विषय
मौसम
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देश
महाराष्ट्र में 265 तालुकों में सूखे जैसी स्थिति घोषित, गंभीर या सामान्य की श्रेणी अभी तय नहीं
शनिवार को जारी सरकारी आदेश पर तारीख़ 25 सितंबर लिखी है, पर उस पर चढ़ा डिजिटल दस्तख़त 26 सितंबर की सुबह का है। द हिंदू ने लिखा 265 तालुके, इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा राज्य का 75 फ़ीसदी हिस्सा, बिज़नेस स्टैंडर्ड ने आदेश के हवाले से 74 फ़ीसदी। आदेश ख़ुद न कोई प्रतिशत लिखता है, न राज्य के कुल तालुकों की गिनती। वह सिर्फ़ इतना कहता है कि 'Trigger-1' नाम की पहली जाँच पास हुई है, सूखे की तीव्रता अभी तय नहीं हुई है, और फ़सल के नुक़सान का मुआवज़ा एक अलग आदेश से बाद में आएगा।
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पैसा
बिजली मंत्रालय ने 112 कैप्टिव बिजलीघरों को धारा 11 के तहत पूरी क्षमता पर चलने को कहा, मुआवज़े का ज़िक्र नहीं
शुक्रवार, 25 सितंबर को जारी यह आदेश 50 मेगावाट और उससे बड़े 112 कोयला आधारित कैप्टिव बिजलीघरों पर लागू होता है, और 1 अक्तूबर से 31 दिसंबर तक ही चलेगा। बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 11(2) कहती है कि ऐसे हुक्म से हुए नुक़सान की भरपाई हो सकती है, और 2022 में यही धारा आयातित कोयला बिजलीघरों पर लगने पर टाटा पावर नियामक आयोग तक गया था। इस बार के आदेश में मुआवज़े की कोई व्यवस्था दर्ज नहीं मिलती।
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समझिए
बंगाल की खाड़ी का अवदाब शाम साढ़े पांच बजे पुरी से 310 किलोमीटर दूर दर्ज था, दोपहर की विज्ञप्ति में वह अवदाब था ही नहीं
सोमवार, 21 सितंबर की दोपहर 2 बजे और 2:05 बजे मौसम विभाग की अंग्रेज़ी और हिंदी विज्ञप्तियों में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम को 'वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया' लिखा गया, यह नाम ख़ुद चक्रवात चेतावनी प्रभाग की अपनी शब्दावली पुस्तिका में कहीं दर्ज नहीं है। उसी रात साढ़े नौ बजे जारी राष्ट्रीय बुलेटिन नंबर 1 में लिखा मिला कि शाम साढ़े पांच बजे तक यह सिस्टम पुरी से 310 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व अवदाब बन चुका था। उसी दोपहर की विज्ञप्ति में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ और हिस्सों से लौट जाने की घोषणा भी है, दो दिन की ख़ामोशी के बाद।
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निलंबूर ब्लॉक के लिए 20 सितंबर का ब्लॉक-स्तरीय पूर्वानुमान 3.6 मिलीमीटर बारिश का था; उसी शाम कोट्टापुषा चढ़ गई
रविवार शाम क़रीब पाँच बजे मलप्पुरम के पूक्कोट्टुंपाडम में नदी अचानक ऊपर आई और लोगों को बहा ले गई। घटनास्थल पर बारिश नहीं हो रही थी। पानी ऊपर के जंगल से आया, और जिस तरफ़ से आया उस तरफ़ की सीमा तमिलनाडु है।
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देश
मौसम विभाग की दोपहर 1:40 बजे की विज्ञप्ति में मछुआरों के लिए उसी शाम की समय-सीमा है
रविवार, 20 सितंबर की इस विज्ञप्ति में मछुआरों के लिए चार पंक्तियां हैं। तीन बताती हैं कि समुद्र के किन हिस्सों में किन तारीख़ों तक नहीं जाना। चौथी कहती है कि जो समुद्र में हैं, वे उसी शाम तक तट पर लौट आएं। उसी दस्तावेज़ में दर्ज है कि बंगाल की खाड़ी का निम्न दाब क्षेत्र 23 सितंबर की सुबह के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों के पास पहुंच सकता है।
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देश
मॉनसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से लौटा, और उस दिन के 695.6 मिलीमीटर मौसम विभाग की किसी विज्ञप्ति में दर्ज नहीं हैं
शनिवार, 19 सितंबर 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दोपहर 2:20 बजे अंग्रेज़ी में और 2:25 बजे हिंदी में जो विज्ञप्ति जारी की, उसमें लिखा है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से लौट गया है, जबकि उसकी सामान्य वापसी की तारीख़ 17 सितंबर थी। उसी दस्तावेज़ में अगला सिस्टम भी दर्ज है — उसी शाम उत्तरी अंडमान सागर पर बनने वाला निम्न दाब क्षेत्र। और उस दिन हर जगह छपा मौसम का हिसाब, 695.6 मिलीमीटर, उन सत्ताईस पन्नों में कहीं नहीं है।
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कोयला मंत्रालय का 114 फ़ीसदी और सीईए की उसी 11 सितंबर की रिपोर्ट का 19 फ़ीसदी, दोनों पंजाब के बिजलीघरों के आँकड़े हैं
रविवार दोपहर कोयला मंत्रालय ने विज्ञप्ति निकालकर कहा कि पंजाब में बिजली कम बनने की वजह कोयले की कमी नहीं है, और 11 सितंबर को पीएसपीसीएल के संयंत्रों में भंडार मानक ज़रूरत का क़रीब 114 फ़ीसदी था। उसी 11 सितंबर की केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की दैनिक कोयला रिपोर्ट में पंजाब के दो निजी बिजलीघर संकटग्रस्त सूची में दर्ज हैं, भंडार 19 और 22 फ़ीसदी। दोनों आँकड़े सरकार के अपने हैं और अलग-अलग संयंत्रों के हैं।
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देश
सितंबर की शाम के लिए केरल को बिजली बेचने कोई तैयार नहीं हुआ
केरल राज्य विद्युत बोर्ड ने सितंबर की शाम के लिए 500 मेगावाट का टेंडर निकाला था और डीप पोर्टल पर एक भी बोली नहीं आई। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने आपात बैठक बुलाई, और उसी दिन नियामक आयोग ने बोर्ड का सितंबर वाला पूरा ख़रीद प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया।
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इसरो के उपग्रह ने जो गिरावट नापी वह प्रशांत महासागर की है, और सीएमएफ़आरआई के हिसाब से भारतीय तट तक उसकी बारी अप्रैल-मई 2027 में आएगी
10 सितंबर को इसरो ने बताया कि ओशनसैट-3 ने भूमध्यरेखीय प्रशांत में जून 2026 की सतही क्लोरोफ़िल-ए में साफ़ कमी देखी है। विज्ञप्ति में न कोई प्रतिशत है, न कोई मछली, न भारत का नाम। जो नाप ली गई वह एक दूसरे महासागर की है।
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देश
भागलपुर में गंगा 2021 के रिकॉर्ड से ऊपर है और भागलपुर की अपनी बारिश 61 फ़ीसदी कम; एक ही मानसून ने बिहार को डुबोया और कर्नाटक को सुखाया
बिहार में 34 लाख लोग बाढ़ में हैं, जबकि राज्य के अपने आसमान से सामान्य से बहुत कम पानी गिरा। पानी नेपाल से आया, उस हिमनद से जो 26 अगस्त को लांगतांग लिरुंग पर ढहा। कर्नाटक में 31 में से 30 ज़िले सूखे हैं और 126 तालुक सूखाग्रस्त होने वाले हैं। बुंदेलखंड में खेत-तालाब ख़ाली हैं।
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देश हिमनद झीलों पर बैठक पाँच राज्यों के साथ हुई, और सबसे ज़्यादा झीलें जहाँ हैं वह लद्दाख बुलाया ही नहीं गया गृह सचिव ने उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल और जम्मू-कश्मीर के साथ तैयारी की समीक्षा की। विज्ञप्ति में झीलों की गिनती नहीं है, पैसा नहीं है, और कोई समयसीमा नहीं है।
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देश गंडक में जितना पानी आया, बैराज उससे छह गुना झेलने के लिए बना है 27 अगस्त की रात वाल्मीकि नगर पर बहाव 1,50,200 क्यूसेक था। डिज़ाइन क्षमता 8,50,000 है। 2008 में कुसहा का तटबंध इससे भी कम पानी पर टूटा था।