दिल्ली में ब्रिक्स की यातायात पाबंदी चार अलग सलाहों में कुल बत्तीस घंटे चली
दिल्ली यातायात पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चार बार समय बाँधा: 8 सितंबर की रिहर्सल के लिए सवा दो घंटे, 11 सितंबर को साढ़े छह, 12 को साढ़े ग्यारह और 13 को पूरे बारह। चारों सलाहों में सड़कों और मोड़ों की गिनती एक ही छपी, और जो संख्या हर बार बदली वह घंटों की थी।

बत्तीस साल के लक्ष्मण ने द हिंदू से कहा कि शनिवार, 12 सितंबर को उनकी कमाई एक हज़ार रुपये से गिरकर चार सौ रह गई। वे दिल्ली में एप से काम लेने वाले डिलीवरी कर्मचारी हैं। उसी शनिवार दिल्ली यातायात पुलिस की सलाह सुबह साढ़े नौ बजे से रात नौ बजे तक लागू थी।
उन तीन दिनों में दिल्ली की सड़कों पर पाबंदी कितनी देर रही, इसका जवाब एक संख्या नहीं है। पुलिस ने चार अलग-अलग सलाहें जारी कीं, हर सलाह में समय अलग था, और चारों में प्रभावित सड़कों तथा मोड़ों की गिनती एक ही छपी रही।
आठ सितंबर की रिहर्सल से तेरह की शाम तक
पहली सलाह सम्मेलन शुरू होने से तीन दिन पहले आई। दिल्ली यातायात पुलिस ने मंगलवार, 8 सितंबर को अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि उस शाम 19:45 से 22:00 बजे तक कारकेड रिहर्सल के चलते दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन और नियंत्रित आवाजाही रहेगी। एएनआई ने उसी दोपहर इस पोस्ट को ज्यों का त्यों दर्ज किया। सवा दो घंटे की इस रिहर्सल के लिए भी पुलिस ने वही ब्योरा जारी किया जो असली दिनों के लिए बनाया गया था: पैंतीस से ज़्यादा सड़कें और बाईस डायवर्जन बिंदु।
दूसरी सलाह 10 सितंबर की रात आई, अगले दिन के लिए। उसमें लिखा है कि 11 सितंबर को दोपहर 2:00 से रात 8:30 बजे तक डायवर्जन और नियंत्रित आवाजाही रहेगी। साढ़े छह घंटे।
तीसरी सलाह 12 सितंबर की है और उसकी अवधि सुबह 09:30 से रात 21:00 बजे तक है, यानी साढ़े ग्यारह घंटे। पुलिस की अपनी पोस्ट में यही समय दर्ज है; कुछ अख़बारों ने इसे रात साढ़े नौ बजे तक पढ़ा, जिससे आधे घंटे का फ़र्क़ आता है।
चौथी सलाह ही वह है जिसकी मूल प्रति अब भी दिल्ली यातायात पुलिस की वेबसाइट पर पड़ी है। उसके पहले पन्ने पर सबसे ऊपर लिखा है: दिनांक 13.09.2026, सुबह 0800 से रात 2000 बजे तक। पूरे बारह घंटे।
चारों को जोड़ने पर बत्तीस घंटे पंद्रह मिनट बनते हैं; सिर्फ़ सम्मेलन के तीन दिन गिनें तो तीस घंटे। "बारह घंटे की पाबंदी" वाला आँकड़ा, जो 13 सितंबर की रिपोर्टों में सबसे ज़्यादा छपा, ठीक है, पर वह उन्हीं चार में से एक दिन का है। चारों सलाहें अलग-अलग दिन जारी हुई थीं, इसलिए घंटों का यह फ़र्क़ तभी दिखता है जब चारों को एक साथ रखकर देखा जाए।
पाबंदी का ढाँचा चारों बार एक ही रहा, इसका कारण भी दर्ज है। अपर पुलिस आयुक्त (यातायात) दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि विदेशी मेहमान नौ होटलों में ठहरे थे और हर होटल से भारत मंडपम तक का रास्ता पहले से तय कर लिया गया था; कारकेड की रिहर्सल इन्हीं रास्तों पर हुई थी। सवा दो घंटे की वह रिहर्सल उन्हीं बाईस मोड़ों पर उतारी गई जो बाद के तीन दिन चले। टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने 9 सितंबर को लिखा कि इन दिनों के लिए 4,800 से ज़्यादा यातायातकर्मी तैनात किए गए।
