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उत्तर प्रदेश
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देश
हाई कोर्ट ने पूछा, यह बस मानकों पर खरी उतरी थी या नहीं
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार, 25 सितंबर को ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड पर ख़ुद संज्ञान लिया और मुख्य सचिव, डीजीपी व परिवहन के अपर मुख्य सचिव को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग पर तलब किया। आदेश में अदालत ख़ुद लिखती है कि उसे नहीं पता कि हादसे वाली बस आग-सुरक्षा के मानकों पर खरी उतरती थी या नहीं, और राज्य से 13 अक्तूबर तक जवाब माँगा है।
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देश
ग्रेटर नोएडा की बस पर आग-सुरक्षा तंत्र का नियम लागू नहीं था
बुधवार, 23 सितंबर की रात क़रीब साढ़े ग्यारह बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में राज कल्पना ट्रैवल्स की एक स्लीपर बस में आग लगी, जिसमें नौ यात्रियों की मौत हुई। बस नवंबर 2022 में बनी थी, लेकिन आग-सूचक और बुझाने के तंत्र को टाइप-3 बसों में अनिवार्य करने वाली सरकारी अधिसूचना सिर्फ़ 1 अक्तूबर 2023 के बाद बनी बसों पर लागू होती है।
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रातभर की हर सौ यात्राओं में अड़तालीस अब तीर्थ और धार्मिक मक़सद से हैं, ग्यारह साल पहले यही मक़सद तीस दिन की खिड़की में गिना जाता था
बुधवार, 23 सितंबर की शाम 4 बजे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण, जुलाई 2025 से जून 2026, का प्रेस नोट जारी किया। रातभर बाहर रहकर लौटने वाली हर सौ यात्राओं में अड़तालीस अब तीर्थ और धार्मिक मक़सद से हैं, हर मापे गए मक़सद में सबसे ज़्यादा। मगर 2014-15 के पिछले सर्वेक्षण में यही मक़सद व्यापार और सामाजिक यात्राओं के साथ तीस दिन की खिड़की में गिना गया था, छुट्टी और स्वास्थ्य वाले साल-भर के समूह में नहीं, इसलिए अड़तालीस फ़ीसदी की तुलना सीधे पुराने आँकड़े से नहीं हो सकती।
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देश
चार शहरों के कचरे के पहाड़, सरकारी आँकड़ों में सिर्फ़ एक ही ख़त्म
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की 21 सितंबर की बैकग्राउंडर गोरखपुर, दिल्ली, नागपुर और रायचूर को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी की चार कामयाबी बताती है। मंत्रालय की अपनी वार्षिक रिपोर्ट और भलस्वा पर बाद की विज्ञप्तियाँ जोड़ने पर पता चलता है कि इनमें से सिर्फ़ गोरखपुर की डंपसाइट पूरी तरह ख़त्म हुई है, और भलस्वा में बायोमाइंड कचरे का एक आँकड़ा मंत्रालय के दो दस्तावेज़ों में आपस में मेल भी नहीं खाता।
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देश
36 राज्यों के एएनटीएफ़ प्रमुखों का सम्मेलन आज, पर टास्क फ़ोर्स कब बनी इस पर गृह मंत्रालय के दस्तावेज़ ख़ुद असहमत
अमित शाह आज दिल्ली में तीसरे राष्ट्रीय एएनटीएफ़ सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे हैं और लखनऊ-देहरादून में नए ज़ोनल परिसरों की नींव रखेंगे। पर गृह मंत्रालय की 2025 की विज्ञप्ति टास्क फ़ोर्स बनाने का निर्देश 2021 का बताती है, जबकि छह सितंबर 2026 की विज्ञप्ति उसे 2019 से जोड़ती है।
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कवच का एक किलोमीटर लखनऊ मंडल में 41.47 लाख का, मुरादाबाद में 23.88 लाख का, और दोनों विज्ञप्तियाँ वजह नहीं बतातीं
शनिवार, 19 सितंबर की दोपहर रेल मंत्रालय ने 53 मिनट में चार काम मंज़ूर किए, कुल 736.23 करोड़ रुपये। सबसे बड़ी रक़म उत्तर-पूर्व रेलवे के लखनऊ मंडल में कवच 4.0 की है: 607.7 रूट किलोमीटर पर 252 करोड़। अठारह दिन पहले उत्तरी रेलवे के मुरादाबाद मंडल में वही संस्करण 712 रूट किलोमीटर पर 170 करोड़ में मंज़ूर हुआ था।
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रात एक बजे ट्रक उठाने पर सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख का मुआवज़ा दिया
बुधवार, 16 सितंबर को हरि दत्त शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्टीयरिंग लॉक तोड़कर रात में ट्रक उठा ले जाना अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। नया यह नहीं है। अदालत ने साथ ही दर्ज किया कि यही बात वह फ़रवरी 2007 के प्रकाश कौर फ़ैसले में कह चुकी है, और आरबीआई के दिशानिर्देश तब से काग़ज़ पर ही रहे हैं। इसलिए इस बार उसने रिज़र्व बैंक को अमल कराने का निर्देश भी दिया।
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इत्मीनान
झाँसी के एक तार बाबू ने इलाहाबाद के दफ़्तर से तय किया कि हिंदी गद्य किस शक्ल में लिखा जाएगा
