विषय
सेबी
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पैसा
सेबी ने अडानी समूह की पाँच कंपनियों से जुड़ी हिंडनबर्ग-संबंधी कार्यवाही निपटाई
मंगलवार, 22 सितंबर को जारी सेबी के एक आदेश ने अडानी एंटरप्राइज़ेज़, अडानी टोटल गैस, एडब्ल्यूएल एग्री बिज़नेस, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के ख़िलाफ़ 15 फ़रवरी 2024 का वह कारण-बताओ नोटिस निपटाया, जो हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुई जाँच से निकला था। पाँचों कंपनियों ने मिलाकर 1,50,80,000 रुपये चुकाए। सेबी का अपना आदेश दर्ज करता है कि यह निपटारा 'without admitting or denying the findings of facts and conclusions of law' की शर्त पर हुआ, यानी न आरोप मानकर, न नकारकर, और यह ठीक वह हिस्सा नहीं है जिस पर सेबी ख़ुद एक साल पहले फ़ैसला सुना चुका था।
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देश
रक्षा मंत्रालय ने बीडीएल के साथ 160 सैट-साव के लिए 810.79 करोड़ रुपये का अनुबंध किया, स्वदेशी सामग्री 60 फ़ीसदी रखी गई जो इस श्रेणी की न्यूनतम शर्त से दस अंक ज़्यादा है
बुधवार, 23 सितंबर को हुए इस अनुबंध की पुष्टि भारत डायनेमिक्स ने ख़ुद शेयर बाज़ार को दी सूचना में 86 मिनट बाद की, लगभग उन्हीं शब्दों में जो पत्र सूचना कार्यालय की विज्ञप्ति में थे। असली सवाल रक़म का नहीं निकला, 60 फ़ीसदी स्वदेशी सामग्री के आँकड़े का निकला: डिफ़ेंस एक्विज़िशन प्रोसीजर 2020 में 'बाय (इंडियन-आईडीडीएम)' श्रेणी की शर्त सिर्फ़ 50 फ़ीसदी है, और 60 फ़ीसदी उस मसौदे का आँकड़ा है जो अभी नियम नहीं बना है।
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पैसा
एम्बैसी डेवलपमेंट्स ने जुहू के पूरे टावर के लिए 711 करोड़ का समझौता ज्ञापन दाख़िल किया, बिक्री अभी पंजीकृत नहीं हुई
मंगलवार, 22 सितंबर की सुबह 6:58 बजे कंपनी सचिव विकास खंडेलवाल के दस्तख़त से एम्बैसी डेवलपमेंट्स ने बीएसई और एनएसई को बताया कि जुहू के एम्बैसी टेराज़ा प्रोजेक्ट का एक पूरा जी+7 टावर एंजेल वन के संस्थापक दिनेश ठक्कर को लगभग 711 करोड़ रुपये में बेचने का समझौता ज्ञापन हुआ है। विज्ञप्ति ख़ुद इसे समझौता ज्ञापन बताती है, पूरी बिक्री नहीं, और रजिस्ट्री की कोई तारीख़ दर्ज नहीं है।
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पैसा
प्रीमियर एनर्जीज़ ने ख़ुद को 10.6 गीगावाट क्षमता वाली देश की सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माता बताया, सरकार की सूची में उसकी दर्ज क्षमता तेलंगाना के प्लांट पर 1,358 और 751 मेगावाट है, आंध्र प्रदेश वाला नया प्लांट सूची में है ही नहीं
सोमवार, 21 सितंबर की सुबह 8:14 बजे प्रीमियर एनर्जीज़ लिमिटेड ने बीएसई और एनएसई को बताया कि आंध्र प्रदेश के नैडूपेटा में उसका 7 गीगावाट का नया सोलर सेल कारख़ाना चालू हो गया है और ट्रायल रन शुरू हो चुके हैं, जिससे कंपनी की कुल क्षमता 10.6 गीगावाट हो गई है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिस सूची के दम पर तय होता है कि किसी कंपनी का सेल सरकारी-समर्थित सोलर परियोजना में लग सकता है या नहीं, उसमें प्रीमियर एनर्जीज़ फ़ोटोवोल्टिक प्राइवेट लिमिटेड की दर्ज क्षमता तेलंगाना के फ़ैब सिटी प्लांट में 1,358 मेगावाट टॉपकॉन और 751 मेगावाट मोनो-पर्क है, नैडूपेटा का नाम उस सूची में कहीं नहीं है।
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पैसा
मौदा का 413.37 करोड़ का ठेका किसने रद्द किया: एक्सचेंज में सिर्फ़ जीआर इंफ़्रा की नोटिस दर्ज है, एनटीपीसी का उलटा दावा तीन दिन बाद अख़बारों में आया