तेरह सितंबर की सूची: सत्ताईस सड़कें और बाईस मोड़
उस बची हुई प्रति के ऊपरी खाने में चार प्रविष्टियाँ साथ-साथ छपी हैं: आयोजन स्थल भारत मंडपम, प्रगति मैदान; शिखर तिथियाँ 11 से 13 सितंबर 2026; डायवर्जन 22 बिंदु; नियंत्रित सड़कें 35+।
नीचे खंड 01 का शीर्षक है "प्रभावित सड़कें", और उसमें नाम गिनकर सत्ताईस हैं। सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, मथुरा रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, डॉ. ज़ाकिर हुसैन मार्ग, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, अफ़्रीका एवेन्यू रोड, सत्य मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, रणजीत सिंह फ़्लाईओवर, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, कमाल अतातुर्क मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड, प्रेस एन्क्लेव रोड, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, जोसेफ़ ब्रॉज़ टीटो मार्ग और लाला लाजपत राय मार्ग।
पैंतीस का आँकड़ा इस सूची से नहीं आता। वह तब बनता है जब नीचे की तालिका में दर्ज सड़कें भी जोड़ी जाएँ, जहाँ तिलक मार्ग, महाराजा रणजीत सिंह मार्ग, संसद मार्ग, तालकटोरा रोड, साइमन बोलिवर मार्ग, अरबिंदो मार्ग, अमृता शेरगिल मार्ग, मैक्स म्यूलर मार्ग, महर्षि रमण मार्ग, आर्च बिशप मैकेरियस मार्ग, लोधी रोड, भैरों मार्ग, फ़िरोज़शाह रोड, भगवान दास रोड और कोपरनिकस मार्ग अलग से आते हैं। जोड़ तब चालीस पार कर जाता है।
बाईस मोड़ों की तालिका पढ़ने पर शहर का भूगोल दिखता है। क्रमांक 13 से 16 तक चार लगातार बिंदु लोधी रोड के चार चौराहे हैं: अमृता शेरगिल मार्ग, मैक्स म्यूलर मार्ग, महर्षि रमण मार्ग और आर्च बिशप मैकेरियस मार्ग। चारों पर एक ही निर्देश है, कि गाड़ी उस मार्ग पर न मुड़े और लोधी रोड पर सीधी निकल जाए। क्रमांक 17 से 20 तक चार और बिंदु मथुरा रोड की एक ही कतार पर हैं, लोधी फ़्लाईओवर के नीचे से शुरू होकर नीला गुंबद, ओबेरॉय फ़्लाईओवर के नीचे और डीपीएस मथुरा रोड के सामने वाले यू-टर्न तक। चारों का मक़सद एक है: भारत मंडपम की तरफ़ कोई गाड़ी न जाए।

उन्नीसवें बिंदु पर एक अपवाद दर्ज है। ओबेरॉय फ़्लाईओवर के नीचे मथुरा रोड बंद है, पर सलाह में साफ़ लिखा है कि ओबेरॉय होटल और गोल्फ़ लिंक जाने वाली गाड़ियों को अनुमति है।
कनॉट प्लेस दो बिंदुओं से बँधा है। क्रमांक 04 पर कस्तूरबा गांधी मार्ग से सी-हेक्सागन की तरफ़ जाना मना है और गाड़ी आउटर सर्कल भेजी जाएगी, "जनपथ छोड़कर बाक़ी सब मार्गों पर"। क्रमांक 05 पर जनपथ से वही रोक है और गाड़ी आउटर सर्कल जाएगी, "कस्तूरबा गांधी मार्ग छोड़कर"। दो पड़ोसी मोड़ एक-दूसरे को अपनी सूची से काट देते हैं।
सलाह के आख़िरी खंड में दो पाबंदियाँ अलग से लिखी हैं। नियंत्रित सड़कों के 200 मीटर के भीतर सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करना मना है। और जिन व्यावसायिक वाहनों का गंतव्य दिल्ली नहीं है, उनका दिल्ली में घुसना ही मना है।
छूट की सूची और उसकी शर्तें
सलाह के पाँचवें खंड में छूट का ब्योरा है। आपात और चिकित्सा वाहनों को पूरी दिल्ली में चौबीसों घंटे प्राथमिकता और बिना रुकावट रास्ता देने की बात लिखी है। आवश्यक सेवाओं और उपयोगिता सेवाओं को हर ज़ोन में निर्बाध पहुँच दी गई है। पुलिस ने सलाह के साथ सवाल-जवाब का एक पन्ना भी चलाया, जिसे वह एफ़एक्यू कहती है, और उसमें जोड़ा गया कि चिकित्सा आपात स्थिति में लोग मौक़े पर तैनात यातायातकर्मी को तुरंत बताएँ ताकि आवाजाही करवाई जा सके।
