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हाई कोर्ट
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देश
करूर भगदड़ का एक साल: एफ़आईआर तीन नाम पर, चार्जशीट अब तक दाख़िल नहीं
27 सितंबर 2025 को करूर में तमिलगा वेट्टी कषगम की रैली में मची भगदड़ में 41 लोगों की जान गई थी। एक साल बाद जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सीबीआई के पास है, राज्य का जांच आयोग दो हफ़्ते में निलंबित हो चुका है, और तीन अलग-अलग मुआवज़ा घोषणाओं का पूरा भुगतान किसी सरकारी दस्तावेज़ में दर्ज नहीं मिलता।
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देश
हाई कोर्ट ने पूछा, यह बस मानकों पर खरी उतरी थी या नहीं
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार, 25 सितंबर को ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड पर ख़ुद संज्ञान लिया और मुख्य सचिव, डीजीपी व परिवहन के अपर मुख्य सचिव को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग पर तलब किया। आदेश में अदालत ख़ुद लिखती है कि उसे नहीं पता कि हादसे वाली बस आग-सुरक्षा के मानकों पर खरी उतरती थी या नहीं, और राज्य से 13 अक्तूबर तक जवाब माँगा है।
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देश
ग्रेटर नोएडा की बस पर आग-सुरक्षा तंत्र का नियम लागू नहीं था
बुधवार, 23 सितंबर की रात क़रीब साढ़े ग्यारह बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में राज कल्पना ट्रैवल्स की एक स्लीपर बस में आग लगी, जिसमें नौ यात्रियों की मौत हुई। बस नवंबर 2022 में बनी थी, लेकिन आग-सूचक और बुझाने के तंत्र को टाइप-3 बसों में अनिवार्य करने वाली सरकारी अधिसूचना सिर्फ़ 1 अक्तूबर 2023 के बाद बनी बसों पर लागू होती है।
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देश
दिल्ली हाई कोर्ट में सोमवार सुबह सात जजों की शपथ है, कॉलेजियम ने आठ नाम भेजे थे; गुरविंदर पाल सिंह का नाम सरकार की विज्ञप्ति में नहीं है
10 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाई कोर्टों के लिए कुल पंद्रह न्यायिक अधिकारियों के नाम भेजे थे। 19 सितंबर को विधि एवं न्याय मंत्रालय ने चौदह नियुक्तियों की विज्ञप्ति जारी की। जो एक नाम छूटा, वह दिल्ली की आठ नामों वाली सूची में पहले नंबर पर था, और उसके रुकने की कोई वजह किसी सार्वजनिक दस्तावेज़ में दर्ज नहीं है।
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काम की बात
पचास रुपये की अर्ज़ी पर सरकारी कर्मचारी का सेवा-विवाद कैट सुनता है, नियम में छह महीने की समय-सीमा दर्ज है
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी कैट में मूल आवेदन की फ़ीस 50 रुपये है, और यही रक़म 1987 के गजट, कैट के ई-फ़ाइलिंग मैनुअल और इस विज्ञप्ति, तीनों में दर्ज है। प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 की धारा 20 कहती है कि पहले विभाग में प्रतिवेदन दो, धारा 21 कहती है कि उसके बाद एक साल के भीतर अर्ज़ी लगे, और धारा 23 कहती है कि वकील रखना ज़रूरी नहीं। कैट (प्रक्रिया) नियम, 1987 का नियम 14(2) कहता है कि हर आवेदन रजिस्ट्रेशन से छह महीने के भीतर, जहाँ तक हो सके, सुना और तय किया जाए।
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देश
केंद्र ने कर्नाटक हाई कोर्ट से कहा, कर छूट में 'जीवनसाथी' का दायरा बढ़ा तो क़रीब 159 क़ानून नहीं चल पाएँगे
शनिवार, 19 सितंबर को जस्टिस बी एम श्याम प्रसाद की एकल पीठ के सामने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बहस की। मामला 14.41 ग्राम के एक सोने के कड़े से शुरू हुआ था और अब आयकर क़ानून के एक परंतुक पर टिका है। अदालत ने कुछ तय नहीं किया। अगली तारीख़ 9 अक्टूबर है।
