, और वे जगहें जहाँ पटरी के फ़ास्टनर लगे ही नहीं हैं। निर्देश की सूची अपने आप एक ख़राबी की सूची है।
इस्पात मंत्रालय की विज्ञप्ति सकारात्मक वृद्धि की है, और उसी में लिखा है कि भारत शुद्ध आयातक रहा
अप्रैल से अगस्त तक तैयार इस्पात का उत्पादन 3.8 फ़ीसदी बढ़ा। इसी अवधि में आयात मात्रा में 29.5 फ़ीसदी और रुपये में 38.3 फ़ीसदी बढ़ा।