विषय
आरबीआई
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पैसा
जुलाई में शुद्ध एफ़डीआई 7.3 अरब डॉलर, पाँच साल में सबसे ज़्यादा
रिज़र्व बैंक के सितंबर बुलेटिन ने शुक्रवार, 25 सितंबर को यह आँकड़ा दिया, और वह एक घटाव है: जुलाई में 14.6 अरब डॉलर देश में आया, और मुनाफ़ा-वापसी व भारतीय कंपनियों के अपने विदेशी निवेश को हटाने के बाद 7.3 अरब डॉलर बचा। बीते बारह महीनों में छह महीने यह आँकड़ा शून्य से नीचे रहा, डीपीआईआईटी की उसी हफ़्ते आई तिमाही रिपोर्ट अलग ही देशों और राज्यों को ऊपर दिखाती है, और मई 2021 से जो तुलना हो रही है, उसकी अपनी घटाव-तालिका अब तक कहीं दर्ज नहीं मिली।
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पैसा
कच्चे तेल की क़ीमत 117 डॉलर पार, आयात बिल में रुपये का हिस्सा नाममात्र
गुरुवार को सेंसेक्स 1,247.71 अंक गिरकर 73,580.54 पर बंद हुआ और अंतर-बैंक बाज़ार में रुपया 23 पैसे टूटकर 95.96 पर आया, पर रिज़र्व बैंक की अपनी संदर्भ दर के हिसाब से हफ़्ते भर में रुपया सिर्फ़ 2 पैसे गिरा है। पीपीएसी के मुताबिक़ भारत जो कच्चा तेल ख़रीदता है उसकी क़ीमत 117.65 डॉलर प्रति बैरल पहुँच गई है, ब्रेंट से ऊपर। दिल्ली में पेट्रोल-डीज़ल का दाम 25 मई से नहीं बदला।
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देश
कर्नाटक में हर किसान को ढाई हज़ार का ऐलान, सरकारी आदेश अभी जारी नहीं
गुरुवार रात विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने हर सूखा-प्रभावित किसान को ढाई हज़ार रुपये और कर्ज़ पर बारह महीने की मोहलत का ऐलान किया। दो असली सरकारी आदेश मिलते हैं, दोनों ताल्लुक़ों की सूखा-घोषणा के हैं, दोनों में ढाई हज़ार रुपये का कोई ज़िक्र नहीं। उधर महाराष्ट्र सूखा घोषित करने से पहले अक्तूबर का इंतज़ार कर रहा है, क्योंकि केंद्र की नियमावली का हिसाब मॉनसून सीज़न ख़त्म हुए बिना पूरा नहीं होता।
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पैसा
दो अक्तूबर को 'नो यूपीआई डे' बुलाने वाले छह संगठनों में कैट नहीं है
बुधवार शाम मुंबई में महाराष्ट्र चैंबर ऑफ़ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर और पाँच अन्य व्यापारी संगठनों ने गांधी जयंती पर देशव्यापी 'नो यूपीआई डे' का एलान किया, दो हज़ार रुपये से ऊपर के यूपीआई भुगतान पर लगने वाले शुल्क के ख़िलाफ़। देश का सबसे बड़ा व्यापारी संगठन कैट इस सूची में नहीं है; उसका राष्ट्रीय नेतृत्व 0.4 फ़ीसदी दर को वाजिब बता चुका है, जबकि उसकी मध्य प्रदेश और ओडिशा इकाइयाँ अलग से मैदान में उतर चुकी हैं। यह शुल्क अभी किसी से नहीं लिया जा रहा; इसकी शुरुआत 15 अक्तूबर से तय है।
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इत्मीनान
रुपया एक झटके में 4.7619 से 7.50 प्रति डॉलर हुआ, 6 जून 1966 को, और एक अमेरिकी दस्तावेज़ ख़ुद अपनी दी हुई तारीख़ पर बँटा हुआ है
अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व बोर्ड की अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट, 27 जुलाई 1966 की, इसी घटना की तारीख़ एक जगह 5 जून लिखती है और दो जगह 6 जून, एक ही दस्तावेज़ में। भारतीय रिज़र्व बैंक की अपनी आधिकारिक इतिहास-पुस्तक और उस हफ़्ते की लोकसभा-राज्यसभा बहस का पूरा पाठ यह लेख खोल नहीं सका; जो खुला और जो नहीं खुला, दोनों दर्ज हैं।
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पैसा
टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति शुरू से शून्य बताई, आधार अनुच्छेद 121
रविवार, 20 सितंबर 2026 को टाटा संस की सबसे बड़ी हिस्सेदार ने अपनी वेबसाइट पर विज्ञप्ति डालकर कहा कि 17 सितंबर की बोर्ड बैठक में पास हुआ प्रस्ताव क़ानून की नज़र में शुरू से शून्य है। पूरी दलील कंपनी के संविधान के एक वाक्य पर टिकी है, और उस वाक्य के दो पाठ आमने-सामने हैं।
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पैसा
सरकार ने यूपीआई पर शुल्क नहीं लगाया, 14 सितंबर की अधिसूचना ने दो हज़ार से ऊपर की क़ानूनी सुरक्षा हटा दी है
