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देश
कर्नाटक में हर किसान को ढाई हज़ार का ऐलान, सरकारी आदेश अभी जारी नहीं
गुरुवार रात विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने हर सूखा-प्रभावित किसान को ढाई हज़ार रुपये और कर्ज़ पर बारह महीने की मोहलत का ऐलान किया। दो असली सरकारी आदेश मिलते हैं, दोनों ताल्लुक़ों की सूखा-घोषणा के हैं, दोनों में ढाई हज़ार रुपये का कोई ज़िक्र नहीं। उधर महाराष्ट्र सूखा घोषित करने से पहले अक्तूबर का इंतज़ार कर रहा है, क्योंकि केंद्र की नियमावली का हिसाब मॉनसून सीज़न ख़त्म हुए बिना पूरा नहीं होता।
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बजट के हर सौ रुपये में ब्याज का हिस्सा बीस है या छब्बीस, दोनों आंकड़े एक ही दस्तावेज़ में छपे हैं
बजट के सार 2026-2027 के पहले पन्ने की तालिका से ब्याज भुगतान 2026-27 के बजट अनुमान में कुल ख़र्च का 26.3 फ़ीसदी बैठता है। उसी दस्तावेज़ के तीसरे पन्ने के चार्ट में यही रक़म 20 लिखी है। फ़र्क़ राज्यों का हिस्सा जोड़ने-घटाने का है, और दस्तावेज़ ख़ुद यह अपनी टिप्पणी में बताता है।
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रात एक बजे ट्रक उठाने पर सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख का मुआवज़ा दिया
बुधवार, 16 सितंबर को हरि दत्त शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्टीयरिंग लॉक तोड़कर रात में ट्रक उठा ले जाना अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। नया यह नहीं है। अदालत ने साथ ही दर्ज किया कि यही बात वह फ़रवरी 2007 के प्रकाश कौर फ़ैसले में कह चुकी है, और आरबीआई के दिशानिर्देश तब से काग़ज़ पर ही रहे हैं। इसलिए इस बार उसने रिज़र्व बैंक को अमल कराने का निर्देश भी दिया।
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पैसा
रिज़र्व बैंक ने टाटा संस को तुरंत सूचीबद्ध होने को कहा, लाइसेंस लौटाने का आवेदन ख़ारिज
11 सितंबर 2026 की तारीख़ वाली एक चिट्ठी में रिज़र्व बैंक ने टाटा समूह की मालिक कंपनी से कहा कि कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी का पंजीकरण लौटाने का उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता, और उसे तुरंत शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध होने की तैयारी करनी चाहिए। चिट्ठी सार्वजनिक नहीं है; उसके होने की ख़बर 12 सितंबर की शाम दो अख़बारों से आई।
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पैसा
रिज़र्व बैंक एक लाख करोड़ के सरकारी बॉन्ड बेचकर बैंकों से नक़दी वापस खींच रहा है
11 सितंबर की शाम तीन नीलामियों का ऐलान हुआ: 17 सितंबर को 50 हज़ार करोड़, फिर 21 और 28 सितंबर को 25-25 हज़ार करोड़। उसी सुबह 26 दिन की नीलामी में रिज़र्व बैंक ने पाँच लाख करोड़ माँगे थे और बैंकों ने 60,449 करोड़ दिए। रिवर्स रेपो का पैसा कुछ दिन बाद लौट आता है; बॉन्ड बेचकर निकाली गई रक़म 2029 से पहले नहीं लौटेगी।
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गुजरात में खेत का सबसे छोटा क़ानूनी टुकड़ा अब 10 गुंठा है, और अध्यादेश का अपना बयान खेत की नहीं, शहर के किनारे की ज़मीन के काग़ज़ की बात करता है
