उस दिन के 10 पन्ने, एक जगह
सरकार ने यूपीआई पर शुल्क नहीं लगाया, 14 सितंबर की अधिसूचना ने दो हज़ार से ऊपर की क़ानूनी सुरक्षा हटा दी है
वित्तीय सेवाएँ विभाग की अधिसूचना एस.ओ. 5067(ई) में दो ही भुगतान माध्यमों के नाम हैं, रुपे डेबिट कार्ड और दो हज़ार रुपये तक का यूपीआई। दो हज़ार से ऊपर का यूपीआई उसमें नहीं है, और वह सुरक्षा नाम न होने से गई। 0.4 फ़ीसदी की दर किसी राजपत्र में नहीं है, 15 अक्टूबर की तारीख़ किसी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं है, और अभी किसी से कुछ नहीं लिया जा रहा।
सिरिंज पर 516 फ़ीसदी का औसत व्यापार मार्जिन एनपीपीए ने 2018 में ख़ुद नापा था, आदेश आठ साल में नहीं आया
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषध प्रशासन ने केंद्र को लिखा है कि 11.05 रुपये में अस्पताल तक पहुँचे एक ड्रिप सेट पर 325 रुपये की एमआरपी छपी है। राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने ठीक यही हिसाब सिरिंज और सुइयों पर 1 मार्च 2018 के अपने दफ़्तरी ज्ञापन में छापा था, हितधारकों से राय माँगी थी, और उसके बाद इन तीनों में से किसी पर कोई मूल्य आदेश जारी नहीं किया।
रैपिडो पर जुर्माना दस लाख, जबकि आदेश ख़ुद कहता है कि यह दूसरी बार है और दूसरी बार पर धारा 21 पचास लाख तक देती है
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने रोप्पेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज़ को सवारी से बुकिंग के वक़्त अतिरिक्त पैसे माँगने वाले सारे प्रॉम्प्ट बंद करने को कहा है और 10,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश की तारीख़ 31 अगस्त 2026 है; पत्र सूचना कार्यालय ने इसकी घोषणा 15 सितंबर को की। आदेश का पैराग्राफ़ 55 कहता है कि यह कंपनी का दूसरा उल्लंघन है, और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 21 दूसरी बार पर पचास लाख रुपये तक का जुर्माना देती है।
एशियाई खेलों की एक सेमीफ़ाइनल जगह नियम 16.10.2 (बी) से तय हुई, जो कहीं प्रकाशित नहीं है
गुरुवार, 17 सितंबर की सुबह निशिन के कोरोगी मैदान पर बांग्लादेश और चीन का क्वार्टर फ़ाइनल बिना टॉस के रद्द हुआ। 10:48 बजे आई सूचना में एक ही वाक्य था, और उसमें एक नियम का नंबर। वह नंबर ओसीए, एशियाई क्रिकेट परिषद, आईसीसी या आयोजन समिति में से किसी की वेबसाइट पर नहीं मिलता। आठ मिनट बाद उसी प्रणाली ने इसी मैच का Match Summary बनाया, जिसके नीचे कारण दूसरा लिखा है। और जो नियम आयोजकों ने ख़ुद छापा है, वह तीसरे शब्दों में यही सवाल हल करता है।
झीरम घाटी के दस दोषियों को फांसी; अट्ठाईस आरोपियों पर मुक़दमा अब भी बाक़ी
बुधवार, 16 सितंबर को जगदलपुर की एनआईए विशेष अदालत ने 2013 के झीरम घाटी हमले के दसों दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई। एनआईए ने कुल 39 लोगों के ख़िलाफ़ चालान पेश किया था, सुनवाई दस पर हुई, और अट्ठाईस अब भी फ़रार की सूची में हैं। उसी हमले पर बने जाँच आयोग की 4,184 पन्नों की रिपोर्ट 6 नवंबर 2021 को राज्यपाल को सौंपी जा चुकी है और विधानसभा के पटल पर आज तक नहीं आई।
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने गोलपाड़ा की तोड़-फोड़ को ग़ैर-क़ानूनी नहीं ठहराया, सवाल 13 अक्टूबर के लिए रख दिया
गोलपाड़ा के मटिया राजस्व सर्कल के अंचल अधिकारी ने 5 सितंबर 2026 को नोटिस जारी किए जिनमें मकान मालिकों से कहा गया था कि अपने घर 24 घंटे में ख़ुद गिरा लें। 7 सितंबर की सुबह, अँधेरा रहते, घर गिरा दिए गए। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उसी दिन और फिर 11 सितंबर को दो अंतरिम आदेश दिए, दोनों में 'प्रथम दृष्टया' लिखकर, और असली सवाल 13 अक्टूबर के लिए टाल दिया।
रात एक बजे ट्रक उठाने पर सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख का मुआवज़ा दिया
बुधवार, 16 सितंबर को हरि दत्त शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्टीयरिंग लॉक तोड़कर रात में ट्रक उठा ले जाना अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। नया यह नहीं है। अदालत ने साथ ही दर्ज किया कि यही बात वह फ़रवरी 2007 के प्रकाश कौर फ़ैसले में कह चुकी है, और आरबीआई के दिशानिर्देश तब से काग़ज़ पर ही रहे हैं। इसलिए इस बार उसने रिज़र्व बैंक को अमल कराने का निर्देश भी दिया।
वेतन सीमा पच्चीस हज़ार करने की मंज़ूरी मंत्रिमंडल ने दी, ईपीएफ़ योजना में संशोधन की अधिसूचना अभी नहीं आई
16 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ईपीएफ़ओ की अनिवार्य वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। उसी शाम 6 बजे श्रम मंत्रालय ने बताया कि यह 17 सितंबर, विश्वकर्मा जयंती से लागू होगी। दोनों विज्ञप्तियाँ एक ही वाक्य पर ख़त्म होती हैं: मंत्रालय और ईपीएफ़ओ आवश्यक वैधानिक और प्रशासनिक कदम उठाएँगे। इससे आठ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने इसी सवाल पर चार महीने की मियाद तय की थी।
अरब सागर की टक्कर पर भारत ने 1991 के जिस समझौते के 'अनुच्छेद 10' का हवाला दिया, उस समझौते में अनुच्छेद एक भी नहीं है
विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 16 सितंबर को पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत को तलब कर कहा कि पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज़ का आचरण अप्रैल 1991 के समझौते के 'Article 10' का सीधा उल्लंघन था। उस समझौते का दस्तख़त-शुदा पाठ मंत्रालय अपनी ही वेबसाइट पर रखता है: चार पन्ने, पंद्रह नंबरदार पैराग्राफ़, और कोई अनुच्छेद नहीं। तीन समुद्री मील की दूरी वाली शर्त पैराग्राफ़ 10 में है।
एनएफ़एचएस-6 ने हीमोग्लोबिन नापा ही नहीं: 131 सूचकांक घटकर 101 रह गए
29 मई 2026 को जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के छठे दौर की 182 पन्नों की फ़ैक्ट शीट में एनीमिया और हीमोग्लोबिन, दोनों शब्द एक बार भी नहीं आते। बायोमार्कर शेड्यूल में ऊँचाई, वज़न, रक्तचाप, रैंडम ब्लड शुगर और उँगली से लिए ख़ून की एचआईवी तथा हेपेटाइटिस जाँच है। ख़ून की कमी उसमें नहीं है। उसी सर्वेक्षण से शिशु मृत्यु दर, नवजात मृत्यु दर और पाँच साल से कम उम्र की मृत्यु दर भी ग़ायब हैं।