विषय
महाराष्ट्र
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देश
महाराष्ट्र में 265 तालुकों में सूखे जैसी स्थिति घोषित, गंभीर या सामान्य की श्रेणी अभी तय नहीं
शनिवार को जारी सरकारी आदेश पर तारीख़ 25 सितंबर लिखी है, पर उस पर चढ़ा डिजिटल दस्तख़त 26 सितंबर की सुबह का है। द हिंदू ने लिखा 265 तालुके, इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा राज्य का 75 फ़ीसदी हिस्सा, बिज़नेस स्टैंडर्ड ने आदेश के हवाले से 74 फ़ीसदी। आदेश ख़ुद न कोई प्रतिशत लिखता है, न राज्य के कुल तालुकों की गिनती। वह सिर्फ़ इतना कहता है कि 'Trigger-1' नाम की पहली जाँच पास हुई है, सूखे की तीव्रता अभी तय नहीं हुई है, और फ़सल के नुक़सान का मुआवज़ा एक अलग आदेश से बाद में आएगा।
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पैसा
जुलाई में शुद्ध एफ़डीआई 7.3 अरब डॉलर, पाँच साल में सबसे ज़्यादा
रिज़र्व बैंक के सितंबर बुलेटिन ने शुक्रवार, 25 सितंबर को यह आँकड़ा दिया, और वह एक घटाव है: जुलाई में 14.6 अरब डॉलर देश में आया, और मुनाफ़ा-वापसी व भारतीय कंपनियों के अपने विदेशी निवेश को हटाने के बाद 7.3 अरब डॉलर बचा। बीते बारह महीनों में छह महीने यह आँकड़ा शून्य से नीचे रहा, डीपीआईआईटी की उसी हफ़्ते आई तिमाही रिपोर्ट अलग ही देशों और राज्यों को ऊपर दिखाती है, और मई 2021 से जो तुलना हो रही है, उसकी अपनी घटाव-तालिका अब तक कहीं दर्ज नहीं मिली।
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देश
कर्नाटक में हर किसान को ढाई हज़ार का ऐलान, सरकारी आदेश अभी जारी नहीं
गुरुवार रात विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने हर सूखा-प्रभावित किसान को ढाई हज़ार रुपये और कर्ज़ पर बारह महीने की मोहलत का ऐलान किया। दो असली सरकारी आदेश मिलते हैं, दोनों ताल्लुक़ों की सूखा-घोषणा के हैं, दोनों में ढाई हज़ार रुपये का कोई ज़िक्र नहीं। उधर महाराष्ट्र सूखा घोषित करने से पहले अक्तूबर का इंतज़ार कर रहा है, क्योंकि केंद्र की नियमावली का हिसाब मॉनसून सीज़न ख़त्म हुए बिना पूरा नहीं होता।
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देश
चार शहरों के कचरे के पहाड़, सरकारी आँकड़ों में सिर्फ़ एक ही ख़त्म
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की 21 सितंबर की बैकग्राउंडर गोरखपुर, दिल्ली, नागपुर और रायचूर को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी की चार कामयाबी बताती है। मंत्रालय की अपनी वार्षिक रिपोर्ट और भलस्वा पर बाद की विज्ञप्तियाँ जोड़ने पर पता चलता है कि इनमें से सिर्फ़ गोरखपुर की डंपसाइट पूरी तरह ख़त्म हुई है, और भलस्वा में बायोमाइंड कचरे का एक आँकड़ा मंत्रालय के दो दस्तावेज़ों में आपस में मेल भी नहीं खाता।
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पैसा
एम्बैसी डेवलपमेंट्स ने जुहू के पूरे टावर के लिए 711 करोड़ का समझौता ज्ञापन दाख़िल किया, बिक्री अभी पंजीकृत नहीं हुई
मंगलवार, 22 सितंबर की सुबह 6:58 बजे कंपनी सचिव विकास खंडेलवाल के दस्तख़त से एम्बैसी डेवलपमेंट्स ने बीएसई और एनएसई को बताया कि जुहू के एम्बैसी टेराज़ा प्रोजेक्ट का एक पूरा जी+7 टावर एंजेल वन के संस्थापक दिनेश ठक्कर को लगभग 711 करोड़ रुपये में बेचने का समझौता ज्ञापन हुआ है। विज्ञप्ति ख़ुद इसे समझौता ज्ञापन बताती है, पूरी बिक्री नहीं, और रजिस्ट्री की कोई तारीख़ दर्ज नहीं है।
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इत्मीनान
देश ने पहली बार जिस फ़िल्म को सबसे अच्छा कहा, उस समारोह की पुस्तिका में तीन पदक छपे थे और दिए दो गए
10 अक्तूबर 1954 की शाम राष्ट्रपति ने श्यामची आई को पहला स्वर्ण पदक दिया। उसी शाम बँटी उन्नीस पन्ने की सरकारी पुस्तिका आज भी पढ़ी जा सकती है, और वह समारोह की जगह से लेकर छायाकार के नाम तक कई बातें तय करती है जो आज उलटी छपी मिलती हैं।
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समझिए
