विषय
अपराध
-
देश
करूर भगदड़ का एक साल: एफ़आईआर तीन नाम पर, चार्जशीट अब तक दाख़िल नहीं
27 सितंबर 2025 को करूर में तमिलगा वेट्टी कषगम की रैली में मची भगदड़ में 41 लोगों की जान गई थी। एक साल बाद जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सीबीआई के पास है, राज्य का जांच आयोग दो हफ़्ते में निलंबित हो चुका है, और तीन अलग-अलग मुआवज़ा घोषणाओं का पूरा भुगतान किसी सरकारी दस्तावेज़ में दर्ज नहीं मिलता।
-
देश
नागालैंड में ज़हरीली शराब से उन्नीस मौतें, शराबबंदी पर दो साल की बहस बेनतीजा
शनिवार, 26 सितंबर की दोपहर तक नागालैंड पुलिस के हवाले से मोकोकचुंग ज़िले में आठ और तुएनसांग ज़िले में ग्यारह मौतों की पुष्टि थी। राज्य में शराब रखना, बेचना, पीना और बनाना, 1989 के नागालैंड लिकर टोटल प्रोहिबिशन एक्ट के तहत चारों क़ानूनन अपराध हैं; इसे ढीला करने पर सरकार ख़ुद अगस्त 2024 से बहस में है, पर क़ानून का मूल पाठ आज भी वही है।
-
देश
सुप्रीम कोर्ट: वैवाहिक विवाद के पॉक्सो मामलों में फ़ौरन गिरफ़्तारी नहीं, मनोवैज्ञानिक जांच पहले
गुरुवार, 24 सितंबर को जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि जहाँ बच्चे के माता-पिता के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा हो और पॉक्सो का आरोप ख़ुद परिवार के किसी सदस्य पर लगे, वहाँ गिरफ़्तारी से पहले बच्चे का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन ज़रूरी होगा। यह फ़ैसला बेंगलुरु के एक मामले में सीबीआई जांच के बाद आया, जिसमें अदालत ने एफ़आईआर रद्द कर बेटी की क़ानूनी कस्टडी पिता को लौटाई।
-
देश
36 राज्यों के एएनटीएफ़ प्रमुखों का सम्मेलन आज, पर टास्क फ़ोर्स कब बनी इस पर गृह मंत्रालय के दस्तावेज़ ख़ुद असहमत
अमित शाह आज दिल्ली में तीसरे राष्ट्रीय एएनटीएफ़ सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे हैं और लखनऊ-देहरादून में नए ज़ोनल परिसरों की नींव रखेंगे। पर गृह मंत्रालय की 2025 की विज्ञप्ति टास्क फ़ोर्स बनाने का निर्देश 2021 का बताती है, जबकि छह सितंबर 2026 की विज्ञप्ति उसे 2019 से जोड़ती है।
-
काम की बात
मुक़दमा लंबित हो तो पासपोर्ट अदालत की लिखित अनुमति और एक वचन-पत्र पर मिलता है
पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 6(2)(f) उसी पर लागू होती है जिसका मामला किसी आपराधिक अदालत के सामने लंबित है। 25 अगस्त 1993 की अधिसूचना उससे छूट देती है, बशर्ते आप उसी अदालत का आदेश और सादे काग़ज़ पर लिखा वचन-पत्र साथ लगाएँ। सिर्फ़ एफ़आईआर दर्ज हो और जाँच चल रही हो, तो विदेश मंत्रालय की अपनी हिदायत कहती है कि यह धारा लगती ही नहीं।
-
देश
नक़ली दवा के आरोप में बेंगलुरु की कृपा हेल्थकेयर पर छापा, मालिक गिरफ़्तार
शनिवार, 12 सितंबर को बेंगलुरु पुलिस की विशेष जाँच टीम और कर्नाटक के औषधि नियंत्रण विभाग ने मिनर्वा सर्कल के पास एक थोक दवा कारोबार के दफ़्तर और गोदाम की तलाशी ली और मालिक वीरेश कुमार जैन को गिरफ़्तार किया। जाँच अधिकारियों का कहना है कि कैंसर की दवाएँ, जीवन रक्षक दवाएँ और आईसीयू के इंजेक्शन एमआरपी से क़रीब आधे दाम पर 90 से ज़्यादा अस्पतालों, क्लीनिकों और दवा दुकानों तक पहुँचे। यह संख्या जाँच एजेंसी का आकलन है और नमूने अभी प्रयोगशालाओं में हैं।
-
देश
दिल्ली में ब्रिक्स की यातायात पाबंदी चार अलग सलाहों में कुल बत्तीस घंटे चली