परिवहन का खाना तीन डिब्बों में बँटा है। बस के नीचे लिखा है कि वीवीआईपी आवाजाही के दौरान मार्ग बदल सकते हैं। मेट्रो के नीचे लिखा है कि सभी स्टेशनों पर सेवा पूरी तरह चालू है, कोई व्यवधान नहीं। टैक्सी और ऑटो के नीचे लिखा है कि निर्धारित जगहों के अलावा सड़क किनारे कहीं भी खड़े होने की इजाज़त नहीं है और डायवर्जन हो सकते हैं।
डिलीवरी करने वालों के लिए अलग से कोई पंक्ति सलाह में नहीं है। उनका ज़िक्र उसी एफ़एक्यू में है, जहाँ लिखा है कि स्विगी, ज़ोमैटो और ब्लिंकिट जैसी सेवाएँ सामान्य इलाक़ों में चल सकती हैं, और नियंत्रित तथा प्रतिबंधित इलाक़ों में उनकी आवाजाही सम्मेलन के दौरान लगी पाबंदियों से तय होगी। शहर भर में कोई रोक नहीं थी। जिस पट्टी में सबसे ज़्यादा ऑर्डर आते हैं, वहाँ पहुँचना उसी दिन की तालिका पर निर्भर था।
टैक्सी वालों के लिए एक अलग इंतज़ाम भी हुआ। 11 सितंबर को यातायात पुलिस ने अपनी सूचना पट्टी पर दर्ज किया कि 11 से 13 सितंबर के बीच भैरों रोड पर गेट नंबर 4 के बाहर सवारी उतारने और बिठाने की विशेष व्यवस्था रहेगी। यह सम्मेलन स्थल के सबसे क़रीब का वह बिंदु है जहाँ तक कोई किराये की गाड़ी जा सकती थी।
बंद और स्थगित: राष्ट्रपति भवन से लोक अदालत तक
शुक्रवार, 11 सितंबर को दिल्ली के स्कूल बंद रहे। शिक्षा निदेशालय ने इसका परिपत्र 5 सितंबर को जारी किया था, और वह निदेशालय के अधीन आने वाले सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त तथा मान्यता प्राप्त निजी, तीनों तरह के स्कूलों पर लागू था। निदेशालय के अपने दफ़्तरों में भी उस दिन अवकाश रहा।
राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रपति भवन संग्रहालय और अमृत उद्यान तीनों 11 से 13 सितंबर तक आम लोगों के लिए बंद रहे। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर बना दिल्ली मेट्रो संग्रहालय भी इन्हीं तीन दिनों बंद रहा; 14 सितंबर उसका साप्ताहिक अवकाश है, इसलिए वह 15 सितंबर को खुला।
एक तारीख़ दो बार खिसकी। दिल्ली यातायात पुलिस ने 10 सितंबर को अपनी सूचना पट्टी पर लिखा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के चलते लोक अदालत की तारीख़ बदलकर 10.10.2026 कर दी गई है। दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अपनी अधिसूचनाओं में दो क़दम दर्ज हैं। 25 अगस्त की अधिसूचना संख्या 10673 ने राष्ट्रीय लोक अदालत को 12 सितंबर से हटाकर 10 अक्टूबर किया, और 9 सितंबर की अधिसूचना संख्या 11105 ने उसे 10 अक्टूबर से हटाकर रविवार, 25 अक्टूबर कर दिया। यातायात पुलिस की सूचना जिस दिन लगी, उससे एक दिन पहले तारीख़ दूसरी बार आगे बढ़ चुकी थी।
कारण दोनों जगह एक नहीं है। पुलिस की सूचना में कारण ब्रिक्स शिखर सम्मेलन लिखा है। प्राधिकरण की दोनों अधिसूचनाओं में कारण सिर्फ़ एक है: दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की अधिसूचना संख्या 85 दिनांक 21.08.2026 और संख्या 86 दिनांक 08.09.2026, जिनके ज़रिए दूसरे शनिवार को अधीनस्थ अदालतों का कार्यदिवस घोषित किया गया। ब्रिक्स का नाम प्राधिकरण की किसी अधिसूचना में नहीं आता। दोनों अधिसूचनाओं की प्रतिलिपि सूची में दिल्ली यातायात पुलिस के विशेष आयुक्त दर्ज हैं।