वित्तीय सेवाएँ विभाग की अधिसूचना एस.ओ. 5067(ई) में दो ही भुगतान माध्यमों के नाम हैं, रुपे डेबिट कार्ड और दो हज़ार रुपये तक का यूपीआई। दो हज़ार से ऊपर का यूपीआई उसमें नहीं है, और वह सुरक्षा नाम न होने से गई। 0.4 फ़ीसदी की दर किसी राजपत्र में नहीं है, 15 अक्टूबर की तारीख़ किसी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं है, और अभी किसी से कुछ नहीं लिया जा रहा।
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समझिए
रात एक बजे ट्रक उठाने पर सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख का मुआवज़ा दिया
बुधवार, 16 सितंबर को हरि दत्त शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्टीयरिंग लॉक तोड़कर रात में ट्रक उठा ले जाना अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। नया यह नहीं है। अदालत ने साथ ही दर्ज किया कि यही बात वह फ़रवरी 2007 के प्रकाश कौर फ़ैसले में कह चुकी है, और आरबीआई के दिशानिर्देश तब से काग़ज़ पर ही रहे हैं। इसलिए इस बार उसने रिज़र्व बैंक को अमल कराने का निर्देश भी दिया।
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पैसा
अगस्त की थोक महँगाई 9.92 फ़ीसदी है और खुदरा 4.82, क्योंकि एक सूचकांक बॉटलिंग प्लांट पर क़ीमत नापता है और दूसरा पेट्रोल पंप पर
सोमवार, 14 सितंबर को भारत ने अगस्त 2026 के दो महँगाई आँकड़े जारी किए। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग का थोक मूल्य सूचकांक 110.8 पर है और उसकी सालाना दर 9.92 फ़ीसदी, जो जुलाई में 9.78 थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 108.74 पर है और उसकी दर 4.82 फ़ीसदी, जो जुलाई में 4.45 थी। एक ही महीने के ये दो आँकड़े आपस में टकराते नहीं हैं। दोनों क़ीमत को दो अलग जगहों पर पकड़ते हैं, और उन दो जगहों के बीच जो कुछ जुड़ता है वह एक सूचकांक के अंदर है और दूसरे के बाहर।
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समझिए
पूरा खाता बंद करना आख़िरी उपाय: रिज़र्व बैंक के मसौदे में साइबर ठगी पर साठ दिन की सीमा
ठगी की रक़म जिस अनजान खाते में पहुँच जाती है, उस पर रोक कौन लगाता है, किस धारा से लगाता है और कितने दिन के लिए। शुक्रवार, 11 सितंबर को रिज़र्व बैंक ने जो मसौदा जारी किया, उसमें पहली बार हर क़दम पर एक तारीख़ लिखी है।
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पैसा
रिज़र्व बैंक ने टाटा संस को तुरंत सूचीबद्ध होने को कहा, लाइसेंस लौटाने का आवेदन ख़ारिज
11 सितंबर 2026 की तारीख़ वाली एक चिट्ठी में रिज़र्व बैंक ने टाटा समूह की मालिक कंपनी से कहा कि कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी का पंजीकरण लौटाने का उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता, और उसे तुरंत शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध होने की तैयारी करनी चाहिए। चिट्ठी सार्वजनिक नहीं है; उसके होने की ख़बर 12 सितंबर की शाम दो अख़बारों से आई।
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दुनिया
पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों से भुगतान प्रणालियाँ जोड़ने को कहा, एक दिन पहले तय हुए वित्त मंत्रियों के बयान में इसके लिए नौ पन्नों में एक पैराग्राफ़ है
शुक्रवार, 11 सितंबर को भारत मंडपम में ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम के उद्घाटन सत्र में वाणिज्य मंत्री ने सदस्य और सहयोगी देशों से कहा कि वे अपने पेमेंट सिस्टम जोड़ें और एक-दूसरे की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करें। एक दिन पहले मुंबई में ब्रिक्स के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों ने जिस संयुक्त बयान पर सहमति बनाई, उसके इकत्तीस पैराग्राफ़ में 'डॉलर' शब्द एक बार भी नहीं आता।
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पैसा
रिज़र्व बैंक एक लाख करोड़ के सरकारी बॉन्ड बेचकर बैंकों से नक़दी वापस खींच रहा है
