विषय
सुप्रीम कोर्ट
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समझिए
ट्रांसजेंडर पहचान का क़ानून बदला, सुप्रीम कोर्ट ने कहा: पुराने अधिकार सुरक्षित रहेंगे
3 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट की तीन-जजों की बेंच ने मौखिक तौर पर कहा कि ट्रांसजेंडर पहचान क़ानून में हुआ बदलाव पहले दिए गए अधिकार नहीं छीन सकता, पर कोई लिखित आदेश नहीं दिया। यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई में आई जो मार्च 2026 के संशोधन को चुनौती देती है, जिसने स्वयं-अनुभूत लैंगिक पहचान का अधिकार क़ानून से हटाकर उसकी जगह मेडिकल बोर्ड की सिफ़ारिश ज़रूरी कर दी है।
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देश
तमिलनाडु ने क़ानून-व्यवस्था विभाग को सूचना अधिकार क़ानून से बाहर किया, जिस धारा से यह हुआ वह सिर्फ़ ख़ुफ़िया और सुरक्षा संगठनों के लिए है
इक्कीस सितंबर को जारी जी.ओ. संख्या 57 में एक ही वाक्य है: राज्यपाल ने लोक (क़ानून-व्यवस्था) विभाग को धारा 24(4) के तहत 'ख़ुफ़िया और सुरक्षा संगठन' घोषित कर दिया है। ठीक तीन महीने पहले सुप्रीम कोर्ट उसी धारा पर मध्य प्रदेश की एक अधिसूचना रद्द कर चुका है, यह कहते हुए कि दर्जा अधिकार क्षेत्र से तय होता है, नाम से नहीं।
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काम की बात
सुमित्रा को नौकरी नहीं मिली थी, सुप्रीम कोर्ट ने 38 साल बाद वजह बताई
करनाल ज़िले के गुढ़ा गांव में इंडियन ऑयल के एलपीजी प्लांट ने 1988 में सिफ़ारिश किए गए 49 में से 43 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र भेजे, सुमित्रा को नहीं भेजा। निगम के अपने गवाह ने अदालत में माना कि वह सिर्फ़ इसलिए छूटीं क्योंकि वह औरत थीं, जबकि भर्ती अधिसूचना में औरतें पात्र मानी गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को कहा कि उन्हें रोकने वाला कोई क़ानून रिकॉर्ड में कभी नहीं आया, और अनुच्छेद 142 के तहत बारह लाख रुपये मुआवज़ा तय किया। यह लेख उस साल के क़ानून, आज के क़ानून और आज किसी और के साथ ऐसा होने पर जाने के रास्ते बताता है।
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देश
करूर भगदड़ का एक साल: एफ़आईआर तीन नाम पर, चार्जशीट अब तक दाख़िल नहीं
27 सितंबर 2025 को करूर में तमिलगा वेट्टी कषगम की रैली में मची भगदड़ में 41 लोगों की जान गई थी। एक साल बाद जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सीबीआई के पास है, राज्य का जांच आयोग दो हफ़्ते में निलंबित हो चुका है, और तीन अलग-अलग मुआवज़ा घोषणाओं का पूरा भुगतान किसी सरकारी दस्तावेज़ में दर्ज नहीं मिलता।
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देश
'ज़मीर की पुकार' पर कॉलम अशोक लवासा ने लिखा, जो अगस्त 2020 में आयुक्त पद छोड़ चुके हैं, मौजूदा विवाद के संधू या जोशी नहीं
रविवार, 27 सितंबर की सुबह 10:53 बजे इंडियन एक्सप्रेस में छपे इस कॉलम की सुर्ख़ी लेखक को 'असहमति लिखने वाला आयुक्त' बताती है। कॉलम की आख़िरी पंक्ति ख़ुद कहती है कि लेखक एक पूर्व निर्वाचन आयुक्त हैं, जो मौजूदा विवाद के केंद्र में मौजूद दोनों सेवारत आयुक्तों में से कोई नहीं। क़रीब ग्यारह सौ शब्दों के इस निबंध में मौजूदा विवाद का ज़िक्र सिर्फ़ एक वाक्य में है।
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पैसा
सेबी ने अडानी समूह की पाँच कंपनियों से जुड़ी हिंडनबर्ग-संबंधी कार्यवाही निपटाई