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देश
चार हाई कोर्टों में चौदह जज नियुक्त, उनमें आठ की नियुक्ति दो साल से ज़्यादा की नहीं है
शनिवार, 19 सितंबर को विधि एवं न्याय मंत्रालय की विज्ञप्ति की तालिका में चौदह नाम हैं और तीसरे ख़ाने में दो अलग वाक्य। छह की नियुक्ति जज के रूप में है, आठ की अपर जज के रूप में। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को जो चार बयान जारी किए, उनमें से किसी में 'अपर' शब्द नहीं है।
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देश
कर्नाटक की मज़दूरी अधिसूचना 1948 के उस क़ानून से जारी हुई जो 21 नवंबर 2025 को निरस्त हो चुका था
22 मई 2026 की पच्चीस पन्ने की अधिसूचना पहले ही पैराग्राफ़ में न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम, 1948 की धारा 3(1)(ब) और 5(1)(ब) का हवाला देती है। उसी अधिसूचना के तीसरे पन्ने पर, कन्नड़ पाठ के बीच अंग्रेज़ी में, वेतन संहिता, 2019 की वह धारा 69 छपी है जिसने 1948 के क़ानून को निरस्त किया। शुक्रवार, 18 सितंबर को कर्नाटक हाई कोर्ट ने इसी अधिसूचना को रोकने वाले तीन सरकारी परिपत्रों पर अंतरिम रोक लगाई।
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देश
झीरम घाटी के दस दोषियों को फांसी; अट्ठाईस आरोपियों पर मुक़दमा अब भी बाक़ी
बुधवार, 16 सितंबर को जगदलपुर की एनआईए विशेष अदालत ने 2013 के झीरम घाटी हमले के दसों दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई। एनआईए ने कुल 39 लोगों के ख़िलाफ़ चालान पेश किया था, सुनवाई दस पर हुई, और अट्ठाईस अब भी फ़रार की सूची में हैं। उसी हमले पर बने जाँच आयोग की 4,184 पन्नों की रिपोर्ट 6 नवंबर 2021 को राज्यपाल को सौंपी जा चुकी है और विधानसभा के पटल पर आज तक नहीं आई।
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देश
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने गोलपाड़ा की तोड़-फोड़ को ग़ैर-क़ानूनी नहीं ठहराया, सवाल 13 अक्टूबर के लिए रख दिया
गोलपाड़ा के मटिया राजस्व सर्कल के अंचल अधिकारी ने 5 सितंबर 2026 को नोटिस जारी किए जिनमें मकान मालिकों से कहा गया था कि अपने घर 24 घंटे में ख़ुद गिरा लें। 7 सितंबर की सुबह, अँधेरा रहते, घर गिरा दिए गए। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उसी दिन और फिर 11 सितंबर को दो अंतरिम आदेश दिए, दोनों में 'प्रथम दृष्टया' लिखकर, और असली सवाल 13 अक्टूबर के लिए टाल दिया।
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काम की बात
मुक़दमा लंबित हो तो पासपोर्ट अदालत की लिखित अनुमति और एक वचन-पत्र पर मिलता है
पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 6(2)(f) उसी पर लागू होती है जिसका मामला किसी आपराधिक अदालत के सामने लंबित है। 25 अगस्त 1993 की अधिसूचना उससे छूट देती है, बशर्ते आप उसी अदालत का आदेश और सादे काग़ज़ पर लिखा वचन-पत्र साथ लगाएँ। सिर्फ़ एफ़आईआर दर्ज हो और जाँच चल रही हो, तो विदेश मंत्रालय की अपनी हिदायत कहती है कि यह धारा लगती ही नहीं।
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काम की बात
लोक अदालत में अपना मामला कैसे भिजवाएँ, उसमें ख़र्च क्या आता है, और फ़ैसले के बाद कौन सा रास्ता बंद हो जाता है
मुक़दमा अदालत में है तो आवेदन उसी अदालत में, और दायर ही नहीं हुआ तो तालुक, ज़िला या राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में। फ़ीस कोई नहीं, और पहले जमा की गई अदालती फ़ीस समझौता होने पर वापस मिलती है। बदले में अपील का हक़ ख़त्म हो जाता है।