दिल्ली यातायात पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चार बार समय बाँधा: 8 सितंबर की रिहर्सल के लिए सवा दो घंटे, 11 सितंबर को साढ़े छह, 12 को साढ़े ग्यारह और 13 को पूरे बारह। चारों सलाहों में सड़कों और मोड़ों की गिनती एक ही छपी, और जो संख्या हर बार बदली वह घंटों की थी।
-
देश
इंडोनेशिया के अनुरोध के बाद भी ओरांगउटान शावकों की वापसी का फ़ैसला केंद्र करेगा
इंडोनेशिया के वन मंत्रालय ने 10 सितंबर को भारत की सीआईटीईएस प्रबंधन प्राधिकरण को औपचारिक चिट्ठी भेजकर बालेश्वर में मिले पाँच ओरांगउटान शावक वापस माँगे हैं। उससे एक दिन पहले ओडिशा सरकार ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को लिखकर इन्हीं शावकों को नंदनकानन में रखने की इजाज़त माँगी थी। संधि का पाठ लौटाने का हुक्म नहीं देता; भारतीय क़ानून की एक धारा उससे आगे जाती है।
-
काम की बात
बॉस के नाम से आया एक संदेश और कंपनी के खाते से डेढ़ करोड़: बॉस स्कैम में बैंक की ज़िम्मेदारी कहाँ तक जाती है
इस ठगी में न पासवर्ड चोरी होता है, न ओटीपी बाहर जाता है। भुगतान कंपनी का अपना कर्मचारी करता है, अपने ही लॉगिन से। और ग्राहक की देनदारी सीमित करने वाला रिज़र्व बैंक का पूरा ढाँचा 'अनधिकृत' लेनदेन पर टिका है, जो यह नहीं है।
-
समझिए
1891 का बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम 1 अक्टूबर को हटेगा, डिजिटल रिकॉर्ड के तीन प्रमाणपत्र घटकर एक होंगे
वित्त मंत्रालय ने 11 सितंबर को बताया कि बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 2026 पहली अक्टूबर से लागू होगा। उसी दिन 1891 का अधिनियम रद्द हो जाएगा। बदलाव इस बात में नहीं है कि बैंक का रिकॉर्ड सबूत बनता है या नहीं, बदलाव इस बात में है कि उसके साथ कौन-सा काग़ज़ और किसका दस्तख़त लगेगा।
-
काम की बात
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने आरक्षित डिब्बे में हुई डकैती को सेवा में कमी माना और रेलवे पर 20,000 रुपये मुआवज़ा तय किया
28 अगस्त 2004 की रात अवध-असम एक्सप्रेस के स्लीपर डिब्बे एस-8 में हथियारबंद लोग घुसे थे। बाईस साल बाद राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने तय किया कि रात में दरवाज़े बंद न रखना और डिब्बे में टीटीई या सुरक्षाकर्मी का न होना सेवा में कमी है। मुआवज़ा 20,000 रुपये, वह भी नुक़सान, मानसिक कष्ट और मुक़दमे के ख़र्च को मिलाकर। इसी सवाल पर सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश उलटी दिशा में है, और वह इस फ़ैसले में कहीं नहीं है।
-
देश
बालासोर के जंगल में ओरांगउटान के पाँच बच्चे मिले हैं; यह जानवर भारत में नहीं होता, और इसीलिए यह ख़बर तस्करी की है
8 सितंबर की सुबह भोगराई के बिचित्रपुर जंगल में गश्ती दल को डेढ़ फ़ुट के पाँच लाल बालों वाले बच्चे मिले। घंटे भर में हज़ारों लोग जमा हो गए। ओडिशा के वन मंत्री ने कहा कि ये मलेशिया, इंडोनेशिया, बोर्नियो और सुमात्रा के जीव हैं, और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में एक की क़ीमत 20 से 25 लाख रुपये है।
-
देश
बाल आयोग ने मेटा इंडिया के प्रमुख को बुलाया है; सवाल यह है कि 99 रुपये का विज्ञापन इंस्टाग्राम की जाँच से निकला कैसे
बीबीसी की जाँच में इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण की सामग्री बेचने वाले 30 पेड विज्ञापन मिले, जो टेलीग्राम चैनलों तक ले जाते थे। जुलाई में सरकार ने नोटिस दिया, आयोग ने भी। 9 सितंबर को मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक को आयोग के सामने पेश होना है। आयोग के पास दीवानी अदालत की शक्तियाँ हैं, और यह लेख बताता है कि उनका मतलब क्या है।