मंगलवार, 22 सितंबर को जारी सेबी के एक आदेश ने अडानी एंटरप्राइज़ेज़, अडानी टोटल गैस, एडब्ल्यूएल एग्री बिज़नेस, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के ख़िलाफ़ 15 फ़रवरी 2024 का वह कारण-बताओ नोटिस निपटाया, जो हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुई जाँच से निकला था। पाँचों कंपनियों ने मिलाकर 1,50,80,000 रुपये चुकाए। सेबी का अपना आदेश दर्ज करता है कि यह निपटारा 'without admitting or denying the findings of facts and conclusions of law' की शर्त पर हुआ, यानी न आरोप मानकर, न नकारकर, और यह ठीक वह हिस्सा नहीं है जिस पर सेबी ख़ुद एक साल पहले फ़ैसला सुना चुका था।
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देश
सुप्रीम कोर्ट: वैवाहिक विवाद के पॉक्सो मामलों में फ़ौरन गिरफ़्तारी नहीं, मनोवैज्ञानिक जांच पहले
गुरुवार, 24 सितंबर को जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि जहाँ बच्चे के माता-पिता के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा हो और पॉक्सो का आरोप ख़ुद परिवार के किसी सदस्य पर लगे, वहाँ गिरफ़्तारी से पहले बच्चे का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन ज़रूरी होगा। यह फ़ैसला बेंगलुरु के एक मामले में सीबीआई जांच के बाद आया, जिसमें अदालत ने एफ़आईआर रद्द कर बेटी की क़ानूनी कस्टडी पिता को लौटाई।
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समझिए
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का रास्ता जज वाला, बाक़ी आयुक्तों का बिल्कुल अलग
6 अप्रैल 2026 को लोकसभा और राज्यसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के दो नोटिस बिना कोई वजह बताए ठुकरा दिए थे, आज़ाद भारत में किसी बैठे मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ यह पहला औपचारिक प्रयास था। पाँच महीने बाद कांग्रेस और वाम दल एक नई कोशिश की तैयारी में हैं। संविधान का अनुच्छेद 324(5) मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के जज जैसी सुरक्षा देता है, पर उसी अनुच्छेद का अगला हिस्सा बाक़ी निर्वाचन आयुक्तों को महज़ मुख्य आयुक्त की सिफ़ारिश पर हटाने लायक़ बना देता है। यह लेख उसी प्रक्रिया, उसकी शर्तों और अब तक के इतिहास को खोलता है।
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देश
चुनाव आयुक्त नियुक्ति क़ानून पर पीठ बँटी, फ़ैसला अब मुख्य न्यायाधीश पर
बुधवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाले 2023 के क़ानून को चुनौती देने वाली छह याचिकाओं पर बँटा हुआ आदेश दिया। सवाल क़ानून के सही या ग़लत होने का नहीं था, सवाल यह था कि फ़ैसला मौजूदा दो जजों की पीठ करे या पांच जजों की संविधान पीठ। दोनों जज असहमत रहे, इसलिए कितनी बड़ी पीठ बनानी है, यह तय करने के लिए मामला अब मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत के पास जाएगा।
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देश
दिल्ली एसआईआर नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट ने ईसीआई को नोटिस भेजा, रिपोर्ट माँगी
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मंगलवार को अंजलि भारद्वाज की याचिका पर नोटिस जारी किया और चुनाव आयोग से पहली स्टेटस रिपोर्ट माँगी। सुनवाई की एक टिप्पणी को लाइव लॉ, बार एंड बेंच, वर्डिक्टम और द डेली गार्जियन, चारों ने अलग-अलग शब्दों में छापा। अदालत का अपना आदेश सार्वजनिक तौर पर पढ़ा नहीं जा सका, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की केस-स्टेटस और डेली-ऑर्डर खोजें दोनों कैप्चा माँगती हैं।
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देश
सुप्रीम कोर्ट की आज की सूची में दिल्ली की नोटिस-याचिका मद 13 पर, बंगाल की अपील-याचिका मद 22 पर
