विषय
एमएसएमई
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पैसा
दो अक्तूबर को 'नो यूपीआई डे' बुलाने वाले छह संगठनों में कैट नहीं है
बुधवार शाम मुंबई में महाराष्ट्र चैंबर ऑफ़ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर और पाँच अन्य व्यापारी संगठनों ने गांधी जयंती पर देशव्यापी 'नो यूपीआई डे' का एलान किया, दो हज़ार रुपये से ऊपर के यूपीआई भुगतान पर लगने वाले शुल्क के ख़िलाफ़। देश का सबसे बड़ा व्यापारी संगठन कैट इस सूची में नहीं है; उसका राष्ट्रीय नेतृत्व 0.4 फ़ीसदी दर को वाजिब बता चुका है, जबकि उसकी मध्य प्रदेश और ओडिशा इकाइयाँ अलग से मैदान में उतर चुकी हैं। यह शुल्क अभी किसी से नहीं लिया जा रहा; इसकी शुरुआत 15 अक्तूबर से तय है।
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पैसा
न्यूज़ीलैंड बीस अक्तूबर से भारत के हर निर्यात पर शुल्क शून्य करेगा, बदले में भारत अपनी सिर्फ़ सत्तर फ़ीसदी शुल्क लाइनें खोल रहा है
वाणिज्य मंत्रालय की 21 सितंबर की विज्ञप्ति में यह दावा चार बार दर्ज है कि हर शुल्क लाइन पर, पहले ही दिन से, भारत के निर्यात पर न्यूज़ीलैंड में शुल्क शून्य होगा। दावा सच निकलता है, मगर विज्ञप्ति यह नहीं बताती कि भारत की अपनी रियायत सिर्फ़ सत्तर फ़ीसदी शुल्क लाइनों तक है, जिसमें से एक तिहाई से ज़्यादा दस बरस में पूरी होगी।
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पैसा
सरकार ने यूपीआई पर शुल्क नहीं लगाया, 14 सितंबर की अधिसूचना ने दो हज़ार से ऊपर की क़ानूनी सुरक्षा हटा दी है
वित्तीय सेवाएँ विभाग की अधिसूचना एस.ओ. 5067(ई) में दो ही भुगतान माध्यमों के नाम हैं, रुपे डेबिट कार्ड और दो हज़ार रुपये तक का यूपीआई। दो हज़ार से ऊपर का यूपीआई उसमें नहीं है, और वह सुरक्षा नाम न होने से गई। 0.4 फ़ीसदी की दर किसी राजपत्र में नहीं है, 15 अक्टूबर की तारीख़ किसी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं है, और अभी किसी से कुछ नहीं लिया जा रहा।
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समझिए
कोयला मंत्रालय का 114 फ़ीसदी और सीईए की उसी 11 सितंबर की रिपोर्ट का 19 फ़ीसदी, दोनों पंजाब के बिजलीघरों के आँकड़े हैं
रविवार दोपहर कोयला मंत्रालय ने विज्ञप्ति निकालकर कहा कि पंजाब में बिजली कम बनने की वजह कोयले की कमी नहीं है, और 11 सितंबर को पीएसपीसीएल के संयंत्रों में भंडार मानक ज़रूरत का क़रीब 114 फ़ीसदी था। उसी 11 सितंबर की केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की दैनिक कोयला रिपोर्ट में पंजाब के दो निजी बिजलीघर संकटग्रस्त सूची में दर्ज हैं, भंडार 19 और 22 फ़ीसदी। दोनों आँकड़े सरकार के अपने हैं और अलग-अलग संयंत्रों के हैं।
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दुनिया
यूरोपीय आयोग ने 11 सितंबर को काउंसिल से दस्तख़त की इजाज़त माँगी है, जो न दस्तख़त है न मंज़ूरी, और जिस पाठ को जनवरी में पूरा बताया गया था उसका इस्पात वाला अनुलग्नक जून की एक नई यूरोपीय विनियमावली का हवाला देता है
भारत और यूरोपीय संघ की बातचीत 2007 में शुरू हुई, 2013 में टूटी, 2022 में तीन अलग पटरियों पर फिर चली और 27 जनवरी 2026 को पूरी घोषित हुई। साढ़े सात महीने बाद यूरोपीय आयोग ने काउंसिल को दो प्रस्ताव भेजे हैं। इसके बाद भी तीन पड़ाव बाक़ी हैं, और उनमें से एक पर यूरोपीय संसद के पास इनकार का अधिकार है।
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पैसा
नोटबुक पर जीएसटी शून्य हुआ, आयात शुल्क पहले से शून्य था, और कॉपी बनाने वाले बीच में आ गए
अखिल भारतीय नोटबुक निर्माता संघ ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को लिखा है कि 1,500 इकाइयाँ और 1.25 लाख रोज़गार ख़तरे में हैं। संघ की चार माँगें हैं: आयात पर न्यूनतम मूल्य, इंडोनेशिया से आने वाली कॉपियों पर डंपिंग-रोधी जाँच, निर्यात रिफ़ंड की आसान प्रक्रिया, और काग़ज़ मिलों की क़ीमतों की जाँच। संघ का एक बड़ा दावा अधिसूचना के पाठ से पूरी तरह नहीं मिलता।
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पैसा
ईसीएलजीएस 5.0 की सीमा 2.55 लाख करोड़ थी, साढ़े तीन महीने में 2.50 लाख करोड़ की गारंटी निकल चुकी है
योजना 31 मार्च 2027 तक चलनी थी, या तब तक जब तक सीमा न भर जाए। 20 अगस्त की स्थिति में सीमा का 98 फ़ीसदी इस्तेमाल हो चुका था। और जो विज्ञप्ति यह आँकड़ा देती है, वही जागरूकता बढ़ाने की बात भी करती है।
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पैसा सीए, सीएस और लागत लेखाकार के नीचे एक नया दर्जा बन रहा है, पहले बैच में 2,879 लोग हैं कॉरपोरेट मित्र पाठ्यक्रम बारह महीने का है। छह महीने रिकॉर्ड किए गए व्याख्यान, फिर छह महीने किसी पेशेवर फ़र्म में काम। घोषणा बजट 2026-27 में हुई थी।
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पैसा इस्पात मंत्रालय की विज्ञप्ति सकारात्मक वृद्धि की है, और उसी में लिखा है कि भारत शुद्ध आयातक रहा अप्रैल से अगस्त तक तैयार इस्पात का उत्पादन 3.8 फ़ीसदी बढ़ा। इसी अवधि में आयात मात्रा में 29.5 फ़ीसदी और रुपये में 38.3 फ़ीसदी बढ़ा।
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पैसा औद्योगिक उत्पादन 6.7 फ़ीसदी बढ़ा, पर यह आँकड़ा अभी बदलेगा सुर्ख़ियों में इसे सुस्ती कहा जा रहा है। तुलना जिस जून के आँकड़े से हो रही है, वह ख़ुद 7.3 से बदलकर 8.8 फ़ीसदी हो चुका है।