भारत पन्ना

उस दिन के 11 पन्ने, एक जगह

देश

गंडक में जितना पानी आया, बैराज उससे छह गुना झेलने के लिए बना है

27 अगस्त की रात वाल्मीकि नगर पर बहाव 1,50,200 क्यूसेक था। डिज़ाइन क्षमता 8,50,000 है। 2008 में कुसहा का तटबंध इससे भी कम पानी पर टूटा था।

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पैसा

प्याज़ और सीएनजी दोनों चढ़े, पर घर के बजट में फ़र्क़ 124 रुपये का है

दिल्ली में सीएनजी 29 अगस्त की सुबह ₹3.89 महँगी हुई। प्याज़ साल भर में 70 फ़ीसदी ऊपर है। एक परिवार पर असल बोझ कितना बैठता है, यह सरकार के अपने सर्वे से निकाला जा सकता है।

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समझिए

जाति की गिनती परसों से शुरू हो रही है, और खाना खाली छोड़ा गया है

जनगणना का दसवाँ सवाल जाति का है। एससी-एसटी के लिए सूची तय है। बाक़ी सबके लिए कोई सूची नहीं, गणक वही लिखेगा जो आप बताएँगे। 2011 में इसी तरीक़े से 46 लाख जातियाँ निकली थीं।

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पैसा

सेबी ने जियो के आईपीओ को मंज़ूरी नहीं दी है, और जियो के अपने काग़ज़ में यही लिखा है

28 अगस्त को सेबी ने ऑब्ज़र्वेशन लेटर जारी किया। न क़ीमत तय है, न आकार, न तारीख़। और पिछला 'सबसे बड़ा आईपीओ' अपना आधा रिटेल हिस्सा भी नहीं बेच पाया था।

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मैदान

भारत की महिला टीम पाँचवें नंबर पर रही, और 1974 अब भी ऊपर है

एम्स्टलवीन में जर्मनी को 3-1 से हराकर भारत ने 1974 के बाद अपना सबसे अच्छा विश्व कप ख़त्म किया। उस पहले विश्व कप में टीम चौथे नंबर पर थी। यह उसकी बराबरी नहीं है।

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दुनिया

जिस झील ने 550 लोगों को बहाया, वह उससे पिछली शाम तक थी ही नहीं

रसुवा की बाढ़ हिमनद झील के फटने से नहीं आई। पहाड़ का एक हिस्सा नदी में गिरा, नदी रुकी, और वह अस्थायी बाँध टूट गया। दुनिया की किसी ख़तरा-सूची में यह झील दर्ज नहीं थी।

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इत्मीनान

भारत की पहली फ़िल्म कौन-सी थी, और यह सवाल आज तक खुला क्यों है

श्री पुंडलिक 1912 में आई, राजा हरिश्चंद्र 1913 में। बहस तारीख़ की नहीं है। बहस इस बात की है कि फ़िल्म किसे कहते हैं, और वह तय कभी हुआ ही नहीं।

· 5 मिनट

इत्मीनान

दफ़्तर, दस्तूर, दस्तावेज़: तीनों एक जैसे लगते हैं, रिश्ता सिर्फ़ एक में निकला

तीनों शब्द 'दस्त' यानी हाथ से जुड़े बताए जाते हैं। शब्दकोश खोलने पर तीन में से एक ही टिकता है। बाक़ी दो की जड़ें अलग जगहों पर हैं, और एक तो यूनानी है।

· 5 मिनट

समझिए

अदालतें पहले से तेज़ चल रही हैं, और मुक़दमों का ढेर फिर भी बढ़ रहा है

जुलाई 2026 में ज़िला अदालतों में हर दिन औसतन 94,386 मुक़दमे दायर हुए और 77,431 निपटे। 2018 के बाद निपटान दायर होने से तेज़ बढ़ा है। रेखा फिर भी पार नहीं हुई।

· 5 मिनट

इत्मीनान

565 रियासतों वाला आँकड़ा सरकार का नहीं है, और उनमें से 327 रियासतें थीं ही नहीं

यह संख्या माउंटबेटन ने 25 जुलाई 1947 के भाषण में 'लगभग' कहकर बोली थी। सरकार के अपने श्वेत पत्र में वह एक ही बार छपी है, उसी भाषण के हवाले में। विभाग का अपना आँकड़ा 552 है।

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इत्मीनान

कबीर तीन जगह बचे हैं, और सबसे नई पोथी उसी पंथ की है जो उनके नाम से चलता है

गुरु ग्रंथ साहिब 1604 का है और उसकी मूल प्रति आज भी मौजूद है। बीजक की कोई पांडुलिपि 1800 से पहले की नहीं मिली। कबीरपंथ का अपना ग्रंथ तीनों में सबसे देर का लिखा हुआ है।

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