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की अदालत आज सुबह साढ़े दस बजे बैठी, और उसकी आज की सूची में अंजलि भारद्वाज बनाम निर्वाचन आयोग तथा मोस्तरी बानू बनाम निर्वाचन आयोग के बारह जुड़े मुक़दमे दर्ज थे। भारद्वाज की याचिका के 33,12,919 नोटिस मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली के अपने प्रेस नोट के 31,63,930 से 1,48,989 ज़्यादा हैं, और यह फ़र्क़ किसी दस्तावेज़ में मिलता नहीं। पीठ ने इन दो मद पर क्या किया, वह सुबह 10 बजकर 42 मिनट तक दर्ज नहीं हुआ था।
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देश
दिल्ली हाई कोर्ट में सोमवार सुबह सात जजों की शपथ है, कॉलेजियम ने आठ नाम भेजे थे; गुरविंदर पाल सिंह का नाम सरकार की विज्ञप्ति में नहीं है
10 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाई कोर्टों के लिए कुल पंद्रह न्यायिक अधिकारियों के नाम भेजे थे। 19 सितंबर को विधि एवं न्याय मंत्रालय ने चौदह नियुक्तियों की विज्ञप्ति जारी की। जो एक नाम छूटा, वह दिल्ली की आठ नामों वाली सूची में पहले नंबर पर था, और उसके रुकने की कोई वजह किसी सार्वजनिक दस्तावेज़ में दर्ज नहीं है।
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देश
दिल्ली में 31,63,930 नोटिस निकले, जवाब की मियाद सात दिन, सुनवाई मंगलवार को
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली के 19 सितंबर के प्रेस नोट में लिखा है कि अब तक 31,63,930 नोटिस बने हैं और मतदाताओं तक पहुँचाए जा रहे हैं। अख़बारों में चल रही संख्या 33,12,919 है, जो प्रशांत भूषण की दाख़िल की याचिका से आई है। फ़र्क़ 1,48,989 का है और इसे मिलाने वाला कोई काग़ज़ नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की 22 सितंबर की वाद-सूची में दिल्ली मद 13 पर है और बंगाल मद 22 पर।
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पैसा
टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति शुरू से शून्य बताई, आधार अनुच्छेद 121
रविवार, 20 सितंबर 2026 को टाटा संस की सबसे बड़ी हिस्सेदार ने अपनी वेबसाइट पर विज्ञप्ति डालकर कहा कि 17 सितंबर की बोर्ड बैठक में पास हुआ प्रस्ताव क़ानून की नज़र में शुरू से शून्य है। पूरी दलील कंपनी के संविधान के एक वाक्य पर टिकी है, और उस वाक्य के दो पाठ आमने-सामने हैं।
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देश
केंद्र ने कर्नाटक हाई कोर्ट से कहा, कर छूट में 'जीवनसाथी' का दायरा बढ़ा तो क़रीब 159 क़ानून नहीं चल पाएँगे
शनिवार, 19 सितंबर को जस्टिस बी एम श्याम प्रसाद की एकल पीठ के सामने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बहस की। मामला 14.41 ग्राम के एक सोने के कड़े से शुरू हुआ था और अब आयकर क़ानून के एक परंतुक पर टिका है। अदालत ने कुछ तय नहीं किया। अगली तारीख़ 9 अक्टूबर है।
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देश
चार हाई कोर्टों में चौदह जज नियुक्त, उनमें आठ की नियुक्ति दो साल से ज़्यादा की नहीं है
शनिवार, 19 सितंबर को विधि एवं न्याय मंत्रालय की विज्ञप्ति की तालिका में चौदह नाम हैं और तीसरे ख़ाने में दो अलग वाक्य। छह की नियुक्ति जज के रूप में है, आठ की अपर जज के रूप में। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर को जो चार बयान जारी किए, उनमें से किसी में 'अपर' शब्द नहीं है।
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देश
पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची पर दाख़िल 38 लाख अपीलों में से 1,02,231 पाँच महीने में निपटी हैं
चुनाव आयोग ने 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में जो हलफ़नामा दाख़िल किया, उसमें 24 ज़िलों की तालिका है और जोड़ है 38,20,683 अपीलें, 1,02,231 निपटान, 37,18,452 लंबित। दर 2.68 फ़ीसदी बैठती है। अदालत ने 25 अगस्त को चार सवाल पूछे थे और उनमें दूसरा सवाल यह था कि इन अपीलों में कितनी उन लोगों की हैं जिनके नाम कटे और कितनी किसी और का नाम कटवाने के लिए हैं। तालिका में वह ख़ाना नहीं है।