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समझिए
पूरा खाता बंद करना आख़िरी उपाय: रिज़र्व बैंक के मसौदे में साइबर ठगी पर साठ दिन की सीमा
ठगी की रक़म जिस अनजान खाते में पहुँच जाती है, उस पर रोक कौन लगाता है, किस धारा से लगाता है और कितने दिन के लिए। शुक्रवार, 11 सितंबर को रिज़र्व बैंक ने जो मसौदा जारी किया, उसमें पहली बार हर क़दम पर एक तारीख़ लिखी है।
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हाई कोर्टों में अगस्त की 42 नियुक्तियों के बाद ख़ाली कुर्सियाँ 341 से घटकर 304 हुईं
1 जुलाई और 1 अगस्त 2026, न्याय विभाग की दोनों मासिक सूचियों में एक ही संख्या दर्ज है: 1,122 स्वीकृत पद, 781 कार्यरत जज, 341 ख़ाली कुर्सियाँ। 1 सितंबर की सूची में ख़ाली पद 304 हैं। बीच में 7, 20 और 27 अगस्त की छह अधिसूचनाएँ हैं।
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देश
असम से मदुरै भेजी गई हथिनी दुर्गा की फ़ाइल में जाँच, रिपोर्ट और सिफ़ारिश एक ही दिन की हैं
सोमवार, 7 सितंबर की रात पाँच साल की एक हथिनी असम से मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर के लिए चली। तमिलनाडु के वन विभाग का जो काग़ज़ उसके साथ था, उस पर 4 सितंबर की तारीख़ है, और उसी तारीख़ पर मदुरै के ज़िला वन अधिकारी का मुआयना, उनकी रिपोर्ट और राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की सिफ़ारिश, तीनों दर्ज हैं। बंदी हाथी (स्थानांतरण या परिवहन) नियम, 2024 इन तीन पड़ावों के लिए मिलाकर 37 दिन तक का समय देता है।
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देश
एक मुक़दमे में बरी, दूसरे में मुक़दमा चल रहा: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोंडा का ज़िला-बदर आदेश रद्द किया
गुरुवार, 10 सितंबर को जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने गोंडा के ज़िलाधिकारी का वह आदेश रद्द कर दिया जिसमें ज़ाहिद अली को 'गुंडा' घोषित करके छह महीने के लिए ज़िले से बाहर किया गया था। फ़ैसले में लिखा है कि अदालतें बार-बार टोक चुकी हैं, फिर भी राज्य गुंडा एक्ट को दमन के औज़ार की तरह इस्तेमाल करने पर लगातार बना हुआ है, और यह मामला उसी दुरुपयोग की चमकती मिसाल है।
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समझिए
सहयोग पोर्टल का पूरा झगड़ा धारा 79(3)(b) की एक पंक्ति पर टिका है
X कॉर्प ने गुजरात हाई कोर्ट में दाख़िल हलफ़नामे में गृह मंत्रालय पर आरोप लगाया है कि वह 'बैकडोर' से ऐसा आदेश चाहता है जो कंपनी को सहयोग पोर्टल से जोड़ दे। इंडियन एक्सप्रेस ने यह 11 सितंबर को छापा। जड़ में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की दो अलग धाराएँ हैं, और दोनों में से एक के साथ कोई लिखी हुई प्रक्रिया नहीं जुड़ी है।
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देश
जिस क़ानून के सहारे कर्नाटक सिनेमा टिकटों पर दो फ़ीसदी उपकर वसूल रहा था, वह क़ानून कभी लागू ही नहीं हुआ
कर्नाटक हाई कोर्ट ने 10 सितंबर को वे परिपत्र और नोटिस रद्द कर दिए जिनमें सिनेमाघरों से 1 सितंबर से दो फ़ीसदी कल्याण उपकर वसूलने को कहा गया था। राज्य ने ख़ुद अदालत में माना कि 2024 का अधिनियम अब तक चालू ही नहीं हुआ। जिन दिनों यह रक़म टिकट पर जुड़ी, उसका क्या हुआ, यह कोई दस्तावेज़ नहीं बताता।
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काम की बात
माँ के दूसरे विवाह से बेटी का पिता की संपत्ति पर हक़ नहीं जाता, मद्रास हाई कोर्ट ने पुरानी धारा 24 का दायरा खोलकर रख दिया