महाराष्ट्र के मौदा बिजलीघर पर बैटरी लगाने का ठेका 15 सितंबर 2026 को ख़त्म हुआ। ठेका ख़त्म करने की नोटिस ठेकेदार कंपनी जीआर इंफ़्राप्रोजेक्ट्स ने दी, और वजह में अपनी फ़ाइलिंग में फ़ोर्स मैज्योर तथा वॉर रिस्क की परिस्थितियाँ बताईं। 19 सितंबर को एनटीपीसी ने समाचार एजेंसी को बताया कि ठेका उसने रद्द किया, क्योंकि काम पिछड़ गया था। पहली बात बीएसई और एनएसई के रिकॉर्ड में है। दूसरी किसी फ़ाइलिंग में नहीं है।
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समझिए
नेस्ले के तीन शिशु उत्पादों पर एफ़एसएसएआई के तीन न्यायनिर्णयन मामले, आदेश अभी सार्वजनिक नहीं
शुक्रवार, 18 सितंबर को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने नेस्ले इंडिया के तीन शिशु उत्पादों पर कार्रवाई की जानकारी अपने सोशल मीडिया खातों पर दी। नेस्ले इंडिया ने उसी शाम बीएसई और एनएसई को चिट्ठी भेजकर ख़बर को 'factually incorrect' बताया। दोनों के बीच जो प्रक्रिया है, उसे खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम का दसवाँ अध्याय न्यायनिर्णयन कहता है, और उसका एक भी काग़ज़ अभी सामने नहीं है।
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पैसा
एनएसई के निर्गम में खुदरा के हिस्से के 1,22,41,221 शेयरों पर दूसरे दिन शाम तक कोई बोली नहीं थी
शुक्रवार, 18 सितंबर को शाम सात बजे एनएसई की अपनी बोली-फ़ीड पर खुदरा श्रेणी 0.72 गुना भरी दिखती है। बाक़ी तीनों श्रेणियाँ भर चुकी थीं। जिस 1,785 रुपये के ऊपरी भाव पर यह बोली लगी, वह उन्हीं दामों से नीचे है जिन पर बेचने वाले शेयरधारक पिछले साल भर एनएसई के शेयर ख़रीदते-बेचते रहे।
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पैसा
रिज़र्व बैंक ने टाटा संस को तुरंत सूचीबद्ध होने को कहा, लाइसेंस लौटाने का आवेदन ख़ारिज
11 सितंबर 2026 की तारीख़ वाली एक चिट्ठी में रिज़र्व बैंक ने टाटा समूह की मालिक कंपनी से कहा कि कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी का पंजीकरण लौटाने का उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता, और उसे तुरंत शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध होने की तैयारी करनी चाहिए। चिट्ठी सार्वजनिक नहीं है; उसके होने की ख़बर 12 सितंबर की शाम दो अख़बारों से आई।
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पैसा
बाज़ार चलाने वाला एनएसई ख़ुद बीएसई पर सूचीबद्ध होगा, 17 सितंबर को आईपीओ खुलेगा
10 सितंबर 2026 के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में 12,64,36,650 शेयर बिकने की बात दर्ज है और तारीख़ें भी। भाव दर्ज नहीं है। पुराने शेयर बेचने वाले 23 शेयरधारक हैं और कंपनी को इस बिक्री से एक रुपया नहीं मिलेगा।
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समझिए चार कंपनियों ने भाव तय किए, और सबूत उनकी अपनी बैठक के कार्यवृत्त और ईमेल निकले प्रतिस्पर्धा आयोग ने ट्रस्टीज़ एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया और तीन ट्रस्टीशिप कंपनियों को डिबेंचर सेवाओं का बेंचमार्क भाव तय करते पाया। कुछ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से भी ज़िम्मेदार ठहराए गए हैं।
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पैसा सेबी ने जियो के आईपीओ को मंज़ूरी नहीं दी है, और जियो के अपने काग़ज़ में यही लिखा है 28 अगस्त को सेबी ने ऑब्ज़र्वेशन लेटर जारी किया। न क़ीमत तय है, न आकार, न तारीख़। और पिछला 'सबसे बड़ा आईपीओ' अपना आधा रिटेल हिस्सा भी नहीं बेच पाया था।