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पैसा
सरकार ने यूपीआई पर शुल्क नहीं लगाया, 14 सितंबर की अधिसूचना ने दो हज़ार से ऊपर की क़ानूनी सुरक्षा हटा दी है
वित्तीय सेवाएँ विभाग की अधिसूचना एस.ओ. 5067(ई) में दो ही भुगतान माध्यमों के नाम हैं, रुपे डेबिट कार्ड और दो हज़ार रुपये तक का यूपीआई। दो हज़ार से ऊपर का यूपीआई उसमें नहीं है, और वह सुरक्षा नाम न होने से गई। 0.4 फ़ीसदी की दर किसी राजपत्र में नहीं है, 15 अक्टूबर की तारीख़ किसी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं है, और अभी किसी से कुछ नहीं लिया जा रहा।
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पैसा
सिरिंज पर 516 फ़ीसदी का औसत व्यापार मार्जिन एनपीपीए ने 2018 में ख़ुद नापा था, आदेश आठ साल में नहीं आया
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषध प्रशासन ने केंद्र को लिखा है कि 11.05 रुपये में अस्पताल तक पहुँचे एक ड्रिप सेट पर 325 रुपये की एमआरपी छपी है। राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने ठीक यही हिसाब सिरिंज और सुइयों पर 1 मार्च 2018 के अपने दफ़्तरी ज्ञापन में छापा था, हितधारकों से राय माँगी थी, और उसके बाद इन तीनों में से किसी पर कोई मूल्य आदेश जारी नहीं किया।
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देश
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने गोलपाड़ा की तोड़-फोड़ को ग़ैर-क़ानूनी नहीं ठहराया, सवाल 13 अक्टूबर के लिए रख दिया
गोलपाड़ा के मटिया राजस्व सर्कल के अंचल अधिकारी ने 5 सितंबर 2026 को नोटिस जारी किए जिनमें मकान मालिकों से कहा गया था कि अपने घर 24 घंटे में ख़ुद गिरा लें। 7 सितंबर की सुबह, अँधेरा रहते, घर गिरा दिए गए। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उसी दिन और फिर 11 सितंबर को दो अंतरिम आदेश दिए, दोनों में 'प्रथम दृष्टया' लिखकर, और असली सवाल 13 अक्टूबर के लिए टाल दिया।
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समझिए
रात एक बजे ट्रक उठाने पर सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख का मुआवज़ा दिया
बुधवार, 16 सितंबर को हरि दत्त शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्टीयरिंग लॉक तोड़कर रात में ट्रक उठा ले जाना अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है। नया यह नहीं है। अदालत ने साथ ही दर्ज किया कि यही बात वह फ़रवरी 2007 के प्रकाश कौर फ़ैसले में कह चुकी है, और आरबीआई के दिशानिर्देश तब से काग़ज़ पर ही रहे हैं। इसलिए इस बार उसने रिज़र्व बैंक को अमल कराने का निर्देश भी दिया।
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पैसा
वेतन सीमा पच्चीस हज़ार करने की मंज़ूरी मंत्रिमंडल ने दी, ईपीएफ़ योजना में संशोधन की अधिसूचना अभी नहीं आई
16 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ईपीएफ़ओ की अनिवार्य वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। उसी शाम 6 बजे श्रम मंत्रालय ने बताया कि यह 17 सितंबर, विश्वकर्मा जयंती से लागू होगी। दोनों विज्ञप्तियाँ एक ही वाक्य पर ख़त्म होती हैं: मंत्रालय और ईपीएफ़ओ आवश्यक वैधानिक और प्रशासनिक कदम उठाएँगे। इससे आठ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने इसी सवाल पर चार महीने की मियाद तय की थी।
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काम की बात
मुक़दमा लंबित हो तो पासपोर्ट अदालत की लिखित अनुमति और एक वचन-पत्र पर मिलता है
पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 6(2)(f) उसी पर लागू होती है जिसका मामला किसी आपराधिक अदालत के सामने लंबित है। 25 अगस्त 1993 की अधिसूचना उससे छूट देती है, बशर्ते आप उसी अदालत का आदेश और सादे काग़ज़ पर लिखा वचन-पत्र साथ लगाएँ। सिर्फ़ एफ़आईआर दर्ज हो और जाँच चल रही हो, तो विदेश मंत्रालय की अपनी हिदायत कहती है कि यह धारा लगती ही नहीं।