2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत देश भर में शनिवार, 12 सितंबर को लगी थी। दिल्ली में चालान निपटाने के लिए जो लोग उस शनिवार का इंतज़ार कर रहे थे, उन्हें अब 25 अक्टूबर तक रुकना है, और चालान पर्ची 19 अक्टूबर की सुबह 10 बजे से मिलेगी।
रविवार की सुबह मेट्रो अपने सामान्य समय से पहले चली। डीएमआरसी ने 13 सितंबर को सभी लाइनों पर सुबह 6 बजे से सेवा शुरू की, जबकि रविवार को पिंक, मजेंटा और ग्रे लाइन आमतौर पर 7 बजे शुरू होती हैं। कारण उसी दिन की परीक्षा थी। संघ लोक सेवा आयोग ने 9 सितंबर को दिल्ली केंद्र के अभ्यर्थियों के लिए एक सूचना जारी की थी, जिसमें 11 से 13 सितंबर की यातायात सलाह का हवाला देकर लिखा है कि एनडीए एवं एनए-II और सीडीएस-II परीक्षा देने वाले अपने केंद्र पर "बेहतर होगा कि सुबह 7 बजे तक" पहुँच जाएँ। परीक्षा दोपहर की थी।
उसी रविवार की शाम अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और अफ़ग़ानिस्तान का पहला टी20 भी था। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की 10 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक़ दिल्ली यातायात पुलिस ने यह मैच टालने का अनुरोध किया था, और दिल्ली एवं ज़िला क्रिकेट संघ ने उसे तय तारीख़ पर ही रखा। एक ही दिन में बारह घंटे की सड़क पाबंदी, एक परीक्षा और एक अंतरराष्ट्रीय मैच की भीड़ साथ पड़ी।
आसमान में भी एक खिड़की बँधी थी। एएनआई के हवाले से आई रिपोर्टों के मुताबिक़ 11 सितंबर को 01:30 यूटीसी से 13 सितंबर को 17:30 यूटीसी तक दिल्ली और उसके तीन सौ किलोमीटर के दायरे में आने वाले हवाई अड्डों पर उड़ान भरने और उतरने की शर्तें लागू रहीं, और सिर्फ़ तय श्रेणियों की उड़ानों को इजाज़त थी।
कमाई का आँकड़ा: एक अख़बार, चार लोग
जिस आँकड़े के सहारे यह पूरी बात चल रही है, उसका स्रोत एक है। द हिंदू ने 13 सितंबर को सुबह 11 बजकर 26 मिनट पर श्रीमांसी कौशिक की रिपोर्ट छापी, जिसका शीर्षक था कि वीवीआईपी आवाजाही ने ऑटो और डिलीवरी कर्मचारियों की रोज़ की कमाई तोड़ी है। रिपोर्ट में नई दिल्ली और मध्य दिल्ली ज़िलों के चार लोगों के नाम हैं।
दार्जिलिंग के उन्नीस साल के पवन ने बताया कि उन्होंने हफ़्ता भर पहले काम शुरू किया था और उसमें से दो दिन की कमाई यातायात पाबंदी ने ले ली। उनकी सवारियाँ आईटीओ, दिल्ली गेट और मंडी हाउस से चाणक्यपुरी तक के दायरे से आती हैं। ऑटो चालक महावीर पाल ने एक सवारी का ब्योरा दिया: निज़ामुद्दीन से आरएमएल अस्पताल जाने वाली एक महिला, और एक घंटे से ज़्यादा जाम। उसके बाद उन्होंने उस दिन कोई सवारी नहीं ली। "वीवीआईपी आ रहे हैं, और यातायात पुलिस कह रही है कि जनता को कम से कम असुविधा है। काम न कर पाना सुविधा नहीं है," उन्होंने कहा। बत्तीस साल के लक्ष्मण का हज़ार से चार सौ वाला आँकड़ा इसी रिपोर्ट का है। चौथे, ऑटो चालक शिवकुमार शर्मा ने कहा कि वे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन छोड़कर वसंत विहार, हौज़ ख़ास और एम्स चले गए, और वहाँ भी जाम में फँसे।