महावीर प्रसाद द्विवेदी ने जनवरी 1903 से दिसंबर 1920 तक 'सरस्वती' का संपादन किया। भेजी हुई रचनाएँ वे बिना पूछे सुधार देते थे। नवंबर 1905 के एक लेख में उनका लिखा एक शब्द डेढ़ साल की सार्वजनिक लड़ाई की जड़ बना।
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देश
एक मुक़दमे में बरी, दूसरे में मुक़दमा चल रहा: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोंडा का ज़िला-बदर आदेश रद्द किया
गुरुवार, 10 सितंबर को जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने गोंडा के ज़िलाधिकारी का वह आदेश रद्द कर दिया जिसमें ज़ाहिद अली को 'गुंडा' घोषित करके छह महीने के लिए ज़िले से बाहर किया गया था। फ़ैसले में लिखा है कि अदालतें बार-बार टोक चुकी हैं, फिर भी राज्य गुंडा एक्ट को दमन के औज़ार की तरह इस्तेमाल करने पर लगातार बना हुआ है, और यह मामला उसी दुरुपयोग की चमकती मिसाल है।
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देश
एचपीवी टीके की 80 लाख ख़ुराकें लगीं, और एक ख़ुराक वाले कार्यक्रम में यह 80 लाख लड़कियाँ भी हैं
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 11 सितंबर को राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का आँकड़ा ख़ुराकों में दिया। कार्यक्रम एक ख़ुराक का है और पहले टीका लगवा चुकी लड़कियाँ इससे बाहर हैं, इसलिए ख़ुराक और लड़की एक ही संख्या हैं। साल भर का लक्ष्य 1.15 करोड़ का है।
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काम की बात
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने आरक्षित डिब्बे में हुई डकैती को सेवा में कमी माना और रेलवे पर 20,000 रुपये मुआवज़ा तय किया
28 अगस्त 2004 की रात अवध-असम एक्सप्रेस के स्लीपर डिब्बे एस-8 में हथियारबंद लोग घुसे थे। बाईस साल बाद राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने तय किया कि रात में दरवाज़े बंद न रखना और डिब्बे में टीटीई या सुरक्षाकर्मी का न होना सेवा में कमी है। मुआवज़ा 20,000 रुपये, वह भी नुक़सान, मानसिक कष्ट और मुक़दमे के ख़र्च को मिलाकर। इसी सवाल पर सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश उलटी दिशा में है, और वह इस फ़ैसले में कहीं नहीं है।
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काम की बात
सीएनजी भरवाने से पहले हाइड्रो टेस्ट का काग़ज़: नियम कहाँ लिखा है, जाँच में होता क्या है
इंद्रप्रस्थ गैस ने कहा है कि वैध हाइड्रो टेस्ट प्रमाणपत्र के बिना उसके स्टेशनों पर सीएनजी नहीं भरी जाएगी। जिस नियमावली का हवाला दिया जा रहा है, उस नाम की कोई नियमावली मौजूद नहीं है। असल नियम, असल पैमाना और असल केंद्रों की सूची तीन अलग दस्तावेज़ों में है, और तीनों एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
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इत्मीनान
जिस गृह मंत्री के कार्यकाल में भारत का नक्शा भाषा के आधार पर बदला, संविधान सभा की भाषा-बहस के तीनों दिन उसका अपना कोई भाषण दर्ज नहीं है
गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा ज़िले के खूँट गाँव में हुआ। उनके नाम के साथ दो काम जुड़े हैं: राज्यों का भाषाई पुनर्गठन और हिंदी को राजभाषा बनाने का अभियान। हमने संविधान सभा की चार बहसें, राज्य पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट का एक वाक्य और कुली-बेगार आंदोलन पर इतिहासकार शेखर पाठक का लेखा पढ़कर देखा कि रिकॉर्ड में क्या है और क्या नहीं।
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देश
भागलपुर में गंगा 2021 के रिकॉर्ड से ऊपर है और भागलपुर की अपनी बारिश 61 फ़ीसदी कम; एक ही मानसून ने बिहार को डुबोया और कर्नाटक को सुखाया
बिहार में 34 लाख लोग बाढ़ में हैं, जबकि राज्य के अपने आसमान से सामान्य से बहुत कम पानी गिरा। पानी नेपाल से आया, उस हिमनद से जो 26 अगस्त को लांगतांग लिरुंग पर ढहा। कर्नाटक में 31 में से 30 ज़िले सूखे हैं और 126 तालुक सूखाग्रस्त होने वाले हैं। बुंदेलखंड में खेत-तालाब ख़ाली हैं।
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देश
जिस रसायन ने सागर में बारह लोगों को मारा, वह ज़हर अधिनियम की सूची में दर्ज नहीं है
मध्य प्रदेश के बांदा में मरे लोगों के शरीर में मेथनॉल मिला। शराब उत्तर प्रदेश के ललितपुर में बनी थी। बीस लोग नामज़द हुए, दस हिरासत में हैं, और सब स्थानीय हैं।
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समझिए
लखनऊ स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पहले नंबर पर आया, और उसकी हवा राष्ट्रीय मानक से तीन गुना गंदी है
पंद्रहवें स्थान से पहले स्थान पर, और डेढ़ करोड़ का इनाम। सर्वेक्षण के आठ में से ज़्यादातर मानक यह नापते हैं कि शहर ने क्या किया, यह नहीं कि हवा में क्या है।