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समझिए
केरल के मुख्यमंत्री का एआई वीडियो भारत में रोका गया, किस आधार पर यह अब तक किसी ने नहीं बताया
त्रिशूर की एक कंपनी के बनाए व्यंग्य वीडियो को 1 करोड़ 78 लाख लोग देख चुके थे। रविवार, 13 सितंबर को मेटा ने उसे भारत में बंद कर दिया और बनाने वाले को एक वाक्य का संदेश भेजा, जिसमें भारत सरकार की सूचना का ज़िक्र है और कारण का नहीं। भारत में किसी की पोस्ट रुकने पर उसे क़ानूनन कितना जानने को मिलता है, यह दो अलग प्रक्रियाओं और एक अदालती फ़ैसले में लिखा है।
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इत्मीनान
क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट 31 अगस्त 1952 को हटा और पंजाब का अगला क़ानून उसी दिन लागू हो गया
1871 के जिस क़ानून ने पूरी बिरादरियों को जन्म से अपराधी मान लिया था, उसकी अधिसूचनाएँ 31 अगस्त 1952 को ख़त्म हुईं और इन समुदायों को 'विमुक्त' नाम मिला। चौहत्तर साल बाद उस ढाँचे का कितना हिस्सा दूसरे नाम से चल रहा है, यह पंजाब के 1952 के आदतन अपराधी क़ानून में और सुप्रीम कोर्ट की गिनाई तेरह राज्यों की सूची में दर्ज है।
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काम की बात
लोक अदालत में अपना मामला कैसे भिजवाएँ, उसमें ख़र्च क्या आता है, और फ़ैसले के बाद कौन सा रास्ता बंद हो जाता है
मुक़दमा अदालत में है तो आवेदन उसी अदालत में, और दायर ही नहीं हुआ तो तालुक, ज़िला या राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में। फ़ीस कोई नहीं, और पहले जमा की गई अदालती फ़ीस समझौता होने पर वापस मिलती है। बदले में अपील का हक़ ख़त्म हो जाता है।
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समझिए
पूरा खाता बंद करना आख़िरी उपाय: रिज़र्व बैंक के मसौदे में साइबर ठगी पर साठ दिन की सीमा
ठगी की रक़म जिस अनजान खाते में पहुँच जाती है, उस पर रोक कौन लगाता है, किस धारा से लगाता है और कितने दिन के लिए। शुक्रवार, 11 सितंबर को रिज़र्व बैंक ने जो मसौदा जारी किया, उसमें पहली बार हर क़दम पर एक तारीख़ लिखी है।
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समझिए
हाई कोर्टों में अगस्त की 42 नियुक्तियों के बाद ख़ाली कुर्सियाँ 341 से घटकर 304 हुईं
1 जुलाई और 1 अगस्त 2026, न्याय विभाग की दोनों मासिक सूचियों में एक ही संख्या दर्ज है: 1,122 स्वीकृत पद, 781 कार्यरत जज, 341 ख़ाली कुर्सियाँ। 1 सितंबर की सूची में ख़ाली पद 304 हैं। बीच में 7, 20 और 27 अगस्त की छह अधिसूचनाएँ हैं।
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देश
असम से मदुरै भेजी गई हथिनी दुर्गा की फ़ाइल में जाँच, रिपोर्ट और सिफ़ारिश एक ही दिन की हैं
सोमवार, 7 सितंबर की रात पाँच साल की एक हथिनी असम से मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर के लिए चली। तमिलनाडु के वन विभाग का जो काग़ज़ उसके साथ था, उस पर 4 सितंबर की तारीख़ है, और उसी तारीख़ पर मदुरै के ज़िला वन अधिकारी का मुआयना, उनकी रिपोर्ट और राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की सिफ़ारिश, तीनों दर्ज हैं। बंदी हाथी (स्थानांतरण या परिवहन) नियम, 2024 इन तीन पड़ावों के लिए मिलाकर 37 दिन तक का समय देता है।
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देश
एक मुक़दमे में बरी, दूसरे में मुक़दमा चल रहा: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोंडा का ज़िला-बदर आदेश रद्द किया