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की जो धारा 2005 में हटाई जा चुकी है, वह अब भी उन बँटवारों में उठती है जहाँ मृत्यु उससे पहले हुई थी। मद्रास हाई कोर्ट ने कोयंबटूर के एक पुराने मुक़दमे में तय किया कि उस धारा की रोक विधवा तक सीमित थी। पिता का हिस्सा उसकी बेटी तक पहुँचने से नहीं रुकता।
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देश
बालाघाट में बच्चों की मौतों के बाद जिस टीकाकरण आँकड़े का हवाला दिया गया, वह 55 बच्चों के नमूने पर टिका है
मध्य प्रदेश के बिरसा विकासखंड में मई से बैगा और गोंड समुदाय के कम से कम 25 बच्चों की मौत दर्ज है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 की मध्य प्रदेश रिपोर्ट में बालाघाट की पूरी पंक्ति कोष्ठक में छपी है, यानी वह 25 से 49 अभारित मामलों पर आधारित है। जिस ब्लॉक में मौतें हुईं, उसका अलग आँकड़ा उस सर्वेक्षण में है ही नहीं।
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मैदान
हॉकी इंडिया के सचिव पर लगे आरोपों की जाँच आईओए की समिति करेगी, ख़र्च हॉकी इंडिया उठाएगा
भारतीय ओलंपिक संघ ने चार सदस्यों की समिति बनाई है, जो पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा के आरोपों की जाँच करेगी। आरोप हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह पर हैं, जिन्हें उन्होंने ख़ारिज किया है। आईओए की चिट्ठी में समिति के ख़र्च की ज़िम्मेदारी हॉकी इंडिया पर डाली गई है और सहयोग के लिए 'अनुरोध' किया गया है। रिपोर्ट कब तक आनी है, यह किसी रिपोर्ट में दर्ज नहीं।
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देश
दिल्ली का पीजी लाइसेंस 90 दिन में बनना है, पर 'लॉजिंग हाउस' का लाइसेंस 1957 के क़ानून में पहले से लिखा है
सत्य निकेतन में एक निजी छात्रावास गिरने के बाद दिल्ली सरकार का मसौदा विधेयक हर पीजी इमारत से 90 दिन में नगर निगम के ज़ोनल अधिकारी का लाइसेंस माँगता है। दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की ग्यारहवीं अनुसूची में 'लॉजिंग हाउस रखना' उन्हीं कामों में गिना गया है जो बिना लाइसेंस नहीं हो सकते। पीजी को नियम के दायरे में लाने की कोशिशें 1993 से चल रही हैं।
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सत्य निकेतन की उस इमारत पर कोई क़ानून नहीं चलता था, और यह 1993 से सबको पता है
दिल्ली में पीजी न होटल है, न छात्रावास, न गेस्टहाउस। नगर निगम उसका लाइसेंस नहीं देता। तैंतीस साल में छह बार 'योजना' बनी। 6 सितंबर को एक इमारत ढही, सात छात्र मारे गए, और अब सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को भी पीछे कर दिया है।
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अदालत ने उसे राहत के लिए न्यायाधिकरण भेजा था, और वह बांग्लादेश में धकेल दी गई
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार को मुमताज़ बेगम को दो लाख रुपये देने का आदेश दिया है। यह पहली बार है जब किसी अदालत ने किसी को सीमा पार धकेलने पर राज्य पर ख़र्च डाला हो।
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देश
जिस जज के सामने आपका मुक़दमा है, वह साठ पर रिटायर होता है, और यह उम्र 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने ख़ुद तय की थी
अब वही अदालत चाहती है कि यह बासठ हो। सात राज्य मान गए हैं, तेईस को दो हफ़्ते का समय मिला है। बीच में ज़िला अदालतों के 5.18 करोड़ मुक़दमे खड़े हैं।
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समझिए अदालतें पहले से तेज़ चल रही हैं, और मुक़दमों का ढेर फिर भी बढ़ रहा है जुलाई 2026 में ज़िला अदालतों में हर दिन औसतन 94,386 मुक़दमे दायर हुए और 77,431 निपटे। 2018 के बाद निपटान दायर होने से तेज़ बढ़ा है। रेखा फिर भी पार नहीं हुई।