यह चार लोगों से बातचीत है, कोई सर्वेक्षण नहीं। इन तीन दिनों की कमाई पर न किसी यूनियन ने कोई संख्या जारी की, न स्विगी, ज़ोमैटो, ब्लिंकिट या ज़ेप्टो में से किसी प्लेटफ़ॉर्म ने ऑर्डर गिरने का आँकड़ा दिया, और न किसी सरकारी विभाग ने कोई आकलन सार्वजनिक किया।
ऐसा नहीं कि उन दिनों दिल्ली के ऑटो-टैक्सी संगठन चुप थे। वे किसी और बात पर बोल रहे थे। 30 अगस्त को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने सीएनजी 3.89 रुपये प्रति किलो महँगी कर दी और दिल्ली में दाम 86.98 रुपये प्रति किलो पहुँच गया; साल की शुरुआत से यह क़रीब दस रुपये किलो की बढ़ोतरी थी। अमर उजाला की उसी दिन की रिपोर्ट में हिसाब दर्ज है कि रोज़ दस किलो गैस भरवाने वाले चालक पर 39 रुपये रोज़ का अतिरिक्त बोझ आया, बीस किलो वाले पर क़रीब 78 रुपये, यानी महीने में 1,167 से 2,334 रुपये तक।
इसके बाद दो अलग घोषणाएँ हुईं। ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन और ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस प्रकोष्ठ ने 7 और 8 सितंबर की हड़ताल का आह्वान किया। भारतीय मज़दूर संघ से जुड़े ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की। संगठनों का दावा था कि क़रीब एक लाख चालक इसमें शामिल होंगे। उनकी दो माँगें थीं: किराये की समीक्षा, क्योंकि 2023 के बाद ऑटो-टैक्सी का निर्धारित किराया नहीं बदला; और चालक कल्याण बोर्ड का गठन, जिसके बारे में संगठनों का कहना है कि सरकार घोषणा कर चुकी है और बोर्ड बना नहीं। ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महामंत्री राजेंद्र सोनी के मुताबिक़ मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से मिलने का समय क़रीब डेढ़ साल से माँगा जा रहा है।
इन तीनों तारीख़ों के ठीक बाद सम्मेलन था।
रेल के डिब्बों का हिसाब
उत्तर रेलवे ने 10 सितंबर को विज्ञप्ति जारी करके 11 से 13 सितंबर के लिए दिल्ली मंडल की कई सेवाएँ बदलीं। बिज़नेस टुडे ने 11 सितंबर को उसी विज्ञप्ति के आधार पर जो सूची छापी, उसमें रद्द और रास्ते में ही ख़त्म की गई गाड़ियों का बड़ा हिस्सा ईएमयू और मेमू का है, यानी उन लोकल सेवाओं का जिनसे रोज़ काम पर आने वाले चलते हैं।
11 सितंबर को पलवल-शकूरबस्ती की 64015, ग़ाज़ियाबाद-नई दिल्ली की 64429 और 64433, नई दिल्ली-पलवल की 64492 और दिल्ली जंक्शन-शामली की 64491 रद्द रहीं। 13 सितंबर को मथुरा-नई दिल्ली ईएमयू 64905 पलवल पर ही ख़त्म हुई, पलवल-नई दिल्ली की 64077 हज़रत निज़ामुद्दीन पर, और अलीगढ़-नई दिल्ली की 64105 ग़ाज़ियाबाद पर।
राजधानी गाड़ियाँ रद्द नहीं हुईं, डायवर्ट हुईं। रांची, डिब्रूगढ़, सियालदह, हावड़ा और भुवनेश्वर जाने वाली पाँचों नई दिल्ली-दिल्ली जंक्शन-साहिबाबाद के रास्ते निकाली गईं।
पलवल, अलीगढ़, मथुरा, ग़ाज़ियाबाद और शामली की जो सेवाएँ रद्द हुईं या रास्ते में रोक दी गईं, वे दिल्ली में रोज़ काम करने आने वालों की गाड़ियाँ हैं। रेलवे ने बदलावों का कारण परिचालन से जुड़ा बताया और यात्रियों से कहा कि स्टेशन निकलने से पहले राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली देख लें या 139 पर फ़ोन करें।
ग्राफ़िटी का मुक़दमा और उसमें जी-20 का ज़िक्र