गुरुवार, 10 सितंबर को जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने गोंडा के ज़िलाधिकारी का वह आदेश रद्द कर दिया जिसमें ज़ाहिद अली को 'गुंडा' घोषित करके छह महीने के लिए ज़िले से बाहर किया गया था। फ़ैसले में लिखा है कि अदालतें बार-बार टोक चुकी हैं, फिर भी राज्य गुंडा एक्ट को दमन के औज़ार की तरह इस्तेमाल करने पर लगातार बना हुआ है, और यह मामला उसी दुरुपयोग की चमकती मिसाल है।
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देश
बंगाल में 252 मदरसे बंद करने का आदेश, सौ को कारण बताओ नोटिस
रविवार, 13 सितंबर को पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा विभाग ने 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया और क़रीब सौ को कारण बताओ नोटिस भेजा। मंत्री क्षुदीराम टुडू ने कहा कि जिनके पास मंज़ूरी है, वे चलते रहेंगे। आदेश किस क़ानून या नियम के तहत निकला, यह अब तक सार्वजनिक नहीं है, और उन मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों की गिनती भी नहीं।
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सहयोग पोर्टल का पूरा झगड़ा धारा 79(3)(b) की एक पंक्ति पर टिका है
X कॉर्प ने गुजरात हाई कोर्ट में दाख़िल हलफ़नामे में गृह मंत्रालय पर आरोप लगाया है कि वह 'बैकडोर' से ऐसा आदेश चाहता है जो कंपनी को सहयोग पोर्टल से जोड़ दे। इंडियन एक्सप्रेस ने यह 11 सितंबर को छापा। जड़ में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की दो अलग धाराएँ हैं, और दोनों में से एक के साथ कोई लिखी हुई प्रक्रिया नहीं जुड़ी है।
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पैसा
बाज़ार चलाने वाला एनएसई ख़ुद बीएसई पर सूचीबद्ध होगा, 17 सितंबर को आईपीओ खुलेगा
10 सितंबर 2026 के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में 12,64,36,650 शेयर बिकने की बात दर्ज है और तारीख़ें भी। भाव दर्ज नहीं है। पुराने शेयर बेचने वाले 23 शेयरधारक हैं और कंपनी को इस बिक्री से एक रुपया नहीं मिलेगा।
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सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी लेबल की समयसीमा माँगी, एफ़एसएसएआई के प्रस्ताव पर तेरह सवाल
3 अगस्त को खाद्य नियामक ने अदालत से कहा था कि पैकेट के सामने एक तालिका छाप दी जाएगी। अदालत ने वह प्रस्ताव लौटा दिया। 28 अगस्त को लाल षट्कोण का प्रस्ताव आया, और 10 सितंबर के आदेश में उस पर तेरह सवाल दर्ज हैं।
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1891 का बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम 1 अक्टूबर को हटेगा, डिजिटल रिकॉर्ड के तीन प्रमाणपत्र घटकर एक होंगे
वित्त मंत्रालय ने 11 सितंबर को बताया कि बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 2026 पहली अक्टूबर से लागू होगा। उसी दिन 1891 का अधिनियम रद्द हो जाएगा। बदलाव इस बात में नहीं है कि बैंक का रिकॉर्ड सबूत बनता है या नहीं, बदलाव इस बात में है कि उसके साथ कौन-सा काग़ज़ और किसका दस्तख़त लगेगा।
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तेलंगाना विधानसभा ने बीआरएस के 22 विधायक निलंबित किए, सूची में एक नाम उस सदस्य का भी जो सदन में मौजूद नहीं था
9 सितंबर को विधायी कार्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू का प्रस्ताव पारित होते ही मुख्य विपक्षी दल की पूरी उपस्थित बेंच सत्र के बाक़ी हिस्से के लिए बाहर हो गई। सत्र 11 सितंबर को ख़त्म हो रहा है, यानी निलंबन तीन बैठकों का है। सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में महाराष्ट्र के 12 विधायकों के मामले में तय किया था कि सत्र से आगे का निलंबन अवैध है, और सत्र तक का निलंबन सदन के अधिकार में आता है।
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मतदाता सूची में नाम पर निशान लगना नाम कटना नहीं है, पर सफ़ाई देने की बारी मतदाता की ही है