11 सितंबर की शाम तीन नीलामियों का ऐलान हुआ: 17 सितंबर को 50 हज़ार करोड़, फिर 21 और 28 सितंबर को 25-25 हज़ार करोड़। उसी सुबह 26 दिन की नीलामी में रिज़र्व बैंक ने पाँच लाख करोड़ माँगे थे और बैंकों ने 60,449 करोड़ दिए। रिवर्स रेपो का पैसा कुछ दिन बाद लौट आता है; बॉन्ड बेचकर निकाली गई रक़म 2029 से पहले नहीं लौटेगी।
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काम की बात
बॉस के नाम से आया एक संदेश और कंपनी के खाते से डेढ़ करोड़: बॉस स्कैम में बैंक की ज़िम्मेदारी कहाँ तक जाती है
इस ठगी में न पासवर्ड चोरी होता है, न ओटीपी बाहर जाता है। भुगतान कंपनी का अपना कर्मचारी करता है, अपने ही लॉगिन से। और ग्राहक की देनदारी सीमित करने वाला रिज़र्व बैंक का पूरा ढाँचा 'अनधिकृत' लेनदेन पर टिका है, जो यह नहीं है।
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पैसा
पाँच दिन की बैंकिंग पर आईबीए 2024 में मान चुका है, पर बैंक की छुट्टी तय करने का अधिकार उसके पास है ही नहीं
11 सितंबर को यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस की देशव्यापी हड़ताल है। माँग वही ढाई साल पुरानी है जिस पर भारतीय बैंक संघ 8 मार्च 2024 को हामी भर चुका है। बैंक की छुट्टी घोषित करने की ताक़त 1881 के एक क़ानून और 1957 की एक अधिसूचना के रास्ते राज्य सरकारों तक पहुँचती है, और यही वजह है कि सहमति फ़ाइल से आगे नहीं बढ़ी।
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समझिए
यूआईडीएआई का नया एसडीके चेहरे की जाँच बैंक के अपने ऐप के भीतर ले आया, पर मिलान कहाँ होगा यह विज्ञप्ति नहीं बताती
आधार फ़ेस ऑथेंटिकेशन एसडीके और उसका सैंडबॉक्स मुंबई में जारी हुए। इसके बाद बैंकिंग, बीमा या ब्रोकिंग ऐप के भीतर से ही चेहरा पढ़ा जा सकेगा और फ़ेसआरडी नाम का अलग ऐप बीच से हट जाएगा। यूआईडीएआई की विज्ञप्ति यह नहीं कहती कि चेहरे का मिलान फ़ोन पर होगा या केंद्रीय भंडार में, और दो अख़बारों ने प्राधिकरण के अध्यक्ष के हवाले से जो लिखा है वह विज्ञप्ति में कहीं नहीं है।
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पैसा
रिज़र्व बैंक ने सात लाख करोड़ माँगे, बैंकों ने ढाई लाख दिए; बैंकों के पास इतना पैसा इसलिए है कि प्रवासी भारतीयों ने तीन महीने में 127 अरब डॉलर जमा किए
बैंकिंग व्यवस्था में 11 लाख करोड़ रुपये फ़ालतू पड़े हैं। यह पैसा रुपये को बचाने की उस योजना से आया जो 8 जून को शुरू हुई और 31 अगस्त को समय से पहले बंद करनी पड़ी, क्योंकि जितना माँगा था उससे कहीं ज़्यादा आ गया। अब रिज़र्व बैंक उसी पैसे को वापस खींच रहा है, और बैंक तीस दिन के लिए देने को तैयार नहीं।
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पैसा
एक जापानी एजेंसी ने भारत को 'A-' दिया है; सुर्ख़ी कहती है 35 साल बाद, वही लेख कहता है 1988 के बाद, और 1988 से 2026 अड़तीस साल होते हैं
जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने 2 सितंबर को भारत की रेटिंग BBB+ से A- की, बिना माँगे और बिना फ़ीस के। तीन बड़ी एजेंसियाँ, एसऐंडपी, मूडीज़ और फ़िच, भारत को अब भी 'कचरा' दर्जे से एक या दो पायदान ऊपर रखती हैं। रेटिंग नापती क्या है, चौथी एजेंसी ऊपर क्यों गई, और पिछली 'A' असल में कब गई थी: दस्तावेज़ों से गिनती।
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पैसा
जीडीपी पर जो सबसे बड़ा आरोप लगा, वह दो अलग शृंखलाओं की तुलना पर टिका था
पूर्व वित्त सचिव ने कहा कि असली वृद्धि 2.6 फ़ीसदी है, 7.8 नहीं। जिन दो संख्याओं से उन्होंने यह निकाला, वे दो अलग आधार वर्षों की हैं। पर उनका एक दूसरा सवाल अब भी खुला है।
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पैसा
बैंक ऑफ़ इंडिया आज 120 साल का हुआ, और उसका सबसे मशहूर दावा जाँच में नहीं टिकता
बैंक की अपनी वेबसाइट कहती है कि यह पूरी तरह भारतीयों के स्वामित्व और प्रबंधन वाला पहला बैंक था। अवध कमर्शियल बैंक 1881 का है और पंजाब नेशनल बैंक 1894 का। दोनों पहले हैं।