14 जुलाई से पूरे गुजरात में खेती की ज़मीन का मानक क्षेत्र 1,012 वर्ग मीटर है; पहले यह ज़मीन की क़िस्म के हिसाब से 20 गुंठा से 3 एकड़ तक था। उसी अध्यादेश ने 1948 से मार्च 2026 तक के क़ानून-विरुद्ध सौदे बिना जुर्माने के नियमित कर दिए। राजपत्र का कारण-कथन विकास योजना और ग़ैर-खेती अनुमति की बात करता है; अख़बार में छपा राजस्व अधिकारी का उदाहरण तीन बेटों का है।
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पैसा
रिज़र्व बैंक ने सात लाख करोड़ माँगे, बैंकों ने ढाई लाख दिए; बैंकों के पास इतना पैसा इसलिए है कि प्रवासी भारतीयों ने तीन महीने में 127 अरब डॉलर जमा किए
बैंकिंग व्यवस्था में 11 लाख करोड़ रुपये फ़ालतू पड़े हैं। यह पैसा रुपये को बचाने की उस योजना से आया जो 8 जून को शुरू हुई और 31 अगस्त को समय से पहले बंद करनी पड़ी, क्योंकि जितना माँगा था उससे कहीं ज़्यादा आ गया। अब रिज़र्व बैंक उसी पैसे को वापस खींच रहा है, और बैंक तीस दिन के लिए देने को तैयार नहीं।
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पैसा
एक जापानी एजेंसी ने भारत को 'A-' दिया है; सुर्ख़ी कहती है 35 साल बाद, वही लेख कहता है 1988 के बाद, और 1988 से 2026 अड़तीस साल होते हैं
जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने 2 सितंबर को भारत की रेटिंग BBB+ से A- की, बिना माँगे और बिना फ़ीस के। तीन बड़ी एजेंसियाँ, एसऐंडपी, मूडीज़ और फ़िच, भारत को अब भी 'कचरा' दर्जे से एक या दो पायदान ऊपर रखती हैं। रेटिंग नापती क्या है, चौथी एजेंसी ऊपर क्यों गई, और पिछली 'A' असल में कब गई थी: दस्तावेज़ों से गिनती।
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पैसा
आंध्र के झींगा किसान तीस सितंबर की मियाद दे रहे हैं, और उनका बाज़ार अमेरिका में शुल्क के नीचे दबा है
फ़ीड एक सौ नौ रुपये किलो है और उसमें और बढ़ोतरी की तैयारी है। किसानों की माँग है कि उसे बीस हज़ार रुपये प्रति टन सस्ता कराया जाए, वरना वे तालाब ख़ाली छोड़ देंगे।
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पैसा
ईसीएलजीएस 5.0 की सीमा 2.55 लाख करोड़ थी, साढ़े तीन महीने में 2.50 लाख करोड़ की गारंटी निकल चुकी है
योजना 31 मार्च 2027 तक चलनी थी, या तब तक जब तक सीमा न भर जाए। 20 अगस्त की स्थिति में सीमा का 98 फ़ीसदी इस्तेमाल हो चुका था। और जो विज्ञप्ति यह आँकड़ा देती है, वही जागरूकता बढ़ाने की बात भी करती है।
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पैसा रेटिंग बढ़ाने वाली चार एजेंसियों की सूची सरकार ने ख़ुद दी है, और उनमें दो जापानी हैं जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की रेटिंग बीबीबी+ से बढ़ाकर ए− कर दी। वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति पिछले एक साल के उन्नयन गिनाती है, और उस सूची में मूडीज़ और फ़िच नहीं हैं।
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पैसा सेबी ने जियो के आईपीओ को मंज़ूरी नहीं दी है, और जियो के अपने काग़ज़ में यही लिखा है 28 अगस्त को सेबी ने ऑब्ज़र्वेशन लेटर जारी किया। न क़ीमत तय है, न आकार, न तारीख़। और पिछला 'सबसे बड़ा आईपीओ' अपना आधा रिटेल हिस्सा भी नहीं बेच पाया था।