कर्नाटक की विसंगति-सूची में नंदन नीलेकणि, सी.एन.आर. राव और कामथ भाइयों के नाम आने के बाद यह सवाल बड़ा हो गया कि 'अनमैप्ड' श्रेणी का मतलब क्या है। चुनाव आयोग की अपनी विज्ञप्तियाँ बताती हैं कि यह क़वायद इस समय 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही है और इसके दायरे में 36.73 करोड़ मतदाता हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली और झारखंड से आ रहे आँकड़े और आरोप अलग-अलग दिशाओं में इशारा करते हैं।
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काम की बात
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने आरक्षित डिब्बे में हुई डकैती को सेवा में कमी माना और रेलवे पर 20,000 रुपये मुआवज़ा तय किया
28 अगस्त 2004 की रात अवध-असम एक्सप्रेस के स्लीपर डिब्बे एस-8 में हथियारबंद लोग घुसे थे। बाईस साल बाद राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने तय किया कि रात में दरवाज़े बंद न रखना और डिब्बे में टीटीई या सुरक्षाकर्मी का न होना सेवा में कमी है। मुआवज़ा 20,000 रुपये, वह भी नुक़सान, मानसिक कष्ट और मुक़दमे के ख़र्च को मिलाकर। इसी सवाल पर सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश उलटी दिशा में है, और वह इस फ़ैसले में कहीं नहीं है।
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देश
गोडावण के प्राथमिकता क्षेत्र से 1.77 किलोमीटर दूर चूना-पत्थर खदान की मंज़ूरी टली, पर समिति ने जो सात चीज़ें माँगीं उनमें पक्षी का ज़िक्र नहीं
पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने 24-25 अगस्त 2026 की बैठक में जैसलमेर के रामगढ़ ब्लॉक की 256 हेक्टेयर खदान को टाल दिया। कार्यवृत्त में यह दर्ज है कि खदान से निकले इस्पात-श्रेणी के चूना-पत्थर का रास्ता गोडावण के प्राथमिकता क्षेत्र से होकर गुज़रता है। समिति ने इस पर शर्त नहीं लगाई, सुझाव दिया।
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देश
कक्षा 6 का यही बैच तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देगा, और सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से इसी बैच को छूट देने पर विचार करने को कहा
9 सितंबर को तीन जजों की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि इस साल की कक्षा 6 को तीन-भाषा नीति से कुछ रियायत देने पर सोचा जाए। सीबीएसई के अपने परिपत्रों में यही वह अकेला बैच है जिसे कक्षा 10 में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देनी है। बाक़ी सभी बैचों के लिए बोर्ड ने यह परीक्षा स्कूल के भीतर की आंतरिक जाँच तक सीमित रखी है।
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काम की बात
माँ के दूसरे विवाह से बेटी का पिता की संपत्ति पर हक़ नहीं जाता, मद्रास हाई कोर्ट ने पुरानी धारा 24 का दायरा खोलकर रख दिया
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की जो धारा 2005 में हटाई जा चुकी है, वह अब भी उन बँटवारों में उठती है जहाँ मृत्यु उससे पहले हुई थी। मद्रास हाई कोर्ट ने कोयंबटूर के एक पुराने मुक़दमे में तय किया कि उस धारा की रोक विधवा तक सीमित थी। पिता का हिस्सा उसकी बेटी तक पहुँचने से नहीं रुकता।
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देश
कर्नाटक की सरकारी गाड़ियों पर 19.23 करोड़ रुपये का जुर्माना बाक़ी है, उतनी रक़म बेंगलुरु ने आम लोगों से 14 दिन में वसूल ली
मैसूरु की एक आपात गश्ती गाड़ी पर सिर्फ़ सीट बेल्ट के 71 चालान चढ़े। राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने पूछा कि सरकारी गाड़ी का जुर्माना आख़िर भरता कौन है। उसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीट बेल्ट का क़ानून साफ़ है और झगड़ा पालन का है।