-
देश
किलोकरी में एक संगीतकार शोर की शिकायत करने नीचे उतरा और ज़िंदा नहीं लौटा; बारह साल पहले बनी समिति का क़ानून आज भी नहीं बना है
चोंगथम विक्रम सिंह की मौत के बाद आठ गिरफ़्तारियाँ हुईं और मंत्री ने आठ-नौ दिन में चार्जशीट का भरोसा दिया। पुलिस कहती है कि नस्लीय मक़सद साबित नहीं हुआ। 2014 में निदो तानियम की मौत के बाद जो समिति बनी थी, उसकी सबसे बड़ी सिफ़ारिश आज तक संसद में नहीं पहुँची।
-
देश
दो राज्यों के लोक सेवा आयोगों में जो गिरफ़्तार हुए, वे बाहर के लोग नहीं थे
कर्नाटक में परीक्षा नियंत्रक पद पर तैनात रहे एक आईएएस अधिकारी हिरासत में हैं। महाराष्ट्र में आयोग के अवर सचिव गिरफ़्तार हैं। दोनों जगह पर्चा उन्हीं के पास था जिनके पास होना चाहिए था।
-
देश
जिस रसायन ने सागर में बारह लोगों को मारा, वह ज़हर अधिनियम की सूची में दर्ज नहीं है
मध्य प्रदेश के बांदा में मरे लोगों के शरीर में मेथनॉल मिला। शराब उत्तर प्रदेश के ललितपुर में बनी थी। बीस लोग नामज़द हुए, दस हिरासत में हैं, और सब स्थानीय हैं।
-
काम की बात
नशे की लत है और पुलिस का डर भी: क़ानून में एक धारा है जो इलाज कराने पर मुक़दमे से बचाती है
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64ए कहती है कि जो व्यक्ति ख़ुद इलाज के लिए आगे आता है, उस पर कम मात्रा वाले मामले में मुक़दमा नहीं चलेगा। शर्त एक है, और उसे न जानने पर यह छूट वापस ली जा सकती है।
-
देश
गृह मंत्री ने जब्ती के आँकड़े गिनाए, पर वज़न अकेले यह नहीं बताता कि नशा घटा या बढ़ा
पणजी में अमित शाह ने कहा कि 2004-14 में 26 लाख किलो नशीला माल जब्त हुआ था और 2014-26 में 1.19 करोड़ किलो। दोनों अवधियाँ बराबर नहीं हैं, और किलो की गिनती अपने आप में एक तरफ़ झुकी होती है।
-
देश ढाई महीने में 3,800 से ज़्यादा बच्चे मज़दूरी से छुड़ाए गए, और 575 मुक़दमे दर्ज हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का अखिल भारतीय अभियान 12 जून से 31 अगस्त तक चला। दोनों आँकड़े आयोग के अपने हैं और दोनों एक ही विज्ञप्ति में हैं।
-
समझिए रेल मंत्री ने जो सुधारने को कहा, उसकी सूची पढ़िए तो पता चलता है कि अभी क्या-क्या ख़राब है सिग्नल की तकनीकी ख़ामियाँ, तय उम्र पार कर चुके ओएचई पुर्ज़े, कोच की बिजली की वायरिंग, और वे जगहें जहाँ पटरी के फ़ास्टनर लगे ही नहीं हैं। निर्देश की सूची अपने आप एक ख़राबी की सूची है।
-
देश एक वेबसाइट पर विस्फोटक इकाई भर में भी ख़रीदा जा सकता था, और यही उसका बचाव टूटने की वजह बना सीसीपीए ने डायल4ट्रेड पर दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने कहा कि वह सिर्फ़ कारोबारियों के बीच का मंच है। प्राधिकरण ने पाया कि वहाँ न्यूनतम ऑर्डर की कोई सीमा ही नहीं थी।
-
समझिए जेल में बंद हर चार में से तीन लोगों पर मुक़दमा अभी चल ही रहा है, दो में से तीन नहीं एनसीआरबी की ताज़ा कारागार रिपोर्ट कहती है कि 72.6 फ़ीसदी क़ैदी विचाराधीन हैं। जो आँकड़ा हर जगह दोहराया जाता है, दो-तिहाई वाला, वह 2005 का है।
-
काम की बात मोबाइल चोरी हो जाए तो पहले क्या करें, और किस क्रम में ज़्यादातर गाइड बताती हैं कि क्या करना है। क्रम नहीं बतातीं। और क्रम ही तय करता है कि आपका पैसा बचेगा या नहीं।