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विज्ञान
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बायोकॉन के पेब्रिल्ज़ो को सीएचएमपी की सिफ़ारिश 17 सितंबर को मिली, भारतीय एक्सचेंजों को बताया 21 को, यूरोपीय आयोग की मंज़ूरी अभी बाक़ी है
सोमवार सुबह 8 बजकर 25 मिनट 40 सेकंड पर बायोकॉन के कंपनी सचिव ने बीएसई और एनएसई को भेजी चिट्ठी पर दस्तख़त किए: कंपनी का पर्टुज़ुमैब बायोसिमिलर पेब्रिल्ज़ो, बिना तुलनात्मक परीक्षण वाले यूरोप के एक नए रास्ते से सिफ़ारिश पाने वाली दुनिया की पहली दवा बन गया है। रिलीज़ की अपनी आख़िरी पंक्तियाँ कहती हैं कि जब तक यूरोपीय आयोग मंज़ूरी नहीं देता, दवा यूरोपीय संघ में बिकने के लिए अधिकृत नहीं है।
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सीडीएससीओ ने डेंगू टीके को 4 से 60 बरस के लिए मंज़ूरी दी, डब्ल्यूएचओ की सिफ़ारिश 6 से 16 बरस तक सीमित है
भारत के दवा नियामक की विषय विशेषज्ञ समिति ने 19 मार्च 2026 को टाकेडा के डेंगू टेट्रावैलेंट टीके के आयात की संस्तुति 4 से 60 बरस की उम्र के लिए की। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 3 मई 2024 के अपने पोज़ीशन पेपर में इसी टीके की सिफ़ारिश 6 से 16 बरस के बच्चों के लिए की है, और सिर्फ़ तेज़ संक्रमण वाले इलाक़ों में। ये एक ही फ़ैसले के दो रूप नहीं, दो अलग संस्थाओं के दो अलग फ़ैसले हैं।
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देश
इंडोनेशिया के अनुरोध के बाद भी ओरांगउटान शावकों की वापसी का फ़ैसला केंद्र करेगा
इंडोनेशिया के वन मंत्रालय ने 10 सितंबर को भारत की सीआईटीईएस प्रबंधन प्राधिकरण को औपचारिक चिट्ठी भेजकर बालेश्वर में मिले पाँच ओरांगउटान शावक वापस माँगे हैं। उससे एक दिन पहले ओडिशा सरकार ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को लिखकर इन्हीं शावकों को नंदनकानन में रखने की इजाज़त माँगी थी। संधि का पाठ लौटाने का हुक्म नहीं देता; भारतीय क़ानून की एक धारा उससे आगे जाती है।
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इसरो के उपग्रह ने जो गिरावट नापी वह प्रशांत महासागर की है, और सीएमएफ़आरआई के हिसाब से भारतीय तट तक उसकी बारी अप्रैल-मई 2027 में आएगी
10 सितंबर को इसरो ने बताया कि ओशनसैट-3 ने भूमध्यरेखीय प्रशांत में जून 2026 की सतही क्लोरोफ़िल-ए में साफ़ कमी देखी है। विज्ञप्ति में न कोई प्रतिशत है, न कोई मछली, न भारत का नाम। जो नाप ली गई वह एक दूसरे महासागर की है।
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देश
एचपीवी टीके की 80 लाख ख़ुराकें लगीं, और एक ख़ुराक वाले कार्यक्रम में यह 80 लाख लड़कियाँ भी हैं
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 11 सितंबर को राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का आँकड़ा ख़ुराकों में दिया। कार्यक्रम एक ख़ुराक का है और पहले टीका लगवा चुकी लड़कियाँ इससे बाहर हैं, इसलिए ख़ुराक और लड़की एक ही संख्या हैं। साल भर का लक्ष्य 1.15 करोड़ का है।
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एम्स के बोर्ड पर आबादी हर सेकंड बदलती है, और भारत की आख़िरी गिनती 2011 में हुई थी
दिल्ली के एम्स में लगा डिजिटल बोर्ड 4 सितंबर को 1,47,92,39,016 दिखा रहा था। यह संख्या किसी बच्चे के जन्म से नहीं बदलती। यह एक सूत्र से बदलती है, जो पंद्रह साल पुरानी गिनती पर टिका है।