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इत्मीनान
सरकारिया आयोग ने 1988 में अनुच्छेद 356 पर जो लगाम माँगी थी, वह सरकार ने नहीं, 1994 में सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों ने लगाई; और उसकी अंतर-राज्य परिषद 36 साल में बारह बार से ज़्यादा नहीं बैठी
'सरकारिया आयोग' नाम के दो आयोग हुए। 7 सितंबर को तमिलनाडु विधानसभा में जिसका हवाला दिया गया, वह 1976 की जाँच है; केंद्र-राज्य संबंधों वाला आयोग 1983 में बना और उसकी 247 सिफ़ारिशों में से सरकार 180 को 'स्वीकृत' गिनती है। हमने आयोग के अपने अध्याय, 1990 का राष्ट्रपति-आदेश, परिषद की अपनी बैठक-सूची और लोकसभा का उत्तर पढ़कर मिलाया कि क्या सिफ़ारिश हुआ था और क्या हुआ।
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देश
अरावली की पहाड़ी किसे कहें, यह तय करने में दो फ़ैसले, एक रोक और एक समिति लग चुकी है; अदालत ने अब 30 नवंबर की तारीख़ दी है
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी ही समिति को छह महीने और देने से मना कर दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि समिति ने साफ़ तौर पर उनकी सेवानिवृत्ति के बाद की तारीख़ माँगी है। सवाल वही पुराना है: 100 मीटर से नीची पहाड़ी अरावली है या नहीं।
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देश
सत्य निकेतन की उस इमारत पर कोई क़ानून नहीं चलता था, और यह 1993 से सबको पता है
दिल्ली में पीजी न होटल है, न छात्रावास, न गेस्टहाउस। नगर निगम उसका लाइसेंस नहीं देता। तैंतीस साल में छह बार 'योजना' बनी। 6 सितंबर को एक इमारत ढही, सात छात्र मारे गए, और अब सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को भी पीछे कर दिया है।
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काम की बात
भारत से एमबीबीएस करने वाला सीधे काम शुरू करता है, विदेश से करने वाले को एक और परीक्षा देनी पड़ती है
उस परीक्षा में तीन सौ में से डेढ़ सौ अंक चाहिए। पास होने वालों का अनुपात हर सत्र में आधे से नीचे रहा है और कई सत्रों में उससे भी बहुत नीचे।
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देश
जिस जज के सामने आपका मुक़दमा है, वह साठ पर रिटायर होता है, और यह उम्र 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने ख़ुद तय की थी
अब वही अदालत चाहती है कि यह बासठ हो। सात राज्य मान गए हैं, तेईस को दो हफ़्ते का समय मिला है। बीच में ज़िला अदालतों के 5.18 करोड़ मुक़दमे खड़े हैं।
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देश
बार काउंसिल ने एक पूरे बैच को वकील बनने से रोक दिया था, और सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि यह अधिकार आया कहाँ से
अधिवक्ता अधिनियम 1961 में वह धारा है ही नहीं। तीन जजों की पीठ ने कहा कि बार काउंसिल का अनुशासन तब शुरू होता है जब कोई वकील बन जाए, उससे पहले नहीं। जिन जजों ने यह कहा, उनमें वही मुख्य न्यायाधीश थे जिनके विरोध से यह सब शुरू हुआ था।
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समझिए जाति की गिनती परसों से शुरू हो रही है, और खाना खाली छोड़ा गया है जनगणना का दसवाँ सवाल जाति का है। एससी-एसटी के लिए सूची तय है। बाक़ी सबके लिए कोई सूची नहीं, गणक वही लिखेगा जो आप बताएँगे। 2011 में इसी तरीक़े से 46 लाख जातियाँ निकली थीं।
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समझिए अदालतें पहले से तेज़ चल रही हैं, और मुक़दमों का ढेर फिर भी बढ़ रहा है जुलाई 2026 में ज़िला अदालतों में हर दिन औसतन 94,386 मुक़दमे दायर हुए और 77,431 निपटे। 2018 के बाद निपटान दायर होने से तेज़ बढ़ा है। रेखा फिर भी पार नहीं हुई।