सम्मेलन से पाँच दिन पहले, 6 सितंबर को, सिंघु बॉर्डर के पास गुरु तेग बहादुर स्मारक की दीवारों पर ब्रिक्स-विरोधी और ख़ालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिले। दिल्ली पुलिस के मुताबिक़ यह 5 और 6 सितंबर की दरमियानी रात का काम था।
इस मामले में तीन लोग पकड़े गए। पुलिस का कहना है कि इकत्तीस साल के प्रीतपाल सिंह को शुक्रवार, 11 सितंबर को गिरफ़्तार किया गया, और इक्यावन साल के हरमिंदर सिंह तथा पैंतीस साल के निरंजन सिंह को पंजाब के फ़रीदकोट से। पुलिस का आरोप है कि प्रीतपाल ने दोनों को यह काम डेढ़ लाख रुपये में सौंपा था और सीसीटीवी फ़ुटेज में वे दिल्ली आते तथा दीवार रँगते दिखे। पुलिस उन्हें प्रतिबंधित संगठन सिख फ़ॉर जस्टिस (एसएफ़जे) का "समर्पित कैडर" बताती है। ये सब पुलिस के आरोप हैं, तीनों अभी आरोपी हैं, और किसी अदालत ने कोई फ़ैसला नहीं दिया है।
इस मुक़दमे का एक सिरा तीन साल पीछे जाता है। पुलिस के मुताबिक़ 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान पश्चिमी दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों की दीवारों पर ख़ालिस्तान समर्थक नारे लिखने के कथित मामले में भी इन्हीं प्रीतपाल सिंह को गिरफ़्तार किया गया था और ग़ैरक़ानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, यानी यूएपीए, के तहत मुक़दमा दर्ज हुआ था; उसमें अप्रैल में अंतरिम ज़मानत मिली थी। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि ताज़ा मामले समेत उन पर कुल सात मुक़दमे पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में चल रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने उन्हें स्पेशल सेल को सौंप दिया है, जो 2023 वाले मामले की जाँच पहले से कर रही है।
स्पेशल सेल ने नया मुक़दमा भारतीय न्याय संहिता, यानी बीएनएस, की उन धाराओं में दर्ज किया है जो सरकार के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने, अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने और राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक कथन से जुड़ी हैं। धाराओं के नंबर 13 सितंबर की उस रिपोर्ट में नहीं दिए गए जिसमें यह ब्योरा छपा।
सितंबर 2023: तब दिल्ली सड़सठ घंटे नियंत्रित क्षेत्र थी
तीन साल पहले इसी महीने, इसी इमारत में, जी-20 का शिखर सम्मेलन हुआ था। तब दिल्ली सरकार ने राजपत्र अधिसूचना जारी की थी, और उसका ढाँचा इस बार से अलग था।

पूरा नई दिल्ली ज़िला 8 सितंबर 2023 की सुबह 5 बजे से 10 सितंबर की रात 11:59 बजे तक "नियंत्रित क्षेत्र-1" घोषित था। यह लगातार सड़सठ घंटे की एक ही अधिसूचना थी, दिन में खुलने और रात में बंद होने वाली खिड़कियाँ नहीं। मथुरा रोड (आश्रम चौक के आगे), भैरों रोड, पुराना क़िला रोड और प्रगति मैदान सुरंग पर हर तरह के मालवाहक वाहन, व्यावसायिक वाहन, अंतरराज्यीय बसें और शहरी बसें 7-8 सितंबर की रात 12 बजे से 10 सितंबर की रात तक बंद थीं। दूध, सब्ज़ी, फल और दवा जैसी ज़रूरी चीज़ें ले जाने वाले वाहनों को वैध नो-एंट्री अनुमति के साथ छूट थी।
दो पाबंदियाँ ऐसी थीं जो इस बार नहीं लगीं। पहली: ऑटो और टैक्सी को 9 सितंबर की सुबह 5 बजे से 10 सितंबर तक नई दिल्ली ज़िले में घुसने या चलने की इजाज़त नहीं थी। दूसरी: डाक और चिकित्सा सेवाओं को छोड़कर नई दिल्ली के इलाक़ों में हर ऑनलाइन डिलीवरी सेवा बंद रखी गई थी।