कवच का एक किलोमीटर लखनऊ मंडल में 41.47 लाख का, मुरादाबाद में 23.88 लाख का, और दोनों विज्ञप्तियाँ वजह नहीं बतातीं
शनिवार, 19 सितंबर की दोपहर रेल मंत्रालय ने 53 मिनट में चार काम मंज़ूर किए, कुल 736.23 करोड़ रुपये। सबसे बड़ी रक़म उत्तर-पूर्व रेलवे के लखनऊ मंडल में कवच 4.0 की है: 607.7 रूट किलोमीटर पर 252 करोड़। अठारह दिन पहले उत्तरी रेलवे के मुरादाबाद मंडल में वही संस्करण 712 रूट किलोमीटर पर 170 करोड़ में मंज़ूर हुआ था।
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पैसा
मौदा का 413.37 करोड़ का ठेका किसने रद्द किया: एक्सचेंज में सिर्फ़ जीआर इंफ़्रा की नोटिस दर्ज है, एनटीपीसी का उलटा दावा तीन दिन बाद अख़बारों में आया
महाराष्ट्र के मौदा बिजलीघर पर बैटरी लगाने का ठेका 15 सितंबर 2026 को ख़त्म हुआ। ठेका ख़त्म करने की नोटिस ठेकेदार कंपनी जीआर इंफ़्राप्रोजेक्ट्स ने दी, और वजह में अपनी फ़ाइलिंग में फ़ोर्स मैज्योर तथा वॉर रिस्क की परिस्थितियाँ बताईं। 19 सितंबर को एनटीपीसी ने समाचार एजेंसी को बताया कि ठेका उसने रद्द किया, क्योंकि काम पिछड़ गया था। पहली बात बीएसई और एनएसई के रिकॉर्ड में है। दूसरी किसी फ़ाइलिंग में नहीं है।
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पैसा
सिरिंज पर 516 फ़ीसदी का औसत व्यापार मार्जिन एनपीपीए ने 2018 में ख़ुद नापा था, आदेश आठ साल में नहीं आया
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषध प्रशासन ने केंद्र को लिखा है कि 11.05 रुपये में अस्पताल तक पहुँचे एक ड्रिप सेट पर 325 रुपये की एमआरपी छपी है। राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने ठीक यही हिसाब सिरिंज और सुइयों पर 1 मार्च 2018 के अपने दफ़्तरी ज्ञापन में छापा था, हितधारकों से राय माँगी थी, और उसके बाद इन तीनों में से किसी पर कोई मूल्य आदेश जारी नहीं किया।
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देश
बिहार में समान नागरिक संहिता लागू करने से जद(यू) विधायक का इनकार
सोमवार, 14 सितंबर को पटना में जद(यू) विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा कि बिहार में समान नागरिक संहिता किसी क़ीमत पर लागू नहीं होगी। उसी दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर के शीत सत्र में विधेयक लाने की बात कही। ऐसा विधेयक अपनी विधानसभा से होकर राज्यपाल के पास जाता है और इस विषय पर वहाँ से राष्ट्रपति के पास, और अनुच्छेद 201 में राष्ट्रपति के लिए कोई समय-सीमा नहीं है।
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समझिए
मतदाता सूची में नाम पर निशान लगना नाम कटना नहीं है, पर सफ़ाई देने की बारी मतदाता की ही है
कर्नाटक की विसंगति-सूची में नंदन नीलेकणि, सी.एन.आर. राव और कामथ भाइयों के नाम आने के बाद यह सवाल बड़ा हो गया कि 'अनमैप्ड' श्रेणी का मतलब क्या है। चुनाव आयोग की अपनी विज्ञप्तियाँ बताती हैं कि यह क़वायद इस समय 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही है और इसके दायरे में 36.73 करोड़ मतदाता हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली और झारखंड से आ रहे आँकड़े और आरोप अलग-अलग दिशाओं में इशारा करते हैं।
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देश
दो राज्यों के लोक सेवा आयोगों में जो गिरफ़्तार हुए, वे बाहर के लोग नहीं थे
कर्नाटक में परीक्षा नियंत्रक पद पर तैनात रहे एक आईएएस अधिकारी हिरासत में हैं। महाराष्ट्र में आयोग के अवर सचिव गिरफ़्तार हैं। दोनों जगह पर्चा उन्हीं के पास था जिनके पास होना चाहिए था।
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देश
पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद सोमवार को अपनी अट्ठाईसवीं बैठक करेगी, और वह पहली बैठक से सत्तर साल बाद हो रही है
नेहरू ने 1956 में यह सुझाव तब दिया था जब भाषा के आधार पर राज्यों के बँटवारे की कड़वाहट चरम पर थी। मक़सद था कि राज्यों में मिलकर काम करने की आदत बने। परिषदें सलाहकार हैं, उनके फ़ैसले बाध्यकारी नहीं।