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गिद्ध लौट रहे हैं, पर सरकारी विज्ञप्ति उस दवा का नाम एक बार भी नहीं लेती
पंचकूला में अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस मना। पिंजौर के केंद्र ने 2025-26 में 356 गिद्ध रखे और 35 चूज़े पैदा किए। जिस दवा ने भारत के गिद्ध ख़त्म किए, उसका नाम डाइक्लोफ़ेनाक है।
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जैव विविधता समितियाँ 2.76 लाख हैं, मंत्रालय की हिंदी विज्ञप्ति में 27.6 लाख छपीं
चंडीगढ़ में राज्य जैव विविधता बोर्डों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक हुई। पर्यावरण मंत्री ने इन समितियों को काम करने लायक़ बनाने की बात कही। उसी विज्ञप्ति में उनकी गिनती दस गुना ज़्यादा लिखी है।
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दिल्ली की हवा में सबसे बड़ा हिस्सा सड़क की धूल का है, और यही वह वाक्य है जिसका सबसे ज़्यादा दुरुपयोग होता है
सत्रह शहरों के अध्ययनों में सड़क की धूल पीएम10 का 20 से 52 फ़ीसदी है। पर पीएम2.5 में वह 8 से 25 फ़ीसदी ही है, और फेफड़ों में गहरे तक वही जाता है। सीएसआईआर-सीआरआरआई ने शुक्रवार को दिल्ली पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को इसी ढाँचे पर प्रशिक्षण दिया।
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भारत में दिल के वाल्व का मरीज़ पश्चिम के मरीज़ से औसतन तीस साल छोटा होता है, और इलाज की किताब वहीं की है
चेन्नई में शुक्रवार को इंडिया वाल्व रजिस्ट्री शुरू हुई। इसकी ज़रूरत इसलिए है कि जो उपकरण दुनिया में वाल्व का इलाज बदल चुका है, वह कैल्शियम पर टिकता है, और भारत के ज़्यादातर ख़राब वाल्व में कैल्शियम कम और रेशा ज़्यादा होता है।
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समझिए भारत का पहला उपग्रह जो ऊपर से गुज़रेगा नहीं, एक ही जगह टिककर देखता रहेगा ईओएस-05 शुक्रवार तड़के 2 बजकर 55 मिनट पर छोड़ा गया। अब तक के भारतीय निगरानी उपग्रह ज़मीन से कुछ सौ किलोमीटर ऊपर चक्कर लगाते हैं और किसी जगह के ऊपर से कुछ-कुछ दिन में गुज़रते हैं।
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समझिए भारत की भूतापीय क्षमता 10.6 गीगावाट आँकी गई है, पूरी दुनिया के ऐसे संयंत्र 15.67 गीगावाट के हैं पहली संख्या ज़मीन के नीचे की गर्मी का अनुमान है। दूसरी संख्या दुनिया भर में लगी हुई मशीनों की है। सरकार की अपनी पृष्ठभूमि सामग्री मानती है कि भारत में व्यावसायिक भूतापीय बिजली अभी शुरू नहीं हुई।
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दुनिया जिस रॉकेट ने शुक्रवार तड़के उड़ान भरी, उसका इंजन एक फ़्रांसीसी सौदे से निकला है जितेंद्र सिंह और फ़्रांस के मंत्री फ़िलिप बैप्टिस्ट की बैठक हुई। विज्ञप्ति कहती है कि यह साझेदारी क़रीब छह दशक पुरानी है, और उस उम्र का सबसे ठोस सबूत रॉकेट के भीतर है।
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समझिए भारत में अब एक ही क़ानूनी समय होगा, पर नियम तोड़ने पर सज़ा क्या है, यह लिखा ही नहीं गया उपभोक्ता मामले विभाग के नए नियम कहते हैं कि किसी भी काम के लिए भारतीय मानक समय के अलावा कोई समय इस्तेमाल नहीं होगा। सज़ा के लिए वे मूल क़ानून की तरफ़ भेजते हैं, और उस क़ानून में समय से जुड़ा कोई अपराध है ही नहीं।