मेट्रो 8 से 10 सितंबर तक सभी लाइनों के आख़िरी स्टेशनों से सुबह 4 बजे चली, 6 बजे तक हर तीस मिनट पर। सुप्रीम कोर्ट स्टेशन पर 9 और 10 सितंबर को चढ़ना-उतरना बंद रहा, और सुप्रीम कोर्ट, पटेल चौक तथा रामकृष्ण आश्रम मार्ग, तीन स्टेशनों की पार्किंग 8 सितंबर की सुबह 4 बजे से 11 सितंबर की दोपहर 12 बजे तक बंद रही।
नुक़सान का एक आँकड़ा तब भी छपा था और वह भी सरकारी नहीं था। 11 सितंबर 2023 को ब्लूमबर्ग ने व्यापारी संगठनों के हवाले से लिखा कि तीन दिन की आंशिक बंदी में दिल्ली के कारोबार को क़रीब एक हज़ार करोड़ रुपये, यानी बारह करोड़ डॉलर का घाटा हुआ। ख़ान मार्केट, जो सम्मेलन स्थल के पास है, बंद रहा और वहाँ के व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने अपने बाज़ार का नुक़सान क़रीब बारह लाख डॉलर बताया। कई बाज़ारों में ग्राहक सामान्य दिनों के दसवें हिस्से रह गए। उसी रिपोर्ट में दर्ज है कि आम दिनों में आसपास के शहरों से क़रीब चार लाख ख़रीदार रोज़ दिल्ली आते हैं। यह व्यापारी संगठनों का अपना आकलन था, किसी लेखा-परीक्षा का नतीजा नहीं, और इसमें ऑटो या डिलीवरी वालों की कमाई अलग से नहीं गिनी गई थी।
तीन बरस में जो नहीं बदला
2023 में जिन लोगों को नई दिल्ली ज़िले में घुसने से रोका गया था, 2026 में उन्हें रोका नहीं गया। ऑटो चल सकते थे, टैक्सी चल सकती थीं, डिलीवरी सामान्य इलाक़ों में चालू थी। काम फिर भी नहीं मिला, क्योंकि सवारी और ऑर्डर दोनों उसी पट्टी से आते हैं जिसमें घुसने का रास्ता उस दिन की तालिका तय कर रही थी।
दोनों बार जो एक जैसा रहा, वह गिनती की अनुपस्थिति है। 2023 में भी और 2026 में भी, किसी सरकारी विभाग ने यह आकलन सार्वजनिक नहीं किया कि पाबंदी से किसकी कितनी कमाई गई। जो अनुमान छपे, वे व्यापारी संगठनों के थे या चार लोगों से हुई बातचीत के।
चालक कल्याण बोर्ड, जिसकी माँग यूनियनें सितंबर की उन्हीं हड़ताल घोषणाओं में दोहरा रही थीं, उनके अपने बयान के मुताबिक़ अब तक नहीं बना है। दिल्ली यातायात पुलिस की चारों सलाहों में एक भी पंक्ति ऐसी नहीं है जो बताती हो कि जिनका काम इन घंटों में रुका, उनका क्या होगा। सलाह का काम रास्ता बताना है, भरपाई करना नहीं; भरपाई का काम किसी और के ज़िम्मे है और उसका कोई काग़ज़ नहीं मिलता।
सलाह में एक पंक्ति ज़रूर है, जो 10 सितंबर की रिपोर्टों में दर्ज हुई: किसी सड़क का नियंत्रित सूची में होना यह नहीं बताता कि वह तीनों दिन लगातार हर तरह के यातायात के लिए बंद रहेगी, क्योंकि आवाजाही ज़रूरत और सुरक्षा के हिसाब से नियंत्रित या मोड़ी जाएगी। शहर के लिए यह राहत की बात है। सवारी ढूँढ़ने निकले आदमी को हर बार अनुमान लगाकर ही निकलना पड़ा।
स्रोतदिल्ली यातायात पुलिस: सार्वजनिक यातायात सलाह, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026, दिनांक 13.09.2026, सुबह 0800 से रात 2000 बजे तक; पाँच खंडों में प्रभावित सड़कें, बाईस डायवर्जन बिंदु, वैकल्पिक मार्ग और छूट, दिल्ली यातायात पुलिस की वेबसाइट: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़ी सलाह, सूचना पट्टी की प्रविष्टियाँ 28 अगस्त, 10, 11 और 13 सितंबर 2026 (13 सितंबर को पढ़ी गईं), संघ लोक सेवा आयोग, 9 सितंबर 2026: दिल्ली केंद्र पर 13.09.2026 को एनडीए एवं एनए-II तथा सीडीएस-II परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए सूचना, द हिंदू, श्रीमांसी कौशिक, 13 सितंबर 2026, सुबह 11:26 (11:56 पर अद्यतन): ऑटो, ई-रिक्शा और डिलीवरी करने वालों की कमाई पर वीवीआईपी आवाजाही का असर, एएनआई, 8 सितंबर 2026, दोपहर 1:33: कारकेड रिहर्सल की सलाह, दिल्ली यातायात पुलिस की एक्स पोस्ट का उद्धरण, शाम 19:45 से 22:00 बजे तक, बिज़नेस टुडे, 12 सितंबर 2026, सुबह 6:20: 12 सितंबर की सलाह और दिल्ली यातायात पुलिस की एक्स पोस्ट, सुबह 09:30 से रात 21:00 बजे तक, न्यूज़24, 11 सितंबर 2026: 11 सितंबर की सलाह, दिल्ली यातायात पुलिस की 10 सितंबर की एक्स पोस्ट, दोपहर 2:00 से रात 8:30 बजे तक; और हवाई प्रतिबंध की अवधि, बिज़नेस टुडे, 11 सितंबर 2026: दिल्ली यातायात पुलिस के ब्रिक्स सम्मेलन 2026 यातायात एफ़एक्यू में डिलीवरी सेवाओं पर स्थिति, द इंडियन एक्सप्रेस, साक्षी चंद, 10 सितंबर 2026: सम्मेलन से पहले जारी सलाह का नियंत्रित क्षेत्र, और यह पंक्ति कि सूची में नाम होने का मतलब तीनों दिन लगातार बंद रहना नहीं है, अमर उजाला, 30 अगस्त 2026: आईजीएल की 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सीएनजी 86.98 रुपये, और ऑटो-टैक्सी संगठनों की 7 से 9 सितंबर की हड़ताल की घोषणाएँ, द इंडियन एक्सप्रेस, 13 सितंबर 2026, दोपहर 2:57: सिंघु बॉर्डर के पास गुरु तेग बहादुर स्मारक की दीवारों पर ग्राफ़िटी के मामले में तीन गिरफ़्तारियाँ, पुलिस का पक्ष, बिज़नेस टुडे, 11 सितंबर 2026: उत्तर रेलवे की 10 सितंबर की विज्ञप्ति पर आधारित रद्द, डायवर्ट और शॉर्ट-टर्मिनेट ट्रेनों की सूची, आज तक, 11 सितंबर 2026, सुबह 7:13: शिक्षा निदेशालय के 5 सितंबर के परिपत्र, राष्ट्रपति भवन और अमृत उद्यान की बंदी, डीएमआरसी की सूचना, और अपर पुलिस आयुक्त (यातायात) दिनेश कुमार गुप्ता का ब्योरा, आकाशवाणी समाचार, 6 सितंबर 2023: जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली सरकार की राजपत्र अधिसूचना, नई दिल्ली ज़िला 'नियंत्रित क्षेत्र-1', और ऑटो-टैक्सी पर रोक, आकाशवाणी समाचार, 6 सितंबर 2023: जी-20 के दौरान दिल्ली मेट्रो का सुबह 4 बजे से संचालन, सुप्रीम कोर्ट स्टेशन पर चढ़ने-उतरने की रोक, तीन स्टेशनों की पार्किंग बंद, बिज़नेस स्टैंडर्ड / ब्लूमबर्ग, 11 सितंबर 2023: जी-20 की तीन दिन की आंशिक बंदी से दिल्ली के व्यापारियों के 12 करोड़ डॉलर के कारोबार का व्यापारी संगठनों का अनुमान, दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, अधिसूचना संख्या 10/DSLSA/ADRW/NLAs/2026/10673, दिनांक 25.08.2026: राष्ट्रीय लोक अदालत 12.09.2026 से हटाकर 10.10.2026, कारण के रूप में दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की अधिसूचना संख्या 85 दिनांक 21.08.2026 का हवाला, दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, अधिसूचना संख्या 10/DSLSA/ADRW/NLAs/2026/11105, दिनांक 09.09.2026: राष्ट्रीय लोक अदालत 10.10.2026 से हटाकर रविवार 25.10.2026, कारण के रूप में रजिस्ट्रार जनरल की अधिसूचना संख्या 86 दिनांक 08.09.2026 का हवाला; चालान पर्ची 19.10.2026 से, द हिंदू, 13 सितंबर 2026: 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार, 12 सितंबर को हुई, तेलंगाना का ब्योरा